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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भू-विज्ञान मंत्रालय और एसीएसआईआर के समझौते की औपचारिक घोषणा कहां हुई?

  1. A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  2. B.पृथ्वी भवन, नई दिल्ली
  3. C.कृषि भवन, नई दिल्ली
  4. D.शास्त्री भवन, नई दिल्ली

सही उत्तर

B. पृथ्वी भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर पृथ्वी भवन है, जो नई दिल्ली में भू-विज्ञान मंत्रालय का मुख्यालय है और जहां 13 अक्टूबर 2026 को यह समारोह हुआ। समझौता ज्ञापन इससे पहले 21 अगस्त 2026 को निष्पादित हो चुका था, इसलिए समारोह में हस्ताक्षर नहीं, बल्कि औपचारिक घोषणा और दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ। यह कार्यक्रम मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला की उपस्थिति में हुआ, जिसमें दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी और संस्थानों के निदेशक शामिल थे। बाकी तीनों विकल्प नई दिल्ली के वास्तविक सरकारी भवन हैं, पर यह आयोजन उनमें नहीं हुआ। परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि कौन सा मंत्रालय किस भवन में बैठता है, इसलिए पृथ्वी भवन को भू-विज्ञान मंत्रालय से जोड़कर याद रखें। इसी समझौते से मंत्रालय के दस संस्थान अकादमी के शोध नेटवर्क का हिस्सा बने हैं।

पूरा लेख पढ़ें: एसीएसआईआर समझौता: भू-विज्ञान के दस संस्थानों में पीएचडी

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भू-विज्ञान मंत्रालय के कितने संस्थानों को एसीएसआईआर से संबद्ध शोध संस्थान की मान्यता मिली है?

  1. A.पांच
  2. B.सात
  3. C.दस
  4. D.बारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दस

समझौते के तहत मंत्रालय के सभी प्रमुख शोध संस्थानों को एसीएसआईआर से संबद्ध शोध संस्थान की मान्यता दी गई है और ये सभी अकादमी के चालू पीएचडी नामांकन चक्र में भाग ले रहे हैं।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

इस साझेदारी के तहत मंत्रालय के संस्थान में शोध करने वाले छात्र को डॉक्टरेट की डिग्री कौन देगा?

  1. A.मेजबान संस्थान स्वयं
  2. B.एसीएसआईआर
  3. C.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
  4. D.जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एसीएसआईआर

अकादमी के पीएचडी कार्यक्रम में चुना गया छात्र भू-विज्ञान मंत्रालय के किसी संस्थान में शोध करता है और उसका मार्गदर्शन वे वैज्ञानिक करते हैं जिन्हें अकादमी के संकाय के रूप में मान्यता मिली है, लेकिन डिग्री अकादमी ही देती है और प्रमाणपत्र पर मेजबान संस्थान का नाम स्पष्ट रूप से…

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अनुशंसित कृषि पद्धतियों के तहत कुफरी जामुनिया की उपज कितनी बताई गई है?

  1. A.12-15 टन प्रति हेक्टेयर
  2. B.22-25 टन प्रति हेक्टेयर
  3. C.32-35 टन प्रति हेक्टेयर
  4. D.52-55 टन प्रति हेक्टेयर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 32-35 टन प्रति हेक्टेयर

अनुशंसित कृषि पद्धतियां अपनाने पर यह किस्म इतनी उपज देती है और परीक्षणों में कुल उत्पादन का करीब 90% हिस्सा विपणन योग्य निकला।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कुफरी जामुनिया के गूदे में प्रति 100 ग्राम कितना विटामिन सी पाया जाता है?

  1. A.23.15 मिलीग्राम
  2. B.32.23 मिलीग्राम
  3. C.42.75 मिलीग्राम
  4. D.80.66 मिलीग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 42.75 मिलीग्राम

कुफरी जामुनिया के गूदे में प्रति 100 ग्राम इतना ही विटामिन सी, यानी एस्कॉर्बिक एसिड, मिलता है, जो पारंपरिक पीले छिलके वाले आलू की मात्रा से लगभग दोगुना है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

बायोफोर्टिफाइड बैंगनी गूदे वाली आलू किस्म कुफरी जामुनिया किस वर्ष आधिकारिक रूप से जारी की गई थी?

  1. A.2018
  2. B.2021
  3. C.2024
  4. D.2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2024

आईसीएआर-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान ने बैंगनी गूदे वाली बायोफोर्टिफाइड किस्म कुफरी जामुनिया इसी वर्ष जारी की थी और इसमें संस्थान की दोनों पुरानी रंगीन किस्मों से अधिक एस्कॉर्बिक एसिड, एंथोसायनिन तथा कैरोटीनॉयड पाया जाता है।