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GK24
भारतीय इतिहासआसान

1885 में बंबई में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी?

  1. A.दादाभाई नौरोजी
  2. B.व्योमेश चंद्र बनर्जी
  3. C.ए. ओ. ह्यूम
  4. D.बदरुद्दीन तैयबजी

सही उत्तर

B. व्योमेश चंद्र बनर्जी

व्याख्या

सही उत्तर B, व्योमेश चंद्र बनर्जी है। कलकत्ता के बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी ने 28 से 31 दिसंबर 1885 तक बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुए कांग्रेस के पहले अधिवेशन की अध्यक्षता की, जिसमें बहत्तर प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। A गलत है, क्योंकि दादाभाई नौरोजी ने 1886 के कलकत्ता अधिवेशन की तथा 1893 और 1906 में भी अध्यक्षता की; वे भारत के वयोवृद्ध पुरुष कहे जाते हैं, पहले अध्यक्ष नहीं। C गलत है, क्योंकि एलन ऑक्टेवियन ह्यूम ने कांग्रेस की स्थापना की और वर्षों तक महासचिव रहे, किंतु उन्होंने अध्यक्षता बाद में, 1894 के मद्रास अधिवेशन में की। D गलत है, क्योंकि बदरुद्दीन तैयबजी ने 1887 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की और वे कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष के रूप में स्मरण किए जाते हैं, जो पहले अधिवेशन से दो वर्ष बाद की बात है।

पूरा लेख पढ़ें: कांग्रेस के महत्वपूर्ण अधिवेशन: स्थान, अध्यक्ष और निर्णय

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Q1.भारतीय इतिहासआसान

पूर्ण स्वराज प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में स्वीकार किया गया?

  1. A.कराची, 1931
  2. B.लाहौर, 1929
  3. C.कलकत्ता, 1928
  4. D.नागपुर, 1920
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लाहौर, 1929

व्याख्या

सही उत्तर B, लाहौर, 1929 है। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की, पूर्ण स्वतंत्रता को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया गया और देश से 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का आह्वान किया गया; 31 दिसंबर 1929 को रावी के तट पर तिरंगा फहराया गया। A गलत है, क्योंकि 1931 का कराची अधिवेशन मूल अधिकार तथा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम के प्रस्ताव और गांधी-इरविन समझौते के अनुमोदन के लिए स्मरण किया जाता है। C गलत है, क्योंकि 1928 के कलकत्ता अधिवेशन में नेहरू रिपोर्ट पर विचार हुआ, जो पूर्ण स्वतंत्रता के बजाय औपनिवेशिक स्वराज की मांग करती थी। D गलत है, क्योंकि 1920 के नागपुर अधिवेशन में असहयोग स्वीकार हुआ और कांग्रेस का संविधान बदला गया, जहां लक्ष्य वैध तथा शांतिपूर्ण साधनों से स्वराज बताया गया।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Aug 2021, Shift 1मध्यम

जब सुभाष चंद्र बोस ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिया, तब यह पद किसे दिया गया?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.पट्टाभि सीतारमैया
  3. C.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  4. D.जे. बी. कृपलानी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

व्याख्या

सही उत्तर C, डॉ. राजेंद्र प्रसाद है। बोस 1939 के त्रिपुरी अधिवेशन में पट्टाभि सीतारमैया को हराकर पुनः अध्यक्ष चुने गए थे, परंतु कार्य समिति ने उनके अधीन काम करने से मना कर दिया; अप्रैल 1939 में उन्होंने त्यागपत्र दे दिया और शेष वर्ष के लिए राजेंद्र प्रसाद को अध्यक्षता संभालने के लिए कहा गया। A गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू 1929 तथा 1936 में अध्यक्ष रह चुके थे और 1937 तथा 1951 में भी बने, परंतु बोस के त्यागपत्र के बाद उन्होंने पद नहीं संभाला। B गलत है, क्योंकि पट्टाभि सीतारमैया वही उम्मीदवार थे जिन्हें बोस ने चुनाव में हराया था; वे 1948 में जयपुर अधिवेशन में अध्यक्ष बने। D गलत है, क्योंकि आचार्य जे. बी. कृपलानी बहुत बाद में, 1946 के मेरठ अधिवेशन में अध्यक्ष बने, जो स्वतंत्रता से पूर्व अंतिम अधिवेशन था।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

उदारवादियों और उग्रवादियों के बीच विभाजन कांग्रेस के किस अधिवेशन में हुआ?

