अपतटीय खनिज ब्लॉक नीलामी में लेनदेन सलाहकार कौन है?
- A.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- B.एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड
- C.एमएसटीसी
- D.राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड है, जो लेनदेन सलाहकार के रूप में काम कर रही है और जिसने कार्यक्रम में नीतिगत ढांचा, नीलामी प्रक्रिया तथा बोली की शर्तें समझाईं। शेष तीनों विकल्प इसी कार्यक्रम में शामिल थे, परंतु उनकी भूमिका अलग थी, इसीलिए वे आकर्षक भ्रामक विकल्प बनते हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने दोनों ब्लॉकों की भूवैज्ञानिक विशेषताएं और खनिज संभावना प्रस्तुत की। एमएसटीसी नीलामी मंच उपलब्ध कराती है और उसने दस्तावेज खरीदने तथा बोली जमा करने की प्रक्रिया दिखाई। राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास ने समग्र लाइसेंस धारकों को अन्वेषण खर्च की आंशिक वापसी देने वाली योजना बताई। नीलामी से जुड़े प्रश्न अक्सर इसी विभाजन पर पूछे जाते हैं। इसलिए सलाहकार, मंच और अन्वेषण सहायता देने वाली संस्था के नाम अलग-अलग याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न किसी एक भूमिका पर बन सकता है।
पूरा लेख पढ़ें: अंडमान सागर के दो अपतटीय खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए पेश
अभ्यास प्रश्न
खान मंत्रालय द्वारा नीलामी में रखे गए दोनों अपतटीय खनिज ब्लॉक किस सागर में स्थित हैं?
- A.अरब सागर
- B.अंडमान सागर
- C.लक्षद्वीप सागर
- D.ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी
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व्याख्या
सही उत्तर अंडमान सागर है। नीलामी में रखे गए दोनों ब्लॉक, सीवेल राइज-01 और वेस्ट सीवेल रिज-01, अंडमान सागर में स्थित हैं और दोनों में बहुधात्विक पिंड तथा परत मिलते हैं। सीवेल राइज-01 का क्षेत्र 632 वर्ग किलोमीटर और वेस्ट सीवेल रिज-01 का 1,000 वर्ग किलोमीटर है, इसलिए नीलामी कुल 1,632 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की है। प्रत्येक ब्लॉक समग्र लाइसेंस के लिए पेश किया गया है, जिसके तहत धारक पहले अन्वेषण करता है और फिर उत्पादन की दिशा में बढ़ता है। शेष विकल्प गलत हैं, क्योंकि 1 अक्टूबर 2026 को जारी निविदा आमंत्रण सूचना में अरब सागर, लक्षद्वीप सागर या ओडिशा तट के किसी ब्लॉक को शामिल नहीं किया गया था। ब्लॉकों के नाम के साथ निकल, कोबाल्ट, तांबा और मैंगनीज भी याद रखें।
नीलामी में रखे गए दोनों अपतटीय खनिज ब्लॉकों का कुल क्षेत्र कितना है?
- A.632 वर्ग किलोमीटर
- B.1,000 वर्ग किलोमीटर
- C.1,632 वर्ग किलोमीटर
- D.2,632 वर्ग किलोमीटर
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व्याख्या
सही उत्तर 1,632 वर्ग किलोमीटर है। इसमें सीवेल राइज-01 का हिस्सा 632 वर्ग किलोमीटर है और वेस्ट सीवेल रिज-01 का 1,000 वर्ग किलोमीटर, इसलिए दोनों मिलकर पूछा गया आंकड़ा बनाते हैं। विकल्प क केवल छोटे ब्लॉक का क्षेत्र देता है और विकल्प ख केवल बड़े ब्लॉक का, इसलिए दोनों गलत हैं, जबकि विकल्प घ दोनों का जोड़ ही नहीं है। मंत्रालय ने संभावित बोलीदाताओं की राय सुनकर ब्लॉकों की सीमाएं नए सिरे से तय की थीं और पिंड तथा परत वाले ब्लॉकों का क्षेत्र बढ़ाया था, जिससे समुद्र में अन्वेषण के लिए अधिक गुंजाइश बने। दोनों ब्लॉक अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 के अंतर्गत समग्र लाइसेंस के लिए पेश हैं। प्रत्येक ब्लॉक का अलग क्षेत्र भी याद रखें।
भारत के अपतटीय खनिज ब्लॉकों की नीलामी किस अधिनियम के अंतर्गत होती है?
