चंबल घाटी के बीहड़ किसका मानक भारतीय उदाहरण हैं?
- A.पवन अपरदन
- B.परतदार अपरदन
- C.उत्खात भूमि
- D.जल भराव
सही उत्तर
C. उत्खात भूमि
व्याख्या
सही उत्तर C, उत्खात भूमि है। बहता पानी चंबल बेसिन की मुलायम जलोढ़ में नालियां काटता है और जहां ये नालियां गहरी होकर बड़े क्षेत्र में फैल जाती हैं वहां भूमि तीखी नालियों और कगारों का जाल बन जाती है, जो खेती योग्य नहीं रहती; भूगोल में इसे उत्खात भूमि और स्थानीय भाषा में बीहड़ कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पवन अपरदन ढीली रेत को उठाकर और लुढ़काकर काम करता है और वह इस नदी घाटी के बजाय पश्चिमी राजस्थान के शुष्क भाग में प्रमुख है। विकल्प B गलत है क्योंकि परतदार अपरदन मिट्टी की पतली एक समान परत हटाता है और कोई दृश्य नाली नहीं छोड़ता, जो चंबल के दृश्य से ठीक उल्टा है। विकल्प D गलत है क्योंकि जल भराव नहरी सिंचाई वाली समतल भूमि में भूजल स्तर उठने से होता है और वह पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की समस्या है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत की मिट्टियां: प्रकार, वितरण, अपरदन और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमहानदी और गोदावरी के डेल्टा ______ मिट्टी से समृद्ध हैं।
- A.काली
- B.शुष्क
- C.वन
- D.जलोढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जलोढ़
व्याख्या
सही उत्तर D, जलोढ़ है। डेल्टा उसी गाद से बनता है जिसे नदी बहाकर लाती है और समुद्र से मिलने के स्थान पर जमा कर देती है, इसलिए डेल्टा की भूमि परिभाषा से ही जलोढ़ होती है; महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी के पूर्वी तटीय डेल्टा देश के सबसे उपजाऊ चावल क्षेत्रों में गिने जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि काली मिट्टी दक्कन के लावा के अपक्षय से उसी स्थान पर बनी अवशिष्ट मिट्टी है और पठार पर मिलती है, डेल्टा में नहीं, यद्यपि ये नदियां ऊपर उसी पर बहती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि शुष्क मिट्टी पश्चिमी राजस्थान जैसे कम वर्षा वाले भागों की है, जहां मिट्टी बलुई और लवणीय होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि वन मिट्टी वृक्षों से ढकी पहाड़ी ढालों और घाटियों में बनती है, तटीय मैदान में नहीं।
काली मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- A.यह दक्कन ट्रैप के साथ पाई जाती है।
- B.इसमें फॉस्फोरस की मात्रा अधिक होती है।
- C.इसकी नमी धारण क्षमता अच्छी होती है।
- D.गर्म मौसम में इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसमें फॉस्फोरस की मात्रा अधिक होती है।
व्याख्या
सही उत्तर B है, क्योंकि काली मिट्टी में फॉस्फोरिक अम्ल, नाइट्रोजन और जैविक पदार्थ की कमी होती है, अधिकता नहीं। इसमें जो अधिक होता है वह है कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम, पोटाश और चूना, और इसी छोटी सूची को याद रखना इस मिट्टी पर बने हर कथन प्रश्न का सबसे सुरक्षित रास्ता है। विकल्प A सही कथन है, क्योंकि यह मिट्टी दक्कन ट्रैप के लावा के अपक्षय से बनी है और इसका मुख्य विस्तार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात तथा छत्तीसगढ़ में है। विकल्प C सही कथन है, क्योंकि महीन चिकनी बनावट के कारण यह सूखे महीनों तक नमी रोके रखती है, इसीलिए इस पर बिना सिंचाई कपास होती है। विकल्प D सही कथन है, क्योंकि गर्मी में सिकुड़कर बनी चौड़ी दरारों से नीचे तक हवा पहुंचती है और इसे स्वतः जुताई वाली मिट्टी कहा जाता है।
निम्नलिखित में से भू-अपरदन का सबसे कम दिखाई देने वाला रूप कौन-सा है?
