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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 64

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 64) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 17 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, गांधीजी का दक्षिण अफ्रीका प्रवास और प्रारंभिक सत्याग्रह: चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 17 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा स्थल नहीं है?

  1. A.चन्हूदड़ो
  2. B.कोट दीजी
  3. C.सोहगौरा
  4. D.देसलपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सोहगौरा

व्याख्या

सही उत्तर है C, सोहगौरा। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का सोहगौरा मौर्यकालीन ताम्रपत्र अभिलेख के लिए जाना जाता है, हड़प्पाई अवशेषों के लिए नहीं।

प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा सोहगौरा ताम्रपत्र भारत के सबसे पुराने ताम्रपत्र अभिलेखों में से है और प्रायः मौर्य युग का माना जाता है। इसमें अकाल के समय राहत के लिए उपयोग होने वाले भंडारगृहों (कोष्ठागार) से जुड़ा आदेश दर्ज है, जो दिखाता है कि राज्य आरंभ से ही अकाल राहत की चिंता करता था। सूची के हड़प्पाई स्थल सिंध और गुजरात में फैले हैं: सिंध में चन्हूदड़ो और कोट दीजी, तथा कच्छ में देसलपुर।

A गलत है: सिंध का चन्हूदड़ो मनके बनाने की कार्यशालाओं के लिए प्रसिद्ध हड़प्पाई नगर है; यहाँ दुर्ग नहीं था।

B गलत है: सिंध के कोट दीजी में प्राक्-हड़प्पा चरण के बाद परिपक्व हड़प्पा बस्ती मिलती है।

D गलत है: गुजरात के कच्छ में देसलपुर एक किलेबंद हड़प्पाई स्थल है।

परीक्षा टिप: सोहगौरा (गोरखपुर) और महास्थान (बांग्लादेश) = अकाल राहत वाले मौर्य अभिलेख; चन्हूदड़ो = बिना दुर्ग का मनका कारखाना।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 3आसान

1903 में दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने किस समाचार पत्र की स्थापना की थी?

  1. A.यंग इंडिया
  2. B.इंडियन ओपिनियन
  3. C.स्वराज हिंद
  4. D.नवजीवन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन ओपिनियन

व्याख्या

सही उत्तर है B, इंडियन ओपिनियन। गांधीजी ने 1903 में डरबन से इंडियन ओपिनियन शुरू किया, जिसका उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों की बात जनता के सामने रखना था।

यह साप्ताहिक डरबन के निकट फीनिक्स आश्रम में छपता था और अंग्रेजी तथा गुजराती में निकलता था; शुरुआती वर्षों में इसमें तमिल और हिंदी खंड भी रहे। गांधीजी ने बाद में लिखा कि सत्याग्रह जैसा संघर्ष अपने समाचार पत्र के बिना नहीं चलाया जा सकता। इस पत्र में एशियाटिक रजिस्ट्रेशन अधिनियम के विरुद्ध चले आंदोलन पर उनके लेख छपते थे।

विकल्प A, यंग इंडिया, वह अंग्रेजी साप्ताहिक था जिसका संपादन गांधीजी ने 1919 से भारत में किया। विकल्प C, स्वराज हिंद, उनसे जुड़ा कोई पत्र नहीं है। विकल्प D, नवजीवन, उनका गुजराती साप्ताहिक था, जो भी 1919 में भारत में शुरू हुआ।

परीक्षा सुझाव: इंडियन ओपिनियन 1903 दक्षिण अफ्रीका; यंग इंडिया और नवजीवन 1919 भारत।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. बुद्ध का देवत्वीकरण 2. बोधिसत्वों के मार्ग पर चलना 3. मूर्ति पूजा और कर्मकांड ऊपर दिए गए में से कौन-सी महायान बौद्ध धर्म की विशेषता/विशेषताएँ है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। तीनों महायान बौद्ध धर्म की पहचान हैं, यानी उस 'महान यान' की जो ईसवी सन् के आरंभ के आसपास विकसित हुआ।

