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स्टैटिक GK क्विज: इसरो और भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

स्टैटिक GK के अंतर्गत "इसरो और भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.स्टैटिक GKआसान

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक किसे कहा जाता है?

  1. A.होमी जे. भाभा
  2. B.विक्रम साराभाई
  3. C.सतीश धवन
  4. D.यू. आर. राव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विक्रम साराभाई

व्याख्या

सही उत्तर B, विक्रम साराभाई है। वे 1962 में बनी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष थे, उन्होंने पहले साउंडिंग रॉकेट के लिए थुंबा को चुना और यह तर्क दिया कि एक निर्धन देश को अंतरिक्ष तकनीक प्रतिष्ठा के लिए नहीं, संचार, शिक्षा और मौसम के लिए चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि होमी जे. भाभा ने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम खड़ा किया, यद्यपि आरंभिक अंतरिक्ष कार्य उन्हीं के विभाग के अधीन रखा गया था। विकल्प C गलत है क्योंकि सतीश धवन ने साराभाई के बाद इसरो का नेतृत्व किया और श्रीहरिकोटा का प्रक्षेपण केंद्र उन्हीं के नाम पर है। विकल्प D गलत है क्योंकि यू. आर. राव ने आर्यभट्ट बनाने वाले दल का नेतृत्व किया और बेंगलुरु का उपग्रह केंद्र उनके नाम पर है। चारों नाम विकल्पों में आते हैं, इसलिए हर व्यक्ति का योगदान अलग से याद रखें।

Q2.स्टैटिक GKआसान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का गठन किस वर्ष हुआ था?

  1. A.1962
  2. B.1969
  3. C.1972
  4. D.1975
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1969

व्याख्या

सही उत्तर B, 1969 है। इसरो का गठन 15 अगस्त 1969 को हुआ और उसने उस समिति का काम सँभाला जो तब तक कार्यक्रम चला रही थी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1962 में परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान राष्ट्रीय समिति बनी थी, जिसके अध्यक्ष विक्रम साराभाई थे। विकल्प C गलत है क्योंकि 1972 में सरकार ने अंतरिक्ष आयोग तथा अंतरिक्ष विभाग बनाए, जिनके अधीन इसरो तब से कार्य करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1975 भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट का वर्ष है। ये चारों वर्ष इस विषय के लगभग हर प्रश्न में एक साथ रखे जाते हैं, इसलिए हर वर्ष को उसकी अपनी घटना से बाँधकर याद रखना चाहिए। यह तिथि याद रखना सरल है क्योंकि यह स्वतंत्रता दिवस पर पड़ती है, और पेपर कभी-कभी इसी संकेत को प्रश्न में रख देता है।

Q3.स्टैटिक GKमध्यम

1975 में छोड़ा गया भारत का पहला उपग्रह कौन-सा था?

  1. A.भास्कर
  2. B.रोहिणी
  3. C.आर्यभट्ट
  4. D.एप्पल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्यभट्ट

व्याख्या

सही उत्तर C, आर्यभट्ट है। इसे 19 अप्रैल 1975 को सोवियत प्रक्षेपण स्थल से छोड़ा गया था, इसका नाम पाँचवीं शताब्दी के खगोलशास्त्री के नाम पर रखा गया और इसमें खगोल विज्ञान तथा सौर भौतिकी के प्रयोग थे। विकल्प A गलत है क्योंकि भास्कर उसके बाद आया पृथ्वी अवलोकन उपग्रह था। विकल्प B गलत है क्योंकि रोहिणी वह उपग्रह है जिसे 1980 में पहले भारतीय प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 ने कक्षा में स्थापित किया, जो अलग कीर्तिमान है। विकल्प D गलत है क्योंकि एप्पल 1980 के दशक के आरंभ का प्रायोगिक संचार उपग्रह था, जो बैलगाड़ी पर ले जाए जाने की तस्वीर के लिए याद किया जाता है। इस प्रश्न का जाल 1975 और 1980 की जोड़ी है, इसलिए पढ़ें कि उपग्रह पूछा गया है या प्रक्षेपण यान।

Q4.स्टैटिक GKमध्यम

किसी भारतीय प्रक्षेपण यान द्वारा कक्षा में स्थापित किया गया पहला उपग्रह कौन-सा था?

