भारत में पाँच सौ और एक हजार रुपये के नोट किस तिथि से वैध मुद्रा नहीं रहे?
- A.8 नवंबर 2016
- B.19 मई 2023
- C.1 अप्रैल 2017
- D.16 जनवरी 1978
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, 8 नवंबर 2016 है। महात्मा गांधी श्रृंखला के पाँच सौ और एक हजार रुपये के नोट 8 नवंबर 2016 की मध्यरात्रि से वैध मुद्रा नहीं रहे; घोषित उद्देश्य अघोषित धन, नकली मुद्रा और आतंकवाद के वित्त पोषण पर कार्रवाई था; इसके बाद महात्मा गांधी नई श्रृंखला का नया पाँच सौ रुपये का नोट तथा दो हजार रुपये का नोट आया, और जनवरी 2023 में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने बहुमत से इस निर्णय को वैध ठहराया। विकल्प B, 19 मई 2023, वह तिथि है जब रिजर्व बैंक ने दो हजार रुपये का नोट प्रचलन से वापस लिया, जो वापसी है, विमुद्रीकरण नहीं। विकल्प C, 1 अप्रैल 2017, का इस कदम से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D, 16 जनवरी 1978, एक हजार, पाँच हजार तथा दस हजार रुपये के नोटों के पहले विमुद्रीकरण से जुड़ी है।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय मुद्रा: नोट, सिक्के, टकसाल और विमुद्रीकरण
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंरिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934 की किस धारा के अंतर्गत रिजर्व बैंक को बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार है?
- A.धारा 17
- B.धारा 22
- C.धारा 42
- D.धारा 49
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934 की धारा 22 रिजर्व बैंक को भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार देती है, और बैंक का निर्गम विभाग इस कार्य को उसके बैंकिंग कारोबार से अलग रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में कौन-सा नोट भारतीय रिजर्व बैंक के स्थान पर भारत सरकार जारी करती है?
- A.एक रुपये का नोट
- B.दो रुपये का नोट
- C.पाँच रुपये का नोट
- D.दस रुपये का नोट
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एक रुपये का नोट भारत सरकार सिक्का निर्माण अधिनियम के अंतर्गत जारी करती है और उस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं, जबकि शेष सभी मूल्यवर्ग रिजर्व बैंक अपने अधिनियम की धारा 22 के अंतर्गत जारी करता है और उन पर गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934 में संशोधन के बिना अधिकतम कितने मूल्यवर्ग का बैंक नोट जारी किया जा सकता है?
- A.दो हजार रुपये
- B.पाँच हजार रुपये
- C.दस हजार रुपये
- D.एक लाख रुपये
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934 की धारा 24 दस हजार रुपये तक के मूल्यवर्ग के बैंक नोट की अनुमति देती है, इसलिए इससे बड़े मूल्य के नोट के लिए संसद को अधिनियम में संशोधन करना होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय रिजर्व बैंक का नोट निर्गमन किस वर्ष से न्यूनतम कोष प्रणाली से संचालित है?
- A.1935
- B.1949
- C.1956
- D.1969
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1956 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम के संशोधन ने समानुपातिक कोष प्रणाली के स्थान पर न्यूनतम कोष प्रणाली लागू की, जिसके अनुसार बैंक को नोट निर्गमन के विरुद्ध दो सौ करोड़ रुपये की परिसंपत्तियाँ रखनी होती हैं, जिनमें स्वर्ण एक सौ पंद्रह करोड़ रुपये से कम नहीं होगा और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय सिक्के पर ढलाई के वर्ष के नीचे तारा किस टकसाल का चिह्न है?
- A.मुंबई
- B.हैदराबाद
- C.नोएडा
- D.कोलकाता
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किसी भारतीय सिक्के की टकसाल ढलाई के वर्ष के नीचे बने छोटे चिह्न से पढ़ी जाती है, और पाँच कोनों वाला तारा हैदराबाद टकसाल का चिह्न है।
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