चोल काल की नटराज कांस्य मूर्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. शिव को तिरोभाव को दर्शाते हुए अपने दाएँ पैर पर संतुलन बनाए दिखाया गया है। 2. शिव को भुजंगत्रासित मुद्रा में अपना बायाँ पैर उठाए दिखाया गया है, जो भक्त के मन से माया को ठोकर मारकर दूर करने का प्रतीक है। 3. मुख्य दायाँ हाथ डमरू पकड़े है, जो शिव का प्रिय वाद्य है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। चोल नटराज में भुजंगत्रासित मुद्रा में उठा बायाँ पैर ही तिरोभाव का प्रतीक है, यानी भक्त के मन से माया के पर्दे को ठोकर मारकर हटाना।
यह कांस्य मूर्ति शिव को अग्नि-वलय के भीतर नृत्य के स्वामी के रूप में दिखाती है। वे दाएँ पैर पर संतुलन बनाए हैं और उसी पैर से अज्ञान और विस्मृति के बौने दानव अपस्मार को दबाए हुए हैं। ऊपरी दायाँ हाथ डमरू पकड़े है, जिसकी ध्वनि सृष्टि का प्रतीक है; ऊपरी बायाँ हाथ अग्नि पकड़े है, जो संहार का प्रतीक है। मुख्य दायाँ हाथ अभय मुद्रा में उठा है और मुख्य बायाँ हाथ उठे हुए पैर की ओर संकेत करता है।
A और D गलत हैं, क्योंकि कथन 1 असत्य है: दायाँ पैर अपस्मार को दबाता है, जबकि तिरोभाव उठे हुए बाएँ पैर से दिखाया गया है। C गलत है, क्योंकि कथन 3 असत्य है: डमरू ऊपरी दाएँ हाथ में है और मुख्य दायाँ हाथ अभय मुद्रा में है।
परीक्षा टिप: दायाँ पैर अपस्मार पर, बायाँ पैर तिरोभाव के लिए उठा, डमरू ऊपरी दाएँ हाथ में, अभय मुख्य दाएँ हाथ में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंगुप्तकालीन प्रसिद्ध देवगढ़ मंदिर कहाँ स्थित है?
- A.उत्तर प्रदेश
- B.मध्य प्रदेश
- C.छत्तीसगढ़
- D.राजस्थान
उत्तर देखें
देवगढ़ का दशावतार मंदिर उत्तर प्रदेश के ललितपुर ज़िले में बेतवा नदी के किनारे स्थित है। लगभग छठी शताब्दी के आरंभ में बना यह मंदिर उत्तर भारत के सबसे प्रारंभिक हिंदू मंदिरों में से एक है और विष्णु को समर्पित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →साहित्यिक भाषा अपभ्रंश के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. यह छठी शताब्दी तक पहचानने योग्य रूपों में सामने आ चुकी थी।
2. इसका विकास क्षेत्रीय बोलियों के प्राकृतों और संस्कृत के साथ मिश्रण से हुआ।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
अपभ्रंश एक साहित्यिक भाषा थी जिसने लगभग छठी शताब्दी तक पहचानने योग्य रूप ले लिया था, और यह क्षेत्रीय बोलियों के प्राकृत व संस्कृत से मिलने से बनी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : परंपराएं — समुदाय 1. चालिहा साहिब उत्सव — सिंधी 2. नंदा राज जात यात्रा — गोंड 3. वारी-वारकरी — संथाल उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें
केवल पहला युग्म सही है: चालिहा साहिब सिंधी समुदाय का उत्सव है। चालिहा में सिंधी लोग, आमतौर पर जुलाई-अगस्त में, सिंधियों के आराध्य देव झूलेलाल के सम्मान में चालीस दिन उपवास और प्रार्थना करते हैं और अंत में नदी या किसी जलाशय पर धन्यवाद अर्पित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस शहर को वर्ष 2023 में यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में 'संगीत का शहर' के रूप में शामिल किया गया?
- A.कोझिकोड
- B.चेन्नई
- C.वाराणसी
- D.ग्वालियर
उत्तर देखें
अक्टूबर 2023 में यूनेस्को ने ग्वालियर को अपने क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में 'संगीत का शहर' के रूप में जोड़ा। ग्वालियर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के सबसे पुराने घरानों में से एक, ग्वालियर घराने का केंद्र है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में विज्ञान केंद्र/संग्रहालय/नवाचार केंद्र विकसित करने वाली राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) किसके अधीन कार्य करती है?
- A.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- B.संस्कृति मंत्रालय
- C.शिक्षा मंत्रालय
- D.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
उत्तर देखें
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त सोसाइटी है। इसका गठन 1978 में हुआ, ताकि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा चलाए जा रहे विज्ञान संग्रहालय इसके पास आ जाएँ, और इसका मुख्यालय कोलकाता में है।
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