भारत की ऋतुओं के संदर्भ में 'काल बैसाखी' शब्द भारत के किस राज्य से संबंधित है?
- A.पश्चिम बंगाल
- B.कर्नाटक
- C.पंजाब
- D.केरल
सही उत्तर
A. पश्चिम बंगाल
व्याख्या
सही उत्तर है A, पश्चिम बंगाल। काल बैसाखी पश्चिम बंगाल में मानसून से पहले आने वाले तेज़ शाम के तूफ़ानों का नाम है। ये अप्रैल और मई में, बंगाली महीने बैशाख में आते हैं और अपने साथ झोंकेदार हवा, गरज, बिजली तथा कभी ओले लाते हैं। इसी कारण नाम का अर्थ बैशाख का काल यानी संकट है। ये तूफ़ान तब बनते हैं जब मैदानों की तेज़ गर्मी बंगाल की खाड़ी से आई नम हवा से मिलती है और ऊँचे गरजदार बादल बनते हैं। झोंके उत्तर-पश्चिम से आते हैं, इसलिए इन्हें नॉर्वेस्टर भी कहते हैं। ये फ़सल और झोपड़ियों को नुक़सान पहुँचाते हैं, पर इनकी वर्षा बंगाल और असम में चाय, जूट तथा धान की पौध के लिए लाभदायक है; असम में इन्हें बारदोली छीड़ा कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि कर्नाटक की मानसून पूर्व वर्षा चेरी ब्लॉसम या कॉफ़ी शॉवर कहलाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पंजाब में शीत ऋतु की वर्षा पश्चिमी विक्षोभ से होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केरल की मानसून पूर्व वर्षा आम्र वर्षा है। परीक्षा टिप: बंगाल में काल बैसाखी, केरल में आम्र वर्षा, कर्नाटक में चेरी ब्लॉसम और उत्तरी मैदान में लू।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंशरावती नदी निम्नलिखित में से किस जलप्रपात के रूप में गिरती है?
- A.होगेनक्कल
- B.गेरुसोप्पा
- C.सूचिपारा
- D.अथिरापल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गेरुसोप्पा
व्याख्या
सही उत्तर है B, गेरुसोप्पा। कर्नाटक की शरावती नदी लगभग 253 मीटर की ऊंचाई से जोग जलप्रपात के रूप में गिरती है, जिसे पास के गांव के नाम पर गेरुसोप्पा जलप्रपात और स्थानीय भाषा में जोगड़ा गुंडी भी कहा जाता है। यह भारत के सबसे ऊंचे सीधे गिरने वाले जलप्रपातों में गिना जाता है, और इसका जल चार अलग-अलग धाराओं में उतरता है, जिनके नाम राजा, रानी, रोरर और रॉकेट हैं। ऊपर बने लिंगनमक्की बांध से अब प्रवाह नियंत्रित होता है, इसलिए वर्षा ऋतु में यह जलप्रपात सबसे भव्य दिखाई देता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि होगेनक्कल तमिलनाडु में कावेरी नदी पर, कर्नाटक सीमा के पास है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सूचिपारा, जिसे सेंटिनल रॉक भी कहते हैं, केरल के वायनाड में चालियार नदी पर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अथिरापल्ली केरल की चालाकुडी नदी पर है और इसे भारत का नियाग्रा कहा जाता है। परीक्षा टिप: शरावती - जोग या गेरुसोप्पा जलप्रपात, कर्नाटक; कावेरी - होगेनक्कल और शिवनसमुद्र।
भारत के योजना आयोग ने कितने कृषि-जलवायु क्षेत्रों (एसीजेड) का निर्धारण किया है?
