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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अनुशंसित कृषि पद्धतियों के तहत कुफरी जामुनिया की उपज कितनी बताई गई है?

  1. A.12-15 टन प्रति हेक्टेयर
  2. B.22-25 टन प्रति हेक्टेयर
  3. C.32-35 टन प्रति हेक्टेयर
  4. D.52-55 टन प्रति हेक्टेयर

सही उत्तर

C. 32-35 टन प्रति हेक्टेयर

व्याख्या

सही उत्तर 32-35 टन प्रति हेक्टेयर है। अनुशंसित कृषि पद्धतियां अपनाने पर यह किस्म इतनी उपज देती है और परीक्षणों में कुल उत्पादन का करीब 90% हिस्सा विपणन योग्य निकला। बाकी तीनों श्रेणियां इस किस्म के लिए दर्ज नहीं हैं। 90 दिन की अवधि के स्टेशन परीक्षणों में उपज इससे ऊंची, लगभग 49 टन प्रति हेक्टेयर, दर्ज हुई थी, इसलिए विकल्प D उस परीक्षण आंकड़े के करीब दिखने पर भी पूछी गई अनुशंसित उपज नहीं है। हर पौधे से 10-12 मध्यम से बड़े कंद मिलते हैं, जो आयताकार, उथली आंखों वाले और भुरभुरी संरचना के होते हैं। 6-8 सप्ताह की सुप्तावस्था के कारण कंद जल्दी अंकुरित नहीं होते और भंडारण में सड़न तथा वजन की हानि कम रहती है, जो खाने के लिए तैयार की गई किस्म में महत्वपूर्ण है।

पूरा लेख पढ़ें: कुफरी जामुनिया: आईसीएआर-सीपीआरआई का बैंगनी आलू

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

बायोफोर्टिफाइड बैंगनी गूदे वाली आलू किस्म कुफरी जामुनिया किस वर्ष आधिकारिक रूप से जारी की गई थी?

  1. A.2018
  2. B.2021
  3. C.2024
  4. D.2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2024

आईसीएआर-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान ने बैंगनी गूदे वाली बायोफोर्टिफाइड किस्म कुफरी जामुनिया इसी वर्ष जारी की थी और इसमें संस्थान की दोनों पुरानी रंगीन किस्मों से अधिक एस्कॉर्बिक एसिड, एंथोसायनिन तथा कैरोटीनॉयड पाया जाता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कुफरी जामुनिया के गूदे में प्रति 100 ग्राम कितना विटामिन सी पाया जाता है?

  1. A.23.15 मिलीग्राम
  2. B.32.23 मिलीग्राम
  3. C.42.75 मिलीग्राम
  4. D.80.66 मिलीग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 42.75 मिलीग्राम

कुफरी जामुनिया के गूदे में प्रति 100 ग्राम इतना ही विटामिन सी, यानी एस्कॉर्बिक एसिड, मिलता है, जो पारंपरिक पीले छिलके वाले आलू की मात्रा से लगभग दोगुना है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कॉन्क्लेव में बताया गया कि एसटीपीआई किस वर्ष से भारत के आईटी एवं आईटीईएस उद्योग के विकास में सहयोग कर रहा है?

  1. A.1986
  2. B.1991
  3. C.1998
  4. D.2005
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1991

एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने कॉन्क्लेव में कहा कि संगठन उसी वर्ष से देश के आईटी तथा आईटीईएस उद्योग के विकास में निर्णायक भूमिका निभाता आया है, और अब स्वदेशी नवाचार तथा उद्यमिता के जरिये वही सफलता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में दोहराई जा सकती है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

टेक कॉन्क्लेव में मुख्य भाषण देने वाले श्री एस. कृष्णन किस पद पर हैं?

  1. A.महानिदेशक, एसटीपीआई
  2. B.निदेशक, आईआईटी (बीएचयू)
  3. C.सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

श्री एस. कृष्णन ने इसी पद से बोलते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ा सकती है, नैदानिक निर्णय मजबूत कर सकती है और सेवाओं की आपूर्ति सुधार सकती है, विशेष रूप से उन समुदायों के लिए जिन तक स्वास्थ्य सुविधाएं कम पहुंचती हैं।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

मेइटीवाई के अधीन किस संगठन ने सीआईआईई, आईआईटी (बीएचयू) के साथ एआई फॉर हेल्थ एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज पर टेक कॉन्क्लेव किया?

  1. A.राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी)
  2. B.सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई)
  3. C.सी-डैक
  4. D.अर्नेट इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई)

यह इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करने वाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संगठन है और इसने आईआईटी (बीएचयू) के नवाचार, इन्क्यूबेशन एवं उद्यमिता केंद्र के साथ मिलकर वाराणसी स्थित संस्थान परिसर में एआई फॉर हेल्थ एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज विषय पर यह कॉन्क्लेव किया।