महायान ने बुद्ध को केवल मानव शिक्षक नहीं, बल्कि दिव्य उद्धारकर्ता माना, इसलिए उनकी पूजा देवता के रूप में होने लगी। इसका केंद्र बोधिसत्व आदर्श था: बोधिसत्व वह है जिसने ज्ञान प्राप्त कर लिया है, पर दूसरों को मुक्ति दिलाने के लिए अपना निर्वाण टाल देता है, और अनुयायी उसी मार्ग पर चलना चाहते हैं। बुद्ध और अवलोकितेश्वर, मैत्रेय जैसे बोधिसत्वों की मूर्तियाँ, कर्मकांड और भक्ति प्रमुख हो गए, जिससे गांधार और मथुरा मूर्तिकला शैलियों का विकास हुआ। कनिष्क के समय की चौथी बौद्ध संगीति महायान के उदय से जुड़ी है और नागार्जुन इसके प्रमुख दार्शनिक थे।

A गलत है: इसमें कथन 2 और 3 छूट जाते हैं।

B गलत है: इसमें मूर्ति पूजा छूट जाती है।

C गलत है: इसमें बुद्ध का देवत्वीकरण छूट जाता है।

परीक्षा टिप: महायान = बुद्ध देवता के रूप में, बोधिसत्व आदर्श, मूर्ति पूजा, संस्कृत ग्रंथ; हीनयान या थेरवाद = बुद्ध शिक्षक के रूप में, पालि ग्रंथ।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · UPSC CAPF AC 2023 Official Paper-Iकठिन

प्राचीन भारतीय सिक्कों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इंडो-ग्रीक शासकों ने सबसे पहले ऐसे सिक्के जारी किए जिन पर शासकों के नाम और चित्र अंकित थे।
  2. B.कुषाणों ने सबसे पहले स्वर्ण सिक्के जारी किए।
  3. C.कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।
  4. D.ये कुषाण स्वर्ण सिक्के उत्तर भारत और मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।

व्याख्या

सही उत्तर है C, क्योंकि यही कथन सही नहीं है। कुषाण स्वर्ण सिक्के उस समय के रोमन ऑरियस के समान भार मानक पर ढाले गए थे, भिन्न मानक पर नहीं, क्योंकि यह वंश रोमन जगत से जोरदार व्यापार करता था और उसी मानक को अपनाना सुविधाजनक समझता था। बाकी तीन कथन ठीक हैं। इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत के वे पहले सिक्के जारी किए जिन पर शासक का नाम और उसका चित्र दोनों अंकित हैं, जो पहले के आहत (पंच-मार्क्ड) सिक्कों से बड़ा बदलाव था, क्योंकि उन पर केवल प्रतीक बने होते थे। कुषाणों ने विम कडफिसेस और कनिष्क के समय से भारत में पहली बार बड़ी संख्या में स्वर्ण सिक्के जारी किए, जिनके पृष्ठ भाग पर शिव और बुद्ध जैसे देवता दिखते हैं। और उनके स्वर्ण सिक्के वास्तव में उत्तर भारत तथा मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं, जो उनके व्यापार के विस्तार का सबसे स्पष्ट प्रमाण है। परीक्षा टिप: आहत सिक्के सबसे प्राचीन, इंडो-ग्रीक सिक्के पहले चित्रयुक्त, कुषाण सिक्के पहले स्वर्ण और सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के गुप्तों के।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iकठिन

गुप्त काल में भारत में बेगार (विष्टि) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.इसे राज्य की आय का एक स्रोत, यानी जनता द्वारा दिया जाने वाला एक प्रकार का कर माना जाता था।
  2. B.गुप्त साम्राज्य के मध्य प्रदेश और काठियावाड़ क्षेत्रों में यह पूरी तरह अनुपस्थित थी।
  3. C.बेगार करने वाला श्रमिक साप्ताहिक मज़दूरी का हक़दार था।
  4. D.श्रमिक के सबसे बड़े पुत्र को बेगार के लिए भेजा जाता था।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इसे राज्य की आय का एक स्रोत, यानी जनता द्वारा दिया जाने वाला एक प्रकार का कर माना जाता था।

व्याख्या

सही उत्तर है A, इसे राज्य की आय का एक स्रोत, यानी जनता द्वारा दिया जाने वाला एक प्रकार का कर माना जाता था। विष्टि वह अवैतनिक श्रम था जो प्रजा राजा को देती थी, इसलिए यह धन या अनाज के स्थान पर श्रम के रूप में चुकाए जाने वाले कर जैसा था।

विष्टि, यानी बेगार, का उल्लेख अर्थशास्त्र और गुप्त तथा गुप्तोत्तर काल के अनेक अभिलेखों में मिलता है। गाँव वालों से सेना और अधिकारियों का सामान ढुलवाया जाता था, निर्माण या मरम्मत के काम कराए जाते थे और गुज़रते राजकीय अधिकारियों की सेवा कराई जाती थी। ब्राह्मणों और मंदिरों को दिए गए भूमि-दानों में अक्सर विष्टि से छूट को भी सौंपे गए विशेषाधिकारों में गिना गया, जो दिखाता है कि इसे माँगने का अधिकार राज्य के लिए मूल्यवान था। इस काल में मध्य भारत और काठियावाड़ सहित पश्चिमी भारत में यह प्रथा दर्ज है।

B गलत है: मध्य प्रदेश और काठियावाड़ के अभिलेखों में विष्टि का उल्लेख है, इसलिए यह वहाँ अनुपस्थित नहीं थी।

C गलत है: विष्टि स्वभाव से ही अवैतनिक थी; कोई साप्ताहिक मज़दूरी नहीं मिलती थी।

D गलत है: ऐसा कोई नियम नहीं था कि सबसे बड़े पुत्र को ही बेगार के लिए भेजा जाए।

परीक्षा टिप: विष्टि = राज्य के लिए अवैतनिक बेगार; गुप्तकालीन भूमि-दानों में इससे छूट एक आम विशेषाधिकार थी।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2022, GATमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. डच ईस्ट इंडिया कंपनी का गठन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के गठन के बाद हुआ था।

2. वास्को द गामा 1498 में कालीकट पहुंचा था।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को 1600 में और डच कंपनी को 1602 में चार्टर मिला, और वास्को द गामा मई 1498 में कालीकट के पास उतरा।

महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने 31 दिसंबर 1600 को अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को चार्टर दिया। डच ईस्ट इंडिया कंपनी, यानी VOC, इसके दो साल बाद 1602 में कई डच व्यापारिक कंपनियों को मिलाकर बनी। इन दोनों से बहुत पहले पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा केप ऑफ गुड होप का चक्कर लगाकर 20 मई 1498 को कालीकट के पास कप्पाड पहुंचा, जहां जमोरिन का शासन था; इससे यूरोप से भारत का सीधा समुद्री मार्ग खुला।

A गलत है: कथन 2 भी सही है, इसलिए "केवल 1" अधूरा है।

B गलत है: कथन 1 भी सही है, क्योंकि डच कंपनी 1602 में, अंग्रेजी कंपनी के बाद, बनी।

D गलत है: दोनों कथन सही हैं।

परीक्षा टिप: आगमन का क्रम: पुर्तगाली 1498, अंग्रेजी कंपनी 1600, डच कंपनी 1602, डेनिश 1616, फ्रांसीसी कंपनी 1664।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 11 Oct 2021, Shift 3मध्यम

रानी रुद्रमादेवी निम्नलिखित में से किस राज्य से संबंधित थीं?

  1. A.चोल
  2. B.वाकाटक
  3. C.पश्चिमी गंग
  4. D.काकतीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. काकतीय

व्याख्या

सही उत्तर है D, काकतीय। रुद्रमादेवी ने तेरहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में वारंगल, जिसे तब ओरुगल्लु कहा जाता था, से काकतीय राज्य पर शासन किया; यह क्षेत्र आज तेलंगाना में है। उनके पिता गणपतिदेव को कोई पुत्र नहीं था, इसलिए उन्होंने रुद्रमादेवी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। उन्होंने स्वतंत्र शासक के रूप में राज किया, अभिलेखों में रुद्रदेव जैसा पुरुष नाम धारण किया और स्वयं सेना का नेतृत्व करते हुए विद्रोही सामंतों तथा देवगिरि के यादवों का सामना किया। उनके बाद उनका पौत्र प्रतापरुद्र द्वितीय अंतिम काकतीय शासक बना, जिसके समय वारंगल दिल्ली की सेनाओं के हाथ पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि चोल तमिल क्षेत्र में तंजावुर से शासन करते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि वाकाटक तीसरी से पाँचवीं शताब्दी के दक्कन के शासक थे, जिनका गुप्तों से वैवाहिक संबंध था। विकल्प C गलत है, क्योंकि पश्चिमी गंग कर्नाटक में तलकाड से राज करते थे और श्रवणबेलगोला की गोम्मटेश्वर प्रतिमा उनसे जुड़ी है। परीक्षा टिप: काकतीय यानी वारंगल, गणपतिदेव, रुद्रमादेवी और हनमकोंडा का हज़ार खंभों वाला मंदिर।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा असहयोग आंदोलन के कार्य-कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था?

  1. A.कांग्रेस संगठन को गाँव और मोहल्ला स्तर तक पहुँचना था
  2. B.सरकार से संबद्ध स्कूलों और कॉलेजों का बहिष्कार
  3. C.कांग्रेस कार्य समिति द्वारा राज्य की कानून-व्यवस्था मशीनरी पर नियंत्रण करना
  4. D.सरकार द्वारा दी गई उपाधियों और सम्मानों को लौटाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कांग्रेस कार्य समिति द्वारा राज्य की कानून-व्यवस्था मशीनरी पर नियंत्रण करना

व्याख्या

सही उत्तर है C, कांग्रेस कार्य समिति द्वारा राज्य की कानून-व्यवस्था मशीनरी पर नियंत्रण करना। यह आंदोलन अहिंसक तरीके से सरकार से सहयोग वापस लेने का था, सरकारी तंत्र पर कब्जा करने का नहीं।

असहयोग आंदोलन सितंबर 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन में स्वीकार हुआ और दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन में इसकी पुष्टि हुई। इसके कार्यक्रम में उपाधियाँ और सम्मान लौटाना, सरकारी स्कूल-कॉलेज, अदालतें, विधान परिषदें और विदेशी कपड़े का बहिष्कार, राष्ट्रीय विद्यालय और विवाद सुलझाने के लिए पंचायतें बनाना तथा खादी को बढ़ावा देना शामिल था। नागपुर में कांग्रेस ने अपना संगठन भी बदला: भाषाई आधार पर प्रांतीय समितियाँ, गाँव और मोहल्ले तक इकाइयाँ और कामकाज के लिए कार्य समिति।

A गलत है: कांग्रेस संगठन को गाँव और मोहल्ला स्तर तक ले जाना नागपुर सुधारों का हिस्सा था।

B गलत है: सरकार से जुड़े स्कूल-कॉलेजों का बहिष्कार इसका मुख्य बिंदु था।

D गलत है: उपाधियाँ लौटाना कार्यक्रम का पहला कदम था; गांधीजी ने कैसर-ए-हिंद पदक लौटाया।

परीक्षा टिप: कलकत्ता विशेष अधिवेशन (सितंबर 1920) में असहयोग स्वीकार हुआ; नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में पुष्टि हुई।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 Sept, 2024, Shift 2आसान

गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला आधिकारिक शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?

  1. A.भारत
  2. B.यूगोस्लाविया
  3. C.न्यूयॉर्क
  4. D.मिस्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूगोस्लाविया

व्याख्या

सही उत्तर है B, यूगोस्लाविया। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन सितंबर 1961 में बेलग्रेड में हुआ था, जो तब यूगोस्लाविया की राजधानी थी, और इसमें पच्चीस देशों ने भाग लिया। यह आंदोलन भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज़ टीटो, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर, घाना के क्वामे नक्रूमा और इंडोनेशिया के सुकर्णो की आपसी समझ से खड़ा हुआ था। ये नेता चाहते थे कि एशिया और अफ्रीका के नए स्वतंत्र देश शीत युद्ध के दोनों गुटों से अलग रहें। वर्ष 1955 के इंडोनेशिया के बांडुंग सम्मेलन ने इसकी ज़मीन तैयार की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत ने 1983 में नई दिल्ली में सातवाँ सम्मेलन आयोजित किया था, पहला नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है और वहाँ इस आंदोलन का कोई शिखर सम्मेलन नहीं हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि मिस्र ने 1964 में काहिरा में दूसरा सम्मेलन कराया था। परीक्षा टिप: पहला गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन बेलग्रेड 1961, और पाँच संस्थापक नेहरू, टीटो, नासिर, नक्रूमा तथा सुकर्णो।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2016, GS Paper Iमध्यम

प्राचीन भारत की निम्नलिखित पुस्तकों में से किसमें शुंग वंश के संस्थापक के पुत्र की प्रेम कहानी है?

  1. A.स्वप्नवासवदत्ता
  2. B.मालविकाग्निमित्र
  3. C.मेघदूत
  4. D.रत्नावली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मालविकाग्निमित्र

व्याख्या

सही उत्तर है B, मालविकाग्निमित्र। कालिदास का यह नाटक पुष्यमित्र शुंग के पुत्र अग्निमित्र और रानी के यहाँ सेविका मालविका की प्रेम कहानी है।

पुष्यमित्र शुंग ने लगभग 185 ई.पू. में अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या करके शुंग वंश की स्थापना की। उनके पुत्र अग्निमित्र विदिशा से शासन करते थे, और कालिदास के पहले नाटक मालविकाग्निमित्र में अग्निमित्र को मालविका से प्रेम होता है, जो कुशल नर्तकी है और बाद में राजकुमारी निकलती है। नाटक में विदर्भ राज्य से युद्ध और सिंधु नदी के तट पर पुष्यमित्र के पौत्र वसुमित्र तथा यवनों (यूनानियों) के संघर्ष का भी उल्लेख है, इसलिए यह शुंग काल का उपयोगी ऐतिहासिक स्रोत है।

A गलत है: स्वप्नवासवदत्ता भास का नाटक है, जो वत्स के राजा उदयन और रानी वासवदत्ता पर है।

C गलत है: मेघदूत कालिदास का गीतिकाव्य है, जिसमें निर्वासित यक्ष बादल के जरिए पत्नी को संदेश भेजता है।

D गलत है: रत्नावली राजा हर्षवर्धन का नाटक है, जो उदयन और रत्नावली पर है।

परीक्षा टिप: कालिदास के तीन नाटक = मालविकाग्निमित्र (शुंग राजा अग्निमित्र), विक्रमोर्वशीयम्, अभिज्ञानशाकुंतलम्।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 24 Oct 2021आसान

‘एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल’ का संस्थापक कौन था?

  1. A.जोनाथन डंकन
  2. B.सर विलियम जोन्स
  3. C.वारेन हेस्टिंग्स
  4. D.विलियम बेंटिंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सर विलियम जोन्स

व्याख्या

सही उत्तर है B, सर विलियम जोन्स। कलकत्ता के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और कई भाषाओं के विद्वान विलियम जोन्स ने 15 जनवरी 1784 को एशिया के इतिहास, भाषाओं और संस्कृति के अध्ययन के लिए एशियाटिक सोसायटी की स्थापना की। उन्होंने 1789 में कालिदास के ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ का अंग्रेज़ी अनुवाद किया, जिससे संस्कृत साहित्य यूरोप में प्रसिद्ध हुआ, और 1786 में संस्कृत, ग्रीक और लैटिन के आपसी रिश्ते की ओर ध्यान दिलाया। गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स इसके संरक्षक थे, पर उन्होंने अध्यक्ष पद जोन्स के लिए छोड़ दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि जोनाथन डंकन ने 1791 में बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स केवल संरक्षक थे; उनकी अपनी स्थापना 1781 का कलकत्ता मदरसा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1828 से 1835 तक गवर्नर-जनरल रहे विलियम बेंटिंक 1829 में सती प्रथा समाप्त करने के लिए जाने जाते हैं, इस संस्था के लिए नहीं। परीक्षा टिप: कलकत्ता मदरसा 1781 (हेस्टिंग्स), एशियाटिक सोसायटी 1784 (जोन्स), बनारस संस्कृत कॉलेज 1791 (डंकन)।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

ब्रिटिश सरकार ने दामिन-ए-कोह का निर्माण निम्नलिखित में से किस समुदाय को बसाने के लिए किया था?

  1. A.संथाल
  2. B.मुंडा
  3. C.उरांव
  4. D.सौरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संथाल

व्याख्या

सही उत्तर है A, संथाल। दामिन-ए-कोह राजमहल की पहाड़ियों का वह क्षेत्र था जिसे अंग्रेज़ों ने 1832 में संथालों को बसाने के लिए चिह्नित किया।

अठारहवीं सदी के अंत और उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में संथाल राजमहल की पहाड़ियों के क्षेत्र में आए, जंगल साफ़ किए और स्थायी खेती शुरू की। भू-राजस्व में रुचि रखने वाले अंग्रेज़ों ने एक बड़े क्षेत्र को सीमांकित करके संथालों की भूमि घोषित किया, जिसे दामिन-ए-कोह कहा गया। लेकिन जल्द ही भारी लगान, साहूकारों और ज़मींदारों ने संथालों का शोषण शुरू कर दिया। इसी असंतोष से 1855-56 में सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में संथाल विद्रोह (हूल) हुआ, जिसके बाद संथाल परगना ज़िला बनाया गया।

B गलत है: छोटानागपुर के मुंडाओं ने 1899-1900 में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में उलगुलान किया; दामिन-ए-कोह उनके लिए नहीं बना।

C गलत है: छोटानागपुर के उरांव टाना भगत आंदोलन से जुड़े हैं, दामिन-ए-कोह से नहीं।

D गलत है: सौरा ओडिशा और आंध्र प्रदेश की जनजाति है, जो राजमहल पहाड़ियों से दूर है।

परीक्षा टिप: दामिन-ए-कोह (1832, राजमहल पहाड़ियाँ) → संथाल हूल (1855-56, सिद्धू-कान्हू) → संथाल परगना।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024मध्यम

निम्नलिखित अधिवक्ताओं में से कौन 1945-46 में दिल्ली के लाल किले में हुए आईएनए मुकदमों में पेश हुए थे?

  1. A.सरदार पटेल
  2. B.अरुणा आसफ अली
  3. C.के. एम. मुंशी
  4. D.भूलाभाई देसाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भूलाभाई देसाई

व्याख्या

सही उत्तर है D, भूलाभाई देसाई। लाल किले में आजाद हिंद फौज के अधिकारियों पर चले मुकदमों में बचाव पक्ष की अगुवाई भूलाभाई देसाई ने की, और उनका यह तर्क कि एक मान्यता प्राप्त सेना के सैनिक अपने देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे, इन मुकदमों को जन-मुद्दा बना दिया। नवंबर 1945 से चला पहला मुकदमा शाहनवाज खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों के विरुद्ध था, जिन पर सम्राट के विरुद्ध युद्ध छेड़ने का आरोप था। कांग्रेस ने आईएनए डिफेंस कमेटी बनाई, जिसमें जवाहरलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली और कैलाश नाथ काटजू शामिल थे। अधिकारियों को दोषी ठहराया गया, लेकिन देशव्यापी विरोध के बाद सजाएँ माफ कर दी गईं। A गलत है क्योंकि सरदार पटेल ने सहायता और धन जुटाने का काम किया, वे अदालत में पेश नहीं हुए। B गलत है क्योंकि अरुणा आसफ अली 1942 के आंदोलन की नेता थीं, इस मुकदमे की वकील नहीं। C गलत है क्योंकि के. एम. मुंशी वकील होते हुए भी संविधान सभा में अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: लाल किला मुकदमे 1945-46, बचाव की अगुवाई भूलाभाई देसाई।

Q15.भारतीय इतिहासमध्यम

सन 1882 के पहले भारतीय शिक्षा आयोग के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर
  2. B.माइकल सैडलर
  3. C.फिलिप हार्टोग
  4. D.जॉन सार्जेंट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर

व्याख्या

सही उत्तर A, डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर है, जिन्होंने 1882 में नियुक्त उस भारतीय शिक्षा आयोग का नेतृत्व किया जिसे वुड के घोषणापत्र के कार्यान्वयन की समीक्षा करनी थी; इसने देशी भाषा में दी जाने वाली प्राथमिक शिक्षा, विद्यालयों को स्थानीय बोर्डों को सौंपने और अनुदान द्वारा निजी विद्यालयों की सहायता पर बल दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि माइकल सैडलर 1917 से 1919 के कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग के अध्यक्ष थे, जिसने बारह वर्ष का स्कूल पाठ्यक्रम, इंटरमीडिएट कॉलेज और तीन वर्ष की उपाधि सुझाई। विकल्प C गलत है क्योंकि फिलिप हार्टोग ने 1929 की उस समिति की अध्यक्षता की जिसने प्राथमिक विद्यालयों में अपव्यय और अवरोधन की रिपोर्ट दी। विकल्प D गलत है क्योंकि जॉन सार्जेंट ने 1944 में युद्धोत्तर शिक्षा विकास की योजना दी।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 2मध्यम

ज्योतिबा फुले ने 1873 में 'गुलामगिरी' निम्नलिखित में से किस भाषा में लिखी थी?

  1. A.अंग्रेज़ी
  2. B.मराठी
  3. C.हिंदी
  4. D.गुजराती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मराठी

व्याख्या

सही उत्तर है B, मराठी। ज्योतिबा फुले ने 1873 में मराठी में गुलामगिरी लिखी, जिसका अर्थ दासता है, और उसी वर्ष उन्होंने पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इस पुस्तक में उन्होंने जाति व्यवस्था और उसे टिकाए रखने वाले पुरोहितवाद पर कड़ा प्रहार किया। फुले ने यह पुस्तक अमेरिका के उन लोगों को समर्पित की जिन्होंने अश्वेतों की दासता समाप्त करने के लिए संघर्ष किया था, और इस तरह भारत की निचली जातियों की दशा से सीधी तुलना की। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ उन्होंने देश में लड़कियों तथा दलित बच्चों के लिए पहले विद्यालयों में से कुछ खोले थे, और उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति शेतकऱ्याचा आसूड है। विकल्प A गलत है, क्योंकि फुले ने अपनी ही भाषा में लिखा और गुलामगिरी के अंग्रेज़ी अनुवाद बहुत बाद में हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि हिंदी उनके क्षेत्र की भाषा नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि बंबई प्रेसीडेंसी के पुणे में रहने वाले फुले ने गुजराती में कभी नहीं लिखा। परीक्षा टिप: फुले ने 1873 में मराठी में गुलामगिरी लिखी और उसी वर्ष सत्यशोधक समाज बनाया।

Q17.भारतीय इतिहासमध्यम

जन गण मन पहली बार कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में किस वर्ष गाया गया था?

  1. A.1896
  2. B.1906
  3. C.1911
  4. D.1917
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1911

व्याख्या

सही उत्तर C, 1911 है। रवींद्रनाथ टैगोर रचित जन गण मन पहली बार 27 दिसंबर 1911 को कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया और इसका पहला पद संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया। A गलत है, क्योंकि 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता रहीमतुल्ला सयानी ने की थी, टैगोर ने किसी कांग्रेस सभा में पहली बार वंदे मातरम गाया था। B गलत है, क्योंकि 1906 का कलकत्ता अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में स्वराज की पहली मांग के लिए स्मरण किया जाता है। D गलत है, क्योंकि 1917 का कलकत्ता अधिवेशन एनी बेसेंट के कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनने के लिए स्मरण किया जाता है, राष्ट्रगान के लिए नहीं। यह भी स्मरण रखें कि यह गीत उस अधिवेशन के दूसरे दिन गाया गया था और संविधान सभा ने उसी दिन वंदे मातरम को राष्ट्रगीत के रूप में भी स्वीकार किया था।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 April 2022, Shift 3मध्यम

21 अक्टूबर 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार के गठन की घोषणा कहां की?

  1. A.सिंगापुर
  2. B.रूस
  3. C.जापान
  4. D.जर्मनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सिंगापुर

व्याख्या

सही उत्तर A, सिंगापुर है। बोस 1943 में दक्षिण-पूर्व एशिया पहुंचे, 4 जुलाई 1943 को सिंगापुर में इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आज़ाद हिंद फ़ौज का भार संभाला, और 21 अक्टूबर 1943 को उसी नगर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार, अर्थात आज़ाद हिंद सरकार की घोषणा की। वे उसके राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री तथा युद्ध और विदेश मंत्री बने, और उस सरकार ने शीघ्र ही ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के विरुद्ध युद्ध घोषित कर दिया।

विकल्प B, रूस गलत है: बोस 1941 में जर्मनी जाते समय केवल मास्को से गुजरे थे और उन्हें वहां कोई सहायता नहीं मिली। विकल्प C, जापान वह सहयोगी था जिसने आज़ाद हिंद सरकार को सबसे पहले मान्यता दी और बोस मई 1943 में टोक्यो पहुंचे थे, पर घोषणा वहां नहीं हुई। विकल्प D, जर्मनी में उन्होंने 1941 और 1942 बिताए और फ्री इंडिया सेंटर तथा इंडियन लीजन बनाई, जो घोषणा से दो वर्ष पहले की बात है।

Q19.भारतीय इतिहासआसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?

  1. A.एनी बेसेंट
  2. B.सरोजिनी नायडू
  3. C.नेली सेनगुप्ता
  4. D.विजया लक्ष्मी पंडित
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरोजिनी नायडू

व्याख्या

सही उत्तर B, सरोजिनी नायडू है। उन्होंने 1925 में कांग्रेस के कानपुर अधिवेशन की अध्यक्षता की और इस पद पर पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं; उन्हें भारत कोकिला कहा जाता है और मई 1930 के धरसाना नमक सत्याग्रह का नेतृत्व भी उन्होंने किया। विकल्प A गलत है क्योंकि एनी बेसेंट, जिन्होंने 1917 में कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की, कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं परंतु जन्म से आयरिश थीं, इसलिए पहली भारतीय महिला पूछे जाने पर वे उत्तर नहीं बनतीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जन्म से अंग्रेज नेली सेनगुप्ता ने 1933 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की और वे इस पद पर तीसरी महिला थीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विजया लक्ष्मी पंडित कभी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहीं; उनकी विशिष्टता 1953 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष बनना है।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :

आंदोलन/संगठन : नेता

1. अखिल भारतीय अस्पृश्यता विरोधी लीग : महात्मा गांधी

2. अखिल भारतीय किसान सभा : स्वामी सहजानंद सरस्वती

3. आत्म-सम्मान आंदोलन : ई. वी. रामास्वामी नायकर

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। तीनों संगठन उन्हें स्थापित करने या चलाने वाले नेताओं के साथ सही सुमेलित हैं।

महात्मा गांधी ने पूना समझौते के तुरंत बाद सितंबर 1932 में अखिल भारतीय अस्पृश्यता विरोधी लीग की स्थापना की, जिसका नाम 1933 में हरिजन सेवक संघ कर दिया गया। अखिल भारतीय किसान सभा अप्रैल 1936 में लखनऊ में बनी, जिसके पहले अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती और महासचिव एन. जी. रंगा थे। आत्म-सम्मान आंदोलन 1925 में तमिलनाडु में ई. वी. रामास्वामी नायकर, यानी पेरियार, ने जातिगत भेदभाव और ब्राह्मण वर्चस्व के विरुद्ध तथा तर्कशील सोच के प्रसार के लिए शुरू किया।

A गलत है: इसमें युग्म 2 और 3 छूट गए हैं, जो भी सही हैं।

B गलत है: इसमें युग्म 3, पेरियार और आत्म-सम्मान आंदोलन, छूट गया है।

C गलत है: इसमें युग्म 1, गांधी और अस्पृश्यता विरोधी लीग, छूट गया है।

परीक्षा टिप: 1925 आत्म-सम्मान (पेरियार); 1932 अस्पृश्यता विरोधी लीग, बाद में हरिजन सेवक संघ (गांधी); 1936 किसान सभा, लखनऊ (सहजानंद)।

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