भारत में सर्वाधिक रामसर स्थल किस राज्य में हैं?
- A.उत्तर प्रदेश
- B.गुजरात
- C.तमिलनाडु
- D.केरल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर तमिलनाडु है, जहाँ 20 रामसर स्थल हैं और यह किसी भी राज्य के लिए सबसे बड़ी संख्या है। विकल्प A यानी उत्तर प्रदेश 14 स्थलों के साथ दूसरे स्थान पर है; इनमें मैनपुरी जिले की सौज झील शामिल है, जो अक्टूबर 2026 में जुड़ी, तथा सुरहा ताल, जो इसी वर्ष जून में देश का 100वाँ स्थल बना था। विकल्प B यानी गुजरात में नलसरोवर, वढवाणा आर्द्रभूमि, थोल झील वन्यजीव अभयारण्य, खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य और छारी ढंढ जैसे स्थल हैं, पर उनकी कुल संख्या तमिलनाडु से काफी कम है। विकल्प D यानी केरल में अष्टमुडी आर्द्रभूमि, सस्थमकोट्टा झील और वेम्बनाड-कोल आर्द्रभूमि हैं, यानी और भी छोटा समूह। पूरे देश का आँकड़ा 28 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 103 स्थलों का है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत में रामसर स्थल 103 हुए, सुखना और सौज झील शामिल
अभ्यास प्रश्न
15 अक्टूबर 2026 के नामांकनों के बाद भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या कितनी हो गई?
- A.96
- B.101
- C.103
- D.110
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भारत ने यह आँकड़ा 15 अक्टूबर 2026 को छुआ, जब चंडीगढ़ की सुखना आर्द्रभूमि और उत्तर प्रदेश की सौज झील को अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची में जोड़ा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्टूबर 2026 में भारत की रामसर सूची में सबसे नए स्थल के रूप में कौन सी दो आर्द्रभूमियाँ जोड़ी गईं?
- A.सुरहा ताल और ग्लॉ झील
- B.सुखना आर्द्रभूमि और सौज झील
- C.चिल्का झील और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
- D.कोलेरू झील और दीपोर बील
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सुखना आर्द्रभूमि चंडीगढ़ में है और शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में 1958 में बनाया गया वर्षाजल आधारित जलाशय है; यहाँ पलास फिश ईगल, कॉमन पोचार्ड और ब्लैक पोंड टर्टल जैसी संकटग्रस्त प्रजातियाँ रहती हैं तथा मध्य एशियाई फ्लाईवे के प्रवासी पक्षी शीतकाल बिताते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आर्द्रभूमि कन्वेंशन, जिसे रामसर कन्वेंशन कहा जाता है, 1971 में किस देश में स्वीकृत हुआ था?
- A.भारत
- B.ईरान
- C.स्विट्जरलैंड
- D.जापान
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इस संधि का नाम ईरान के उसी रामसर शहर पर पड़ा, जहाँ 2 फरवरी 1971 को इसे स्वीकृति मिली थी, और यह 1975 में लागू हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जिला प्रशासनों से किसानों को किन संस्थाओं से जोड़ने को कहा गया, ताकि अवशेष प्रबंधन के समाधान बिना देरी मिलें?
- A.कस्टम हायरिंग केंद्र और मशीन उपलब्ध कराने वाले
- B.क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और बीमा एजेंट
- C.केवल कृषि उपज मंडी समितियां
- D.पंचायत पुस्तकालय और सहकारी भंडार
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आयोग ने जिला प्रशासनों से कहा कि किसानों, कस्टम हायरिंग केंद्रों, मशीन उपलब्ध कराने वालों तथा अन्य हितधारकों के बीच तालमेल मजबूत किया जाए, जिससे किसानों को अवशेष प्रबंधन के समाधान बिना इंतजार मिल सकें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आयोग ने धान की पराली का ईंधन के रूप में अधिकतम उपयोग कहां करने का निर्देश दिया?
- A.केवल घरेलू चूल्हों में
- B.ताप विद्युत संयंत्रों, ईंट-भट्ठों और उद्योगों में
- C.रेल इंजनों में
- D.केवल नगरपालिका भट्टियों में
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आयोग ने इस रास्ते पर जोर दिया और यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रवार नोडल अधिकारी अपने क्षेत्रों में पराली के वास्तविक उपयोग के लिए जवाबदेह बनाए जाएं तथा अनुपालन की नियमित निगरानी और रिपोर्ट करें।
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