अजमेर का उर्स उत्सव किस सूफी संत की पुण्यतिथि की स्मृति में मनाया जाता है?
- A.ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- B.हजरत निजामुद्दीन
- C.मियाँ मीर
- D.सलीम चिश्ती
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, वह संत जिन्होंने अजमेर में निवास किया और भारत में चिश्ती सिलसिला स्थापित किया, तथा जिनकी दरगाह देश की सर्वाधिक दर्शनीय सूफी दरगाह है। उर्स किसी संत की पुण्यतिथि का पर्व है, जिसे ईश्वर से मिलन माना जाता है, और अजमेर में यह प्रतिवर्ष रजब मास में होता है, जिसमें हर धर्म के लोग आते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उसी सिलसिले के हजरत निजामुद्दीन औलिया दिल्ली में हैं, जहाँ उनका अपना उर्स होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मियाँ मीर, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें स्वर्ण मंदिर की नींव रखने बुलाया गया, लाहौर में समाधिस्थ हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सलीम चिश्ती फतेहपुर सीकरी के संगमरमरी मकबरे में हैं, जिसे अकबर ने उनकी स्मृति में बनवाया। राजस्थान के प्रश्नपत्रों में अजमेर के उर्स के साथ डूंगरपुर का गलियाकोट उर्स भी पूछा जाता है, इसलिए दोनों याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: राजस्थान के लोक देवता और संत: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऊँटों के रक्षक के रूप में पूजे जाने वाले राजस्थान के किस लोक देवता का संबंध कोलू गाँव से है?
- A.पाबूजी
- B.तेजाजी
- C.गोगाजी
- D.देवनारायणजी
उत्तर देखें
पाबूजी जोधपुर प्रदेश के कोलू के राठौड़ वीर थे, जिन्होंने लोक कथा के अनुसार चारण देवल की गायों की रक्षा करते हुए प्राण दिए, और उनकी पूजा सबसे अधिक ऊँट पालक करते हैं, जो बीमार पशु लेकर उनके थान पर जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सर्प देवता गोगाजी का प्रमुख धाम गोगामेड़ी राजस्थान के किस जिले में है?
- A.चूरू
- B.हनुमानगढ़
- C.बीकानेर
- D.नागौर
उत्तर देखें
गोगामेड़ी हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में है, और वहाँ भाद्रपद मास की गोगा नवमी को लगने वाला मेला उत्तरी राजस्थान के सबसे बड़े मेलों में है, जिसमें हिंदू तथा मुसलमान दोनों आते हैं और देवता को जाहर पीर कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बाबा रामदेवजी का प्रसिद्ध मेला रामदेवरा, जिसे रुणिचा भी कहते हैं, किस जिले में लगता है?
- A.बाड़मेर
- B.जोधपुर
- C.जैसलमेर
- D.बीकानेर
उत्तर देखें
पुराना रुणिचा, अर्थात रामदेवरा, जैसलमेर जिले की पोकरण तहसील में है, और भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से आरंभ होने वाले मेले में हर जाति तथा दोनों धर्मों के यात्री आते हैं, जिनमें बहुत से ध्वज लेकर कई दिन पैदल चलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नागौर जिले के खरनाल में जन्मे राजस्थान के किस लोक देवता की पूजा सर्पदंश से रक्षा के लिए की जाती है?
- A.तेजाजी
- B.मल्लीनाथ
- C.हरभूजी
- D.मेहाजी मांगलिया
उत्तर देखें
सर्प के काटे लोगों को आज भी उनके थान पर लाया जाता है, किसान उनकी तांती बाँधते हैं, और नागौर जिले का विशाल परबतसर पशु मेला उन्हीं के नाम पर लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान में किस लोक देवता की फड़ सबसे लंबी मानी जाती है?
- A.पाबूजी
- B.देवनारायणजी
- C.रामदेवजी
- D.गोगाजी
उत्तर देखें
गुर्जरों के देवता देवनारायणजी, जिनका धाम भीलवाड़ा जिले के आसींद में मालासेरी डूंगरी है, उनकी फड़ सभी चित्रित फड़ों में सबसे लंबी है और उसे गुर्जर भोपे तंतुवाद्य जंतर पर गाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →