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GK24
अंतरराष्ट्रीयआसान

अंतर-संसदीय संघ (IPU) की 153वीं सभा किस देश में हो रही है?

  1. A.केन्या
  2. B.संयुक्त गणराज्य तंजानिया
  3. C.युगांडा
  4. D.इथियोपिया

सही उत्तर

B. संयुक्त गणराज्य तंजानिया

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्त गणराज्य तंजानिया है। सभा और उससे जुड़ी बैठकें उसी देश के शहर अरुषा में 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक हो रही हैं, और भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल इसी काम के लिए अरुषा रवाना हुआ। विकल्प A यानी केन्या तंजानिया का पड़ोसी है और पूर्वी अफ्रीका में सम्मेलनों का अक्सर मेज़बान रहता है, लेकिन इस बार वह मेज़बान नहीं है। विकल्प C यानी युगांडा और विकल्प D यानी इथियोपिया भी पूर्वी अफ्रीका के देश हैं और इसी वजह से विश्वसनीय लगते हैं; इनमें से कोई भी इस सभा का आयोजन नहीं कर रहा। परीक्षार्थियों को शहर और देश, दोनों साथ याद रखने चाहिए क्योंकि प्रश्न किसी एक पर भी बन सकता है। यह भी ध्यान रखें कि इस संस्करण का विषय समावेशिता, विश्वास और सबके लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन बढ़ाने तथा समुदायों को सशक्त बनाने पर है, और भारतीय दल का नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति कर रहे हैं।

पूरा लेख पढ़ें: हरिवंश तंजानिया में 153वीं IPU सभा में भारत का नेतृत्व करेंगे

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Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं IPU सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहा है?

  1. A.लोकसभा अध्यक्ष
  2. B.राज्यसभा के उपसभापति
  3. C.लोकसभा में विपक्ष के नेता
  4. D.विदेश मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राज्यसभा के उपसभापति

व्याख्या

सही उत्तर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश हैं, जो अरुषा गए नौ सदस्यीय दल के मुखिया हैं। वे अंतर-संसदीय संघ की गवर्निंग काउंसिल में बैठेंगे, सामान्य चर्चा तथा आपातकालीन विषय पर हुई चर्चा में बोलेंगे और IPU अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की सुनवाई में भी शामिल होंगे। विकल्प A यानी लोकसभा अध्यक्ष अक्सर विदेश जाने वाले भारतीय संसदीय दलों का नेतृत्व करते हैं, इसलिए यह विकल्प आकर्षक लगता है, लेकिन इस बार नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति के पास है। विकल्प C यानी लोकसभा में विपक्ष के नेता की यहाँ कोई ऐसी भूमिका नहीं है। विकल्प D यानी विदेश मंत्री सरकार के अंग हैं, संसदीय प्रतिनिधिमंडल के नहीं; यह सभा सरकारों की नहीं, संसदों की बैठक है और इसकी घोषणा राज्यसभा सचिवालय ने की थी।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं IPU सभा में भारतीय दल के नेता निम्नलिखित में से किस मंच में भाग नहीं लेंगे?

  1. A.गवर्निंग काउंसिल
  2. B.सामान्य चर्चा
  3. C.आपातकालीन विषय पर चर्चा
  4. D.संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव है, जिसका इस सभा से कोई संबंध नहीं है। अंतर-संसदीय संघ राष्ट्रीय संसदों का वैश्विक संगठन है और अपने मामले स्वयं चलाता है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र में होने वाला कोई चुनाव उसके कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होता। विकल्प A, B और C वे तीनों मंच हैं जिनमें भारतीय दल के नेता यानी राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे — गवर्निंग काउंसिल, जो संगठन के निर्णय लेती है; सामान्य चर्चा, जो सभा के विषय पर होती है; और आपातकालीन विषय पर चर्चा, जिसके ज़रिये कोई ज़रूरी वैश्विक प्रश्न तुरंत उठाया जा सकता है। इसके अलावा वे IPU अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की सुनवाई में भी बैठेंगे। भारतीय दल के बाकी सदस्य लोकतंत्र, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों के पैनल और कार्यशालाओं में भाग लेंगे।

Q3.अंतरराष्ट्रीयआसान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में किस देश के मंत्री के साथ कृषि पर द्विपक्षीय बातचीत की?