- A.20
- B.10
- C.15
- D.30
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 15
व्याख्या
सही उत्तर है C, 15। योजना आयोग ने 1989 में भारत को 15 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटा, ताकि कृषि नियोजन राज्यों की सीमाओं के बजाय मिट्टी, जलवायु, वर्षा और जल संसाधनों के आधार पर हो सके। ये क्षेत्र पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और ट्रांस-गंगा मैदान से लेकर पूर्वी तटीय मैदान एवं पहाड़ियां, पश्चिमी शुष्क क्षेत्र तथा द्वीपीय क्षेत्र तक फैले हुए हैं। इसका उद्देश्य था कि फसलें और फसल चक्र भूमि की प्रकृति के अनुसार तय हों, और आज भी कृषि अनुसंधान तथा प्रसार कार्य इसी आधार पर नियोजित होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 20 योजना आयोग की संख्या नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 10 बहुत कम है और किसी वर्गीकरण से मेल नहीं खाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि 30 इस विभाजन को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कहीं अधिक उप-क्षेत्रों से भ्रमित कर देता है। परीक्षा टिप: योजना आयोग - 15 कृषि-जलवायु क्षेत्र (1989); आईसीएआर - 127 कृषि-जलवायु उप-क्षेत्र।
वायुदाब के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- A.उच्च दाब बादलों से भरे आकाश और आर्द्र मौसम से जुड़ा होता है।
- B.निम्न दाब स्वच्छ और धूप वाले आकाश से जुड़ा होता है।
- C.वायु सदैव उच्च दाब वाले क्षेत्रों से निम्न दाब वाले क्षेत्रों की ओर चलती है।
- D.वायुदाब समुद्र तल पर सबसे कम होता है और ऊंचाई के साथ बढ़ता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वायु सदैव उच्च दाब वाले क्षेत्रों से निम्न दाब वाले क्षेत्रों की ओर चलती है।
व्याख्या
सही उत्तर है C, वायु सदैव उच्च दाब वाले क्षेत्रों से निम्न दाब वाले क्षेत्रों की ओर चलती है। वायु वहां से चलती है जहां दाब अधिक होता है, उस ओर जहां दाब कम होता है, और इसी चलती हुई वायु को पवन कहते हैं; दाब का अंतर जितना अधिक होगा, पवन उतनी ही तेज चलेगी। इसके बाद कोरिऑलिस बल इस प्रवाह को मोड़ देता है - उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर। विकल्प A गलत है, क्योंकि उच्च दाब में वायु नीचे उतरती है, जिससे आकाश साफ और मौसम शुष्क रहता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निम्न दाब में वायु ऊपर उठती है, ठंडी होकर संघनित होती है और बादल तथा वर्षा लाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायुदाब समुद्र तल पर सबसे अधिक, लगभग 1,013 मिलीबार होता है और ऊंचाई बढ़ने पर घटता जाता है। दाब बैरोमीटर से मापा जाता है और मानचित्र पर समदाब रेखाओं से दिखाया जाता है। परीक्षा टिप: उच्च दाब - अवरोही वायु और साफ मौसम; निम्न दाब - आरोही वायु, बादल और वर्षा।
कौन सा राज्य म्यांमार के साथ अपनी सीमा साझा नहीं करता है?
- A.अरुणाचल प्रदेश
- B.मिजोरम
- C.मणिपुर
- D.सिक्किम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सिक्किम
व्याख्या
सही उत्तर है D, सिक्किम। सिक्किम की सीमा म्यांमार से नहीं मिलती। उसके पड़ोसी देश पश्चिम में नेपाल, उत्तर और पूर्व में चीन तथा दक्षिण-पूर्व में भूटान हैं। म्यांमार के साथ केवल चार भारतीय राज्यों की सीमा लगती है - अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम - और यह सीमा लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश अपने दक्षिण-पूर्वी छोर पर म्यांमार से मिलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मिजोरम की बांग्लादेश के साथ-साथ म्यांमार से भी लंबी सीमा लगती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मणिपुर पूर्व में म्यांमार से मिलता है और मणिपुर का मोरेह इस सीमा का मुख्य व्यापारिक कस्बा है। सिक्किम भारत का सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य है और तीन देशों से सीमा साझा करता है, पर म्यांमार उनमें नहीं है। परीक्षा टिप: म्यांमार सीमा वाले राज्य याद रखें - अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम।
निम्नलिखित में से कौन सी कायांतरित (रूपांतरित) चट्टान नहीं है?
- A.संगमरमर
- B.बलुआ पत्थर
- C.क्वार्टजाइट
- D.स्लेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बलुआ पत्थर
व्याख्या
सही उत्तर है B, बलुआ पत्थर। बलुआ पत्थर एक अवसादी चट्टान है; नदियों या हवा द्वारा लाए गए रेत के कण परतों में जमते हैं और समय के साथ कठोर हो जाते हैं। कायांतरित चट्टानें इससे भिन्न होती हैं - वे पुरानी चट्टानें हैं जो भूपर्पटी के भीतर अत्यधिक ताप और दाब से अपने स्थान पर ही बदल जाती हैं, इसीलिए वे अधिक कठोर और अक्सर पट्टीदार होती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि संगमरमर चूना पत्थर का कायांतरित रूप है। विकल्प C गलत है, क्योंकि क्वार्टजाइट स्वयं बलुआ पत्थर का कायांतरित रूप है। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्लेट शेल के कायांतरण से बनती है और पतली परतों में टूटती है। चट्टानें तीन प्रकार की होती हैं - आग्नेय, अवसादी और कायांतरित - और शैल चक्र के द्वारा एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती हैं। परीक्षा टिप: चूना पत्थर से संगमरमर, बलुआ पत्थर से क्वार्टजाइट, शेल से स्लेट और कोयले से ग्रेफाइट बनता है।