भारत में गन्ने की खेती की वर्तमान प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. जब 'बड चिप पौध' नर्सरी में उगाकर मुख्य खेत में रोपी जाती है, तो बीज सामग्री में पर्याप्त बचत होती है। 2. टुकड़ों की सीधी बुआई करने पर, अनेक कलियों वाले टुकड़ों की तुलना में एक कली वाले टुकड़ों का अंकुरण प्रतिशत बेहतर होता है। 3. यदि टुकड़ों की सीधी बुआई के समय मौसम खराब हो, तो बड़े टुकड़ों की तुलना में एक कली वाले टुकड़े बेहतर बचे रहते हैं। 4. ऊतक संवर्धन से तैयार पौध से गन्ने की खेती की जा सकती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 1 और 4
- D.केवल 2, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1 और 4। बड चिप नर्सरी से बीज गन्ने की बचत होती है और ऊतक संवर्धन वाली पौध का उपयोग होता है, पर सीधी बुआई में एक कली वाले टुकड़े बड़े टुकड़ों से कमज़ोर रहते हैं।
परंपरागत रूप से किसान गन्ने के दो-तीन कलियों वाले टुकड़े सीधे कूँड़ों में बोते हैं, जिसमें प्रति हेक्टेयर कई टन बीज गन्ना लगता है। बड चिप विधि में केवल कली को आसपास के थोड़े ऊतक के साथ निकालकर नर्सरी की ट्रे में उगाया जाता है; फिर यह पौध खेत में रोपी जाती है। इससे बीज की ज़रूरत बहुत घट जाती है और बाकी गन्ना पेराई के लिए बच जाता है। नई किस्मों की स्वस्थ, रोग-मुक्त पौध बनाने के लिए ऊतक संवर्धन का भी उपयोग होता है। सीधे बोए गए एक कली वाले टुकड़े में भोजन का भंडार कम होता है और नमी जल्दी उड़ती है, इसलिए खासकर खराब मौसम में उसका अंकुरण और बचाव अधिक कलियों वाले टुकड़े से कमज़ोर होता है।
A गलत है क्योंकि कथन 2 असत्य है। B गलत है क्योंकि कथन 3 असत्य है। D गलत है क्योंकि इसमें कथन 2 और 3 हैं और कथन 1 छूट गया है।
Exam tip: बड चिप नर्सरी और ऊतक संवर्धन पौध, गन्ने की बीज बचाने वाली आधुनिक विधियाँ हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी नदी पहले "वितस्ता" के नाम से जानी जाती थी?
- A.तीस्ता
- B.झेलम
- C.तुंगभद्रा
- D.भरतपुझा
उत्तर देखें
ऋग्वेद और बाद के संस्कृत ग्रंथों में झेलम को वितस्ता कहा गया है। पंजाब क्षेत्र की नदियों के वैदिक नाम थे: झेलम के लिए वितस्ता, चिनाब के लिए असिक्नी, रावी के लिए परुष्णी, ब्यास के लिए विपाशा और सतलुज के लिए शुतुद्री।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहने वाली नहीं है?
- A.पेरियार
- B.भरतपुझा
- C.पंबा
- D.ताम्रपर्णी
उत्तर देखें
ताम्रपर्णी पश्चिमी घाट की अगस्त्यमलै पहाड़ियों से निकलकर तमिलनाडु के तिरुनेलवेली और तूतुकुडी ज़िलों से पूर्व की ओर बहती हुई मन्नार की खाड़ी में गिरती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी शून्य हो जाती है। 2. देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी भूमध्य रेखा पर अधिकतम होती है। 3. देशांतर रेखाओं की संख्या अक्षांश रेखाओं की संख्या से अधिक है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन सही हैं। देशांतर रेखाएँ (याम्योत्तर) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाने वाले अर्धवृत्त हैं, इसलिए भूमध्य रेखा पर वे सबसे दूर होती हैं, लगभग 111 किमी प्रति अंश, और ध्रुवों की ओर पास आते-आते वहाँ मिल जाती हैं, जहाँ दूरी शून्य हो जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी ठंडी महासागरीय धारा/धाराएँ है/हैं? 1. अलास्का धारा 2. उत्तर अटलांटिक प्रवाह 3. पछुआ पवन प्रवाह नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1 और 2
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
तीनों में केवल पछुआ पवन प्रवाह ठंडी धारा है; अलास्का धारा और उत्तर अटलांटिक प्रवाह गर्म धाराएँ हैं। पछुआ पवन प्रवाह, जिसे अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा भी कहते हैं, पछुआ पवनों के नीचे अंटार्कटिका के चारों ओर पूर्व दिशा में बहता है और उप-अंटार्कटिक ठंडा जल लाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे क्षेत्र जहाँ वर्षा 250 सेमी से अधिक होती है 2. वार्षिक तापमान 25°C - 27°C 3. औसत आर्द्रता 75% से अधिक 4. वृक्ष अपनी पत्तियाँ नहीं गिराते उपर्युक्त विशेषताएँ निम्नलिखित में से किस प्रकार की वनस्पति को दर्शाती हैं?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार
- B.उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार
- C.उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती
- D.उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार
उत्तर देखें
बहुत भारी वर्षा, ऊँचा और स्थिर तापमान, 75 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता और साल भर हरे रहने वाले वृक्ष उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की पहचान हैं।
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