  1. A.आर्यभट्ट
  2. B.रोहिणी
  3. C.इनसैट-1ए
  4. D.आईआरएस-1ए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रोहिणी

व्याख्या

सही उत्तर B, रोहिणी है। एसएलवी-3 ने इसे 18 जुलाई 1980 को श्रीहरिकोटा से कक्षा में स्थापित किया, जिसके मिशन निदेशक ए. पी. जे. अब्दुल कलाम थे, और इस उड़ान से भारत अपने उपग्रह स्वयं छोड़ने वाला देश बना। विकल्प A गलत है क्योंकि 1975 में छोड़ा गया आर्यभट्ट सोवियत रॉकेट से गया था। विकल्प C गलत है क्योंकि इनसैट-1ए 1980 के दशक के आरंभ का संचार उपग्रह था, जिसे विदेश से छोड़ा गया क्योंकि भारी भारतीय यान तब बने नहीं थे। विकल्प D गलत है क्योंकि 1988 का पहला भारतीय दूर संवेदी उपग्रह आईआरएस-1ए भी विदेशी सहयोग से छोड़ा गया था। ऐसे प्रश्न भारतीय प्रक्षेपण यान द्वारा वाक्यांश पर टिके होते हैं। एसएलवी-3 चार चरणों वाला ठोस ईंधन रॉकेट था और उसकी सफलता ने भारत को अपनी प्रक्षेपण क्षमता वाले गिने-चुने देशों में ला खड़ा किया।

Q5.स्टैटिक GKआसान

इसरो का मुख्यालय किस नगर में स्थित है?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.अहमदाबाद
  3. C.बेंगलुरु
  4. D.तिरुवनंतपुरम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बेंगलुरु

व्याख्या

सही उत्तर C, बेंगलुरु है। इसरो तथा अंतरिक्ष विभाग का मुख्यालय बेंगलुरु में है, जहाँ यू आर राव उपग्रह केंद्र और टेलीमेट्री एवं ट्रैकिंग नेटवर्क इसट्रैक भी स्थित हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि नई दिल्ली में मंत्रालय हैं, इसरो का मुख्यालय नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि अहमदाबाद में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र है, जो पेलोड बनाता है और अंतरिक्ष आँकड़ों के उपयोग विकसित करता है, तथा वहीं इन-स्पेस भी है जो निजी अंतरिक्ष गतिविधि का नियमन करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र है, जहाँ प्रक्षेपण यानों का डिज़ाइन होता है। केंद्रों को नगरों से मिलाना इस विषय का सबसे आम प्रश्न है, इसलिए पूरी तालिका याद करें। अंतरिक्ष विभाग सीधे प्रधानमंत्री के अधीन आता है, जो अपने आप में एक अलग प्रश्न के रूप में पूछा जाता है।

Q6.स्टैटिक GKमध्यम

भारत का उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र किस स्थान पर है?

  1. A.श्रीहरिकोटा
  2. B.थुंबा
  3. C.हासन
  4. D.महेंद्रगिरि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्रीहरिकोटा

व्याख्या

सही उत्तर A, श्रीहरिकोटा है, जो आंध्र प्रदेश के तट का एक द्वीप है और जहाँ से पीएसएलवी, जीएसएलवी तथा एलवीएम3 की उड़ानें होती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि तिरुवनंतपुरम के पास थुंबा वह भूमध्यरेखीय केंद्र है जहाँ से 21 नवंबर 1963 को पहला साउंडिंग रॉकेट छोड़ा गया था, और वहाँ से उपग्रह प्रक्षेपण नहीं होते। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्नाटक के हासन में मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी है, जो कक्षा में पहुँचे संचार उपग्रहों को नियंत्रित करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में द्रव तथा क्रायोजेनिक इंजनों का परीक्षण होता है। प्रश्न इसलिए कठिन बनता है कि चारों विकल्प इसरो के असली स्थान हैं, इसलिए हर स्थान को उसके कार्य से जोड़ें। श्रीहरिकोटा इसलिए चुना गया कि वह भूमध्य रेखा के निकट है और उसके पूर्व में समुद्र है, जिससे रॉकेट के खर्च हो चुके चरण खुले जल में गिरते हैं।

Q7.स्टैटिक GKमध्यम

चंद्रयान-1 किस खोज के लिए सबसे अधिक याद किया जाता है?

