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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 60

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 60) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: ब्रिटिश भू-राजस्व व्यवस्थाएं और आर्थिक प्रभाव, गांधीजी का दक्षिण अफ्रीका प्रवास और प्रारंभिक सत्याग्रह: चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद, किसान और जनजातीय आंदोलन और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

रैयतवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था निम्नलिखित में से किस अधिकारी से संबंधित है?

  1. A.होल्ट मैकेंज़ी
  2. B.थॉमस मुनरो
  3. C.जॉन शोर
  4. D.रॉबर्ट मर्टिंस बर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. थॉमस मुनरो

व्याख्या

सही उत्तर B, थॉमस मुनरो है। मुनरो ने कैप्टन अलेक्ज़ेंडर रीड के साथ बारामहल तथा मद्रास क्षेत्र में रैयतवाड़ी बंदोबस्त तैयार किया और 1820 में मद्रास का गवर्नर बनने के बाद उसका व्यापक विस्तार किया; इसमें राज्य सीधे रैयत अर्थात व्यक्तिगत कृषक से व्यवहार करता था, जो निर्धारित राजस्व चुकाते रहने तक भूमि रखता था। A गलत है क्योंकि होल्ट मैकेंज़ी ने 1822 के रेगुलेशन सात में उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के लिए महालवाड़ी बंदोबस्त बनाया। C गलत है क्योंकि जॉन शोर ने कॉर्नवालिस को स्थायी बंदोबस्त पर सलाह दी और बाद में स्वयं गवर्नर-जनरल बने। D गलत है क्योंकि रॉबर्ट मर्टिंस बर्ड ने 1833 में लॉर्ड विलियम बेंटिंक के समय उत्तर-पश्चिमी प्रांतों का संशोधित महालवाड़ी बंदोबस्त किया। प्रत्येक नाम को उसकी व्यवस्था से जोड़ लें, क्योंकि इन चार अधिकारियों पर सुमेलन प्रश्न लगभग प्रत्येक वर्ष आते हैं।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 3आसान

1903 में दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने किस समाचार पत्र की स्थापना की थी?

  1. A.यंग इंडिया
  2. B.इंडियन ओपिनियन
  3. C.स्वराज हिंद
  4. D.नवजीवन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन ओपिनियन

व्याख्या

सही उत्तर है B, इंडियन ओपिनियन। गांधीजी ने 1903 में डरबन से इंडियन ओपिनियन शुरू किया, जिसका उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों की बात जनता के सामने रखना था।

यह साप्ताहिक डरबन के निकट फीनिक्स आश्रम में छपता था और अंग्रेजी तथा गुजराती में निकलता था; शुरुआती वर्षों में इसमें तमिल और हिंदी खंड भी रहे। गांधीजी ने बाद में लिखा कि सत्याग्रह जैसा संघर्ष अपने समाचार पत्र के बिना नहीं चलाया जा सकता। इस पत्र में एशियाटिक रजिस्ट्रेशन अधिनियम के विरुद्ध चले आंदोलन पर उनके लेख छपते थे।

विकल्प A, यंग इंडिया, वह अंग्रेजी साप्ताहिक था जिसका संपादन गांधीजी ने 1919 से भारत में किया। विकल्प C, स्वराज हिंद, उनसे जुड़ा कोई पत्र नहीं है। विकल्प D, नवजीवन, उनका गुजराती साप्ताहिक था, जो भी 1919 में भारत में शुरू हुआ।

परीक्षा सुझाव: इंडियन ओपिनियन 1903 दक्षिण अफ्रीका; यंग इंडिया और नवजीवन 1919 भारत।

Q3.भारतीय इतिहासकठिन

दक्कन दंगों के सीधे परिणामस्वरूप कौन सा अधिनियम पारित हुआ?

  1. A.बंगाल काश्तकारी अधिनियम, 1885
  2. B.दक्कन कृषक राहत अधिनियम, 1879
  3. C.चंपारण कृषि अधिनियम, 1918
  4. D.छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दक्कन कृषक राहत अधिनियम, 1879

व्याख्या

सही उत्तर B, दक्कन कृषक राहत अधिनियम, 1879 है। 1875 के दंगों के बाद सरकार ने दक्कन में किसानों के कर्ज की जांच कराई और यह अधिनियम पारित किया, जिसने डिक्री के निष्पादन में कर्जदार की भूमि बिकवाने की साहूकार की शक्ति सीमित की और अदालतों को बंधपत्र के पीछे झांकने का अधिकार दिया। A गलत है क्योंकि 1885 का बंगाल काश्तकारी अधिनियम 1873 के पबना आंदोलन के बाद आया और बंगाल के काश्तकारों को अधिभोग अधिकार दिए। C गलत है क्योंकि 1918 का चंपारण कृषि अधिनियम 1917 के गांधी के सत्याग्रह के बाद आया और बिहार में नील की तीनकठिया प्रथा समाप्त की। D गलत है क्योंकि 1908 का छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम बिरसा मुंडा के उलगुलान के बाद आया और जनजातीय क्षेत्रों की खूंटकट्टी भूमि की रक्षा की। प्रत्येक विद्रोह को उसके बाद आए अधिनियम के साथ याद करना इस अध्याय को चार-पांच सुरक्षित अंकों में बदल देता है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 Sept, 2024, Shift 2आसान

गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला आधिकारिक शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?