- A.अवनालिका अपरदन
- B.भूस्खलन
- C.परतदार अपरदन
- D.बीहड़ का बनना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. परतदार अपरदन
व्याख्या
सही उत्तर C, परतदार अपरदन है। इसमें पानी चौड़ी ढाल पर फैलकर ऊपरी मिट्टी की पतली और एक समान परत बहा ले जाता है, इसलिए खेत में देखने को कुछ बचता ही नहीं और हानि वर्षों बाद घटती उपज से पता चलती है। यही अदृश्यता इसे किसान के लिए सबसे खतरनाक बनाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि अवनालिका अपरदन ढाल पर साफ दिखने वाली नालियां काटता है, जो हल रोकने जितनी गहरी होती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि भूस्खलन पहाड़ी ढाल पर चट्टान और मिट्टी का अचानक और अत्यंत स्पष्ट खिसकाव है। विकल्प D गलत है क्योंकि बीहड़ उन्हीं नालियों के चौड़े और गहरे होकर दूर तक फैलने से बनते हैं, जैसे चंबल घाटी में, और वे आकाश से भी दिखाई देते हैं।
निम्नलिखित में से कौन मृदा संरक्षण की विधि नहीं है?
- A.अंतरफसल खेती
- B.पलवार
- C.समोच्च जुताई
- D.अपक्षय
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अपक्षय
व्याख्या
सही उत्तर D, अपक्षय है। अपक्षय तापमान, जल, पवन और जीवों द्वारा चट्टान के प्राकृतिक रूप से टूटने की प्रक्रिया है और यही आरंभ में मिट्टी बनाती है; यह किसान द्वारा अपनाई जाने वाली कोई संरक्षण तकनीक नहीं है, इसलिए यही उत्तर है। विकल्प A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि अंतरफसल खेती में दो फसलें बारी-बारी पंक्तियों में उगाई जाती हैं, जिससे पूरे मौसम भूमि ढकी रहती है और वर्षा की मार घटती है। विकल्प B उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि पलवार में पौधों के बीच की खुली भूमि को पुआल या फसल अवशेष से ढका जाता है, जिससे वाष्पन घटता है और ऊपरी मिट्टी बहने या उड़ने से बचती है। विकल्प C उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि समोच्च जुताई में कूंड ढाल के आर-पार बनाए जाते हैं और हर कूंड बहते पानी के लिए छोटा अवरोध बन जाता है।
मिट्टी को उपजाऊ क्या बनाता है?
- A.मिट्टी में अम्लीय पदार्थों की अधिकता
- B.खनिजों और अकार्बनिक पदार्थ का उचित मेल
- C.खनिजों और जैविक पदार्थ का उचित मेल
- D.मिट्टी में लवण की अधिक मात्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. खनिजों और जैविक पदार्थ का उचित मेल
व्याख्या
सही उत्तर C, खनिजों और जैविक पदार्थ का उचित मेल है। उर्वरता के लिए अपक्षयित चट्टान से मिलने वाले नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे खनिज पोषक चाहिए और साथ ही जैविक पदार्थ यानी सड़े-गले पौधों तथा जीवों से बना ह्यूमस, जो जल रोकता है, मृदा जीवों को भोजन देता है और पोषक तत्व धीरे-धीरे छोड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अम्ल की अधिकता से पोषक तत्वों की उपलब्धता घटती है और जड़ों की वृद्धि रुकती है, इसीलिए अधिक अम्लीय खेतों में चूना डाला जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें जैविक पदार्थ छूट जाता है; केवल खनिज कणों वाली मिट्टी, जैसे मरुस्थल की रेत, चाहे खनिज से भरपूर हो, उपजाऊ नहीं होती। विकल्प D गलत है क्योंकि लवण की अधिकता ऊसर भूमि की पहचान है, जो देश की सबसे कम उपजाऊ भूमि है और जिसे जिप्सम तथा जल निकास से सुधारना पड़ता है।