बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए 26 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में किस समिति की बैठक हुई?
- A.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- B.राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति
- C.राष्ट्रीय कार्यकारी समिति
- D.सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति है। कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने इसकी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आने वाले चक्रवात के लिए केंद्र तथा तटीय राज्यों की तैयारियों की समीक्षा हुई; प्रभावित राज्यों के मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह सचिव तथा एनडीआरएफ, आईएमडी और तटरक्षक बल के प्रमुख इसमें शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एक अलग संस्था है, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, और इस बैठक में उसके सदस्य तथा सचिव शामिल हुए थे। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय कार्यकारी समिति आपदा प्रबंधन कानून के तहत एक अलग व्यवस्था है और यह बैठक उसकी नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति रक्षा तथा रणनीतिक विषयों से जुड़ी है। परीक्षा के लिए याद रखें: एनसीएमसी के अध्यक्ष कैबिनेट सचिव होते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: चक्रवात अर्नब: एनसीएमसी ने तैयारियों की समीक्षा की
अभ्यास प्रश्न
चक्रवाती तूफान अर्नब के किन दो स्थानों के बीच तट पार करने का अनुमान था?
- A.पुरी और पारादीप
- B.बापटला और विशाखापत्तनम
- C.चेन्नई और नेल्लोर
- D.काकीनाडा और मछलीपट्टनम
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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने समिति को बताया कि तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के बाद उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ेगा और 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक इन दोनों स्थानों के बीच आंध्र प्रदेश तथा यनम के तटों को बहुत भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तट पार करते समय चक्रवात अर्नब की तीव्रता और हवा की गति क्या अनुमानित थी?
- A.भीषण चक्रवाती तूफान, 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा, झोंके 110
- B.बहुत भीषण चक्रवाती तूफान, 115-125 किलोमीटर प्रति घंटा, झोंके 140
- C.अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान, 170-180 किलोमीटर प्रति घंटा, झोंके 200
- D.चक्रवाती तूफान, 65-75 किलोमीटर प्रति घंटा, झोंके 85
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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक आंध्र प्रदेश तथा यनम के तटों को पार करते समय यही तीव्रता बताई थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी प्राधिकरण के लिए कितनी शुरुआती वैधता और प्रवेश शुल्क सुझाया है?
- A.10 वर्ष वैधता और 10 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- B.20 वर्ष वैधता और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- C.15 वर्ष वैधता और 5 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- D.असीमित वैधता और कोई शुल्क नहीं
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इसके साथ नियामक ने 10,000 रुपये का आवेदन प्रसंस्करण शुल्क, राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र तथा कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा न होने का सुझाव दिया है, जिससे यह व्यवस्था हल्की बनती है और ऐसी सेवा के अनुकूल है जिसे बहुत कम भौतिक ढांचे की जरूरत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी सेवा को टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी किस कानून के तहत बनाने की सिफारिश की है?
- A.ट्राई अधिनियम, 1997
- B.केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995
- C.दूरसंचार अधिनियम, 2023
- D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
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ट्राई की सिफारिश है कि एएलटीडी सेवा को इसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के तहत बने प्रसारण प्राधिकरण ढांचे में टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी बनाया जाए और विस्तृत शर्तें धारा 56 के नियमों के रूप में अधिसूचित हों।
पूरी व्याख्या पढ़ें →26 अक्टूबर 2026 को जारी ट्राई की सिफारिशों में एएलटीडी का पूरा रूप क्या है?
- A.उन्नत रैखिक टेलीविजन प्रसार
- B.ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण
- C.दर्शक संबद्ध टेलीविजन आंकड़े
- D.संबोधनीय स्थानीय टेलीविजन वितरण
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ट्राई ने यही नाम चुना, क्योंकि जिन सेवाओं की उसने जांच की वे निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक इंटरनेट या अन्य आईपी नेटवर्क से ऐप, वेबसाइट या ऐसे ही इंटरफेस के जरिए दर्शकों तक पहुंचाती हैं, चाहे ऐप टेलीविजन सेट में पहले से मौजूद हो…
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