डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार आने वाले दशक में भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कितनी हो जाएगी?
- A.15 से 20 अरब डॉलर
- B.25 से 30 अरब डॉलर
- C.40 से 45 अरब डॉलर
- D.70 से 75 अरब डॉलर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 40 से 45 अरब डॉलर है। मंत्री ने बताया कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बढ़कर लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई है और आने वाले दशक में इसके 40 से 45 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उसी क्रम में उन्होंने कहा कि देश के अंतरिक्ष स्टार्टअप की संख्या इकाई अंकों से बढ़कर लगभग 450 उद्यमों तक पहुंच गई है, जिसका श्रेय उन्होंने पिछले पांच-छह वर्ष के अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों तथा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और इन-स्पेस की स्थापना को दिया। विकल्प A और B अनुमान से कम हैं और घोषणा के किसी आंकड़े से मेल नहीं खाते। इसमें जो एक छोटा आंकड़ा आया है, वह अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान आकार है, लगभग 9 अरब डॉलर। विकल्प D बहुत अधिक है और कहीं नहीं आता। परीक्षा के लिए दोनों आंकड़े साथ याद रखें, वर्तमान आकार और अनुमानित दायरा, तथा साथ में स्टार्टअप की संख्या भी।
पूरा लेख पढ़ें: 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष का लक्ष्य, हैदराबाद में बेस 1
अभ्यास प्रश्न
सक्रिय अंतरिक्ष मलबा निष्कासन और कक्षा में सेवा के लिए बनी बेस 1 सुविधा नवंबर 2026 में किस शहर में शुरू हुई?
- A.बेंगलुरु
- B.हैदराबाद
- C.अहमदाबाद
- D.तिरुवनंतपुरम
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स्टार्टअप कॉसमोसर्व स्पेस की बेस 1 सुविधा तेलंगाना के हैदराबाद में गाचीबोवली स्थित वीएसडी टेक पार्क में बनी है और इसका उद्घाटन 5 नवंबर 2026 को हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बेस 1 सुविधा के उद्घाटन पर भारत ने मलबा-मुक्त अंतरिक्ष का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा?
- A.2028
- B.2030
- C.2035
- D.2040
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डॉ. जितेंद्र सिंह ने बेस 1 का उद्घाटन करते समय 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष का लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि सक्रिय मलबा निष्कासन में भारत की बढ़ती क्षमता अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में देश के वैश्विक नेतृत्व और पूरी मानवता के लिए सुरक्षित अंतरिक्ष वातावरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूबीसी 63 के दोहरा तारा समूह होने की खोज किस अंतरिक्ष मिशन के आंकड़ों से संभव हुई?
- A.नासा का हबल अंतरिक्ष दूरबीन
- B.यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का गाया मिशन
- C.इसरो का एस्ट्रोसैट
- D.जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन
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शोधकर्ताओं ने गाया के मापों का उपयोग किया, जो पूरी आकाशगंगा में तारों की स्थिति और गति बेहद सटीकता से देता है, और इन्हीं आंकड़ों ने दिखाया कि जिसे एक समूह माना जा रहा था उसमें बिलकुल अलग आयु की दो आबादियां हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूबीसी 63 ए और यूबीसी 63 बी की अनुमानित आयु क्रमशः कितनी है?
- A.21 मिलियन वर्ष और 562 मिलियन वर्ष
- B.562 मिलियन वर्ष और 21 मिलियन वर्ष
- C.100 मिलियन वर्ष और 400 मिलियन वर्ष
- D.6 मिलियन वर्ष और 26 मिलियन वर्ष
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इस जोड़ी में यूबीसी 63 ए युवा समूह है, जिसकी आयु लगभग इक्कीस मिलियन वर्ष है, जबकि यूबीसी 63 बी कहीं अधिक पुराना है और उसकी आयु लगभग पांच सौ बासठ मिलियन वर्ष आंकी गई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय खगोलविदों के नेतृत्व वाले दल ने खुले तारा समूह यूबीसी 63 के बारे में क्या पाया?
- A.यह सूर्य के सबसे निकट का खुला तारा समूह है
- B.यह असल में दो अलग समूह हैं, जो एक-दूसरे के पास से गुजरे
- C.इसमें आकाशगंगा के बाहर पहला ग्रह खोजा गया
- D.यह एंड्रोमेडा आकाशगंगा में विलीन हो रहा है
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यह समूह लगभग 4892 प्रकाश वर्ष दूर है और सीमित पुराने अध्ययनों में इसे एक ही समूह माना जाता रहा था, लेकिन इसमें दो अलग तारा आबादियां मिलीं, जिन्हें अब यूबीसी 63 ए और यूबीसी 63 बी नाम दिया गया है।
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