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GK24
अंतरराष्ट्रीयकठिन

153वीं आईपीयू सभा में आपात मद के रूप में स्वीकार किया गया प्रस्ताव मुख्य रूप से किस विषय पर था?

  1. A.जलवायु आपदाओं और हिमालयी क्षेत्र में सहनशीलता पर संसदीय कार्रवाई
  2. B.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार
  3. C.चुनावों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नियमन
  4. D.अल्प विकसित देशों के लिए ऋण राहत

सही उत्तर

A. जलवायु आपदाओं और हिमालयी क्षेत्र में सहनशीलता पर संसदीय कार्रवाई

व्याख्या

सही उत्तर विकल्प A है। आपात मद के रूप में लिए गए पाठ में जलवायु से जुड़ी आपदाओं से निपटने तथा हिमालयी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सहनशीलता मजबूत करने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई की मांग की गई थी, और यह विषय भारत तथा उसके पड़ोसियों के लिए स्वाभाविक रूप से चिंता का है। विकल्प B यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार गलत है; वह संयुक्त राष्ट्र में सरकारों के बीच चलने वाली बहस का बार-बार उठने वाला विषय है, इस सभा का आपात मद नहीं। विकल्प C यानी चुनावों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नियमन गलत है और यहां स्वीकार किए गए दस्तावेजों में उसका कोई स्थान नहीं है। विकल्प D यानी अल्प विकसित देशों के लिए ऋण राहत भी गलत है। परीक्षार्थियों को सभा के तीन परिणामों को अलग-अलग याद रखना चाहिए — अरुषा विज्ञप्ति, लोकतंत्र और मानवाधिकार संबंधी स्थायी समिति का दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तीकरण वाला प्रस्ताव, तथा जलवायु आपदाओं पर आपात मद।

पूरा लेख पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया के मिल्टन डिक आईपीयू के अध्यक्ष चुने गए

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Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा में इसका अध्यक्ष कौन चुना गया है?

  1. A.हरिवंश
  2. B.मिल्टन डिक
  3. C.मुसा अज्जान जुंगु
  4. D.सस्मित पात्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मिल्टन डिक

व्याख्या

सही उत्तर मिल्टन डिक हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष हैं और सभा के अंतिम दिन आईपीयू संचालन परिषद में गुप्त मतदान के बाद निर्वाचित घोषित किए गए। विकल्प A यानी हरिवंश गलत है — वे राज्यसभा के उपसभापति हैं, उन्होंने अरुषा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और वे उन तीन भारतीय सदस्यों में थे जिन्होंने भारत के मत डाले, वे इस पद के उम्मीदवार नहीं थे। विकल्प C यानी मुसा अज्जान जुंगु गलत है, क्योंकि वे तंजानिया की राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष हैं और इस विशेष सभा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने ही बैठक का समापन घोषित किया; मेजबान देश में एक सभा की अध्यक्षता करना और संगठन का प्रमुख होना दो अलग बातें हैं। विकल्प D यानी सस्मित पात्रा भी गलत है; वे प्रतिनिधिमंडल के राज्यसभा सदस्य हैं और उनकी भूमिका नवनिर्वाचित अध्यक्ष को लोकसभा अध्यक्ष का बधाई पत्र सौंपने की थी।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा किस शहर में आयोजित हुई?

  1. A.नैरोबी, केन्या
  2. B.अदीस अबाबा, इथियोपिया
  3. C.अरुषा, तंजानिया
  4. D.कंपाला, युगांडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अरुषा, तंजानिया

व्याख्या

सही उत्तर अरुषा, तंजानिया है। सभा वहां 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक चली और अंतिम दिन स्वीकार किए गए परिणाम दस्तावेज का नाम इसी कारण अरुषा विज्ञप्ति है। विकल्प A यानी केन्या का नैरोबी गलत है; नैरोबी में संयुक्त राष्ट्र के कई कार्यालय हैं, इसलिए यह विकल्प आकर्षक लगता है, पर आयोजन स्थल वह नहीं था। विकल्प B यानी इथियोपिया का अदीस अबाबा गलत है; यह अफ्रीकी संघ का मुख्यालय है और पूर्वी अफ्रीका की किसी बैठक के लिए भ्रामक विकल्प बनता है। विकल्प D यानी युगांडा का कंपाला गलत है और इस सभा से उसका कोई संबंध नहीं था। परीक्षार्थियों के लिए उपयोगी आदत यह है कि शहर को दस्तावेज से जोड़ लें — जब किसी विज्ञप्ति या घोषणापत्र के नाम में स्थान आता है, तो वही स्थान प्रायः मेजबान शहर होता है, इसलिए अरुषा विज्ञप्ति सीधे अरुषा की ओर ले जाती है।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.लोकसभा अध्यक्ष
  2. B.राज्यसभा के उपसभापति
  3. C.लोकसभा के उपाध्यक्ष
  4. D.विदेश मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्यसभा के उपसभापति

