बुद्ध ने वर्तमान उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर महापरिनिर्वाण प्राप्त किया?
- A.श्रावस्ती
- B.संकिसा
- C.कुशीनगर
- D.कौशांबी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, कुशीनगर है। कुशीनारा, अर्थात् आज का पूर्वी उत्तर प्रदेश का कुशीनगर, मल्ल महाजनपद का नगर था, और वहीं अस्सी वर्ष की आयु में दो साल वृक्षों के बीच बुद्ध का देहावसान हुआ, जिसकी परंपरागत तिथि 483 ईसा पूर्व मानी जाती है और जिसे महापरिनिर्वाण कहा जाता है। वहां शयन मुद्रा वाली बुद्ध प्रतिमा तथा दाह संस्कार स्थल पर बना रामाभार स्तूप स्थित हैं।
विकल्प A श्रावस्ती वह नगर है जहां उन्होंने जेतवन विहार में अधिकांश वर्षावास बिताए। विकल्प B फर्रुखाबाद का संकिसा बौद्ध तीर्थ के आठ महास्थानों में एक है, जो परंपरा से उनके स्वर्ग से अवतरण से जुड़ा है। विकल्प D कौशांबी वत्स की राजधानी थी, जहां उन्होंने घोषिताराम में उपदेश दिए। इन चारों स्थानों को अपनी अपनी घटना से जोड़कर याद करना चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: प्राचीन उत्तर प्रदेश: महाजनपद और बौद्ध स्थल
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र प्राचीन काल में मगध के नाम से जाना जाता था?
- A.गंगा के दक्षिण का क्षेत्र
- B.गंगा और यमुना के बीच का क्षेत्र
- C.गंगा के उत्तर का क्षेत्र
- D.यमुना और चंबल के बीच का क्षेत्र
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मगध गंगा के दक्षिणी तट पर, आज के पटना, गया तथा नालंदा के क्षेत्र में था, जिसकी प्रारंभिक राजधानी पहाड़ियों के बीच राजगृह और बाद में गंगा तथा सोन के संगम पर पाटलिपुत्र थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्तमान प्रयागराज के निकट स्थित कौशांबी किस महाजनपद की राजधानी थी?
- A.कोसल
- B.वत्स
- C.पांचाल
- D.सुरसेन
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वत्स महाजनपद गंगा यमुना दोआब में था और उसकी राजधानी कौशांबी थी, तथा उसका सर्वाधिक प्रसिद्ध शासक उदयन था, जो संस्कृत साहित्य और बौद्ध ग्रंथों दोनों में आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश किस स्थान पर दिया?
- A.बोधगया
- B.सारनाथ
- C.कुशीनगर
- D.वैशाली
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ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध चलकर वाराणसी के निकट सारनाथ के मृगदाव पहुंचे और उन पांच तपस्वियों को उपदेश दिया जो पहले उनके साथी रहे थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के राजचिह्न के रूप में स्वीकृत सिंह शीर्ष किस स्थान के अशोक स्तंभ से लिया गया है?
- A.लौरिया नंदनगढ़
- B.सारनाथ
- C.रामपुरवा
- D.सांची
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सारनाथ के अशोक स्तंभ के शीर्ष पर चार सिंह पीठ से पीठ जोड़कर खड़े हैं और नीचे के फलक पर चार चक्र तथा चार पशु अंकित हैं, और इसे 26 जनवरी 1950 को भारत का राजचिह्न स्वीकार किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →श्रावस्ती किस महाजनपद की राजधानी थी?
- A.काशी
- B.मल्ल
- C.कोसल
- D.चेदि
उत्तर देखें
कोसल उत्तर प्रदेश के मध्य तथा पूर्वी मैदान में था, जिसकी राजधानी श्रावस्ती और दूसरा केंद्र साकेत अर्थात् आज की अयोध्या थी।
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