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GK24
रक्षाआसान

भारतीय नौसेना के पहले फ्लीट सपोर्ट शिप एफएसएस-1 को किस शिपयार्ड में लॉन्च किया गया?

  1. A.मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई
  2. B.गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता
  3. C.हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम
  4. D.कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि

सही उत्तर

C. हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम

व्याख्या

सही उत्तर हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम है। फ्लीट सपोर्ट शिप श्रेणी के पोत एचएसएल, विशाखापत्तनम में बन रहे हैं और श्रेणी के पहले पोत एफएसएस-1 को वहीं 6 अक्टूबर 2026 को लॉन्च किया गया, जिसमें रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि थे। रक्षा मंत्रालय के विवरण के अनुसार पूरी श्रेणी का डिजाइन और निर्माण इसी शिपयार्ड ने देश में किया है, और लॉन्च के दिन इसी यार्ड में निर्माण सुविधाओं के उन्नयन के रूप में संवर्धित स्लिपवे का उद्घाटन भी हुआ। विकल्प A यानी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई गलत है क्योंकि इस परियोजना के संबंध में मुंबई के किसी यार्ड का उल्लेख नहीं है। विकल्प B यानी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता इसी कारण गलत है, क्योंकि समारोह विशाखापत्तनम में हुआ था। विकल्प D यानी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि भी गलत है, क्योंकि विवरण में केवल एचएसएल, उसके स्लिपवे और उसके वरिष्ठ अधिकारियों की चर्चा है।

पूरा लेख पढ़ें: पहला फ्लीट सपोर्ट शिप एफएसएस-1 विशाखापत्तनम में लॉन्च

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Q1.रक्षामध्यम

भारतीय नौसेना के फ्लीट सपोर्ट शिप में स्वदेशी सामग्री कितनी बताई गई है?

  1. A.50 प्रतिशत से अधिक
  2. B.65 प्रतिशत से अधिक
  3. C.82 प्रतिशत से अधिक
  4. D.95 प्रतिशत से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 82 प्रतिशत से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 82 प्रतिशत से अधिक है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार फ्लीट सपोर्ट शिप का डिजाइन और निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम ने स्वदेशी रूप से किया है और इनमें स्वदेशी सामग्री 82 प्रतिशत से ऊपर है, जिसे मंत्रालय नौसेना, शिपयार्ड, रक्षा उद्योग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के बीच उच्चतम स्तर के सहयोग का संकेत मानता है। विकल्प A और B यानी 50 प्रतिशत से अधिक तथा 65 प्रतिशत से अधिक इस आंकड़े को कम करके बताते हैं; ऐसे हिस्से पुराने युद्धपोत कार्यक्रमों के लिए कहे जाते रहे हैं, पर इस घोषणा में यही आंकड़ा नहीं दिया गया। विकल्प D यानी 95 प्रतिशत से अधिक आंकड़े को बढ़ाकर बताता है और इससे गलत धारणा बनेगी कि इन पोतों में आयातित उपकरण लगभग नहीं हैं। परियोजना को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का अग्रदूत कहा गया है।

Q2.रक्षामध्यम

एफएसएस-1 जैसे फ्लीट सपोर्ट शिप की मुख्य भूमिका क्या है?

  1. A.सोनार से शत्रु पनडुब्बियों की खोज करना
  2. B.समुद्र में ही बेड़े के पोतों की पुनःपूर्ति करना
  3. C.समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाना और हटाना
  4. D.लड़ाकू विमानों को ले जाना और संचालित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समुद्र में ही बेड़े के पोतों की पुनःपूर्ति करना

व्याख्या

सही उत्तर समुद्र में ही बेड़े के पोतों की पुनःपूर्ति करना है। सेवा में आने पर ये पोत चलते हुए युद्धपोतों को ईंधन और रसद देंगे, जिससे नौसेना की ब्लू वॉटर क्षमता बढ़ेगी तथा परिचालन रसद, बेड़े की रणनीतिक पहुंच और गतिशीलता काफी मजबूत होगी। विकल्प A गलत है क्योंकि पनडुब्बी रोधी खोज विशेष फ्रिगेट, कोरवेट और विमानों का काम है, सहायक पोत का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बारूदी सुरंगें बिछाने और हटाने का काम माइनस्वीपर तथा माइन काउंटरमेजर पोत करते हैं, जिनकी चर्चा इस विवरण में नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि लड़ाकू विमानों का संचालन विमानवाहक पोत की भूमिका है। विवरण में इन पोतों की दूसरी भूमिका भी दी गई है - मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा गैर-लड़ाकू निकासी अभियान, ताकि राहत सामग्री जल्दी पहुंचे और लोगों को निकाला जा सके।

Q3.रक्षाकठिन

विशाखापत्तनम के समारोह में नौसेना परंपरा के अनुसार एफएसएस-1 को किसने लॉन्च किया?