  1. A.बनारस, 1905
  2. B.कलकत्ता, 1906
  3. C.सूरत, 1907
  4. D.मद्रास, 1908
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सूरत, 1907

व्याख्या

सही उत्तर C, सूरत, 1907 है। सूरत में कांग्रेस के दोनों धड़े अध्यक्ष के चुनाव तथा इस प्रश्न पर भिड़ गए कि बहिष्कार और स्वदेशी का कार्यक्रम कहां तक ले जाया जाए; अधिवेशन अव्यवस्था में समाप्त हुआ, रास बिहारी घोष अध्यक्ष घोषित किए गए और कांग्रेस 1916 तक बंटी रही। A गलत है, क्योंकि 1905 के बनारस अधिवेशन में गोपाल कृष्ण गोखले की अध्यक्षता में केवल बंग-भंग के विरुद्ध विरोध दर्ज हुआ और दोनों गुट एक ही संगठन में बने रहे। B गलत है, क्योंकि 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के अध्यक्षता में पहली बार स्वराज की मांग हुई और दोनों पक्षों के सम्मानित नेता को अध्यक्ष चुनकर विभाजन टाल दिया गया। D गलत है, क्योंकि 1908 का मद्रास अधिवेशन, जिसमें फिर रास बिहारी घोष अध्यक्ष थे, विभाजन के बाद हुआ और उसमें मुख्यतः उदारवादी सम्मिलित हुए।

Q4.भारतीय इतिहासमध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किसी अधिवेशन की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला कौन थीं?

  1. A.सरोजिनी नायडू
  2. B.एनी बेसेंट
  3. C.नेली सेनगुप्ता
  4. D.कमलादेवी चट्टोपाध्याय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एनी बेसेंट

व्याख्या

सही उत्तर B, एनी बेसेंट है। उन्होंने 1917 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की और वे कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं; यही वे वर्ष थे जब वे होम रूल लीग का नेतृत्व कर रही थीं। A गलत है, क्योंकि 1925 के कानपुर अधिवेशन की अध्यक्षता करने वाली सरोजिनी नायडू कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं, जो एक भिन्न उपलब्धि है और इस प्रश्न का सबसे सामान्य भ्रम है। C गलत है, क्योंकि नेली सेनगुप्ता ने 1933 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की और वे यह पद संभालने वाली तीसरी महिला थीं। D गलत है, क्योंकि कमलादेवी चट्टोपाध्याय नमक सत्याग्रह की प्रमुख संगठक और स्वतंत्रता के बाद हस्तशिल्प तथा सहकारिता की अग्रणी रहीं, परंतु उन्होंने कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता कभी नहीं की। दोनों को अलग रखने का सरल उपाय यह है कि बेसेंट किसी भी राष्ट्रीयता की पहली महिला अध्यक्ष थीं, जबकि नायडू पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं, और 1925 का कानपुर अधिवेशन बेसेंट के 1917 के कलकत्ता अधिवेशन से आठ वर्ष बाद हुआ था।

Q5.भारतीय इतिहासआसान

महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी?

  1. A.बेलगाम, 1924
  2. B.गया, 1922
  3. C.कानपुर, 1925
  4. D.अहमदाबाद, 1921
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बेलगाम, 1924

व्याख्या

सही उत्तर A, बेलगाम, 1924 है। कर्नाटक का बेलगाम अधिवेशन कांग्रेस का एकमात्र ऐसा अधिवेशन है जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की, और अपने अध्यक्ष वर्ष में उन्होंने मुख्यतः हिंदू-मुस्लिम एकता, खादी तथा अस्पृश्यता निवारण पर काम किया। B गलत है, क्योंकि 1922 के गया अधिवेशन की अध्यक्षता चित्तरंजन दास ने की और वहीं विधानमंडलों में प्रवेश के प्रश्न पर अपरिवर्तनवादी तथा परिवर्तनवादी बंट गए, जिससे आगे स्वराज पार्टी बनी। C गलत है, क्योंकि 1925 के कानपुर अधिवेशन की अध्यक्षता सरोजिनी नायडू ने की, जो यह पद पाने वाली पहली भारतीय महिला थीं। D गलत है, क्योंकि 1921 के अहमदाबाद अधिवेशन की अध्यक्षता हकीम अजमल खान ने की, जिन्होंने चित्तरंजन दास के कारागार में रहने पर उनके स्थान पर कार्य किया। ध्यान रखें कि गांधीजी 1924 में अध्यक्ष बने और उसके बाद उन्होंने यह पद फिर नहीं लिया, इसलिए परीक्षा में उनके नाम के साथ केवल बेलगाम ही सही उत्तर बनता है।