  1. A.चंद्रमा के दूरस्थ भाग के पहले चित्रों के लिए
  2. B.चंद्रमा पर जल के अणुओं के प्रमाण के लिए
  3. C.हीलियम-3 के भंडारों की खोज के लिए
  4. D.दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चंद्रमा पर जल के अणुओं के प्रमाण के लिए

व्याख्या

सही उत्तर B, चंद्रमा पर जल के अणुओं के प्रमाण है। चंद्रयान-1 को 2008 में छोड़ा गया, उसमें मून इंपैक्ट प्रोब तथा कई देशों के उपकरण थे, और उसके आँकड़ों से चंद्र सतह पर जल के अणुओं की उपस्थिति सामने आई, जिसने चंद्रमा के बारे में समझ बदल दी। विकल्प A गलत है क्योंकि चंद्रमा के दूरस्थ भाग के चित्र बहुत पहले सोवियत तथा अमेरिकी यानों ने लिए थे। विकल्प C गलत है क्योंकि हीलियम-3 की चर्चा संभावित चंद्र संसाधन के रूप में होती है, वह इस मिशन की खोज नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग 2023 में चंद्रयान-3 ने की थी; चंद्रयान-1 ऑर्बिटर था और उसे उतरना था ही नहीं। यह मिशन पीएसएलवी से छोड़ा गया था और उसके आँकड़े आज भी चंद्र सतह के खनिजों का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं।

Q8.स्टैटिक GKमध्यम

भारत का मंगल कक्षित्र मिशन किस वर्ष मंगल की कक्षा में पहुँचा था?

  1. A.2013
  2. B.2014
  3. C.2016
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2014

व्याख्या

सही उत्तर B, 2014 है। यह यान नवंबर 2013 में पीएसएलवी से छोड़ा गया और 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुँचा, जिससे भारत पहले ही प्रयास में मंगल पर सफल होने वाला पहला देश और मंगल की कक्षा तक पहुँचने वाला एशिया का पहला देश बना। विकल्प A गलत है क्योंकि 2013 प्रक्षेपण का वर्ष है, पहुँचने का नहीं, और प्रश्न इसी जाल पर बना होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2016 का इस मिशन से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2019 चंद्रयान-2 का वर्ष है। ध्यान से पढ़ें कि प्रश्न प्रक्षेपण पूछ रहा है या कक्षा में पहुँचना, क्योंकि पेपर दोनों पूछता है और दोनों वर्ष अलग हैं। इस यान को मंगलयान भी कहा जाता है और इसमें पाँच उपकरण थे, जिनमें वह कैमरा भी था जिसके मंगल के चित्र व्यापक रूप से प्रकाशित हुए।

Q9.स्टैटिक GKआसान

आदित्य-एल1 किस पिंड के अध्ययन के लिए भेजा गया भारत का पहला मिशन है?

  1. A.चंद्रमा
  2. B.मंगल
  3. C.सूर्य
  4. D.शुक्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सूर्य

व्याख्या

सही उत्तर C, सूर्य है। आदित्य-एल1 को 2023 में छोड़ा गया और इसे पृथ्वी तथा सूर्य के बीच के प्रथम लैग्रेंज बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा में स्थापित किया गया, जहाँ से सूर्य को बिना ग्रहण की बाधा के देखा जा सकता है, और इसमें कोरोना, सौर पवन तथा सौर ज्वालाओं के अध्ययन के उपकरण हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि चंद्रमा के मिशन चंद्रयान श्रृंखला के हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि मंगल का मिशन मंगल कक्षित्र मिशन था, जिसे मंगलयान भी कहा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि शुक्र के मिशन की चर्चा हुई है, परंतु वह यह मिशन नहीं है। नाम ही संकेत है, क्योंकि आदित्य सूर्य का नाम है, और शीर्षक में एल1 यान की स्थिति बताता है। लैग्रेंज बिंदु वे स्थान हैं जहाँ दो पिंडों का गुरुत्वाकर्षण संतुलित रहता है, और यही इस मिशन के नाम की व्याख्या है।

Q10.स्टैटिक GKआसान

अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय कौन थे?

  1. A.राकेश शर्मा
  2. B.कल्पना चावला
  3. C.सुनीता विलियम्स
  4. D.रवीश मल्होत्रा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राकेश शर्मा

व्याख्या

सही उत्तर A, राकेश शर्मा है। वे 1984 में इंटरकॉसमॉस कार्यक्रम के अंतर्गत एक सोवियत मिशन से गए और लगभग एक सप्ताह कक्षा में रहे, और ऊपर से भारत कैसा दिखता है इस प्रश्न पर दिया उनका उत्तर बार-बार उद्धृत किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि हरियाणा में जन्मी कल्पना चावला अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री थीं और भारतीय मूल की होते हुए भी उड़ान के समय अमेरिकी नागरिक थीं। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स भी उसी एजेंसी के लिए गईं। विकल्प D गलत है क्योंकि रवीश मल्होत्रा 1984 की उड़ान के लिए बैकअप थे और अंतरिक्ष में नहीं गए। प्रश्न भारतीय और भारतीय मूल के व्यक्ति के अंतर पर टिका है। उनकी उड़ान सोयुज टी-11 यान से हुई थी, जो इस विषय में अगला पूछा जाने वाला तथ्य है।

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