चचनामा भारतीय इतिहास की किस घटना का प्रमुख स्रोत है?
- A.महमूद गजनवी के आक्रमण
- B.अरबों द्वारा सिंध की विजय
- C.तराइन का द्वितीय युद्ध
- D.दास वंश की स्थापना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, अरबों द्वारा सिंध की विजय है। चचनामा, जो एक पुराने अरबी विवरण का फारसी अनुवाद है, सिंध के चच परिवार के शासन, देवल में अरब जहाजों पर आक्रमण और मुहम्मद बिन कासिम के अभियान का वर्णन करता है, और 712 ईस्वी के लिए प्रमुख स्रोत बना हुआ है। विकल्प A गलत है, क्योंकि महमूद गजनवी के आक्रमणों की जानकारी मुख्यतः उत्बी की किताब-उल-यामिनी और उसके साथ आए अलबरूनी के लेखन से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि तराइन के युद्धों का वर्णन सल्तनत काल में लिखे ताज-उल-मआसिर और तबकात-ए-नासिरी में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा दास वंश की स्थापना उन्हीं सल्तनतकालीन इतिहास ग्रंथों में दर्ज है, चचनामा में नहीं। चचनामा को अरबी मूल का फारसी अनुवाद अली कूफी ने तैयार किया, और इसमें सिंध के चच तथा दाहिर के शासन का भी वर्णन है, इसलिए परीक्षा में इसे सिंध विजय के साथ जोड़कर ही पूछा जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत पर अरब और तुर्क आक्रमण: तिथियां और युद्ध
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें712 ईस्वी में सिंध पर अरब विजय का नेतृत्व किसने किया?
- A.हज्जाज बिन यूसुफ
- B.मुहम्मद बिन कासिम
- C.महमूद गजनवी
- D.मुहम्मद गोरी
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वह वही युवा अरब सेनापति था जिसे 712 ईस्वी में सिंध भेजा गया, जिसने देवल जीता, सिंधु नदी पार की और रावर के युद्ध में दाहिर को हराकर मार डाला, और उसके बाद ब्राह्मणाबाद, अलोर तथा मुल्तान पर अधिकार किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रावर के युद्ध में अरबों ने सिंध के किस शासक को हराकर मार डाला?
- A.दाहिर
- B.जयपाल
- C.आनंदपाल
- D.जयचंद
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वह सिंध का ब्राह्मण शासक था, जिसने देवल के लुटेरों द्वारा लूटे गए जहाजों की भरपाई से इनकार किया, और 712 ईस्वी में रावर में मुहम्मद बिन कासिम से लड़ते हुए मारा गया, जिसके बाद सिंध उमय्यद शासन के अधीन चला गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महमूद गजनवी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर को किस वर्ष लूटा?
- A.1001 ईस्वी
- B.1008 ईस्वी
- C.1018 ईस्वी
- D.1025 ईस्वी
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सौराष्ट्र के तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर पर किया गया आक्रमण महमूद गजनवी के सभी अभियानों में सबसे धनी लूट था और भारतीय इतिहास में उसे इसी के लिए सबसे अधिक याद किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महमूद गजनवी के साथ भारत आकर किताब-उल-हिंद किसने लिखी?
- A.अलबरूनी
- B.फिरदौसी
- C.अमीर खुसरो
- D.इब्न बतूता
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मध्य एशिया के विद्वान अबू रैहान अलबरूनी महमूद गजनवी के साथ भारत आया, संस्कृत सीखी और तहकीक-ए-हिंद लिखी, जो किताब-उल-हिंद के नाम से प्रसिद्ध है और भारतीय धर्म, समाज, खगोल तथा गणित का वर्णन करती है; ग्यारहवीं शताब्दी के भारत का यह सबसे मूल्यवान विवरण है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1191 में हुए तराइन के प्रथम युद्ध का परिणाम क्या रहा?
- A.मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को हराया
- B.पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी को हराया
- C.युद्ध बिना परिणाम समाप्त हुआ
- D.जयचंद ने मुहम्मद गोरी को हराया
उत्तर देखें
1191 के तराइन के प्रथम युद्ध में अजमेर और दिल्ली के पृथ्वीराज चौहान तृतीय की राजपूत सेना ने गोरी सेना का मध्य भाग तोड़ दिया, गोरी स्वयं घायल हुआ और एक अनुचर उसे युद्धक्षेत्र से निकालकर ले गया, जिसके बाद वह गजनी लौट गया।
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