1945 और 1946 में आज़ाद हिंद फ़ौज के अधिकारियों शाहनवाज खान, प्रेम कुमार सहगल तथा गुरबख्श सिंह ढिल्लों के मुकदमे कहां चले?
- A.लाल किला, दिल्ली
- B.फोर्ट विलियम, कलकत्ता
- C.सेल्युलर जेल, पोर्ट ब्लेयर
- D.मुंबई उच्च न्यायालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, लाल किला, दिल्ली है। इन तीन अधिकारियों, अर्थात एक मुसलमान, एक हिंदू और एक सिख का कोर्ट मार्शल नवंबर 1945 में दिल्ली के लाल किले में आरंभ हुआ, और कांग्रेस ने आईएनए प्रतिरक्षा समिति बनाई जिसके वकीलों में भूलाभाई देसाई, तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, कैलाश नाथ काटजू और जवाहरलाल नेहरू थे। उन्हें सम्राट के विरुद्ध युद्ध करने का दोषी ठहराया गया, पर जनभावना इतनी प्रबल हो गई थी कि दंड माफ कर दिए गए।
विकल्प B, कलकत्ता का फोर्ट विलियम पूर्वी कमान का मुख्यालय था और वहां ऐसा कोई मुकदमा नहीं हुआ। विकल्प C, पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल में पहले की पीढ़ी के क्रांतिकारी रखे गए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह कार्यवाही कोर्ट मार्शल थी, किसी उच्च न्यायालय का मुकदमा नहीं।
पूरा लेख पढ़ें: सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज: प्रमुख तथ्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें21 अक्टूबर 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार के गठन की घोषणा कहां की?
- A.सिंगापुर
- B.रूस
- C.जापान
- D.जर्मनी
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व्याख्या
सही उत्तर A, सिंगापुर है। बोस 1943 में दक्षिण-पूर्व एशिया पहुंचे, 4 जुलाई 1943 को सिंगापुर में इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आज़ाद हिंद फ़ौज का भार संभाला, और 21 अक्टूबर 1943 को उसी नगर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार, अर्थात आज़ाद हिंद सरकार की घोषणा की। वे उसके राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री तथा युद्ध और विदेश मंत्री बने, और उस सरकार ने शीघ्र ही ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के विरुद्ध युद्ध घोषित कर दिया।
विकल्प B, रूस गलत है: बोस 1941 में जर्मनी जाते समय केवल मास्को से गुजरे थे और उन्हें वहां कोई सहायता नहीं मिली। विकल्प C, जापान वह सहयोगी था जिसने आज़ाद हिंद सरकार को सबसे पहले मान्यता दी और बोस मई 1943 में टोक्यो पहुंचे थे, पर घोषणा वहां नहीं हुई। विकल्प D, जर्मनी में उन्होंने 1941 और 1942 बिताए और फ्री इंडिया सेंटर तथा इंडियन लीजन बनाई, जो घोषणा से दो वर्ष पहले की बात है।
किस स्वतंत्रता सेनानी ने महात्मा गांधी को पहली बार राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.सुभाष चंद्र बोस
- C.सरोजिनी नायडू
- D.चंद्रशेखर आज़ाद
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व्याख्या
सही उत्तर B, सुभाष चंद्र बोस है। 1944 में आज़ाद हिंद रेडियो के एक प्रसारण में बोस ने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया और आज़ाद हिंद फ़ौज के संघर्ष के लिए उनका आशीर्वाद मांगा। दोनों के मार्ग में गहरा मतभेद था, फिर भी बोस गांधीजी को सदैव राष्ट्र का नेता मानते रहे, और तब से यह उपाधि प्रचलन में बनी हुई है।
विकल्प A, जवाहरलाल नेहरू गांधीजी के निकट सहयोगी थे और उन्होंने अपने लेखन में उन्हें बहुत नामों से पुकारा, पर यह उपाधि पहले उन्होंने नहीं दी। विकल्प C, सरोजिनी नायडू भारत कोकिला कहलाती हैं; उन्होंने यह उपाधि नहीं दी। विकल्प D, चंद्रशेखर आज़ाद की मृत्यु 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में हो गई थी, अर्थात उस प्रसारण से बहुत पहले। साथ में यह तथ्य भी याद रखें कि गांधीजी को महात्मा कहने का श्रेय रवींद्रनाथ टैगोर को दिया जाता है।
निम्नलिखित में से किसने 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की?
