बायोफोर्टिफाइड बैंगनी गूदे वाली आलू किस्म कुफरी जामुनिया किस वर्ष आधिकारिक रूप से जारी की गई थी?
- A.2018
- B.2021
- C.2024
- D.2026
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2024 है। आईसीएआर-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान ने बैंगनी गूदे वाली बायोफोर्टिफाइड किस्म कुफरी जामुनिया इसी वर्ष जारी की थी और इसमें संस्थान की दोनों पुरानी रंगीन किस्मों से अधिक एस्कॉर्बिक एसिड, एंथोसायनिन तथा कैरोटीनॉयड पाया जाता है। विकल्प A उस कुफरी नीलकंठ का वर्ष है, जो संस्थान की पहली बैंगनी छिलके वाली विशेष किस्म थी और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के लिए अनुशंसित है। विकल्प B कुफरी माणिक का वर्ष है, जिसके गोल और गहरे लाल कंदों का गूदा पीला होता है तथा उसमें एंथोसायनिन, जिंक और आयरन अधिक रहते हैं। विकल्प D उस बैकग्राउंडर का वर्ष है जिसमें इस किस्म का विवरण दिया गया, जारी होने का वर्ष नहीं, इसलिए वह भी गलत है। परीक्षा के लिए तीनों रंगीन किस्मों के नाम और वर्ष एक साथ याद रखना सबसे उपयोगी रहता है।
पूरा लेख पढ़ें: कुफरी जामुनिया: आईसीएआर-सीपीआरआई का बैंगनी आलू
अभ्यास प्रश्न
कुफरी जामुनिया के गूदे में प्रति 100 ग्राम कितना विटामिन सी पाया जाता है?
- A.23.15 मिलीग्राम
- B.32.23 मिलीग्राम
- C.42.75 मिलीग्राम
- D.80.66 मिलीग्राम
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कुफरी जामुनिया के गूदे में प्रति 100 ग्राम इतना ही विटामिन सी, यानी एस्कॉर्बिक एसिड, मिलता है, जो पारंपरिक पीले छिलके वाले आलू की मात्रा से लगभग दोगुना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुशंसित कृषि पद्धतियों के तहत कुफरी जामुनिया की उपज कितनी बताई गई है?
- A.12-15 टन प्रति हेक्टेयर
- B.22-25 टन प्रति हेक्टेयर
- C.32-35 टन प्रति हेक्टेयर
- D.52-55 टन प्रति हेक्टेयर
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अनुशंसित कृषि पद्धतियां अपनाने पर यह किस्म इतनी उपज देती है और परीक्षणों में कुल उत्पादन का करीब 90% हिस्सा विपणन योग्य निकला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कॉन्क्लेव में बताया गया कि एसटीपीआई किस वर्ष से भारत के आईटी एवं आईटीईएस उद्योग के विकास में सहयोग कर रहा है?
- A.1986
- B.1991
- C.1998
- D.2005
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एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने कॉन्क्लेव में कहा कि संगठन उसी वर्ष से देश के आईटी तथा आईटीईएस उद्योग के विकास में निर्णायक भूमिका निभाता आया है, और अब स्वदेशी नवाचार तथा उद्यमिता के जरिये वही सफलता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में दोहराई जा सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →टेक कॉन्क्लेव में मुख्य भाषण देने वाले श्री एस. कृष्णन किस पद पर हैं?
- A.महानिदेशक, एसटीपीआई
- B.निदेशक, आईआईटी (बीएचयू)
- C.सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- D.मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन
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श्री एस. कृष्णन ने इसी पद से बोलते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ा सकती है, नैदानिक निर्णय मजबूत कर सकती है और सेवाओं की आपूर्ति सुधार सकती है, विशेष रूप से उन समुदायों के लिए जिन तक स्वास्थ्य सुविधाएं कम पहुंचती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मेइटीवाई के अधीन किस संगठन ने सीआईआईई, आईआईटी (बीएचयू) के साथ एआई फॉर हेल्थ एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज पर टेक कॉन्क्लेव किया?
- A.राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी)
- B.सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई)
- C.सी-डैक
- D.अर्नेट इंडिया
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यह इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करने वाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संगठन है और इसने आईआईटी (बीएचयू) के नवाचार, इन्क्यूबेशन एवं उद्यमिता केंद्र के साथ मिलकर वाराणसी स्थित संस्थान परिसर में एआई फॉर हेल्थ एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज विषय पर यह कॉन्क्लेव किया।
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