- A.खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957
- B.अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002
- C.राज्यक्षेत्रीय जलसीमा अधिनियम, 1976
- D.तटीय विनियमन क्षेत्र अधिनियम, 2011
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व्याख्या
सही उत्तर अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 है, जिसमें 2023 में संशोधन हुआ और जिसके साथ अपतटीय क्षेत्र खनिज (नीलामी) नियम, 2024 लागू होते हैं। इस ढांचे का उद्देश्य समुद्र तल के खनिज संसाधनों के आवंटन में पारदर्शिता रखना और देश की अपतटीय संभावना का क्रमबद्ध अन्वेषण कराना है। शेष विकल्प इस नीलामी के लिए गलत हैं, क्योंकि 1957 का अधिनियम भूमि पर खनिज रियायतों से जुड़ा है और अन्य दो विकल्प अपतटीय ब्लॉकों की नीलामी का प्रावधान नहीं करते। कानून के साथ तिथियां भी याद रखें: दस्तावेजों की बिक्री 1 अक्टूबर 2026 से, पूर्व-बोली सम्मेलन 4 नवंबर 2026, प्रश्नों की अंतिम तिथि 13 नवंबर 2026, दस्तावेज खरीद 21 दिसंबर 2026 तक और बोली 28 दिसंबर 2026 तक।
ईपीएफओ ने विभागीय अधिकारियों और नियोक्ताओं को माफी प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण किस अकादमी में दिया?
- A.लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी
- B.पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी
- C.राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी
- D.राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान
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व्याख्या
सही उत्तर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी है, जिसे संक्षेप में पीडीयूएनएएसएस कहा जाता है। प्रशिक्षण दो तरह से दिया गया, ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से और इस अकादमी में प्रत्यक्ष रूप से, जिसमें विभागीय अधिकारी तथा नियोक्ता दोनों शामिल थे, जबकि मुख्यालय के छूट प्रभाग ने देशभर में तैनात क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए विशेष हाइब्रिड कार्यक्रम चलाए। विकल्प क, मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करती है और यहां इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प ग, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी, अप्रत्यक्ष कर के प्रशिक्षण से जुड़ी है। विकल्प घ, राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन पर काम करता है। इसके साथ ईपीएफओ ने सीआईआई, आईसीएआई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ सेमिनार भी किए।
माफी योजना, 2026 के तहत नियमित होने वाले ट्रस्ट को इनमें से किस शर्त से राहत नहीं मिलती?
- A.कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या
- B.निधि की राशि
- C.तीन वर्ष के अनुपालन का नियम
- D.आयकर विभाग से मान्यता
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व्याख्या
सही उत्तर आयकर विभाग से मान्यता है। इस मान्यता से कोई राहत नहीं दी जाती, बल्कि यह वह अनिवार्य योग्यता है जो ट्रस्ट के पास पहले से होनी चाहिए, क्योंकि यह योजना उन ट्रस्टों के लिए है जिन्हें आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता मिली है पर जिनके पास औपचारिक छूट आदेश नहीं है। विकल्प क, ख और ग सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की उन तीन वैधानिक शर्तों को बताते हैं जिनसे योजना राहत देती है, अर्थात कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, निधि की राशि और तीन वर्ष के अनुपालन का नियम। एक और लाभ ध्यान देने योग्य है कि नियमित होने के बाद ट्रस्ट को परिचालन में पूरी लचीलापन मिलती है और वह छूट प्राप्त या गैर छूट प्राप्त, दोनों रूपों में अनुपालन कर सकता है। योजना का उद्देश्य यही है कि मान्यता प्राप्त ट्रस्टों को मिलने वाले आयकर लाभ बिना रुकावट जारी रहें।