भारत के किस भाग में तालाब सिंचाई सबसे अधिक प्रचलित है?
- A.उत्तरी मैदान
- B.प्रायद्वीपीय पठार
- C.हिमालयी क्षेत्र
- D.गुजरात के तटीय मैदान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, प्रायद्वीपीय पठार है। तालाब सिंचाई प्रायद्वीप की विशेषता है, विशेषकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में, और इसके तीन कारण हैं: पठार की कठोर क्रिस्टलीय चट्टान कुएँ खोदना कठिन बनाती है और उसमें भूजल कम रहता है, प्रायद्वीप की नदियाँ मौसमी हैं और नित्यवाही नहरें नहीं चला सकतीं, तथा ऊबड़-खाबड़ धरातल ऐसे प्राकृतिक गड्ढे देता है जिन्हें छोटी मेड़ बाँधकर वर्षा जल से भरा जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उत्तरी मैदानों में मुलायम जलोढ़ और सदानीरा नदियाँ हैं, इसलिए वहाँ नहरें और नलकूप प्रमुख हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि हिमालयी क्षेत्र की तीव्र ढाल तालाबों के अनुकूल नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि गुजरात मुख्यतः कुओं, नलकूपों और नर्मदा नहर प्रणाली पर निर्भर है। तालाबों की कमी यह है कि गर्मियों में वाष्पीकरण से बहुत जल नष्ट होता है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत में सिंचाई और प्रमुख नहरें: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत की सबसे लंबी नहर कौन सी है?
- A.ऊपरी गंगा नहर
- B.इंदिरा गांधी नहर
- C.बकिंघम नहर
- D.सरहिंद नहर
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1958 में राजस्थान नहर के रूप में आरंभ और 1984 में नया नाम पाने वाली यह नहर भारत की सबसे लंबी नहर है; इसका फीडर और मुख्य नहर मिलाकर लगभग साढ़े छह सौ किलोमीटर चलते हैं और पंजाब की नदियों का जल पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थल तक ले जाते…
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंदिरा गांधी नहर किस बैराज से निकलती है?
- A.हरिके बैराज
- B.ताजेवाला बैराज
- C.ओखला बैराज
- D.माधोपुर शीर्ष कार्य
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हरिके बैराज पंजाब में उस स्थान पर है जहाँ ब्यास सतलुज में मिलती है, और इंदिरा गांधी नहर वहीं से राजस्थान फीडर के रूप में आरंभ होकर आगे मुख्य नहर के रूप में राजस्थान में जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ऊपरी गंगा नहर गंगा नदी से कहाँ से निकाली गई है?
- A.नरोरा
- B.हरिद्वार
- C.कानपुर
- D.इलाहाबाद
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ऊपरी गंगा नहर 1854 में खुली और हरिद्वार में गंगा से निकाली गई है, जहाँ से वह गंगा-यमुना दोआब में उतरकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की सिंचाई करती है; इसके निर्माण से जुड़े अभियंता प्रोबी कॉटले थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रैंड एनीकट अर्थात् कल्लनई, जो आज भी उपयोग में आने वाली सबसे पुरानी जल मोड़ संरचनाओं में है, किस नदी पर बनाया गया था?
- A.कृष्णा
- B.गोदावरी
- C.कावेरी
- D.तुंगभद्रा
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ग्रैंड एनीकट, जिसे तमिल में कल्लनई कहते हैं, चोल राजा करिकाल ने लगभग दूसरी शताब्दी में कावेरी पर बनवाया था ताकि नदी का जल डेल्टा में फैलाया जा सके, और वह आज भी तमिलनाडु में कावेरी डेल्टा की नहरों को जल देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बकिंघम नहर मुख्य रूप से किस उद्देश्य से बनाई गई थी?
- A.कृष्णा डेल्टा की सिंचाई
- B.कोरोमंडल तट पर नौवहन
- C.गोदावरी बेसिन में बाढ़ नियंत्रण
- D.हैदराबाद को पेयजल आपूर्ति
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बकिंघम नहर उन्नीसवीं शताब्दी में पूर्वी तट के सहारे खोदी गई खारे जल की नौवहन नहर है, जो आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और तमिलनाडु के चेन्नई के बीच की लैगून तथा पश्च जल को जोड़ती है, और इसका उपयोग माल ढोने तथा अकाल में अनाज पहुँचाने के लिए होता था।
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