बनासकांठा का नया अनुसंधान केंद्र किस नस्ल के लिए देश की पहली समर्पित सुविधा है?
- A.साहीवाल गोवंश
- B.कांकरेज गोवंश
- C.मुर्रा भैंस
- D.जाफराबादी भैंस
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर कांकरेज गोवंश है। बनासकांठा का यह अनुसंधान केंद्र राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशी पशु नस्लों के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रजनन पर काम करेगा और कांकरेज नस्ल के लिए यह देश की पहली ऐसी सुविधा है। विकल्प ए, सी और डी इस विशेष प्रश्न के उत्तर के रूप में गलत हैं, जबकि ये तीनों नस्लें भी केंद्र के कार्यक्षेत्र में आती हैं: गिर और साहीवाल इसकी सूची में शामिल अन्य गोवंश हैं, तथा मुर्रा, मेहसाणा और जाफराबादी इसकी भैंस नस्लें हैं। केंद्र में आईवीएफ तकनीक का उपयोग होगा, जिससे अधिक दूध देने वाले पशु के गुण अगली पीढ़ी तक पहुंच सकें। नस्लों की पूरी सूची और पहली सुविधा वाली नस्ल, दोनों याद रखें, क्योंकि शेष नस्लें ही विकल्पों में भ्रम पैदा करती हैं।
पूरा लेख पढ़ें: बनासकांठा में 14,000 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत
अभ्यास प्रश्न
30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में कितने मूल्य की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया?
- A.6,500 करोड़ रुपये से अधिक
- B.14,000 करोड़ रुपये से अधिक
- C.21,000 करोड़ रुपये से अधिक
- D.35,000 करोड़ रुपये से अधिक
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बनासकांठा में इसी कुल मूल्य की परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया गया, जिनमें डेयरी अनुसंधान केंद्र, दो बायो-सीएनजी संयंत्र, दो रेल सेवाएं, मेट्रो विस्तार, राजमार्ग चौड़ीकरण और हजारों आंगनवाड़ी केंद्र शामिल थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बनासकांठा कार्यक्रम में निम्नलिखित में से किस रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई गई?
- A.अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस
- B.अहमदाबाद-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस
- C.मेहसाणा-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- D.सूरत-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस
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बनासकांठा के कार्यक्रम से दो रेल सेवाएं शुरू की गईं, यह एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू सेवा। उसी दिन अहमदाबाद मेट्रो को गिफ्ट सिटी तथा हवाई अड्डे तक बढ़ाने की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और अहमदाबाद-मेहसाणा राजमार्ग को चार लेन से आठ लेन करने की घोषणा हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दोनों कार्रवाइयों में डीआरआई को किस बल ने परिचालन सहायता दी?
- A.सीमा सुरक्षा बल
- B.केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल
- C.भारत-तिब्बत सीमा पुलिस
- D.असम राइफल्स
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29 अक्टूबर 2026 को आइजोल के बाहर और 30 अक्टूबर 2026 को धोलाई में, दोनों ही कार्रवाइयों में राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने असम राइफल्स के साथ मिलकर काम किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दोनों अभियानों में पकड़े गए 50 किलोग्राम मेथामफेटामाइन का विभाजन क्या था?
- A.25 किलोग्राम गोलियां और 25 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ
- B.35 किलोग्राम गोलियां और 15 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ
- C.30 किलोग्राम गोलियां और 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ
- D.40 किलोग्राम गोलियां और 10 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ
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पहली कार्रवाई में आइजोल के पास आइजोल-चंफाई मार्ग पर भंडारण कैबिनेट वाली दफ्तरी मेज के भीतर बनी जगह से ईंट जैसे 30 पैकेट मिले, जिनमें गुलाबी-नारंगी गोलियां थीं और वजन 30 किलोग्राम था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्टूबर 2026 में मिजोरम और असम में 50 किलोग्राम मेथामफेटामाइन किस एजेंसी ने जब्त किया?
- A.नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
- B.राजस्व खुफिया निदेशालय
- C.केंद्रीय जांच ब्यूरो
- D.राष्ट्रीय जांच एजेंसी
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वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इस निदेशालय ने मिजोरम और असम में एक के बाद एक दो अभियान चलाए और असम राइफल्स की मदद से कुल 50 किलोग्राम मेथामफेटामाइन पकड़ा, जिसमें कुछ हिस्सा गोलियों के रूप में और कुछ क्रिस्टल मेथ के रूप में था।
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