61वीं सीआईएमएल बैठक के साथ होने वाले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का विषय क्या है?
- A.विधिक मापविज्ञान में बदलाव
- B.निष्पक्ष व्यापार के लिए माप
- C.डिजिटल मापविज्ञान मिशन
- D.विकसित भारत के मानक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर विधिक मापविज्ञान में बदलाव है, जिसे अंग्रेजी में एवोल्यूशंस इन लीगल मेट्रोलॉजी कहा गया है। यह सेमिनार 26 अक्टूबर 2026 को होगा और इसमें विभिन्न देशों के विशेषज्ञ विधिक मापविज्ञान प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर अपने अनुभव तथा श्रेष्ठ व्यवहार साझा करेंगे। चर्चा में नियामक सेवाओं का डिजिटलीकरण, मापक उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता, ई-लर्निंग साधन और प्रशासन के नए तरीके शामिल रहेंगे। बाकी तीन विषय गढ़े हुए हैं और घोषणा में कहीं नहीं आते। इस सेमिनार को ओआईएमएल रणनीति कार्यशाला से अलग समझें, जो 27 अक्टूबर 2026 को होगी और जिसमें संगठन की आगे की दिशा तथा प्राथमिकताओं पर विचार होगा। तीन दिन की बैठक में समिति स्वयं अंतरराष्ट्रीय सिफारिशों के निर्माण और संशोधन, ओआईएमएल के तकनीकी कार्य तथा ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली पर विचार करेगी। इसलिए सेमिनार का विषय, कार्यशाला की तारीख और बैठक के एजेंडे को अलग-अलग याद रखना चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: 61वीं सीआईएमएल बैठक की मेजबानी पहली बार भारत करेगा
अभ्यास प्रश्न
अंतरराष्ट्रीय विधिक मापविज्ञान समिति की 61वीं बैठक किस शहर में होगी?
- A.पेरिस
- B.नई दिल्ली
- C.जेनेवा
- D.टोक्यो
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भारत 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक 61वीं सीआईएमएल बैठक की मेजबानी करेगा और यह पहला अवसर है जब देश को यह बैठक मिली है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतरराष्ट्रीय विधिक मापविज्ञान संगठन की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1945
- B.1955
- C.1965
- D.1975
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ओआईएमएल की स्थापना इसी वर्ष एक अंतर-सरकारी संगठन के रूप में हुई, जिसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की विधिक मापविज्ञान प्रक्रियाओं में एकरूपता लाना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →61वीं सीआईएमएल बैठक का आयोजन भारत सरकार का कौन सा विभाग कर रहा है?
- A.वाणिज्य विभाग
- B.उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग
- C.उपभोक्ता मामले विभाग
- D.विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
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यह चुनाव विषय से ही स्पष्ट है, क्योंकि विधिक मापविज्ञान बाट, माप और व्यापार में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से जुड़ा है, इसलिए मात्रा की सही घोषणा और निष्पक्ष सौदा उपभोक्ता संरक्षण का विषय बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीएसएसआईएफ की पहली हितधारक बैठक में कितने प्रतिभागी और कितने संस्थान शामिल हुए?
- A.50 से अधिक प्रतिभागी, 20 से अधिक संस्थान
- B.150 से अधिक प्रतिभागी, 80 से अधिक संस्थान
- C.250 से अधिक प्रतिभागी, 40 से अधिक संस्थान
- D.500 से अधिक प्रतिभागी, 120 से अधिक संस्थान
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बैठक में सरकारी मंत्रालयों और विभागों, संचालन एजेंसियों, शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज तथा निजी क्षेत्र के हितधारक शामिल हुए, जो देश के कई राज्यों से आए थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परामर्श बैठक के तकनीकी सत्र में देश के लिए किस प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया गया?
- A.राष्ट्रीय आपदा चेतावनी नेटवर्क
- B.जलवायु सेवा सूचना प्रणाली
- C.एकीकृत मौसम ग्रिड
- D.राष्ट्रीय मानसून मिशन
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तकनीकी सत्र का आरंभिक व्याख्यान विश्व मौसम विज्ञान संगठन के जलवायु अनुप्रयोग एवं सेवा प्रभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. रूपा कुमार कोल्ली ने दिया और बताया कि जलवायु संबंधी जानकारी उन लोगों तक पहुंचाने के लिए देश को ऐसी प्रणाली क्यों चाहिए जिन्हें उस पर कार्रवाई करनी है।
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