एआई फॉर गुड बिल्ड-ए-थॉन 5.0 में प्रथम पुरस्कार किस टीम ने जीता?
- A.टीम एसएनआर
- B.टीम एजेंटनेट
- C.टीम नेटैक्सिस, आरवीसीई बेंगलुरु
- D.टीम नेटहीलर्स
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर टीम नेटैक्सिस, आरवीसीई बेंगलुरु है, जिसे संसाधन-सीमित 5जी में सेवा गुणवत्ता तथा अनुकूली सुरक्षा के संदर्भ-सचेत एजेंटिक संचालन पर प्रविष्टि के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है, क्योंकि टीम एसएनआर को ज्ञान-आधारित पुनर्प्राप्ति, नियतात्मक अवरोध सत्यापन और बहु-एजेंट मध्यस्थता पर काम के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला। विकल्प B गलत है, क्योंकि टीम एजेंटनेट तृतीय रही, जिसने निजी 5जी नेटवर्क की गड़बड़ी दूर करने के लिए सूक्ष्म-अनुकूलित लघु भाषा मॉडल पर आधारित बहु-एजेंट ढांचा बनाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि नेटहीलर्स को निर्णायक पुरस्कार मिला, जिसने फाउंडेशन मॉडल निदान और डिजिटल-ट्विन पूर्व-सत्यापन वाला स्वतः-उपचार रेडियो एक्सेस नेटवर्क एजेंट प्रस्तुत किया। विशेष महिला पुरस्कार एसएनयू चेन्नई की ऑर्बिटफ्लो तथा हैंडशेक प्रोटोकॉल को मिला। परीक्षा में विजेता और मेजबान आयोजन, दोनों पूछे जा सकते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: इंडिया मोबाइल कांग्रेस में एआई फॉर गुड बिल्ड-ए-थॉन 5.0 हुआ
अभ्यास प्रश्न
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में हुए एआई फॉर गुड बिल्ड-ए-थॉन 5.0 का विषय क्या था?
- A.डिजिटल भारत के लिए एजेंटिक एआई
- B.5जी में नवोन्मेषी एजेंट विकसित करना
- C.समावेशी संपर्क के लिए एआई
- D.पहले मानक, फिर एआई
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इस बिल्ड-ए-थॉन का आयोजन संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के साथ किया और यह नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के अंतिम दिन हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिल्ड-ए-थॉन 5.0 की तैयारी के चरण से कितनी एआई प्रारूप प्रविष्टियां सामने आईं?
- A.12
- B.16
- C.25
- D.30
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बिल्ड-ए-थॉन जुलाई के प्रारंभ में शुरू हुआ, जिसमें 25 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया और प्रत्येक में लगभग चार सदस्य थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्कृष्टता केंद्र पर टिप्पणी करने वाली निपर रायबरेली की निदेशक कौन हैं?
- A.मनोज जोशी
- B.डॉ. शुभिनी सराफ
- C.प्रवीण राव अक्किनेपल्ली
- D.डॉ. एम एल जाट
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निपर रायबरेली की निदेशक के रूप में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र क्लिनिकल अनुसंधान में व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रमाणन का समर्पित मंच बनेगा, और शैक्षणिक तथा उद्योग विशेषज्ञता मिलकर ऐसा मॉडल तैयार करेंगी जिसे अन्य क्षेत्रों तथा उपचार क्षेत्रों में दोहराया जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नई दिल्ली में हुआ यह क्लिनिकल अनुसंधान सहयोग सरकार की किस प्रमुख पहल को आगे बढ़ाता है?
- A.बायोफार्मा शक्ति
- B.आयुष्मान भारत
- C.मिशन इंद्रधनुष
- D.पीआरआईपी योजना
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इसे मजबूत बायोफार्मा तंत्र खड़ा करने की केंद्र सरकार की प्रमुख पहल बताया गया है, और इसके लक्ष्यों में देशभर में एक हजार क्लिनिकल ट्रायल साइट बनाना शामिल है; निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया की साझेदारी सीधे उसी उद्देश्य की सेवा करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया के सहयोग में कितनी क्लिनिकल ट्रायल साइट गोद ली जाएंगी?
- A.10
- B.25
- C.50
- D.100
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साझेदारी की शुरुआत उभरते अनुसंधान क्षेत्रों की 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट को गोद लेने से होगी, जिनमें हर साइट की क्षमता का आकलन किया जाएगा और फिर कर्मियों को लक्षित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन देते हुए दस्तावेजीकरण तथा नैतिकता, सुरक्षा और ट्रायल की व्यावहारिकता से जुड़ी प्रक्रियाएं मजबूत की जाएंगी।
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