अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का समापन किस तिथि को हुआ?
- A.17 सितंबर 2026
- B.2 अक्टूबर 2026
- C.31 अक्टूबर 2026
- D.15 अगस्त 2026
सही उत्तर
B. 2 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 अक्टूबर 2026 है। यह अभियान पखवाड़े भर चला और इसी तिथि को पूरे परिसर में सफाई अभियान, स्वच्छता शपथ तथा सफाई मित्रों के सम्मान के साथ संपन्न हुआ। विकल्प (क) 17 सितंबर 2026 गलत है, क्योंकि यह अभियान के आरंभ की तिथि है, समापन की नहीं, और ऐसे अभियानों पर पूछे जाने वाले प्रश्नों में यही जोड़ी सबसे आम जाल होती है। विकल्प (ग) 31 अक्टूबर 2026 गलत है, क्योंकि यह अगले चरण विशेष अभियान 6.0 की अंतिम तिथि है, जो ई-कचरे पर केंद्रित है। विकल्प (घ) एक असंबंधित राष्ट्रीय तिथि है। अभ्यर्थी आरंभ की तिथि, समापन की तिथि और अगले अभियान की अंतिम तिथि, तीनों को अलग-अलग तथ्यों के रूप में याद रखें। यह भी ध्यान रखें कि समापन की यह तिथि स्वच्छता से जुड़े राष्ट्रीय आयोजनों के क्रम में आती है, इसलिए प्रश्नपत्र में इसे अन्य तिथियों के साथ मिलाकर पूछा जा सकता है।
पूरा लेख पढ़ें: एआईआईए में स्वच्छता ही सेवा 2026 का समापन, अब विशेष अभियान 6.0
अभ्यास प्रश्न
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में संपन्न स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का विषय क्या था?
- A.स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत
- B.स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत
- C.स्वच्छ भारत, हरित भारत
- D.संपूर्ण स्वच्छता अभियान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत
व्याख्या
सही उत्तर स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत है। इसी विषय के साथ अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक पखवाड़े भर का यह अभियान चला, और यह विषय स्वच्छता में भागीदारी को स्वच्छ तथा विकसित भारत के बड़े लक्ष्यों से जोड़ता है। विकल्प (क) स्वास्थ्य से जुड़े अभियानों में प्रचलित नारा है, परंतु इस अभियान का विषय नहीं था। विकल्प (ग) पर्यावरण संबंधी सामान्य संदेशों में इस्तेमाल होने वाला वाक्यांश है और यहाँ बताया गया विषय नहीं है। विकल्प (घ) एक गढ़ा हुआ नाम है। अभ्यर्थी ध्यान रखें कि अभियान का नाम वही रहने पर भी विषय हर वर्ष बदलता है, इसलिए वर्ष और विषय को सदा एक जोड़ी के रूप में दोहराएँ।
31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला विशेष अभियान 6.0 किस प्रकार के कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर केंद्रित है?
- A.प्लास्टिक कचरा
- B.जैव चिकित्सा कचरा
- C.ई-कचरा
- D.निर्माण एवं विध्वंस मलबा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ई-कचरा
व्याख्या
सही उत्तर ई-कचरा है। स्वच्छता ही सेवा अभियान के समापन के बाद अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान विशेष अभियान 6.0 पर बढ़ गया, जो पहले से चल रहा था और 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, और इसका विषय इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण तथा निपटान पर है। विकल्प (क) प्लास्टिक कचरा विषय के रूप में गलत है, हालाँकि पिछले अभियान में रोगियों के लिए हुई जागरूकता बातचीत में एक बार उपयोग वाले प्लास्टिक से बचने की बात शामिल थी। विकल्प (ख) जैव चिकित्सा कचरा यहाँ गलत है, भले ही आयोजक एक चिकित्सा संस्थान और अस्पताल है। विकल्प (घ) भी गलत है। परीक्षा के लिए जोड़ी याद रखें - विशेष अभियान 6.0 और ई-कचरा, तथा अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026।
स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के दौरान अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने किस पहल के तहत पौधरोपण अभियान चलाया?
- A.नगर वन योजना
- B.हरित भारत मिशन
- C.वन महोत्सव
- D.एक पेड़ माँ के नाम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एक पेड़ माँ के नाम
व्याख्या
सही उत्तर एक पेड़ माँ के नाम है। यह पौधरोपण एनटीपीसी क्षेत्र में इसी पहल के अंतर्गत स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग ने कराया, और इसमें संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, डीन तथा शोधार्थी शामिल हुए। विकल्प (क) नगर वन योजना शहरी वानिकी की अलग योजना है और इस पौधरोपण के लिए बताई गई पहल नहीं है। विकल्प (ख) हरित भारत मिशन जलवायु परिवर्तन से जुड़े राष्ट्रीय मिशनों में एक है और यहाँ भी वह पहल नहीं है जिसके तहत पौधे लगाए गए। विकल्प (ग) वन महोत्सव भारत में मनाया जाने वाला वार्षिक वृक्षारोपण पर्व है, जिससे यह विकल्प संभावित लगता है पर गलत है। माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने से जुड़ा नाम याद रखें - एक पेड़ माँ के नाम।
भोपाल में मोरवन परियोजना के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन किस सहकारी संस्था के साथ हुआ?
- A.कृभको
- B.इफको
- C.नेफेड
- D.एनसीडीसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कृभको
व्याख्या
सही उत्तर कृभको है। भोपाल में मोरवन परियोजना के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान कृभको और मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के बीच कार्यक्रम के दौरान हुआ। विकल्प B यानी इफको एक अलग उर्वरक सहकारी संस्था है और इस समझौते में शामिल नहीं थी, हालांकि दोनों नामों की समानता इसे सबसे आकर्षक गलत विकल्प बनाती है। विकल्प C यानी नेफेड कृषि उपज की सहकारी विपणन संस्था है और इस समझौते में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प D यानी राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम सहकारी विकास को वित्त देता है और यहां भी शामिल नहीं था। इसी कार्यक्रम की दो अन्य सहकारी बातें साथ याद रखने योग्य हैं, अर्थात डेयरी क्षेत्र के कार्य के लिए सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की स्थापना और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्रों का वितरण।
गौपालक सम्मेलन में दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़कर प्रतिदिन कितनी हो गई है?
- A.307 ग्राम
- B.395 ग्राम
- C.485 ग्राम
- D.520 ग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 485 ग्राम
व्याख्या
सही उत्तर 485 ग्राम है। देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता लगभग 58 प्रतिशत बढ़ी है, यानी 2014-15 के करीब 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर अब लगभग 485 ग्राम प्रतिदिन, और भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह पुराना आंकड़ा है, वर्तमान नहीं; जो प्रश्न दोनों वर्ष देकर एक आंकड़ा पूछता है वह ठीक इसी अंतर की परीक्षा लेता है। विकल्प B और D गलत हैं, क्योंकि ये वर्तमान आंकड़े के निकटवर्ती अनुमान हैं और बताए गए आंकड़े से मेल नहीं खाते। साथ के आंकड़े भी एक साथ याद रखने योग्य हैं, अर्थात कुल दूध उत्पादन 2014-15 के लगभग 14.60 करोड़ टन से बढ़कर करीब 24.80 करोड़ टन हो गया है और डेयरी निर्यात लगभग 4,666 करोड़ रुपये का है, जो संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब और भूटान जैसे देशों को होता है।