दूसरे माधव मेनन स्मृति व्याख्यान का विषय क्या था?
- A.नए भारत के लिए विधि शिक्षा
- B.अंतिम नागरिक तक न्याय की पहुंच
- C.जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ
- D.इंडियन पर्सनल लॉ: यूनिटी एंड डाइवर्सिटी
सही उत्तर
C. जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ
व्याख्या
सही उत्तर जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ है। डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र ने कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के साथ यह व्याख्यान कराया, जिसमें न्यायाधीश, विधि के शिक्षक और वकील जुटे और न्यायिक प्रक्रिया के मानवीय पक्ष तथा न्याय देने में करुणा, सहानुभूति और संवेदनशीलता की जगह पर विचार हुआ। विकल्प D जाल है, क्योंकि वह उसी समारोह में जारी दो पुस्तकों में से एक का नाम है, व्याख्यान का विषय नहीं। विकल्प A और B दूसरे विधि सम्मेलनों तथा विधिक सहायता अभियानों में चलने वाले वाक्य हैं और इस आयोजन का विषय नहीं हैं। यह व्याख्यान श्रृंखला प्रोफेसर एन. आर. माधव मेनन की याद में होती है, जिनके काम ने देश में विधि शिक्षा की शक्ल बदली, इसलिए विषय, स्थान और संस्करण साथ याद रखने चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: माधव मेनन स्मृति व्याख्यान: सीजेआई सूर्य कांत ने दूसरा संस्करण खोला
अभ्यास प्रश्न
डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में दूसरा प्रोफेसर (डॉ.) एन. आर. माधव मेनन स्मृति व्याख्यान किसने दिया?
- A.मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत
- B.न्यायमूर्ति विक्रम नाथ
- C.महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी
- D.प्रोफेसर एस. शिवकुमार
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सही उत्तर: B. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ
व्याख्या
सही उत्तर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ हैं, जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। उन्होंने करुणा के साथ न्याय देने के विषय पर व्याख्यान दिया और कहा कि न्याय का मानवीय रुख कानून के सिद्धांतों, निष्पक्षता तथा संवैधानिक मूल्यों में टिका रहना चाहिए। विकल्प A भारत के मुख्य न्यायाधीश का नाम है, जिन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और वहीं दो विधि पुस्तकें जारी कीं, मगर व्याख्यान उन्होंने नहीं दिया। विकल्प C भारत के महान्यायवादी का नाम है, जिन्होंने प्रोफेसर माधव मेनन के जीवन और योगदान पर विशेष विचार रखे। विकल्प D उन दोनों पुस्तकों के लेखक तथा कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष का नाम है, जिन्होंने भी सभा को संबोधित किया। चारों कार्यक्रम में मौजूद थे, इसलिए सवाल इसी पर टिका है कि व्याख्यान किसने दिया।
डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?
- A.विधि एवं न्याय मंत्रालय
- B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.शिक्षा मंत्रालय
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सही उत्तर: B. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है, जिसके अधीन नई दिल्ली का डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र चलता है और जिसने वहां दूसरे माधव मेनन स्मृति व्याख्यान की जानकारी दी। विकल्प A लुभाता है क्योंकि आयोजन कानून और न्याय पर था तथा उसमें मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश और महान्यायवादी मौजूद रहे, मगर यह केंद्र उस मंत्रालय के अधीन नहीं है। विकल्प C और D उन मंत्रालयों के नाम हैं जो राजधानी में दूसरे सांस्कृतिक तथा शैक्षिक संस्थान चलाते हैं, इस केंद्र से उनका नाता नहीं है। केंद्र ने यह व्याख्यान कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के साथ मिलकर कराया, इसके निदेशक कर्नल आकाश पाटिल ने स्वागत भाषण दिया और एसोसिएशन की संयुक्त महासचिव ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इसलिए केवल विकल्प B सही है।
विशेष अभियान 6 में ई-कचरे और कबाड़ की रीसाइक्लिंग को डॉ. जितेंद्र सिंह ने किस सोच से जोड़ा?
- A.कचरे से संपदा
- B.शून्य दोष शून्य प्रभाव
- C.कम करें, पुन: उपयोग करें, मना करें
- D.मिशन लाइफ
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सही उत्तर: A. कचरे से संपदा
व्याख्या
सही उत्तर कचरे से संपदा है। मंत्री ने कहा कि ई-कचरे और अन्य कबाड़ की रीसाइक्लिंग सरकार की इसी व्यापक सोच और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को आगे बढ़ाती है, जिसमें संसाधनों को कचरे के रूप में जमा होने देने के बजाय पुन: प्राप्त कर उत्पादक उपयोग में लाया जाता है। यह बात उन्होंने विभाग के कार्यालय में विशेष अभियान 6 की समीक्षा के दौरान कही, जब उन्होंने अधिकारियों को कागजी रिकॉर्ड से ई-फाइल की ओर तेजी लाने का निर्देश देते हुए दक्षता, पारदर्शिता और सुगम पहुंच पर बल दिया। उनके अनुसार यह अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी दफ्तरों में शासन और प्रशासनिक दक्षता मजबूत करने का व्यापक प्रयास बन गया है। बाकी तीन विकल्प भारतीय लोकनीति के वास्तविक नारे या मिशन हैं, पर इस समीक्षा में यही वाक्यांश इस्तेमाल नहीं हुआ।
पिछले विशेष अभियान में खेल विभाग और उसके संगठनों ने कितना स्थान खाली कराया?
- A.1,20,000 वर्ग फुट
- B.2,50,000 वर्ग फुट
- C.3,90,000 वर्ग फुट
- D.5,40,000 वर्ग फुट
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सही उत्तर: C. 3,90,000 वर्ग फुट
व्याख्या
सही उत्तर 3,90,000 वर्ग फुट है। अभियान के पिछले दौर में खेल विभाग ने भारतीय खेल प्राधिकरण, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला के साथ क्षेत्रीय कार्यालयों तथा मुख्यालयों के 50 चिन्हित स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाए। खाली हुआ स्थान फिर उपयोग में लाया गया और कई नए उपलब्ध हिस्सों को उपयोगी कक्षों में बदला गया। उसी दौर में कबाड़ निपटान से 4,07,55,976 रुपये का राजस्व आया, जिसे विभाग ने इस प्रमाण के रूप में रखा कि स्वच्छता अभियान से आय भी हो सकती है। विकल्प A, B और D इस विवरण के आंकड़े नहीं हैं। तीनों तथ्य साथ याद रखें — 50 स्थल, 3,90,000 वर्ग फुट और कबाड़ से मिला राजस्व।
स्वच्छता और लंबित मामलों पर सरकार के विशेष अभियान का नोडल विभाग कौन सा है?
- A.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- B.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
- C.पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
- D.व्यय विभाग
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सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग है, जो 2021 से विशेष अभियान को संस्थागत रूप दे रहा है और अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के लिए लक्ष्य तय करता है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के सरदार पटेल भवन स्थित इसी विभाग के कार्यालय में विशेष अभियान 6 की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें विभाग की सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। अभियान के प्रमुख क्षेत्र — ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान से लेकर लंबित संदर्भों के निपटारे और बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन तक — एक ही डिजिटल मंच से देखे जाते हैं। विकल्प B, C और D उसी मंत्रालय या वित्त क्षेत्र के विभाग हैं, लेकिन इस अभियान का नोडल विभाग इनमें कोई नहीं है।