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GK24
पर्यावरणकठिन

भारत ने प्री-कॉप31 के पूर्ण सत्र में जलवायु व्यवस्था के किन दो प्रावधानों का विशेष उल्लेख किया?

  1. A.अनुच्छेद 9.1 और अनुच्छेद 6
  2. B.अनुच्छेद 4 और अनुच्छेद 12
  3. C.अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 8
  4. D.अनुच्छेद 5 और अनुच्छेद 14

सही उत्तर

A. अनुच्छेद 9.1 और अनुच्छेद 6

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 9.1 और अनुच्छेद 6 है। भारत ने अनुच्छेद 9.1 को अस्थायी एजेंडे में शामिल किए जाने का स्वागत किया और इसे वित्त को देशों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण औपचारिक अवसर बताया। इसके साथ ही भारत ने अनुच्छेद 6 के सहयोगात्मक तरीकों के रणनीतिक उपयोग पर जोर दिया, जिनसे वित्त तथा अमल के अन्य साधनों की गंभीर कमी पूरी की जा सकती है और टिकाऊ विकास के लिए बाजार आधारित संसाधन जुटाए जा सकते हैं। बाकी विकल्पों में बताए गए प्रावधान इस पूर्ण सत्र में भारत के वक्तव्य का विषय नहीं थे। मंत्री ने इन दोनों को अपनी बड़ी बात से जोड़ा, यानी ऊंचे लक्ष्यों के साथ बढ़ा हुआ जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण जुड़ना चाहिए तथा अमल राष्ट्रीय स्तर पर तय रास्तों का सम्मान करे।

पूरा लेख पढ़ें: प्री-कॉप31 बैठक फिजी के नाडी में, भारत ने संतुलित नतीजे की मांग रखी

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Q1.पर्यावरणआसान

प्री-कॉप31 बैठक किस देश में हुई, जहां भारत ने कॉप31 से महत्वाकांक्षी और संतुलित नतीजे की मांग रखी?

  1. A.फिजी
  2. B.तुर्किये
  3. C.ब्राजील
  4. D.अजरबैजान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. फिजी

व्याख्या

सही उत्तर फिजी है। प्री-कॉप31 बैठक फिजी के नाडी में बुलाई गई थी और वहीं केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने राजनीतिक लैंडिंग जोन तथा नतीजों पर पूर्ण सत्र चर्चा को संबोधित करते हुए पक्षकार देशों से अधिक लचीलापन, व्यावहारिकता और आपसी सम्मान दिखाने को कहा। विकल्प B यानी तुर्किये भ्रम पैदा करता है, क्योंकि मुख्य सम्मेलन कॉप31 नवंबर में तुर्किये के अंताल्या में होना है, लेकिन तैयारी बैठक वहां नहीं हुई। विकल्प C और D यानी ब्राजील और अजरबैजान में संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता के पहले के सत्र हुए हैं, इसलिए वे भ्रमित करने वाले विकल्प हैं, पर इस प्री-कॉप की मेजबानी उन्होंने नहीं की। परीक्षा के लिए दोनों स्थान अलग-अलग याद रखें, यानी प्री-कॉप फिजी के नाडी में और कॉप31 तुर्किये के अंताल्या में।

Q2.पर्यावरणमध्यम

यूएनएफसीसीसी कॉप31 का आयोजन कहां होना है?

  1. A.नाडी, फिजी
  2. B.अंताल्या, तुर्किये
  3. C.बेलेम, ब्राजील
  4. D.नई दिल्ली, भारत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंताल्या, तुर्किये

व्याख्या

सही उत्तर अंताल्या, तुर्किये है। सालाना संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन यानी कॉप31 नवंबर में अंताल्या में होगा और उससे कुछ सप्ताह पहले हुई प्री-कॉप बैठक उसी की तैयारी थी। विकल्प A यानी फिजी का नाडी वह जगह है जहां प्री-कॉप हुई, इसलिए वह तैयारी बैठक का स्थान है, सम्मेलन का नहीं। विकल्प C यानी ब्राजील का बेलेम और विकल्प D यानी नई दिल्ली इस सत्र के स्थान नहीं हैं। भारतीय मंत्री ने दोनों जगहों का संबंध साफ किया, जब उन्होंने कहा कि फिजी की चर्चाओं के रचनात्मक पहलुओं को अंताल्या तक ले जाना चाहिए और लैंडिंग जोन ऐसा नतीजा हो जो महत्वाकांक्षी तथा संतुलित दोनों हो, जिसमें शमन और अनुकूलन आगे बढ़ें और विकासशील देशों को अमल के जरूरी साधन मिलें।

Q3.पर्यावरणआसान

प्री-कॉप31 की राजनीतिक लैंडिंग जोन और नतीजों पर हुई पूर्ण सत्र चर्चा में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?