- A.महात्मा गांधी
- B.सरदार वल्लभभाई पटेल
- C.सुभाष चंद्र बोस
- D.जवाहरलाल नेहरू
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व्याख्या
सही उत्तर C, सुभाष चंद्र बोस है। 1939 का त्रिपुरी अध्यक्ष पद का चुनाव पट्टाभि सीतारमैया के विरुद्ध जीतने और उसी वर्ष अप्रैल में त्यागपत्र देने के बाद बोस ने 3 मई 1939 को फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की, जो कांग्रेस के भीतर वामपंथी धड़ा था और तत्काल संघर्ष के लिए सभी उग्र तथा साम्राज्यवाद विरोधी शक्तियों को जोड़ने के लिए बना था।
विकल्प A, महात्मा गांधी स्वयं कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे थे और उसी चुनाव में सीतारमैया का समर्थन किया था, इसलिए उन्होंने कोई प्रतिद्वंद्वी संगठन नहीं बनाया। विकल्प B, सरदार वल्लभभाई पटेल उन कार्यसमिति सदस्यों में थे जिन्होंने बोस के नीचे काम करने से मना कर दिया। विकल्प D, जवाहरलाल नेहरू बोस के अनेक समाजवादी विचार साझा करते थे और उनके द्वारा बनाई राष्ट्रीय योजना समिति के अध्यक्ष भी थे, पर वे फॉरवर्ड ब्लॉक में नहीं गए। बाद में बोस को तीन वर्ष तक कांग्रेस का पद धारण करने से वंचित किया गया।
भारत को ब्रिटिश नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए आज़ाद हिंद फ़ौज किसने खड़ी की?
- A.रासबिहारी बोस
- B.भगत सिंह
- C.मोहन सिंह
- D.सुभाष चंद्र बोस
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व्याख्या
सही उत्तर C, मोहन सिंह है। पहली आज़ाद हिंद फ़ौज 1942 में कैप्टन मोहन सिंह ने सिंगापुर के पतन पर पकड़े गए भारतीय युद्धबंदियों से जापानी सेना की सहायता से खड़ी की थी। जापानी कमान से विश्वास टूटने के बाद वह दिसंबर 1942 में भंग कर दी गई।
विकल्प A, रासबिहारी बोस गदर काल के क्रांतिकारी थे, जिन्होंने बैंकॉक से इंडियन इंडिपेंडेंस लीग का नेतृत्व किया और बाद में लीग तथा फ़ौज का भार सुभाष चंद्र बोस को सौंपा, पर उन्होंने यह सेना खड़ी नहीं की। विकल्प B, भगत सिंह को 1931 में फांसी दी गई थी, अर्थात फ़ौज बनने से ग्यारह वर्ष पहले। विकल्प D, सुभाष चंद्र बोस ने 4 जुलाई 1943 को सिंगापुर में भार संभालने के बाद उसे पुनर्जीवित और पुनर्गठित किया और उसके सर्वोच्च सेनापति बने, इसी कारण उन्हें भूल से खड़ी करने वाला बता दिया जाता है।
सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फ़ौज की महिला रेजिमेंट का नाम क्या था?
- A.रानी पद्मावती रेजिमेंट
- B.रानी दिद्दा रेजिमेंट
- C.रानी झांसी रेजिमेंट
- D.रानी अहल्याबाई रेजिमेंट
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, रानी झांसी रेजिमेंट है। बोस ने 1943 में यह पूर्णतः महिला लड़ाकू इकाई खड़ी की और 1857 के विद्रोह की नायिका झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर उसका नाम रखा। इसकी कमान कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन के पास थी, जो सिंगापुर की चिकित्सक थीं और बाद में लक्ष्मी सहगल के नाम से जानी गईं, और इसकी भर्ती अधिकतर मलाया तथा बर्मा में बसे भारतीय परिवारों से हुई।
विकल्प A, B और D उन रानियों के नाम हैं जिनका आज़ाद हिंद फ़ौज से कोई संबंध नहीं है। रानी पद्मिनी अथवा पद्मावती चित्तौड़ की परंपराओं से जुड़ी हैं; दिद्दा दसवीं शताब्दी में कश्मीर की शासक थीं; और अहिल्याबाई होलकर अठारहवीं शताब्दी में महेश्वर से मालवा का शासन करती थीं तथा मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए स्मरण की जाती हैं। फ़ौज की अन्य इकाइयां गांधी, नेहरू, आज़ाद और सुभाष ब्रिगेड थीं।