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GK24
पर्यावरणआसान

भारत में जन्मी मादा चीता केजेपी21 ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कितने शावकों को जन्म दिया?

  1. A.तीन
  2. B.चार
  3. C.पांच
  4. D.छह

सही उत्तर

C. पांच

व्याख्या

सही उत्तर पांच है। पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि 32 महीने की मादा चीता केजेपी21, जो स्वयं भारतीय धरती पर जन्मी थी, ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इन पांच शावकों के जुड़ने के बाद देश में चीतों की संख्या 60 हो गई, जिनमें 41 चीते भारत में ही पैदा हुए हैं। विकल्प A यानी तीन इसलिए गलत है कि इस जन्म में इतने शावकों की जानकारी नहीं दी गई; यह संख्या भ्रमित करने वाली है क्योंकि जंगल में चीतों के शावक अक्सर दो से चार तक होते हैं। विकल्प B यानी चार भी इसी कारण सही नहीं है और केजेपी21 के मामले में दी गई संख्या से मेल नहीं खाता। विकल्प D यानी छह शावकों की संख्या को बढ़ाकर बताता है और घोषणा से इसकी पुष्टि नहीं होती। केवल पांच की संख्या ही उस दिन कुल आबादी 60 तक पहुंचने के तथ्य से मेल खाती है।

पूरा लेख पढ़ें: कूनो में चीता केजेपी21 ने 5 शावकों को जन्म दिया, आबादी 60 पहुंची

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Q1.पर्यावरणमध्यम

केजेपी21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है जिसने शावकों को जन्म दिया। उससे पहले कौन दो मादाएं यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं?

  1. A.मुखी और केजीपी12
  2. B.ज्वाला और आशा
  3. C.निर्वा और वीरा
  4. D.गामिनी और धीरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मुखी और केजीपी12

व्याख्या

सही उत्तर मुखी और केजीपी12 है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने बताया कि भारत में जन्मी मादाओं में केजेपी21 तीसरी है जिसने शावकों को जन्म दिया, और वह मुखी तथा केजीपी12 के बाद आती है। यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है कि भारत में जन्मी मादा का संतान को जन्म देना बताता है कि पुनर्वासित आबादी अफ्रीका से लाए गए चीतों पर निर्भर रहने के बजाय अपने आप बढ़ रही है। विकल्प B में दिए नाम इस घोषणा में पहले की भारतीय मूल की मादाओं के रूप में नहीं बताए गए, इसलिए यह सही नहीं हो सकता। विकल्प C भी इसी तरह असमर्थित है और केवल उन नामों से बनाया गया भ्रम है जो अभ्यर्थियों को पुरानी खबरों से याद रह सकते हैं। विकल्प D इसी कारण गलत है, क्योंकि घोषणा में केजेपी21 से पहले केवल मुखी और केजीपी12 को ही यह श्रेय दिया गया है। अभ्यर्थी क्रम मुखी, केजीपी12 और फिर केजेपी21 याद रखें।

Q2.पर्यावरणमध्यम

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्मे पांच शावक भारत में एक नई वंशावली की शुरुआत करते हैं। इनका पिता किस देश से लाया गया था?

  1. A.नामीबिया
  2. B.दक्षिण अफ्रीका
  3. C.बोत्सवाना
  4. D.केन्या
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बोत्सवाना

व्याख्या

सही उत्तर बोत्सवाना है। इन शावकों का पिता बोत्सवाना मूल का नर चीता है, इसी कारण पर्यावरण मंत्रालय ने इन पांच शावकों को भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत और बढ़ती आबादी की आनुवंशिक विविधता में वृद्धि बताया। विकल्प A यानी नामीबिया आकर्षक भ्रम है, क्योंकि पुनर्वास कार्यक्रम के लिए चीतों का पहला समूह उसी देश से आया था, लेकिन इस विशेष जन्म में पिता नामीबिया का नहीं था। विकल्प B यानी दक्षिण अफ्रीका भी इसी कारण गलत है; वहां से आए चीते पहले की खेपों का हिस्सा थे, पर यहां घोषित नई वंशावली विशेष रूप से बोत्सवाना की है। विकल्प D यानी केन्या सही नहीं है क्योंकि यह देश इस कार्यक्रम में स्रोत देश के रूप में शामिल नहीं रहा। छोटी शुरुआती आबादी के लिए व्यापक आनुवंशिक आधार उपयोगी होता है, इसलिए बोत्सवाना से जुड़ी यह वंशावली अपने आप में एक पड़ाव मानी गई।

Q3.पर्यावरणमध्यम

फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात करने वाले सीएक्यूएम ने इस तैनाती से संबंधित पत्र किस संस्था को भेजा था?

  1. A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
  2. B.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
  3. C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
  4. D.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है। विज्ञप्ति के अनुसार फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे गए पत्र के बाद की गई, जिसे सामान्यतः सीपीसीबी लिखा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण पर्यावरण से जुड़े विवादों का न्यायिक निकाय है और इस तैनाती में उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग मौसम पूर्वानुमान का काम करता है और यहां उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपदा प्रबंधन से जुड़ा है और विज्ञप्ति में उसका जिक्र नहीं है। सीएक्यूएम का पूरा नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग है, और मैदान में दल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों, राज्य नोडल अधिकारियों, जिला अधिकारियों, पराली सुरक्षा बल तथा किसानों के साथ समन्वय करते हैं।

Q4.पर्यावरणमध्यम

पंजाब और हरियाणा में फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती किस अवधि के लिए की गई है?

  1. A.01 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026
  2. B.01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
  3. C.15 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2026
  4. D.01 नवंबर से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 है। विज्ञप्ति में तैनाती की अवधि ठीक यही बताई गई है, क्योंकि पंजाब और हरियाणा में इसी दौरान धान की कटाई होती है तथा फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं, और यही वह समय भी है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता तेजी से गिरती है। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि ये अवधि को विज्ञप्ति में बताए कटाई मौसम से पहले या बाद खिसका देते हैं, जबकि आयोग ने तैनाती को इसी अवधि के भीतर क्रमिक चरणों में व्यवस्थित किया है। इस अवधि में दलों को अलग-अलग समय के लिए जिले सौंपे गए हैं, जिससे मौसम के बीच निगरानी न टूटे। दल किसानों, पराली सुरक्षा बल, जिला स्तर के अधिकारियों, राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ काम करते हैं और प्रतिदिन रिपोर्ट देते हैं।

Q5.पर्यावरणआसान

सीएक्यूएम ने पराली जलाने की रोकथाम के लिए पंजाब और हरियाणा के कितने जिलों में फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं?

  1. A.24 जिले
  2. B.30 जिले
  3. C.34 जिले
  4. D.42 जिले
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 34 जिले

व्याख्या

सही उत्तर 34 जिले है। पर्यावरण मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों राज्यों के 34 जिलों में 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 की अवधि के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, और इसमें पंजाब के 18 तथा हरियाणा के 16 जिले बताए गए हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि ये विज्ञप्ति में दिए आंकड़े से मेल नहीं खाते, और अठारह तथा सोलह का योग केवल चौंतीस ही बनता है। पंजाब के लिए नामित जिलों में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना शामिल हैं, जबकि हरियाणा के लिए जींद, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, करनाल तथा कुरुक्षेत्र जैसे जिले बताए गए हैं। यह तैनाती सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजने के बाद हुई, और दल जमीनी स्थिति की रिपोर्ट एसएएस नगर स्थित सीएक्यूएम सेल को प्रतिदिन देते हैं। परीक्षार्थी को कुल आंकड़े के साथ राज्यवार बंटवारा भी याद रखना चाहिए।