दो उत्तल लेंसों की फोकस दूरियाँ क्रमशः 50 cm और 25 cm हैं। यदि इन दोनों लेंसों को सटाकर रखा जाए, तो इस संयोजन की कुल क्षमता कितनी होगी?
- A.+2 डायोप्टर
- B.+6 डायोप्टर
- C.-6 डायोप्टर
- D.+3 डायोप्टर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, +6 डायोप्टर। सटाकर रखे लेंसों की क्षमताएँ सीधे जुड़ जाती हैं, और यहाँ ये +2 D और +4 D हैं।
लेंस की क्षमता मीटर में फोकस दूरी का व्युत्क्रम होती है, P = 1/f, और इसका मात्रक डायोप्टर है। उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक होती है, इसलिए उसकी क्षमता भी धनात्मक होती है। पहले लेंस की f = 50 cm = 0.5 m है, इसलिए P = 1/0.5 = +2 D। दूसरे लेंस की f = 25 cm = 0.25 m है, इसलिए P = 1/0.25 = +4 D। पतले लेंसों को सटाकर रखने पर कुल क्षमता अलग-अलग क्षमताओं का योग होती है: +2 + 4 = +6 D। यह संयोजन लगभग 16.7 cm फोकस दूरी वाले एक उत्तल लेंस की तरह काम करता है।
A गलत है, क्योंकि +2 D केवल 50 cm वाले लेंस की क्षमता है। C गलत है, क्योंकि दो उत्तल लेंस मिलकर धनात्मक, अभिसारी क्षमता देते हैं, ऋणात्मक नहीं। D गलत है, क्योंकि +2 D और +4 D को जोड़ने पर +3 D नहीं आता।
Exam tip: 1/f लेने से पहले फोकस दूरी को मीटर में बदलें, और सटे लेंसों की क्षमताएँ जोड़ें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमानव नेत्र का वह भाग जिस पर प्रतिबिंब बनता है, है
- A.पुतली
- B.कॉर्निया
- C.रेटिना
- D.परितारिका
उत्तर देखें
नेत्र लेंस प्रकाश को आँख के पिछले भाग की प्रकाश-संवेदी परत रेटिना पर केंद्रित करता है, जहाँ वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तारों का टिमटिमाना मुख्य रूप से वायुमंडलीय किस कारण से होता है?
- A.अपवर्तन
- B.परावर्तन
- C.ध्रुवण
- D.वर्ण-विक्षेपण
उत्तर देखें
तारों का प्रकाश बदलते तापमान और घनत्व वाली वायु की परतों से गुज़रते हुए बार-बार मुड़ता है, इसलिए तारे की चमक और स्थिति काँपती हुई लगती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक बंद पैकेट का आयतन 1 लीटर और द्रव्यमान 800 ग्राम है। पैकेट को पहले 1 g cm⁻³ घनत्व वाले जल में और फिर 1.5 g cm⁻³ घनत्व वाले एक अन्य द्रव B में रखा जाता है। तब निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- A.पैकेट जल और द्रव B दोनों में तैरेगा।
- B.पैकेट जल और द्रव B दोनों में डूब जाएगा।
- C.पैकेट जल में डूबेगा पर द्रव B में तैरेगा।
- D.पैकेट जल में तैरेगा और द्रव B में डूबेगा।
उत्तर देखें
पैकेट का घनत्व 800 ग्राम को 1,000 घन सेमी से भाग देने पर 0.8 ग्राम/घन सेमी आता है, जो दोनों द्रवों के घनत्व से कम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु को उत्तल दर्पण के ध्रुव (P) और अनंत के बीच रखा गया है। प्रतिबिंब की स्थिति होगी
- A.ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच, दर्पण के पीछे
- B.फोकस (F) और अनंत के बीच, दर्पण के पीछे
- C.ध्रुव (P) और अनंत के बीच, दर्पण के सामने
- D.फोकस (F) पर, दर्पण के पीछे
उत्तर देखें
उत्तल दर्पण के सामने वास्तविक वस्तु कहीं भी हो, प्रतिबिंब दर्पण के पीछे P और F के बीच बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एकसमान तीव्रता का प्रकाश एक पूर्णतः परावर्तक सतह पर लंबवत पड़ता है। यदि सतह का क्षेत्रफल आधा कर दिया जाए, तो उस पर विकिरण बल हो जाएगा
- A.दोगुना
- B.आधा
- C.चार गुना
- D.एक-चौथाई
उत्तर देखें
प्रकाश द्वारा लगाया गया बल इस पर निर्भर करता है कि सतह पर कितना प्रकाश पड़ता है; तीव्रता समान रहने पर आधे क्षेत्रफल पर आधा प्रकाश पड़ेगा और बल भी आधा होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →