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खेल सामान्य ज्ञान क्विज: खेलों में भारत के प्रथम और दिग्गज

  • 11 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

खेल सामान्य ज्ञान के अंतर्गत "खेलों में भारत के प्रथम और दिग्गज" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

1900 के पेरिस ओलंपिक में दो रजत पदक जीतकर भारत के पहले ओलंपिक पदक किसने दिलाए?

  1. A.नॉर्मन प्रिचार्ड
  2. B.के. डी. जाधव
  3. C.ध्यानचंद
  4. D.मिल्खा सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नॉर्मन प्रिचार्ड

व्याख्या

सही उत्तर A, नॉर्मन प्रिचार्ड है। प्रिचार्ड 1900 के पेरिस खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र प्रतिभागी थे और उन्होंने 200 मीटर दौड़ तथा 200 मीटर बाधा दौड़, दोनों में दूसरा स्थान पाया, इसलिए भारत के पहले दो ओलंपिक पदक रजत थे और एथलेटिक्स में आए। विकल्प B, के. डी. जाधव, ने 1952 के हेलसिंकी में कुश्ती का कांस्य जीता, जो स्वतंत्र भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक था, परंतु भारत का पहला पदक नहीं। विकल्प C, ध्यानचंद, उन हॉकी टीमों में थे जिन्होंने 1928, 1932 तथा 1936 में स्वर्ण जीता, अर्थात उनका पहला पदक प्रिचार्ड से अट्ठाईस वर्ष बाद आया। विकल्प D, मिल्खा सिंह, ने कोई ओलंपिक पदक नहीं जीता; वे 1960 के रोम ओलंपिक में 400 मीटर में चौथे स्थान पर रहे। तीनों वर्ष अलग रखें: 1900 पहले पदक, 1928 पहला स्वर्ण और 1952 स्वतंत्रता के बाद पहला व्यक्तिगत पदक।

Q2.खेल सामान्य ज्ञानआसान

किस ओलंपिक संस्करण में भारत ने पुरुष हॉकी में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता?

  1. A.एंटवर्प 1920
  2. B.एम्स्टर्डम 1928
  3. C.लॉस एंजिल्स 1932
  4. D.बर्लिन 1936
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एम्स्टर्डम 1928

व्याख्या

सही उत्तर B, एम्स्टर्डम 1928 है। भारत ने 1928 में पहली बार ओलंपिक खेलों में हॉकी टीम भेजी और पूरी प्रतियोगिता में एक भी गोल खाए बिना स्वर्ण जीता, जिससे लगातार छह हॉकी स्वर्णों की वह श्रृंखला आरंभ हुई जो 1932, 1936, 1948, 1952 और 1956 तक चली। विकल्प A, एंटवर्प 1920, वह आयोजन है जिसमें भारत ने पहली बार खिलाड़ियों का दल भेजा, परंतु उसमें भारत की हॉकी भागीदारी नहीं थी और कोई पदक नहीं आया। विकल्प C, लॉस एंजिल्स 1932, तथा विकल्प D, बर्लिन 1936, दूसरे और तीसरे हॉकी स्वर्ण थे, और 1936 विशेष रूप से प्रसिद्ध है क्योंकि उसमें ध्यानचंद ने टीम की कप्तानी की थी। परीक्षक का जाल यही है कि वह पहले हॉकी स्वर्ण के लिए 1928 के स्थान पर 1920 रख देता है, जो केवल पहले दल का वर्ष है। यह भी स्मरण रखें कि 1948 का लंदन स्वर्ण स्वतंत्र भारत के नाम से जीता गया पहला ओलंपिक स्वर्ण था।

Q3.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

ओलंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कौन बने?

  1. A.राज्यवर्धन सिंह राठौड़
  2. B.सुशील कुमार
  3. C.अभिनव बिंद्रा
  4. D.नीरज चोपड़ा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अभिनव बिंद्रा

व्याख्या

सही उत्तर C, अभिनव बिंद्रा है। बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा जीती, और वह आज भी भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण है; इसी स्पर्धा में वे 2006 में विश्व चैंपियन भी बन चुके थे। विकल्प A, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, ने 2004 के एथेंस में डबल ट्रैप निशानेबाजी का रजत जीता, जो भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक रजत था, और वे सामान्य भ्रमजाल हैं क्योंकि उनका पदक भी निशानेबाजी में आया। विकल्प B, सुशील कुमार, ने 2008 में कुश्ती का कांस्य और 2012 में रजत जीता, जिससे वे दो ओलंपिक में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने, पर उनमें कोई स्वर्ण नहीं था। विकल्प D, नीरज चोपड़ा, ने टोक्यो 2020 में भाला फेंक का स्वर्ण जीता, जो एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक पदक था, पर वह बिंद्रा के तेरह वर्ष बाद आया।

Q4.खेल सामान्य ज्ञानआसान

ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कर्णम मल्लेश्वरी किस खेल से जुड़ी हैं?

  1. A.एथलेटिक्स
  2. B.भारोत्तोलन
  3. C.निशानेबाजी
  4. D.बैडमिंटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारोत्तोलन

व्याख्या

सही उत्तर B, भारोत्तोलन है। मल्लेश्वरी ने 2000 के सिडनी ओलंपिक में 69 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता और इस प्रकार कोई भी ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, इसी कारण उन्हें भारतीय खेल की आयरन लेडी कहा जाता है। विकल्प A, एथलेटिक्स, गलत है: भारतीय महिलाओं में एथलेटिक्स में सबसे निकट पी. टी. उषा पहुंचीं, जो 1984 के लॉस एंजिल्स में कांस्य से सौवें हिस्से के अंतर से चूक गईं। विकल्प C, निशानेबाजी, ने 2008 में अभिनव बिंद्रा के माध्यम से भारत को पहला व्यक्तिगत स्वर्ण दिया, जो पुरुष वर्ग था। विकल्प D, बैडमिंटन, में साइना नेहवाल का 2012 का कांस्य और पी. वी. सिंधु का 2016 का रजत आया, दोनों मल्लेश्वरी के बाद। वर्ष 2000, भारोत्तोलन और सिडनी को एक साथ याद रखें।

Q5.खेल सामान्य ज्ञानआसान

भारत में जिनका जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, वे ध्यानचंद किस खेल से जुड़े हैं?

  1. A.फुटबॉल
  2. B.हॉकी
  3. C.कुश्ती
  4. D.क्रिकेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हॉकी

व्याख्या

सही उत्तर B, हॉकी है। ध्यानचंद उन भारतीय हॉकी टीमों में खेले जिन्होंने 1928, 1932 तथा 1936 में ओलंपिक स्वर्ण जीता, और बर्लिन में उन्होंने टीम की कप्तानी की; गेंद पर उनके नियंत्रण ने उन्हें हॉकी का जादूगर कहलवाया। उनका जन्मदिन 29 अगस्त हर वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिस अवसर पर राष्ट्रीय खेल पुरस्कार दिए जाते हैं, और उनमें सर्वोच्च पुरस्कार अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहलाता है। विकल्प A, फुटबॉल, सैयद अब्दुल रहीम और चुन्नी गोस्वामी जैसे नामों का क्षेत्र है। विकल्प C, कुश्ती, के. डी. जाधव और सुशील कुमार का खेल है। विकल्प D, क्रिकेट, से उनका कोई संबंध नहीं। याद रखने की श्रृंखला है ध्यानचंद, हॉकी, 29 अगस्त और राष्ट्रीय खेल दिवस। यह भी जोड़ लें कि बलबीर सिंह सीनियर ने 1948, 1952 तथा 1956 में तीन हॉकी स्वर्ण जीते और 1952 के फाइनल में पांच गोल किए थे।

Q6.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय कौन थे?

  1. A.पुलेला गोपीचंद
  2. B.प्रकाश पादुकोण
  3. C.नंदू नाटेकर
  4. D.सैयद मोदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रकाश पादुकोण

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रकाश पादुकोण है। पादुकोण ने 1980 में ऑल इंग्लैंड ओपन जीता, जो विश्व की सबसे पुरानी और उस समय की सबसे प्रतिष्ठित बैडमिंटन प्रतियोगिता थी, और वे पुरुष वर्ग में विश्व की नंबर एक रैंकिंग पाने वाले पहले भारतीय भी थे। विकल्प A, पुलेला गोपीचंद, ने यही खिताब 2001 में जीता और इस प्रकार वे ऐसा करने वाले केवल दूसरे भारतीय बने, इसी कारण वे यहां सबसे आम गलत उत्तर हैं; उन्होंने बाद में साइना नेहवाल तथा पी. वी. सिंधु को प्रशिक्षित किया। विकल्प C, नंदू नाटेकर, उन्नीस सौ पचास के दशक के अग्रणी भारतीय खिलाड़ी थे और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिताब जीतने वाले पहले भारतीय, पर ऑल इंग्लैंड नहीं। विकल्प D, सैयद मोदी, अस्सी के दशक के राष्ट्रीय चैंपियन थे। क्रम याद रखें: अग्रणी नाटेकर, 1980 में पादुकोण और 2001 में गोपीचंद।

Q7.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

भारत के पहले शतरंज ग्रैंडमास्टर कौन बने?

  1. A.प्रवीण ठिपसे
  2. B.दिव्येंदु बरुआ
  3. C.विश्वनाथन आनंद
  4. D.कोनेरू हंपी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विश्वनाथन आनंद

व्याख्या

सही उत्तर C, विश्वनाथन आनंद है। आनंद ने 1988 में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त की और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने, आगे 2000 में विश्व चैंपियन बने तथा 2007 से 2013 तक निर्विवाद विश्व खिताब अपने पास रखा। वे देश के सर्वोच्च खेल सम्मान के भी पहले प्राप्तकर्ता थे, जो 1991-92 में स्थापित हुआ और अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहलाता है। विकल्प A, प्रवीण ठिपसे, तथा विकल्प B, दिव्येंदु बरुआ, उसी पीढ़ी के सशक्त भारतीय खिलाड़ी थे और आनंद के बाद ग्रैंडमास्टर बने, इसी कारण वे भ्रमजाल के रूप में रखे जाते हैं। विकल्प D, कोनेरू हंपी, भारत की श्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों में हैं और ग्रैंडमास्टर भी, परंतु वे बाद की पीढ़ी की हैं। याद रखने योग्य पंक्ति है पहली ग्रैंडमास्टर उपाधि के लिए 1988 और विश्व खिताब के लिए 2000।

Q8.खेल सामान्य ज्ञानआसान

भारत ने 1983 में पहली बार क्रिकेट विश्व कप किसकी कप्तानी में जीता?

  1. A.सुनील गावस्कर
  2. B.कपिल देव
  3. C.अजीत वाडेकर
  4. D.मोहिंदर अमरनाथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कपिल देव

व्याख्या

सही उत्तर B, कपिल देव है। भारत ने 1983 में लॉर्ड्स के फाइनल में वेस्टइंडीज को हराया और उस समय टीम के कप्तान कपिल देव थे; वह प्रतियोगिता उनके टनब्रिज वेल्स में जिम्बाब्वे के विरुद्ध नाबाद 175 रन के लिए भी याद की जाती है। विकल्प A, सुनील गावस्कर, ने अन्य अवसरों पर भारत की कप्तानी की और वे टेस्ट क्रिकेट में दस हजार रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज थे, परंतु 1983 के फाइनल में कप्तान नहीं थे। विकल्प C, अजीत वाडेकर, ने 1971 में वेस्टइंडीज तथा इंग्लैंड में प्रसिद्ध श्रृंखला जीतों में टीम का नेतृत्व किया, जो एक भिन्न उपलब्धि है। विकल्प D, मोहिंदर अमरनाथ, 1983 के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में मैन ऑफ द मैच रहे पर उन्होंने कभी कप्तानी नहीं की। तीनों विश्व विजय क्रम में रखें: 1983 कपिल देव, 2007 का विश्व ट्वेंटी20 और 2011 का विश्व कप एम. एस. धोनी।

Q9.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

भारत में खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशिक्षकों को कौन सा पुरस्कार दिया जाता है?

  1. A.अर्जुन पुरस्कार
  2. B.द्रोणाचार्य पुरस्कार
  3. C.ध्यानचंद पुरस्कार
  4. D.खेल रत्न पुरस्कार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्रोणाचार्य पुरस्कार

व्याख्या

सही उत्तर B, द्रोणाचार्य पुरस्कार है। वर्ष 1985 में स्थापित और महाभारत के धनुर्विद्या के आचार्य के नाम पर रखा गया यह पुरस्कार उन प्रशिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता तैयार किए हों। विकल्प A, अर्जुन पुरस्कार, जो 1961 में स्थापित हुआ, कई वर्षों तक लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को मिलता है, प्रशिक्षकों को नहीं। विकल्प C, ध्यानचंद पुरस्कार, जो 2002 में स्थापित हुआ, उन सेवानिवृत्त खिलाड़ियों के लिए आजीवन उपलब्धि सम्मान है जो खेल में योगदान देते रहते हैं। विकल्प D, खेल रत्न पुरस्कार, जो 1991-92 में स्थापित हुआ और अब मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जाता है, देश का सर्वोच्च खेल सम्मान है और उसके पहले प्राप्तकर्ता विश्वनाथन आनंद थे। चारों की घोषणा 29 अगस्त को होती है, इसलिए इन्हें उद्देश्य से अलग करें।

Q10.खेल सामान्य ज्ञानआसान

भारतीय खेल में पय्योली एक्सप्रेस के नाम से किसे याद किया जाता है?

  1. A.अंजू बॉबी जॉर्ज
  2. B.पी. टी. उषा
  3. C.शाइनी विल्सन
  4. D.हिमा दास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पी. टी. उषा

व्याख्या

सही उत्तर B, पी. टी. उषा है। उषा केरल के कोझिकोड जिले के पय्योली से आती हैं, और जिस गति से वे फर्राटा दौड़ तथा 400 मीटर बाधा दौड़ दौड़ती थीं उसी ने उन्हें पय्योली एक्सप्रेस नाम दिलाया; एशियाई खेलों तथा एशियाई चैंपियनशिप के लंबे खिताबी सिलसिले के कारण उन्हें भारतीय एथलेटिक्स की गोल्डन गर्ल भी कहा जाता है। उनकी सबसे याद की जाने वाली दौड़ 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक की 400 मीटर बाधा दौड़ का फाइनल है, जिसमें वे कांस्य से सौवें हिस्से के अंतर पर रहकर चौथे स्थान पर आईं। विकल्प A, अंजू बॉबी जॉर्ज, ने 2003 में पेरिस में लंबी कूद का कांस्य जीतकर विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक दिलाया। विकल्प C, शाइनी विल्सन, उसी दौर की श्रेष्ठ मध्य दूरी धावक थीं। विकल्प D, हिमा दास, बाद की फर्राटा धावक हैं।

Q11.खेल सामान्य ज्ञानकठिन

पैरालंपिक खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी कौन थे?

  1. A.मुरलीकांत पेटकर
  2. B.देवेंद्र झाझड़िया
  3. C.दीपा मलिक
  4. D.अवनि लेखरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. देवेंद्र झाझड़िया

व्याख्या

सही उत्तर B, देवेंद्र झाझड़िया है। झाझड़िया ने 2004 के एथेंस और फिर 2016 के रियो पैरालंपिक में भाला फेंक का स्वर्ण जीता और इस प्रकार दो स्वर्ण पदक वाले पहले भारतीय पैरालंपियन बने। विकल्प A, मुरलीकांत पेटकर, सशक्त भ्रमजाल हैं क्योंकि उन्होंने 1972 के हाइडलबर्ग में तैराकी में भारत का सर्वप्रथम पैरालंपिक स्वर्ण जीता था, परंतु वह एक ही खिताब था। विकल्प C, दीपा मलिक, 2016 के रियो में गोला फेंक का रजत जीतकर पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जो एक भिन्न प्रकार का प्रथम है। विकल्प D, अवनि लेखरा, टोक्यो खेलों में निशानेबाजी में पैरालंपिक स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। चारों प्रथम अलग-अलग याद रखें: पहला स्वर्ण पेटकर, दो स्वर्ण झाझड़िया, महिला का पहला पदक मलिक और महिला का पहला स्वर्ण लेखरा।

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