आकाशवाणी सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान श्रृंखला किस वर्ष से आयोजित कर रही है?
- A.1950
- B.1955
- C.1960
- D.1975
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 1955 है। आकाशवाणी उसी वर्ष से हर साल सरदार वल्लभभाई पटेल व्याख्यान आयोजित करती आ रही है, जो स्वतंत्र भारत के पहले उपप्रधानमंत्री की स्मृति में है, जिनके पास सूचना एवं प्रसारण विभाग भी था और जिन्हें राष्ट्रीय एकीकरण के शिल्पी तथा भारत के लौह पुरुष के रूप में याद किया जाता है। बाकी विकल्पों में दिए वर्ष इतनी पुरानी श्रृंखला के लिए देखने में ठीक लगते हैं, पर उनमें से कोई सही नहीं है। इस वर्ष के साथ दो जुड़े तथ्य भी याद रखने लायक हैं, यानी पहला व्याख्यान भारत रत्न श्री सी. राजगोपालाचारी ने दिया था, जो स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल थे, और हर व्याख्यान की रिकॉर्डिंग इकतीस अक्तूबर को, जो सरदार पटेल की जयंती है, पूरे आकाशवाणी नेटवर्क पर प्रसारित होती है।
पूरा लेख पढ़ें: 67वां सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान देंगे शिवराज सिंह चौहान
अभ्यास प्रश्न
67वां सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान कौन देंगे?
- A.डॉ. मनसुख मांडविया
- B.श्री शिवराज सिंह चौहान
- C.डॉ. एस. जयशंकर
- D.श्री अजीत डोभाल
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सही उत्तर श्री शिवराज सिंह चौहान हैं, जो कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री हैं और नई दिल्ली में आकाशवाणी के रंग भवन सभागार में इस श्रृंखला का सड़सठवां व्याख्यान देने जा रहे हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान श्रृंखला का पहला व्याख्यान किसने दिया था?
- A.डॉ. जाकिर हुसैन
- B.श्री मोरारजी देसाई
- C.श्री सी. राजगोपालाचारी
- D.डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन
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सही उत्तर श्री सी. राजगोपालाचारी हैं, जो भारत रत्न से सम्मानित थे और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल रहे, और जिन्होंने इस श्रृंखला का सबसे पहला व्याख्यान दिया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी प्राधिकरण के लिए कितनी शुरुआती वैधता और प्रवेश शुल्क सुझाया है?
- A.10 वर्ष वैधता और 10 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- B.20 वर्ष वैधता और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- C.15 वर्ष वैधता और 5 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- D.असीमित वैधता और कोई शुल्क नहीं
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इसके साथ नियामक ने 10,000 रुपये का आवेदन प्रसंस्करण शुल्क, राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र तथा कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा न होने का सुझाव दिया है, जिससे यह व्यवस्था हल्की बनती है और ऐसी सेवा के अनुकूल है जिसे बहुत कम भौतिक ढांचे की जरूरत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी सेवा को टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी किस कानून के तहत बनाने की सिफारिश की है?
- A.ट्राई अधिनियम, 1997
- B.केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995
- C.दूरसंचार अधिनियम, 2023
- D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
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ट्राई की सिफारिश है कि एएलटीडी सेवा को इसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के तहत बने प्रसारण प्राधिकरण ढांचे में टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी बनाया जाए और विस्तृत शर्तें धारा 56 के नियमों के रूप में अधिसूचित हों।
पूरी व्याख्या पढ़ें →26 अक्टूबर 2026 को जारी ट्राई की सिफारिशों में एएलटीडी का पूरा रूप क्या है?
- A.उन्नत रैखिक टेलीविजन प्रसार
- B.ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण
- C.दर्शक संबद्ध टेलीविजन आंकड़े
- D.संबोधनीय स्थानीय टेलीविजन वितरण
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ट्राई ने यही नाम चुना, क्योंकि जिन सेवाओं की उसने जांच की वे निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक इंटरनेट या अन्य आईपी नेटवर्क से ऐप, वेबसाइट या ऐसे ही इंटरफेस के जरिए दर्शकों तक पहुंचाती हैं, चाहे ऐप टेलीविजन सेट में पहले से मौजूद हो…
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