व्याख्या

सही उत्तर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश हैं, जिन्होंने अरुषा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और आईपीयू अध्यक्ष पद के लिए भारत के मत डालने वाले तीन सदस्यों में से एक रहे। विकल्प A यानी लोकसभा अध्यक्ष गलत है, हालांकि इस आयोजन से उनका संबंध दूसरे रूप में है — नवनिर्वाचित अध्यक्ष को दिया गया बधाई पत्र लोकसभा अध्यक्ष का था, जिसे राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा ने सौंपा। विकल्प C यानी लोकसभा के उपाध्यक्ष गलत है और यह दोनों सदनों तथा उनके पीठासीन अधिकारियों के बीच भ्रम मात्र है। विकल्प D यानी विदेश मंत्री एक सिद्धांत के कारण गलत है जिसे याद रखना उपयोगी है — अंतर-संसदीय संघ सरकारों का नहीं, राष्ट्रीय संसदों का मंच है, इसलिए वहां किसी देश का प्रतिनिधित्व उसकी विधायिका के सदस्यों का संसदीय प्रतिनिधिमंडल करता है, विदेश मंत्रालय नहीं। भारत के अन्य दो मत लोकसभा सदस्यों अनुराग सिंह ठाकुर और कमलजीत सहरावत ने डाले।

Q4.अंतरराष्ट्रीयकठिन

153वीं आईपीयू सभा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और काम के भविष्य पर पैनल चर्चा में कौन-से भारतीय सांसद शामिल हुए?

  1. A.डॉ. लता वानखेड़े
  2. B.डॉ. सस्मित पात्रा
  3. C.डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर
  4. D.श्री हरिवंश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डॉ. लता वानखेड़े

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. लता वानखेड़े है, जो लोकसभा की सदस्य हैं और जिन्होंने सतत विकास स्थायी समिति की बैठक में भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा काम के भविष्य पर पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। विकल्प B गलत है क्योंकि राज्यसभा सदस्य डॉ. सस्मित पात्रा संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति में शामिल हुए और संघर्ष रोकने तथा समाधान की संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था पर पैनल में बोले। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर ने आपातकालीन विषय पर चर्चा तथा लोकतंत्र और मानवाधिकार स्थायी समिति के ब्यूरो व बैठक में भागीदारी की। विकल्प D गलत है क्योंकि श्री हरिवंश ने उपसभापति के रूप में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और आपातकालीन विषय तथा सामान्य चर्चा में उपस्थित रहे। अंतर-संसदीय संघ राष्ट्रीय संसदों का वैश्विक संगठन है और उसकी स्थायी समितियाँ शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, सतत विकास, लोकतंत्र और मानवाधिकार तथा संयुक्त राष्ट्र मामलों से जुड़ी होती हैं।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा में जलवायु आपदाओं और हिमालयी क्षेत्र की सहनशीलता से जुड़ा आपातकालीन विषय किस देश ने प्रस्तावित किया?

  1. A.भारत
  2. B.नेपाल
  3. C.भूटान
  4. D.तंजानिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नेपाल

व्याख्या

सही उत्तर नेपाल है। "जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने तथा हिमालयी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सहनशीलता बढ़ाने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई" शीर्षक यह आपातकालीन विषय नेपाल ने प्रस्तावित किया और सभा के तीसरे दिन इसे स्वीकार किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत ने इसे प्रस्तावित नहीं किया था, हालाँकि डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर ने चर्चा में इसके समर्थन में बोलकर भारत का दृष्टिकोण दर्ज कराया। विकल्प C गलत है क्योंकि इस विषय के संबंध में भूटान का नाम नहीं आता। विकल्प D गलत है क्योंकि तंजानिया अरुशा में इस सभा का मेज़बान देश था, प्रस्तावक नहीं। ध्यान रखें कि आपातकालीन विषय कोई सदस्य संसद प्रस्तावित करती है और सभा उसे स्वीकार करती है। आपातकालीन विषय पर चर्चा के बाद डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकतंत्र और मानवाधिकार स्थायी समिति के ब्यूरो में भारतीय संसद की स्थिति रखी और समिति के संकल्प को स्वीकार कराने में योगदान दिया।