DRI द्वारा मिजोरम में जब्त विदेशी मूल की सिगरेट का मूल्य कितना था?
- A.6.48 करोड़ रुपये
- B.8.64 करोड़ रुपये
- C.12.30 करोड़ रुपये
- D.4.32 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 8.64 करोड़ रुपये है। राजस्व आसूचना निदेशालय ने मिजोरम में जब्त विदेशी मूल की 43.2 लाख सिगरेट का यही मूल्य बताया, जो एक ट्रक से बरामद Patron ब्रांड की 432 पेटियों में भरी थीं। शेष तीन राशियां इस मामले में बताई गई संख्या नहीं हैं, इसलिए वे गलत हैं। आइजोल क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों को सूचना थी कि ऐसी सिगरेट की बड़ी खेप आइजोल की ओर बढ़ रही है, इसलिए उन्होंने चम्फाई-आइजोल मार्ग पर निगरानी रखी और वाहन को तुईरियाल गांव में रोका। पैकेटों पर भारतीय कानून के तहत अनिवार्य चित्रात्मक तथा स्वास्थ्य चेतावनियां नहीं थीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि माल सीमा शुल्क प्रक्रिया से होकर नहीं आया था। सिगरेट तथा ट्रक दोनों जब्त किए गए और चालक गिरफ्तार हुआ।
पूरा लेख पढ़ें: मिजोरम में 8.64 करोड़ रुपये की तस्करी सिगरेट जब्त, DRI की कार्रवाई
अभ्यास प्रश्न
तस्करी की सिगरेट ले जा रहा ट्रक मिजोरम के किस गांव में रोका गया?
- A.तुईरियाल
- B.चम्फाई
- C.जोखावथार
- D.लेंगपुई
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राजस्व आसूचना निदेशालय की आइजोल क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों ने चम्फाई-आइजोल मार्ग पर निगरानी बिठाई और ट्रक को तुईरियाल गांव में रोका, जहां तलाशी में Patron ब्रांड की 432 पेटियां मिलीं जिनमें 43.2 लाख सिगरेट भरी थीं और जिनका मूल्य 8.64 करोड़ रुपये था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तस्करी की सिगरेट तथा ट्रक किस अधिनियम की धारा 110 के तहत जब्त किए गए?
- A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- B.स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
- C.केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017
- D.सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003
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इस अधिनियम की धारा 110 सीमा शुल्क अधिकारी को उस माल की जब्ती का अधिकार देती है जिसके अधिहरण योग्य होने का विश्वास हो, और इसी के तहत मिजोरम में विदेशी मूल की 43.2 लाख सिगरेट तथा उन्हें ढोने वाला ट्रक जब्त किए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तस्करी के सोने को सोना न दिखने देने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया?
- A.रोडियम की परत चढ़े सोने के तार
- B.जूतों के तलवों में सिले सोने के सिक्के
- C.चाय की पत्ती में मिलाया सोने का चूरा
- D.किताब के कवर में छिपी सोने की चादरें
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जाँच में सामने आया कि वाहक धातु को पतले तारों में खींचकर उन पर रोडियम की परत चढ़ाते थे, जिससे सोने का रंग छिप जाता है; इसके साथ ही वही यात्री सोना अपने ट्रॉली बैग की भीतरी परतों में लगाते और सोने के पेस्ट को उन बैगों के भीतरी खोल…
पूरी व्याख्या पढ़ें →गिरोह की अवैध सोना गलाई इकाई गुजरात के किस शहर में चल रही थी?
- A.सूरत
- B.वडोदरा
- C.राजकोट
- D.गांधीनगर
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भारत पहुँचने के बाद सोना हवाई अड्डों के बाहर वाहकों को सौंपा जाता, बिचौलियों के रास्ते इसी शहर की अवैध गलाई इकाई तक पहुँचता, और गलाई हुई धातु अहमदाबाद की एक आभूषण दुकान को नकद के बदले दे दी जाती थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डीआरआई के गुजरात सोना तस्करी मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी किस कानून के तहत हुई?
- A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- B.एनडीपीएस अधिनियम, 1985
- C.स्वर्ण नियंत्रण अधिनियम, 1968
- D.विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999
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बिना घोषणा और बिना शुल्क चुकाए देश में लाया गया सोना तस्करी का माल होता है, इसलिए इस मामले में हुई तीनों गिरफ्तारियाँ, जिनमें 13.017 किलोग्राम विदेशी मूल के सोने और लगभग 19.41 करोड़ रुपये मूल्य का लेन-देन सामने आया, इसी अधिनियम के तहत की गईं।
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