भारत-एफ्टा व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते से अगले 15 वर्षों में भारत में कितने निवेश की अपेक्षा है?
- A.50 बिलियन डॉलर
- B.75 बिलियन डॉलर
- C.100 बिलियन डॉलर
- D.250 बिलियन डॉलर
सही उत्तर
C. 100 बिलियन डॉलर
व्याख्या
सही उत्तर 100 बिलियन डॉलर है। इस समझौते को निवेश, इनोवेशन, रोजगार और साझा समृद्धि का महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट बताया गया है। दोनों पक्षों का मानना है कि इससे अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा और 10 लाख सीधी नौकरियां बनेंगी। निवेश और रोजगार, ये दोनों आंकड़े इस समझौते से जुड़े सबसे अधिक पूछे जाने वाले तथ्य हैं, इसलिए इन्हें साथ में याद करना चाहिए। विकल्प ए यानी 50 बिलियन डॉलर वास्तविक लक्ष्य का आधा है और गलत है। विकल्प बी यानी 75 बिलियन डॉलर वक्तव्य में कहीं नहीं आता। विकल्प डी यानी 250 बिलियन डॉलर प्रतिबद्धता को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बताता है। यह भी ध्यान रखें कि यह एक निर्धारित अवधि का निवेश लक्ष्य है, एक बार में आने वाली राशि नहीं, और घोषित नौकरियां सीधी नौकरियां हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारत और स्विट्जरलैंड ने गतिशीलता तथा अवसंरचना समझौते किए
अभ्यास प्रश्न
यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता किसके साथ हुआ है?
- A.यूरोपीय संघ
- B.यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (एफ्टा)
- C.बेनेलक्स संघ
- D.यूरेशियन आर्थिक संघ
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सही उत्तर: B. यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (एफ्टा)
व्याख्या
सही उत्तर यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी एफ्टा है। पिछले वर्ष अक्टूबर में लागू हुआ व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता भारत और एफ्टा देशों के बीच हुआ था, और यह यूरोप के किसी भी आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता है। स्विट्जरलैंड एफ्टा का सदस्य है और स्विस राष्ट्रपति ने इस समझौते को व्यक्तिगत समर्थन दिया था, इसीलिए शिखर बैठक के वक्तव्य में इसका विशेष उल्लेख हुआ। विकल्प ए गलत है क्योंकि यूरोपीय संघ एक अलग और बहुत बड़ा समूह है और उसके साथ भारत का कोई मुक्त व्यापार समझौता लागू नहीं है। विकल्प सी गलत है क्योंकि बेनेलक्स संघ में बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग आते हैं और वह इस समझौते का पक्षकार नहीं है। विकल्प डी गलत है क्योंकि यूरेशियन आर्थिक संघ पूरी तरह भिन्न समूह है। परीक्षार्थियों को टेपा को एफ्टा तथा उसके निवेश एवं रोजगार लक्ष्यों के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए।
स्विस राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान निम्न में से कौन-सा समझौता घोषित नहीं हुआ?
- A.माइग्रेशन एवं मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौता
- B.यंग प्रोफेशनल्स समझौता
- C.परिवहन, मोबिलिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर समझौता
- D.साझा मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था का समझौता
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सही उत्तर: D. साझा मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था का समझौता
व्याख्या
सही उत्तर साझा मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था का समझौता है, क्योंकि ऐसा कोई समझौता घोषित नहीं हुआ। शिखर बैठक में परिवहन, मोबिलिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर समझौता हुआ, जिसकी पृष्ठभूमि में वाराणसी का रोप-वे, नोएडा का जेवर एयरपोर्ट तथा पहाड़ी क्षेत्रों की रेल और सुरंग परियोजनाएं हैं, इसलिए विकल्प सी वास्तविक है। माइग्रेशन एवं मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौता भी हुआ, जिससे विकल्प ए सही परिणाम है। यंग प्रोफेशनल्स समझौता भी किया गया, जिससे भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के लिए स्विट्जरलैंड में नए अवसर खुलेंगे, अतः विकल्प बी भी वास्तविक है। इनके साथ भारतीय साइंस स्टार्ट-अप की क्षमता निर्माण के लिए ज्यूरिक विश्वविद्यालय से करार का स्वागत किया गया। ऐसे प्रश्नों में परीक्षक यही देखता है कि अभ्यर्थी वास्तव में घोषित समझौतों और सुनने में सही लगने वाले गढ़े गए विकल्पों में अंतर कर पाता है या नहीं, इसलिए तीन समझौतों तथा विश्वविद्यालय करार की सूची को एक समूह के रूप में याद रखना ही इसकी कुंजी है। मुद्रा अदला-बदली जैसी व्यवस्थाएं सामान्यतः केंद्रीय बैंकों के बीच होती हैं और इस शिखर बैठक के परिणामों में उनका कोई उल्लेख नहीं था।
अगले वर्ष स्विट्जरलैंड जिस एआई समिट का आयोजन करेगा, वह किस शहर में होगी?