  1. A.श्रीमती लैला स्वामीनाथन, अध्यक्ष, नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ
  2. B.रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह
  3. C.नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
  4. D.हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्रीमती लैला स्वामीनाथन, अध्यक्ष, नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ

व्याख्या

सही उत्तर श्रीमती लैला स्वामीनाथन, अध्यक्ष, नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ (एनडब्ल्यूडब्ल्यूए) है। नौसेना की परंपरा में युद्धपोत को कोई महिला लॉन्च करती है, और विवरण के अनुसार उन्होंने मुख्य अतिथि की उपस्थिति में यह कार्य किया। विकल्प B गलत है क्योंकि रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे; उन्होंने संवर्धित स्लिपवे का उद्घाटन किया और उसी अवसर पर एफएसएस-5 की कील रखने का कार्यक्रम भी हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का नाम उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में है, लॉन्च करने वाले के रूप में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विवरण में नौसेना, रक्षा मंत्रालय और एचएसएल के वरिष्ठ अधिकारियों का उल्लेख केवल उपस्थित लोगों के रूप में है, शिपयार्ड प्रमुख को लॉन्च का श्रेय नहीं दिया गया।

Q4.रक्षाकठिन

24वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड बैठक कहां हो रही है?

  1. A.पारादीप
  2. B.भुवनेश्वर
  3. C.विशाखापत्तनम
  4. D.चेन्नई
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भुवनेश्वर

व्याख्या

सही उत्तर भुवनेश्वर है। यह बोर्ड बैठक भारतीय तटरक्षक बल अपने महानिदेशक परमेश शिवमणि की अध्यक्षता में कर रहा है और इसमें समुद्र में बचाव की राष्ट्रीय तैयारी, संकट की चेतावनी के प्रबंधन तथा प्रौद्योगिकी और एजेंसियों के तालमेल से बचाव साधनों को तेजी से भेजने पर विचार होगा। विकल्प A यहां बिछाया गया जाल है, क्योंकि पारादीप वह स्थान है जहां अभ्यास और समुद्र में प्रदर्शन हो रहा है, जबकि बोर्ड की बैठक बंदरगाह पर नहीं बल्कि राज्य की राजधानी में है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विशाखापत्तनम बड़ा समुद्री केंद्र होने पर भी इस आयोजन से नहीं जुड़ा। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। याद रखने का सरल तरीका यह जोड़ी है, अभ्यास के लिए पारादीप और बोर्ड के लिए भुवनेश्वर, दोनों ओडिशा में।

Q5.रक्षाआसान

एसएआरईएक्स-2026 में कितने अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक और कितने देशों से शामिल हो रहे हैं?

  1. A.30 देशों के 32 पर्यवेक्षक
  2. B.32 देशों के 30 पर्यवेक्षक
  3. C.20 देशों के 24 पर्यवेक्षक
  4. D.12 देशों के 15 पर्यवेक्षक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 30 देशों के 32 पर्यवेक्षक

व्याख्या

सही उत्तर 30 देशों के 32 पर्यवेक्षक है। पर्यवेक्षकों की संख्या देशों की संख्या से थोड़ी अधिक है, क्योंकि कुछ देशों ने एक से अधिक प्रतिनिधि भेजे हैं। रक्षा मंत्रालय इस अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को अभ्यास का मुख्य आकर्षण मानता है, क्योंकि इससे साझा बचाव नियम और अलग-अलग देशों के बलों की एक योजना पर काम करने की क्षमता सामने आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें दोनों आंकड़े आपस में बदल दिए गए हैं, और इस रूप के प्रश्नों में यही सबसे आम जाल होता है। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें दी गई कोई जोड़ी घोषित ही नहीं हुई। विकल्प D के अंक तो अभ्यास के दूसरे ब्योरों की नकल हैं, जैसे तटरक्षक जहाजों की गिनती, और जल्दबाजी में पढ़ने वाले को भटकाने के लिए रखे गए हैं।