  1. A.विदेश मंत्री
  2. B.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
  3. C.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री
  4. D.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री है, यानी श्री भूपेंद्र यादव, जिनका मंत्रालय भारत की जलवायु वार्ताओं को संभालता है। राजनीतिक लैंडिंग जोन और नतीजों पर हुई पूर्ण सत्र चर्चा में उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के चलते भाषणबाजी से आगे बढ़कर अमल और सहमति की दिशा में जाना जरूरी है, और पक्षकार देशों के बीच सहमति का दायरा मतभेदों से कहीं बड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक तापवृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के आकांक्षात्मक लक्ष्य से जुड़े रहने पर व्यापक सहमति है। बाकी विकल्पों में विदेश मामलों, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े मंत्रालय आते हैं, जिनका काम अहम है, लेकिन जलवायु सम्मेलन की वार्ता पर्यावरण मंत्रालय संभालता है और इनमें से किसी मंत्री ने नाडी में भारत का वक्तव्य नहीं दिया।

Q4.पर्यावरणमध्यम

मंत्री के अनुसार यूएनएफसीसीसी और पेरिस करार के तहत पहले से तय दीर्घकालिक तापमान महत्वाकांक्षा क्या है?

  1. A.वैश्विक तापमान वृद्धि 3 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना
  2. B.वैश्विक तापमान वृद्धि 2.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना
  3. C.वैश्विक तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना
  4. D.वैश्विक तापमान वृद्धि 0.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वैश्विक तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना

व्याख्या

सही उत्तर वैश्विक तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना है। पूर्ण सत्र में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि दीर्घकालिक उद्देश्य और लक्ष्य, जिनमें यह महत्वाकांक्षा भी शामिल है, यूएनएफसीसीसी तथा पेरिस करार के तहत पहले ही तय हो चुके हैं, और अब कमी केवल अमल के समुचित साधनों की है। इसी तर्क पर उन्होंने कहा कि ध्यान नए लक्ष्य गढ़ने से हटकर इस आकलन पर जाना चाहिए कि देश पहले से तय लक्ष्यों की ओर कितनी तेज़ी से बढ़ सकते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तीन डिग्री की वृद्धि किसी भी सहमत महत्वाकांक्षा से कहीं ऊपर है और जलवायु कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी स्थिति को टालना है। विकल्प B भी इसी कारण गलत है और वक्तव्य में ऐसा कोई आँकड़ा नहीं आता। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसी कोई सीमा संधि ढाँचे के तहत कभी स्वीकार नहीं की गई। पेरिस करार के साथ याद रखने योग्य आँकड़ा डेढ़ डिग्री ही है।

Q5.पर्यावरणआसान

फिजी में हुई यूएनएफसीसीसी प्री-कॉप31 बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किस मंत्री ने किया?

  1. A.केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री
  2. B.केंद्रीय विदेश मंत्री
  3. C.केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
  4. D.केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री है, अर्थात भूपेंद्र यादव, जिन्होंने फिजी में हुई प्री-कॉप31 बैठक में भारत की अगुवाई की और कॉप31 की प्राथमिकताओं पर हुई पूर्ण चर्चा को संबोधित किया। यूएनएफसीसीसी और पेरिस करार के तहत होने वाली जलवायु वार्ताएँ पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आती हैं, इसलिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इसी विभाग के पास रहा। विकल्प B गलत है, क्योंकि विदेश मंत्री का नाम वक्तव्य में नहीं है और इन बैठकों में जलवायु वार्ता का दायित्व उनके पास नहीं होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल शक्ति मंत्रालय जल संसाधन और स्वच्छता से जुड़ा है, जो एक अलग विषय है और उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रतिनिधिमंडल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री की कोई भूमिका नहीं बताई गई। परीक्षार्थी प्री-कॉप और कॉप बैठकों को पर्यावरण मंत्रालय तथा भूपेंद्र यादव से जोड़कर याद रखें।