भारत में हरित क्रांति के पहले चरण की अगुआ फसल कौन सी थी?
- A.चावल
- B.गेहूं
- C.कपास
- D.गन्ना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, गेहूं है। भारतीय किसानों को सबसे पहले जो अधिक उपज वाली किस्में मिलीं वे बौनी गेहूं थीं, और उन्हें उत्तर-पश्चिमी सिंचित मैदानों में बोया गया, जहां पानी और उर्वरक समय पर दिए जा सकते थे। उत्पादन इतनी तेजी से बढ़ा कि आरंभिक वर्षों को प्रायः गेहूं क्रांति कहा जाता है, और पंजाब तथा हरियाणा केंद्रीय पूल को गेहूं देने वाले मुख्य राज्य बन गए।
विकल्प A, चावल अपनी अधिक उपज वाली किस्मों के साथ बाद में आया और उसका प्रसार बहुत असमान रहा, क्योंकि पूर्व के बड़े धान क्षेत्र नहरों के बजाय वर्षा पर निर्भर थे। विकल्प C, कपास में परिवर्तन और बाद में आया, पहले संकर और फिर बीटी किस्मों से, जो अलग कहानी है। विकल्प D, गन्ना पुरानी व्यावसायिक फसल है, जिसकी वृद्धि अधिक उपज वाली किस्म कार्यक्रम से नहीं आई। यदि प्रश्न बिना किसी और संकेत के हरित क्रांति की फसल पूछे, तो उत्तर गेहूं है।
पूरा लेख पढ़ें: हरियाणा की कृषि और हरित क्रांति: फसलें और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहरियाणा पृथक राज्य के रूप में किस तिथि को अस्तित्व में आया?
- A.1 नवंबर 1956
- B.1 नवंबर 1966
- C.1 अप्रैल 1966
- D.15 अगस्त 1966
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उस दिन तत्कालीन पंजाब राज्य के हिंदी भाषी जिलों को अलग कर हरियाणा बनाया गया, और यह तिथि प्रतिवर्ष हरियाणा दिवस के रूप में मनाई जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में हरित क्रांति आरंभ करने वाली बौनी अधिक उपज देने वाली गेहूं किस्में सर्वप्रथम किस देश में विकसित हुईं?
- A.मेक्सिको
- B.जापान
- C.ऑस्ट्रेलिया
- D.सोवियत संघ
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बौनी गेहूं किस्में लरमा रोजो और सोनेरा 64 मेक्सिको के उस अनुसंधान कार्यक्रम में विकसित हुईं जहां नॉर्मन बोरलॉग कार्यरत थे, और साठ के दशक के मध्य में इनका बीज भारत लाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में हरित क्रांति का जनक किसे कहा जाता है?
- A.वर्गीज कुरियन
- B.एम. एस. स्वामीनाथन
- C.नॉर्मन बोरलॉग
- D.सी. सुब्रमण्यम
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वे वही आनुवंशिकीविद् थे जो मेक्सिको की बौनी गेहूं भारत लाए, भारतीय प्रजनकों के साथ मिलकर उसे यहां के अनुकूल बनाया और सरकार तथा किसानों को उसे अपनाने के लिए तैयार किया, इसीलिए उन्हें भारत में हरित क्रांति का जनक कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एशिया के सबसे बड़े कृषि विश्वविद्यालयों में गिना जाने वाला चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय कहां स्थित है?
- A.करनाल
- B.हिसार
- C.रोहतक
- D.कुरुक्षेत्र
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हरियाणा का कृषि विश्वविद्यालय राज्य बनने के शीघ्र बाद हिसार में स्थापित हुआ और बाद में उसका नाम चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत का राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान हरियाणा के किस नगर में है?
- A.हिसार
- B.करनाल
- C.पानीपत
- D.अंबाला
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत मानद विश्वविद्यालय का दर्जा रखने वाले राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान का मुख्य परिसर करनाल में है, जो दुधारू गाय-भैंस प्रजनन, दूध प्रसंस्करण और डेयरी प्रौद्योगिकी पर कार्य करता है।
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