बीसीजी टीका किस रोग से रक्षा देता है?
- A.क्षय रोग
- B.टिटनेस
- C.टाइफाइड
- D.खसरा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, क्षय रोग है। बीसीजी का अर्थ बैसिलस कैल्मेट गुएरिन है, जो गोजातीय क्षय जीवाणु का जीवित पर दुर्बल किया गया प्रभेद है, और भारत में इसे सार्वत्रिक टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म के तुरंत बाद दिया जाता है, मुख्यतः बाल्यकाल के गंभीर क्षय रोग को रोकने के लिए। विकल्प B, टिटनेस, से टॉक्सॉइड रक्षा करता है, अर्थात क्लॉस्ट्रिडियम टिटैनी का निष्क्रियित विष, जो पेंटावैलेंट टीके तथा बूस्टर के रूप में दिया जाता है। विकल्प C, टाइफाइड, के अपने टीके हैं जो सतह पॉलीसैकेराइड या दुर्बल प्रभेद पर आधारित हैं, और वे बीसीजी का भाग नहीं हैं। विकल्प D, खसरा, से अलग जीवित दुर्बलीकृत टीका रक्षा करता है, जो भारत में रूबेला के साथ खसरा रूबेला टीके के रूप में दिया जाता है। जोड़ियां याद रखें: क्षय रोग के लिए बीसीजी और टिटनेस के लिए टॉक्सॉइड।
पूरा लेख पढ़ें: रक्त समूह, प्रतिरक्षा और टीके: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंरक्त समूहों के एबीओ तंत्र की खोज किसने की?
- A.कार्ल लैंडस्टीनर
- B.विलियम हार्वे
- C.एडवर्ड जेनर
- D.अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर A, कार्ल लैंडस्टीनर है, वे ऑस्ट्रियाई चिकित्सक जिन्होंने 1900 में पाया कि मानव रक्त लाल कणिकाओं पर उपस्थित प्रतिजनों के अनुसार समूहों में बंटा है, जिससे सुरक्षित रक्ताधान संभव हुआ, और जिन्हें इसके लिए 1930 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला; वीनर के साथ उन्होंने 1940 में आरएच…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस रक्त समूह को सर्वदाता कहा जाता है?
- A.ए
- B.बी
- C.एबी
- D.ओ
उत्तर देखें
समूह ओ की लाल कणिकाओं पर न ए प्रतिजन होता है न बी प्रतिजन, इसलिए जब उन्हें चढ़ाया जाता है तो ग्रहीता के प्लाज्मा के प्रतिरक्षी को बंधने के लिए कुछ नहीं मिलता और कणिकाएं नष्ट नहीं होतीं, इसी कारण आपात स्थिति में समूह ओ, और कड़े अर्थ में ओ…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस रक्त समूह के व्यक्ति के प्लाज्मा में कोई प्रतिरक्षी नहीं होता और इसलिए वह सर्वग्राही होता है?
- A.ओ
- B.ए
- C.बी
- D.एबी
उत्तर देखें
एबी समूह के व्यक्ति की लाल कणिकाओं पर ए तथा बी दोनों प्रतिजन होते हैं, और चूंकि शरीर अपने ही प्रतिजनों के विरुद्ध प्रतिरक्षी नहीं बनाता, उसके प्लाज्मा में न एंटी ए होता है न एंटी बी; इसलिए ऐसे व्यक्ति में किसी भी समूह का रक्त चढ़ाया जा सकता है…
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव रक्त का आरएच कारक किसके नाम पर रखा गया है?
- A.रीसस बंदर
- B.खरगोश
- C.यूरोप की एक नदी
- D.वैज्ञानिक आरएच. वेबर
उत्तर देखें
लैंडस्टीनर और वीनर ने 1940 में रीसस बंदर के रक्त पर कार्य करते हुए यह प्रतिजन पाया, और रीसस के पहले दो अक्षरों से कारक का नाम बना; जिसकी लाल कणिकाओं पर डी प्रतिजन होता है वह आरएच धनात्मक और जिसमें नहीं होता वह आरएच ऋणात्मक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त का थक्का जमने के लिए कौन-सा विटामिन आवश्यक है?
- A.विटामिन ए
- B.विटामिन सी
- C.विटामिन डी
- D.विटामिन के
उत्तर देखें
यकृत को प्रोथ्रोम्बिन तथा कई अन्य स्कंदन कारक बनाने के लिए विटामिन के चाहिए, इसलिए इसकी कमी से थक्का जमने का समय बढ़ जाता है और रक्तस्राव होता है; इसी कारण नवजात शिशु को विटामिन के दिया जाता है और इसे रक्तस्राव रोधी विटामिन भी कहा जाता है।
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