भारतीय नौसेना ने अपनी भागीदारी जिस महासागर दृष्टि के दायरे में रखी, उसका पूरा रूप क्या है?
- A.मैरीटाइम हार्मनी एंड शेयर्ड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस
- B.म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस
- C.मैरीटाइम अलायंस फॉर ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड ग्रोथ
- D.मिशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ हार्बर एंड सी गवर्नेंस
सही उत्तर
B. म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस
व्याख्या
सही उत्तर म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस है। इतने लंबे पूरे रूप वाले संक्षेप वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों की आम सामग्री हैं, और उन्हें भाव के बजाय शब्द-दर-शब्द याद रखना ही सुरक्षित है, क्योंकि यहां हर भ्रमित करने वाला विकल्प सही लगने के लिए ही बनाया गया है। विकल्प A अंत का क्षेत्रीय हिस्सा वही रखता है पर शुरुआती शब्द बदल देता है। विकल्प C में मानवीय सहायता घुसा दी गई है, जो इस खबर में समुद्री चरण के अभ्यास के रूप में आती है, संक्षेप के हिस्से के रूप में नहीं। विकल्प D बंदर तथा समुद्र का उपयोग करता है, जो फिर अभ्यास के चरणों से लिए गए शब्द हैं, और इससे ऐसा नाम बनता है जो पढ़ने में ठीक लगता है पर पूरा रूप नहीं है। एआईएमई 2026 में भारतीय नौसेना की भागीदारी इसी दृष्टि और एक्ट ईस्ट नीति के दायरे में रखी गई थी, इसलिए दोनों ढांचों को जोड़े में याद रखना चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: आईएनएस सह्याद्री और कुलिश ने एआईएमई 2026 पूरा किया
अभ्यास प्रश्न
आसियान-भारत समुद्री अभ्यास एआईएमई 2026 किस देश में आयोजित हुआ?
- A.इंडोनेशिया
- B.फिलीपींस
- C.सिंगापुर
- D.वियतनाम
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सही उत्तर: B. फिलीपींस
व्याख्या
सही उत्तर फिलीपींस है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास वहीं आयोजित हुआ, जिसमें आईएनएस सह्याद्री और आईएनएस कुलिश ने बंदर चरण तथा समुद्री चरण, दोनों में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व किया। विकल्प A, C और D उसी क्षेत्रीय समूह के सदस्य देश हैं और इसी कारण आसियान अभ्यास पर बने प्रश्न में वे भ्रमित करने वाले विकल्प का काम करते हैं। जिस परीक्षार्थी को केवल इतना याद रहता है कि अभ्यास दक्षिण-पूर्व एशिया में कहीं हुआ था, वह इनमें से किसी में भी फंस सकता है। आयोजन स्थल को अभ्यास के नाम के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि इस तरह के समुद्री अभ्यास की पहचान उसके मेजबान, शामिल जहाजों और संकल्पना, तीनों से मिलकर बनती है। यहां संकल्पना एंकर्ड इन ट्रस्ट, यूनाइटेड एट सी थी और भारतीय भागीदारी एक्ट ईस्ट नीति के ढांचे में रखी गई थी।
आसियान-भारत समुद्री अभ्यास एआईएमई 2026 की संकल्पना क्या थी?
- A.एंकर्ड इन ट्रस्ट, यूनाइटेड एट सी
- B.पार्टनर्स फॉर अ सिक्योर इंडो-पैसिफिक
- C.वन ओशन, वन फ्यूचर
- D.स्ट्रॉन्गर टुगेदर एट सी
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सही उत्तर: A. एंकर्ड इन ट्रस्ट, यूनाइटेड एट सी
व्याख्या
सही उत्तर एंकर्ड इन ट्रस्ट, यूनाइटेड एट सी है। अभ्यासों तथा शिखर बैठकों पर बने प्रश्नों में संकल्पना सबसे अधिक पूछे जाने वाले विवरणों में है, क्योंकि वह सटीक तथा छोटी होती है और किसी भरोसेमंद लगने वाले विकल्प से आसानी से गड्डमड्ड हो जाती है। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें से कोई भी इस संस्करण की संकल्पना नहीं थी, भले ही हर एक ऐसी पंक्ति लगती है जो समुद्री सहयोग के साथ जुड़ जाती है। संकल्पना को बाकी जानकारी के साथ बांधकर याद करें, यानी अभ्यास आसियान-भारत समुद्री अभ्यास है, मेजबान फिलीपींस है, भारतीय जहाज आईएनएस सह्याद्री तथा आईएनएस कुलिश हैं, और दोनों चरण बंदर चरण तथा समुद्री चरण हैं। नौसेना ने कहा कि दोनों चरणों ने मिलकर भरोसा मजबूत किया और शामिल बलों के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाई, जो संकल्पना से ही मेल खाता है।
आईएनएस सह्याद्री और आईएनएस कुलिश द्वारा समुद्री चरण में किए गए अभ्यासों में निम्न में से कौन शामिल नहीं था?
