दहकते अंगारों पर अग्नि नृत्य के लिए प्रसिद्ध जसनाथी संप्रदाय का केंद्र कहाँ है?
- A.बीकानेर जिले का कतरियासर
- B.जयपुर जिले का नरैना
- C.भीलवाड़ा जिले का शाहपुरा
- D.डीडवाना के पास गाढ़ा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, बीकानेर जिले का कतरियासर, जो जसनाथजी द्वारा चलाए गए संप्रदाय की पीठ है और जिसके अनुयायी सिद्ध ढोल की थाप पर दहकते अंगारों की सेज पर अग्नि नृत्य करते हैं, जो राजस्थानी लोक संस्कृति की पहचान बन चुका है। विकल्प B गलत है क्योंकि जयपुर जिले का नरैना दादूद्वारा है, अर्थात दादू दयाल तथा दादू पंथ की पीठ। विकल्प C गलत है क्योंकि भीलवाड़ा जिले का शाहपुरा स्वामी रामचरण द्वारा चलाए गए रामस्नेही संप्रदाय की पीठ है। विकल्प D गलत है क्योंकि डीडवाना के पास गाढ़ा संत हरिदास तथा निरंजनी संप्रदाय का है। जसनाथजी का जन्म भी कतरियासर में माना जाता है और उनके अनुयायी सिद्ध कहलाते हैं, जबकि जांभोजी बिश्नोई संप्रदाय के संस्थापक हैं; इन दोनों नामों को आपस में न उलझाएँ। इन चारों पीठों को एक साथ सीखें, क्योंकि एक ही मिलान प्रश्न में प्रायः चारों आते हैं, और बिश्नोइयों का मुकाम जोड़कर सूची पूरी कर लें।
पूरा लेख पढ़ें: राजस्थान के लोक देवता और संत: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऊँटों के रक्षक के रूप में पूजे जाने वाले राजस्थान के किस लोक देवता का संबंध कोलू गाँव से है?
- A.पाबूजी
- B.तेजाजी
- C.गोगाजी
- D.देवनारायणजी
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पाबूजी जोधपुर प्रदेश के कोलू के राठौड़ वीर थे, जिन्होंने लोक कथा के अनुसार चारण देवल की गायों की रक्षा करते हुए प्राण दिए, और उनकी पूजा सबसे अधिक ऊँट पालक करते हैं, जो बीमार पशु लेकर उनके थान पर जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सर्प देवता गोगाजी का प्रमुख धाम गोगामेड़ी राजस्थान के किस जिले में है?
- A.चूरू
- B.हनुमानगढ़
- C.बीकानेर
- D.नागौर
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गोगामेड़ी हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में है, और वहाँ भाद्रपद मास की गोगा नवमी को लगने वाला मेला उत्तरी राजस्थान के सबसे बड़े मेलों में है, जिसमें हिंदू तथा मुसलमान दोनों आते हैं और देवता को जाहर पीर कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बाबा रामदेवजी का प्रसिद्ध मेला रामदेवरा, जिसे रुणिचा भी कहते हैं, किस जिले में लगता है?
- A.बाड़मेर
- B.जोधपुर
- C.जैसलमेर
- D.बीकानेर
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पुराना रुणिचा, अर्थात रामदेवरा, जैसलमेर जिले की पोकरण तहसील में है, और भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से आरंभ होने वाले मेले में हर जाति तथा दोनों धर्मों के यात्री आते हैं, जिनमें बहुत से ध्वज लेकर कई दिन पैदल चलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नागौर जिले के खरनाल में जन्मे राजस्थान के किस लोक देवता की पूजा सर्पदंश से रक्षा के लिए की जाती है?
- A.तेजाजी
- B.मल्लीनाथ
- C.हरभूजी
- D.मेहाजी मांगलिया
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सर्प के काटे लोगों को आज भी उनके थान पर लाया जाता है, किसान उनकी तांती बाँधते हैं, और नागौर जिले का विशाल परबतसर पशु मेला उन्हीं के नाम पर लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान में किस लोक देवता की फड़ सबसे लंबी मानी जाती है?
- A.पाबूजी
- B.देवनारायणजी
- C.रामदेवजी
- D.गोगाजी
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गुर्जरों के देवता देवनारायणजी, जिनका धाम भीलवाड़ा जिले के आसींद में मालासेरी डूंगरी है, उनकी फड़ सभी चित्रित फड़ों में सबसे लंबी है और उसे गुर्जर भोपे तंतुवाद्य जंतर पर गाते हैं।
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