अपने बधाई संदेश में प्रधानमंत्री ने भारत-ब्राजील रिश्ते को किस रूप में बताया?
- A.व्यापक आर्थिक साझेदारी
- B.बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी
- C.विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी
- D.असैन्य परमाणु साझेदारी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे राष्ट्रपति लूला के साथ निकट सहयोग करते हुए बहुआयामी भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा तथा व्यापक बनाना चाहते हैं, और संदेश में रिश्ते के लिए यही शब्दावली प्रयोग हुई है। विकल्प A व्यापक आर्थिक साझेदारी मुख्यतः व्यापार से जुड़े समझौते का नाम है और वह इस संदेश के दायरे से संकरा है, क्योंकि यहाँ अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग की बात कही गई है, केवल व्यापार की नहीं। विकल्प C विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी एक अलग शब्दावली है और इस संदेश में कहीं नहीं आई। विकल्प D असैन्य परमाणु साझेदारी एक ही क्षेत्र तक सीमित है, इसलिए वह उस रिश्ते का नाम नहीं हो सकती, जिसे प्रधानमंत्री ने बहुआयामी कहा। यहाँ कुंजी शब्द बहुआयामी है, जो एक साथ कई क्षेत्रों में फैलाव दर्शाता है।
पूरा लेख पढ़ें: लूला डा सिल्वा दोबारा ब्राजील के राष्ट्रपति चुने गए
अभ्यास प्रश्न
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिन लूइज इनासियो लूला डा सिल्वा को बधाई दी, वे किस देश के राष्ट्रपति दोबारा चुने गए?
- A.अर्जेंटीना
- B.ब्राजील
- C.चिली
- D.पेरू
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लूइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीता और भारत के प्रधानमंत्री ने 26 अक्टूबर 2026 को उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा इस नतीजे को उल्लेखनीय पुनर्निर्वाचन कहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ब्राजील किसकी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे?
- A.जी-7
- B.ग्लोबल साउथ
- C.राष्ट्रमंडल
- D.यूरोपीय संघ
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प्रधानमंत्री ने लिखा कि दोनों देश अलग-अलग क्षेत्रों में अपना सहयोग मजबूत करते रहेंगे, ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे और अधिक समावेशी, न्यायसंगत तथा संवहनीय दुनिया की दिशा में काम करेंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीयूष गोयल की नीदरलैंड में बातचीत की पृष्ठभूमि में कौन सा व्यापार समझौता था?
- A.भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता
- B.भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता
- C.भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता
- D.क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी
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मंत्री के रॉटरडम बंदरगाह दौरे को साफ तौर पर इसी समझौते की पृष्ठभूमि में रखा गया, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े नए अवसर बनने की उम्मीद है; इसके बाद नीदरलैंड के विश्वस्तरीय बंदरगाह, उसका लॉजिस्टिक्स ढांचा और यूरोपीय बाजारों से जुड़ाव बढ़े हुए व्यापार को संभालने तथा भारत-यूरोप आपूर्ति…
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीदरलैंड में हुई बातचीत के समय पीयूष गोयल के पास कौन सा विभाग है?
- A.विदेश मंत्रालय
- B.वाणिज्य एवं उद्योग
- C.वित्त मंत्रालय
- D.पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग
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पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं, और इसी नाते उन्होंने नीदरलैंड की यात्रा शुरू की, जिसका मकसद आर्थिक रिश्ते मजबूत करना, व्यापार तथा निवेश के नए रास्ते तलाशना और भारतीय समुदाय से जुड़ाव गहरा करना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीयूष गोयल ने किस बंदरगाह का दौरा किया, जो यूरोप का सबसे बड़ा और भारतीय माल के लिए यूरोपीय बाजार का प्रवेश द्वार है?
- A.हैम्बर्ग बंदरगाह
- B.एंटवर्प बंदरगाह
- C.रॉटरडम बंदरगाह
- D.ल हावरे बंदरगाह
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने नीदरलैंड यात्रा के पहले दिन इसके मुख्य कार्यपालक अधिकारी बौडेविन सीमंस के साथ इसका दौरा किया, और इसे यूरोप का सबसे बड़ा बंदरगाह, यूरोपीय बाजार में भारतीय माल का प्रवेश द्वार तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का प्रमुख केंद्र बताया गया है।
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