  1. A.भारत
  2. B.यूगोस्लाविया
  3. C.न्यूयॉर्क
  4. D.मिस्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूगोस्लाविया

व्याख्या

सही उत्तर है B, यूगोस्लाविया। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन सितंबर 1961 में बेलग्रेड में हुआ था, जो तब यूगोस्लाविया की राजधानी थी, और इसमें पच्चीस देशों ने भाग लिया। यह आंदोलन भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज़ टीटो, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर, घाना के क्वामे नक्रूमा और इंडोनेशिया के सुकर्णो की आपसी समझ से खड़ा हुआ था। ये नेता चाहते थे कि एशिया और अफ्रीका के नए स्वतंत्र देश शीत युद्ध के दोनों गुटों से अलग रहें। वर्ष 1955 के इंडोनेशिया के बांडुंग सम्मेलन ने इसकी ज़मीन तैयार की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत ने 1983 में नई दिल्ली में सातवाँ सम्मेलन आयोजित किया था, पहला नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है और वहाँ इस आंदोलन का कोई शिखर सम्मेलन नहीं हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि मिस्र ने 1964 में काहिरा में दूसरा सम्मेलन कराया था। परीक्षा टिप: पहला गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन बेलग्रेड 1961, और पाँच संस्थापक नेहरू, टीटो, नासिर, नक्रूमा तथा सुकर्णो।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

स्थायी बंदोबस्त के अंतर्गत ज़मींदार वसूल किए गए लगान का कितना भाग अपने पास रख सकता था?

  1. A.एक-चौथाई
  2. B.ग्यारहवाँ भाग
  3. C.आधा
  4. D.एक-तिहाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्यारहवाँ भाग

व्याख्या

सही उत्तर B, ग्यारहवाँ भाग है। इस बंदोबस्त में ज़मींदार को किसानों से वसूल किए गए लगान का ग्यारह में से दस भाग राज्य को देना पड़ता था और केवल ग्यारहवाँ भाग अपने पास रखना होता था, और इसी कारण मांग इतनी भारी पड़ी तथा आरंभिक वर्षों में अनेक जागीरें हाथ बदल गईं। A गलत है क्योंकि एक-चौथाई का अनुपात बंगाल के बंदोबस्त में कहीं नहीं आता। C गलत है क्योंकि आधा भाग रैयतवाड़ी निर्धारण में शुष्क भूमि की सकल उपज पर राज्य के दावे के अधिक निकट है, जिसे अभ्यर्थी इससे भ्रमित कर लेते हैं। D गलत है क्योंकि एक-तिहाई का भाग प्राचीन भारतीय और मुगल परंपरा की उपज मांग से जुड़ा है, स्थायी बंदोबस्त से नहीं। इस अनुपात को सूर्यास्त विधि के साथ स्मरण रखें, क्योंकि दोनों मिलकर पुराने ज़मींदार परिवारों के पतन की व्याख्या करते हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 3मध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में 'पूर्ण स्वराज' (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव किस तिथि को पारित किया?

  1. A.21 दिसंबर 1929
  2. B.19 दिसंबर 1929
  3. C.26 दिसंबर 1929
  4. D.15 दिसंबर 1929
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 19 दिसंबर 1929

व्याख्या

सही उत्तर है B, 19 दिसंबर 1929। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में 19 दिसंबर 1929 को 'पूर्ण स्वराज' का प्रस्ताव पारित हुआ और पूर्ण स्वतंत्रता को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया गया।

यह अधिवेशन रावी नदी के तट पर हुआ और इसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की। 31 दिसंबर 1929 की मध्यरात्रि को वहीं तिरंगा फहराया गया और कांग्रेस ने जनता से 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाने का आह्वान किया। इसी प्रस्ताव से सविनय अवज्ञा आंदोलन का मार्ग खुला, जिसे गांधीजी ने मार्च 1930 में दांडी यात्रा से शुरू किया।

विकल्प A, 21 दिसंबर 1929, अधिवेशन के किसी निर्णय से जुड़ा नहीं है। विकल्प C, 26 दिसंबर 1929, भी गलत तिथि है। विकल्प D, 15 दिसंबर 1929, अधिवेशन शुरू होने से पहले की तिथि है।

परीक्षा टिप: लाहौर अधिवेशन 1929 — प्रस्ताव 19 दिसंबर, झंडा 31 दिसंबर, पहला स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी 1930।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

1855 से 1856 के संथाल हूल का नेतृत्व किसने किया था?