- A.विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर
- B.चलते-चलते पुनःपूर्ति
- C.मानवीय सहायता तथा आपदा राहत
- D.पनडुब्बी से मिसाइल का सजीव प्रक्षेपण
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सही उत्तर: D. पनडुब्बी से मिसाइल का सजीव प्रक्षेपण
व्याख्या
सही उत्तर पनडुब्बी से मिसाइल का सजीव प्रक्षेपण है, जो बताए गए अभ्यासों का हिस्सा नहीं था। समुद्री चरण में मानवीय सहायता तथा आपदा राहत, विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर और चलते-चलते पुनःपूर्ति के समन्वित अभ्यास हुए, जबकि हेलीकॉप्टर का काम क्रॉस-डेक लैंडिंग, वर्टिकल पुनःपूर्ति तथा घायलों की निकासी तक फैला रहा। इसलिए विकल्प A, B और C इस प्रश्न के गलत उत्तर हैं, क्योंकि इनमें से हर एक वास्तव में किया गया था। अभ्यासों का यह ढांचा बता देता है कि आयोजन किस काम के लिए था, क्योंकि जहाज पर चढ़कर जांच करने की कार्रवाई और आपदा राहत वही काम हैं जो शांति काल में क्षेत्र की नौसेनाएं साझा करती हैं, और समुद्र में पुनःपूर्ति वही है जो जहाजों को लंबे समय तक तैनात रहने देती है। ध्यान दें कि प्रश्न अपवाद पूछ रहा है, और यह रूप उन परीक्षार्थियों के अंक नियमित रूप से काटता है जो वाक्य का केवल पहला हिस्सा पढ़ते हैं।
नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 की चर्चाओं का लक्ष्य किस तरह का बल बनाना बताया गया?
- A.युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों में सक्षम
- B.फुर्तीला, घातक, नेटवर्क से जुड़ा और आत्मनिर्भर
- C.आधुनिक, गतिशील, एकीकृत और डिजिटल
- D.सशक्त, सुरक्षित, टिकाऊ और स्मार्ट
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सही उत्तर: A. युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों में सक्षम
व्याख्या
सही उत्तर युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों में सक्षम है। यही चार हिस्सों वाला विवरण उस लक्ष्य को बताता है जिसकी दिशा में सम्मेलन की प्रमुख चर्चाएं निर्देशित रहीं और जिसे संयुक्त कार्यप्रणाली, एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा रणनीतिक तालमेल के जरिए हासिल किया जाना है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ये शब्द इस आयोजन का वाक्यांश नहीं हैं, भले आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण की बात चर्चाओं में आई हो। विकल्प C भी इसी तरह गलत है, तीनों सेनाओं के एकीकरण का विषय सीडीएस ने उठाया था, मगर सम्मेलन से जुड़ा चार शब्दों वाला वाक्यांश इससे अलग है। विकल्प D सुनने में ठीक लगने वाले शब्दों का समूह है, पर इस सम्मेलन से उसका कोई संबंध नहीं है। इस तरह के सरकारी चार-शब्दीय वाक्यांश प्रश्नपत्र बनाने वालों को खूब पसंद आते हैं, इसलिए इसका भाव नहीं, क्रम सहित शब्द याद करें।
नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 में भारतीय नौसेना को रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली शक्ति किसने बताया?
- A.थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ
- B.चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम
- C.राज्य मंत्री जितिन प्रसाद
- D.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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सही उत्तर: B. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम
व्याख्या
सही उत्तर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम है। उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में नौसेना की रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली भूमिका पर जोर दिया, ऊर्जा सुरक्षा के प्रति नौसेना की परिचालन प्रतिबद्धता तथा प्रौद्योगिकी अपनाने और स्वदेशीकरण के प्रयासों की सराहना की और प्रौद्योगिकी आधारित बदलाव, सुदृढ़ता तथा तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। विकल्प A गलत है, क्योंकि थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की सेना की तैयारियों और तीनों सेनाओं के समन्वय पर बात की। विकल्प C गलत है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने तथा सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम प्रौद्योगिकी में घरेलू क्षमता पर जोर दिया। विकल्प D गलत है, क्योंकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कमांडरों से संवाद करने वालों में शामिल थे, मगर यह विवरण सीडीएस का है। चारों पदाधिकारियों को उनके विषय के साथ जोड़कर याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे पक्का उत्तर देता है।