अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम किस केंद्रीय मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है?
- A.संस्कृति मंत्रालय
- B.शिक्षा मंत्रालय
- C.पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
- D.पर्यटन मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) है। अष्टलक्ष्मी दर्शन इसी मंत्रालय की युवा संपर्क पहल है, जिसके तहत पूर्वोत्तर के बाहर के राज्यों के विद्यार्थियों को क्षेत्र के आठ राज्यों में लाया जाता है, ताकि वे वहां की संस्कृति, संस्थानों और विकास कार्यों को सीधे देख सकें। संचार तथा डोनर मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मिजोरम विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान इसका उल्लेख किया और मंत्रालय ने भागीदारी का आंकड़ा एक वर्ष में 590 से अधिक विद्यार्थी बताया। विकल्प A यानी संस्कृति मंत्रालय गलत है, क्योंकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान इसका उद्देश्य होने पर भी यह संस्कृति क्षेत्र की योजना नहीं है। विकल्प B यानी शिक्षा मंत्रालय गलत है, क्योंकि यह यात्रा किसी पाठ्यक्रम या छात्रवृत्ति व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। विकल्प D यानी पर्यटन मंत्रालय भी गलत है, क्योंकि इसका घोषित लक्ष्य पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकीकरण और युवाओं की भागीदारी है।
पूरा लेख पढ़ें: अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम से 590 विद्यार्थी पूर्वोत्तर पहुंचे
अभ्यास प्रश्न
अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के तहत पिछले एक वर्ष में कितने विद्यार्थी शामिल हुए हैं?
- A.290 से अधिक
- B.450 से अधिक
- C.590 से अधिक
- D.860 से अधिक
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व्याख्या
सही उत्तर 590 से अधिक है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के लिए पिछले एक वर्ष का यही भागीदारी आंकड़ा दिया है और परीक्षा में इसी संख्या के पूछे जाने की संभावना सबसे अधिक है। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से विद्यार्थी आते हैं; मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया मिजोरम विश्वविद्यालय में जिस समूह से मिले, वह गोवा और चंडीगढ़ से आया था। विकल्प A और B में संख्या वास्तविक आंकड़े से कम है, जबकि विकल्प D में यह अधिक बताई गई है, इसलिए तीनों गलत हैं। इस संख्या के साथ तीन बातें जोड़कर याद रखें — कार्यक्रम चलाने वाला मंत्रालय, क्षेत्र के आठ राज्यों को देश की अष्टलक्ष्मी कहने की सोच, और मंत्रालय द्वारा इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ना।
पूर्वोत्तर भारत के लिए प्रयुक्त 'अष्टलक्ष्मी' शब्द में 'अष्ट' किसे दर्शाता है?
- A.क्षेत्र के आठ राज्य
- B.क्षेत्र के आठ सीमावर्ती जिले
- C.क्षेत्र की आठ प्रमुख नदियां
- D.आठ स्वायत्त जनजातीय परिषदें
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व्याख्या
सही उत्तर क्षेत्र के आठ राज्य है। पूर्वोत्तर भारत को देश की अष्टलक्ष्मी कहा जाता है, यानी समृद्धि के आठ रूप, जिनमें क्षेत्र का प्रत्येक राज्य एक रूप माना गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस क्षेत्र के लिए यही संबोधन प्रयोग करते हैं और डोनर मंत्रालय का अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम इसी विचार पर आधारित है — यात्रा पर आए विद्यार्थियों को यह दिखाना कि पूर्वोत्तर देश की समृद्धि का स्रोत है, कोई दूरस्थ छोर नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस शब्द में गिनती राज्यों की होती है, सीमावर्ती जिलों की नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि क्षेत्र की नदियां महत्वपूर्ण होने पर भी इस नाम का आधार नहीं हैं। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि स्वायत्त जनजातीय परिषदें इनमें से कुछ राज्यों की संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा हैं और अष्टलक्ष्मी में गिने गए आठ का अर्थ वे नहीं हैं।
खादी कताई में एक लच्छी सूत की लंबाई कितनी होती है?
- A.640 गज
- B.840 गज
- C.1,000 गज
- D.1,200 गज
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व्याख्या
सही उत्तर 840 गज है। लच्छी वह इकाई है जिससे खादी कातने वाले कारीगर का काम मापा जाता है, और एक लच्छी लंबाई में 840 गज सूत तथा वजन में एक पाउंड के बराबर होती है। यह इकाई इसलिए महत्वपूर्ण है कि कारीगर का पारिश्रमिक इसी के आधार पर दिया जाता है, जो 2013-14 के 4 रुपये प्रति लच्छी से बढ़कर अब 15 रुपये प्रति लच्छी हो गया है, यानी लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि। विकल्प ए यानी 640 गज, विकल्प सी यानी 1,000 गज और विकल्प डी यानी 1,200 गज लच्छी का माप नहीं हैं, और जो अभ्यर्थी केवल गोल आंकड़ा याद रखते हैं वे गणना में चूक जाते हैं। खादी क्षेत्र के लगभग पांच लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, इसलिए यह मजदूरी इकाई बड़ी संख्या में महिला कारीगरों की कमाई तय करती है। दोनों माप साथ याद रखें, लंबाई में 840 गज और वजन में एक पाउंड।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग किस वर्ष के अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक निकाय है?
- A.1948
- B.1951
- C.1956
- D.1962
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व्याख्या
सही उत्तर 1956 है। केवीआईसी इसी वर्ष बने खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक निकाय है, और यही अधिनियम आयोग को ग्रामीण उद्योगों की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने, सुगम बनाने, संगठित करने तथा सहायता देने का अधिकार देता है। इसी दायरे में प्रशिक्षण, कच्चा माल, विपणन, अनुसंधान और गुणवत्ता सुधार के उपाय आते हैं, साथ ही कौशल विकास और तकनीकी जानकारी देना भी शामिल है। बाकी वर्ष इस अधिनियम से नहीं जुड़े हैं। विकल्प ए यानी 1948 स्वतंत्रता के तुरंत बाद के औद्योगिक नीति वक्तव्य से जुड़ा वर्ष है, इस आयोग से नहीं। विकल्प बी यानी 1951 देश में नियोजित विकास की शुरुआत से जोड़ा जाता है, खादी कानून से नहीं। विकल्प डी यानी 1962 आयोग की स्थापना के बाद का वर्ष है और इसके मूल कानून से इसका कोई संबंध नहीं है। परीक्षा के लिए यह भी याद रखें कि आयोग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन काम करता है।
वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री कितनी रही?
- A.1.87 लाख करोड़ रुपये
- B.1.25 लाख करोड़ रुपये
- C.2.04 लाख करोड़ रुपये
- D.1.45 लाख करोड़ रुपये
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व्याख्या
सही उत्तर 1.87 लाख करोड़ रुपये है। वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री इसी स्तर पर पहुंची, जो इस क्षेत्र का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है और इसकी गणना मई 2026 तक की गई है। 2013-14 की तुलना में यह बिक्री 501 प्रतिशत अधिक है, इसलिए इसे सामान्य वृद्धि नहीं, बल्कि रिकॉर्ड कहा गया है। विकल्प बी यानी 1.25 लाख करोड़ रुपये बिक्री को उत्पादन से मिला देता है, क्योंकि उत्पादन 380 प्रतिशत बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये हुआ था। विकल्प सी यानी 2.04 लाख करोड़ रुपये रोजगार के आंकड़े से भ्रम पैदा करता है, क्योंकि क्षेत्र में रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ लोगों तक पहुंचा है, जो पैसा नहीं बल्कि लोगों की गिनती है। विकल्प डी यानी 1.45 लाख करोड़ रुपये उन 1,45,484 कारीगरों से जुड़ा भ्रम है, जिन्हें 2024-25 में खादी संस्थानों को दी गई सहायता से लाभ मिला। इसलिए केवल पहला विकल्प वर्ष की बिक्री बताता है।