द्रव जल बर्फ़ से अधिक घना होता है, इसका कारण है
- A.अधिक पृष्ठ तनाव
- B.हाइड्रोजन बंधन
- C.वान डर वाल्स बल
- D.सहसंयोजक बंधन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, हाइड्रोजन बंधन। हाइड्रोजन बंधन बर्फ़ के अणुओं को एक खुले ढाँचे में जकड़ देते हैं, इसलिए बर्फ़ उतने ही द्रव्यमान के जल से अधिक जगह घेरती है।
हर जल अणु अपने चार पड़ोसी अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंधन बना सकता है। जल जमने पर ये बंधन अणुओं को एक स्थिर षट्कोणीय जालक में बाँध देते हैं, जिसके भीतर बहुत खाली जगह रहती है। बर्फ़ पिघलने पर कुछ बंधन टूट जाते हैं, ढाँचा ढह जाता है और अणु पास-पास आ जाते हैं, इसलिए द्रव अधिक घना होता है। जल लगभग 4 डिग्री सेल्सियस पर सबसे घना होता है। इसी कारण बर्फ़ तैरती है और झीलें ऊपर से जमती हैं, जिससे नीचे के जल में मछलियाँ सर्दी में जीवित रहती हैं।
A गलत है क्योंकि पृष्ठ तनाव सतह पर काम करता है और पूरे द्रव का घनत्व तय नहीं करता। C गलत है क्योंकि वान डर वाल्स बल बहुत कमज़ोर होते हैं और बर्फ़ का खुला ढाँचा नहीं बनाते। D गलत है क्योंकि हर अणु के भीतर के O–H सहसंयोजक बंधन बर्फ़ और जल में एक जैसे रहते हैं।
Exam tip: हाइड्रोजन बंधन से बने खुले ढाँचे के कारण बर्फ़ तैरती है; जल 4 °C पर सबसे घना होता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौधों के निम्नलिखित क्षेत्रों में से कौन-सा उनकी जड़ों और प्ररोहों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
- A.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
- B.अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)
- C.वल्कुट (कॉर्टेक्स)
- D.शीर्षस्थ विभज्योतक
उत्तर देखें
शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ों और प्ररोहों के सिरों पर होते हैं, और इनकी विभाजित होती कोशिकाएँ पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतकों में से निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल ऊतक है?
- A.मृदूतक (पैरेंकाइमा)
- B.दृढ़ोतक (स्क्लेरेंकाइमा)
- C.जाइलम
- D.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
उत्तर देखें
जाइलम एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है जो मिलकर काम करती हैं, और यही किसी ऊतक को जटिल बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्लाज्मा झिल्ली के आर-पार Na+ और Ca2+ का परिवहन किसका उदाहरण है?
- A.एंटीपोर्ट
- B.सिमपोर्ट
- C.यूनिपोर्ट
- D.एक्वापोरिन
उत्तर देखें
सोडियम-कैल्शियम एक्सचेंजर में Na+ आयन कोशिका के भीतर आते हैं और Ca2+ आयन बाहर भेजे जाते हैं, यानी दोनों आयन झिल्ली को विपरीत दिशाओं में पार करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
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