- A.ज्यूरिक
- B.बर्न
- C.जिनेवा
- D.दावोस
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सही उत्तर: C. जिनेवा
व्याख्या
सही उत्तर जिनेवा है। भारत ने बताया कि इस वर्ष फरवरी में उसने विश्व की सबसे बड़ी एआई समिट आयोजित की थी और अगले वर्ष स्विट्जरलैंड जिनेवा एआई समिट के माध्यम से इस यात्रा को आगे बढ़ाएगा। दोनों देश एआई को जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने के पक्ष में हैं। विकल्प ए यानी ज्यूरिक एक भ्रमित करने वाला विकल्प है, क्योंकि ज्यूरिक विश्वविद्यालय से भारतीय साइंस स्टार्ट-अप की क्षमता निर्माण का अलग करार हुआ है, जो इसी बैठक का दूसरा परिणाम है। विकल्प बी यानी बर्न स्विट्जरलैंड की राजधानी है, पर उसे आयोजन स्थल नहीं बताया गया। विकल्प डी यानी दावोस विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के कारण प्रसिद्ध है, इसलिए आकर्षक लगता है, लेकिन इस घोषणा से उसका कोई संबंध नहीं है।
153वीं IPU सभा में भारतीय दल के नेता निम्नलिखित में से किस मंच में भाग नहीं लेंगे?
- A.गवर्निंग काउंसिल
- B.सामान्य चर्चा
- C.आपातकालीन विषय पर चर्चा
- D.संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव
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सही उत्तर: D. संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव
व्याख्या
सही उत्तर संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव है, जिसका इस सभा से कोई संबंध नहीं है। अंतर-संसदीय संघ राष्ट्रीय संसदों का वैश्विक संगठन है और अपने मामले स्वयं चलाता है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र में होने वाला कोई चुनाव उसके कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होता। विकल्प A, B और C वे तीनों मंच हैं जिनमें भारतीय दल के नेता यानी राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे — गवर्निंग काउंसिल, जो संगठन के निर्णय लेती है; सामान्य चर्चा, जो सभा के विषय पर होती है; और आपातकालीन विषय पर चर्चा, जिसके ज़रिये कोई ज़रूरी वैश्विक प्रश्न तुरंत उठाया जा सकता है। इसके अलावा वे IPU अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की सुनवाई में भी बैठेंगे। भारतीय दल के बाकी सदस्य लोकतंत्र, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों के पैनल और कार्यशालाओं में भाग लेंगे।
153वीं IPU सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहा है?
- A.लोकसभा अध्यक्ष
- B.राज्यसभा के उपसभापति
- C.लोकसभा में विपक्ष के नेता
- D.विदेश मंत्री
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सही उत्तर: B. राज्यसभा के उपसभापति
व्याख्या
सही उत्तर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश हैं, जो अरुषा गए नौ सदस्यीय दल के मुखिया हैं। वे अंतर-संसदीय संघ की गवर्निंग काउंसिल में बैठेंगे, सामान्य चर्चा तथा आपातकालीन विषय पर हुई चर्चा में बोलेंगे और IPU अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की सुनवाई में भी शामिल होंगे। विकल्प A यानी लोकसभा अध्यक्ष अक्सर विदेश जाने वाले भारतीय संसदीय दलों का नेतृत्व करते हैं, इसलिए यह विकल्प आकर्षक लगता है, लेकिन इस बार नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति के पास है। विकल्प C यानी लोकसभा में विपक्ष के नेता की यहाँ कोई ऐसी भूमिका नहीं है। विकल्प D यानी विदेश मंत्री सरकार के अंग हैं, संसदीय प्रतिनिधिमंडल के नहीं; यह सभा सरकारों की नहीं, संसदों की बैठक है और इसकी घोषणा राज्यसभा सचिवालय ने की थी।