भारत मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी का पहला चरण, चक्रवात पूर्व निगरानी, कितने घंटे पहले जारी किया जाता है?
- A.12 घंटे
- B.24 घंटे
- C.48 घंटे
- D.72 घंटे
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर D, 72 घंटे है। चेतावनी चार चरणों में आती है और प्रत्येक चरण तट पर प्रतिकूल मौसम की संभावना से कितने घंटे पहले जारी होगा, यह निश्चित है। चक्रवात पूर्व निगरानी 72 घंटे पहले जारी होती है, जैसे ही यह संभावना बनती है कि तूफान तट को प्रभावित करेगा, और यह राज्य प्रशासन तथा समुद्र में गए मछुआरों के लिए होती है। विकल्प C, 48 घंटे, दूसरा चरण यानी चक्रवात अलर्ट है। विकल्प B, 24 घंटे, तीसरा चरण यानी चक्रवात चेतावनी है, जिसमें संभावित लैंडफॉल स्थान, अपेक्षित पवन गति और उद्वाह की ऊंचाई बताई जाती है। विकल्प A, 12 घंटे, चौथा चरण यानी लैंडफॉल पश्चात परिदृश्य है, जो भीतरी जिलों के लिए आगे के मौसम की जानकारी देता है। 72, 48, 24 और 12 का यह क्रम एक श्रृंखला की तरह याद करें।
पूरा लेख पढ़ें: चक्रवात: नामकरण, आईएमडी श्रेणियां और चेतावनी चरण
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंचक्रवात को विश्व के विभिन्न भागों में भिन्न नामों से जाना जाता है। फिलीपींस में इसे _______ कहा जाता है।
- A.विली-विली
- B.हरिकेन
- C.टाइफून
- D.मैंगो शावर
उत्तर देखें
फिलीपींस पश्चिमी उत्तरी प्रशांत में स्थित है और इस क्षेत्र के प्रत्येक उष्णकटिबंधीय चक्रवात को, चाहे वह फिलीपींस, चीन या जापान से टकराए, टाइफून कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनने के लिए समुद्र सतह का न्यूनतम तापमान सामान्यतः कितना आवश्यक होता है?
- A.लगभग 16.5 डिग्री सेल्सियस
- B.लगभग 20 डिग्री सेल्सियस
- C.लगभग 26.5 डिग्री सेल्सियस
- D.लगभग 36.5 डिग्री सेल्सियस
उत्तर देखें
उष्णकटिबंधीय चक्रवात जलवाष्प के संघनन से निकलने वाली गुप्त ऊष्मा पर चलता है, इसलिए उसे ऐसा समुद्र चाहिए जिसकी सतह लगभग 26.5 डिग्री सेल्सियस या अधिक गर्म हो और यह गर्म जल लगभग पचास मीटर गहराई तक हो, जिससे समुद्र के मंथन से सतह ठंडी न पड़ जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार किसी व्यवस्था को महा चक्रवाती तूफान कब कहा जाता है?
- A.118 किमी/घंटा
- B.167 किमी/घंटा
- C.222 किमी/घंटा
- D.300 किमी/घंटा
उत्तर देखें
भारत मौसम विज्ञान विभाग किसी व्यवस्था को सर्वोच्च श्रेणी, महा चक्रवाती तूफान, में तब रखता है जब उसके केंद्र पर बनी रहने वाली पवन गति 222 किमी/घंटा यानी 120 नॉट तक पहुंच जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर हिंद महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण किस वर्ष आरंभ हुआ?
- A.1999
- B.2004
- C.2013
- D.2018
उत्तर देखें
डब्ल्यूएमओ और ईएससीएपी के उष्णकटिबंधीय चक्रवात पैनल के आठ देशों ने इस क्षेत्र के लिए नामों की सूची पर सहमति बनाई और 2004 से उनका प्रयोग शुरू किया, जबकि अटलांटिक में नामकरण दशकों पहले से चलन में था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर हिंद महासागर के उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण कौन करता है?
- A.क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली
- B.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- C.भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र
- D.राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र
उत्तर देखें
नाम पैनल के तेरह सदस्य देश देते हैं, परंतु भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा संचालित नई दिल्ली का यह केंद्र सूची से अगला नाम लेता है, गहरे अवदाब के चक्रवाती तूफान बनने पर उसकी घोषणा करता है और सभी सदस्य देशों को परामर्श जारी करता है।
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