  1. A.डेनमार्क
  2. B.नीदरलैंड
  3. C.बेल्जियम
  4. D.जर्मनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नीदरलैंड

व्याख्या

सही उत्तर नीदरलैंड है। नीदरलैंड के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्री सिल्वियो एर्केन्स ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और चर्चा में कृषि एवं बागवानी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बीज क्षेत्र में सहयोग, बाजार तक पहुंच तथा कृषि नवाचार के विषय शामिल रहे। विकल्प A डेनमार्क गलत है, भारत का उस देश के साथ हरित साझेदारी में काम होता है, पर इस बातचीत में आए मंत्री डच थे। विकल्प C बेल्जियम भी इसी कारण गलत है और वह विकल्प के रूप में केवल इसलिए रखा जा सकता है कि वह पश्चिमी यूरोप में नीदरलैंड का पड़ोसी है। विकल्प D जर्मनी भी गलत है, क्योंकि इस बैठक में जर्मनी के किसी मंत्री ने हिस्सा नहीं लिया। परीक्षार्थियों को नीदरलैंड को बागवानी और भारतीय कृषि के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि यही जोड़ सबसे अधिक पूछा जाता है।

Q4.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-नीदरलैंड वार्ता में कृषि और बागवानी क्षेत्रों में कितने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति की समीक्षा की गई?

  1. A.15
  2. B.25
  3. C.35
  4. D.50
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 25

व्याख्या

सही उत्तर 25 है। दोनों पक्षों ने कृषि और बागवानी क्षेत्रों में पच्चीस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की दिशा में हुई प्रगति पर चर्चा की और ये केंद्र ही वह मुख्य माध्यम हैं जिनके जरिए बागवानी तथा संरक्षित खेती में डच विशेषज्ञता भारतीय किसानों तक पहुंचती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बातचीत में बताई गई संख्या पंद्रह से अधिक थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह संख्या वास्तविक आंकड़े से आगे निकल जाती है और जिस परीक्षार्थी को केवल इतना याद रहेगा कि संख्या तीस के पार थी, वह ठीक इसी विकल्प में उलझेगा। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, पचास सही आंकड़े का दोगुना है। जब कोई द्विपक्षीय बैठक संस्थानों, परियोजनाओं या केंद्रों की संख्या के इर्द-गिर्द बनी हो, तो प्रश्न लगभग हमेशा उसी संख्या पर आता है, इसलिए दोनों देशों के नाम के साथ वह संख्या भी लिख लें। यहां याद रखने वाला जोड़ है, नीदरलैंड, कृषि और बागवानी तथा पच्चीस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत और नीदरलैंड ने कार्य-योजना के जरिए किस क्षेत्र में सहयोग तलाशने पर सहमति जताई?

  1. A.मत्स्य पालन क्षेत्र
  2. B.डेयरी क्षेत्र
  3. C.बीज क्षेत्र
  4. D.कुक्कुट पालन क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बीज क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर बीज क्षेत्र है। दोनों पक्ष बीज क्षेत्र में साथ काम करने की संभावनाएं तलाशने पर सहमत हुए, जिसके लिए एक कार्य-योजना बनेगी जो सहयोग के मुख्य क्षेत्रों का विवरण देगी और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की स्पष्ट रूपरेखा तय करेगी, और यही इस बातचीत में तय हुआ नया क्षेत्र रहा। विकल्प A मत्स्य पालन उत्तर के रूप में गलत है, भले यह शब्द डच मंत्री के विभाग के नाम में आता है, जिसमें कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति शामिल हैं, मंत्री का विभाग और जिस क्षेत्र में कार्य-योजना तय हुई, ये दो अलग बातें हैं और यह विकल्प ठीक इसी भ्रम के लिए रखा जाता है। विकल्प B डेयरी गलत है, क्योंकि इस बातचीत में डेयरी से जुड़ी कोई कार्य-योजना नहीं आई। विकल्प D कुक्कुट पालन भी इसी तरह गलत है। परीक्षार्थियों के लिए सबक यही है कि किसी मंत्री के विभाग को समझौते के विषय से अलग रखें, क्योंकि प्रश्नपत्र बनाने वाले एक से दूसरे के विकल्प गढ़ते हैं।