  1. A.बिरसा मुंडा और जतरा भगत
  2. B.सिदो और कान्हू मुर्मू
  3. C.चक्र बिसोई और टोम्मा सोरा
  4. D.तिरोत सिंह और गोमधर कुंवर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सिदो और कान्हू मुर्मू

व्याख्या

सही उत्तर B, सिदो और कान्हू मुर्मू है। संथाल हूल, 1857 से पहले का सबसे बड़ा जनजातीय विद्रोह, राजमहल पहाड़ियों के दामिन-ए-कोह क्षेत्र में भाइयों सिदो और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में हुआ, जिनके साथ चांद और भैरव भी थे। संथाल साहूकारों, जमींदारों और रेलवे ठेकेदारों के विरुद्ध उठे, कंपनी का शासन समाप्त घोषित किया, और एक वर्ष बाद दबा दिए गए; इसके बाद 1855 में संथाल परगना को अलग जिला बनाया गया। A गलत है क्योंकि बिरसा मुंडा ने 1899 के उलगुलान और जतरा भगत ने 1914 के टाना भगत आंदोलन का नेतृत्व किया। C गलत है क्योंकि चक्र बिसोई ने ओडिशा की पहाड़ियों में खोंड विद्रोह और टोम्मा सोरा ने 1879 के कोया विद्रोह का नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि तिरोत सिंह ने खासी विद्रोह और गोमधर कुंवर ने 1828 के अहोम विद्रोह का नेतृत्व किया।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024मध्यम

निम्नलिखित अधिवक्ताओं में से कौन 1945-46 में दिल्ली के लाल किले में हुए आईएनए मुकदमों में पेश हुए थे?

  1. A.सरदार पटेल
  2. B.अरुणा आसफ अली
  3. C.के. एम. मुंशी
  4. D.भूलाभाई देसाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भूलाभाई देसाई

व्याख्या

सही उत्तर है D, भूलाभाई देसाई। लाल किले में आजाद हिंद फौज के अधिकारियों पर चले मुकदमों में बचाव पक्ष की अगुवाई भूलाभाई देसाई ने की, और उनका यह तर्क कि एक मान्यता प्राप्त सेना के सैनिक अपने देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे, इन मुकदमों को जन-मुद्दा बना दिया। नवंबर 1945 से चला पहला मुकदमा शाहनवाज खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों के विरुद्ध था, जिन पर सम्राट के विरुद्ध युद्ध छेड़ने का आरोप था। कांग्रेस ने आईएनए डिफेंस कमेटी बनाई, जिसमें जवाहरलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली और कैलाश नाथ काटजू शामिल थे। अधिकारियों को दोषी ठहराया गया, लेकिन देशव्यापी विरोध के बाद सजाएँ माफ कर दी गईं। A गलत है क्योंकि सरदार पटेल ने सहायता और धन जुटाने का काम किया, वे अदालत में पेश नहीं हुए। B गलत है क्योंकि अरुणा आसफ अली 1942 के आंदोलन की नेता थीं, इस मुकदमे की वकील नहीं। C गलत है क्योंकि के. एम. मुंशी वकील होते हुए भी संविधान सभा में अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: लाल किला मुकदमे 1945-46, बचाव की अगुवाई भूलाभाई देसाई।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

सूर्यास्त विधि किस भू-राजस्व व्यवस्था की विशेषता थी?

  1. A.रैयतवाड़ी व्यवस्था
  2. B.महालवाड़ी व्यवस्था
  3. C.स्थायी बंदोबस्त
  4. D.वॉरेन हेस्टिंग्स की ठेका व्यवस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्थायी बंदोबस्त

व्याख्या

सही उत्तर C, स्थायी बंदोबस्त है। इसके नियमों के अनुसार राजस्व की किस्त नियत दिन के सूर्यास्त से पहले कोष में पहुँचनी चाहिए थी; ऐसा न होने पर जागीर सार्वजनिक नीलामी में बेची जा सकती थी, और पहले दो दशकों में अनेक पुराने परिवारों की ज़मींदारियाँ कलकत्ता के व्यापारियों के हाथ चली गईं। A गलत है क्योंकि रैयतवाड़ी बंदोबस्त व्यक्तिगत कृषक से होता था और उसकी कठोरता ऊँचे निर्धारण तथा कड़ी वसूली से आती थी, किसी सूर्यास्त नियम से नहीं। B गलत है क्योंकि महालवाड़ी में गाँव सामूहिक रूप से उत्तरदायी था और लंबरदार वसूली करता था, उसमें ऐसी नीलामी की शर्त नहीं जुड़ी थी। D गलत है क्योंकि ठेका व्यवस्था में कुछ वर्षों के लिए राजस्व वसूली का अधिकार पहले ही नीलाम कर दिया जाता था, जो भिन्न व्यवस्था थी और जिसे हटाने के लिए ही स्थायी बंदोबस्त बना।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 2मध्यम

ज्योतिबा फुले ने 1873 में 'गुलामगिरी' निम्नलिखित में से किस भाषा में लिखी थी?

  1. A.अंग्रेज़ी
  2. B.मराठी
  3. C.हिंदी
  4. D.गुजराती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मराठी

व्याख्या

सही उत्तर है B, मराठी। ज्योतिबा फुले ने 1873 में मराठी में गुलामगिरी लिखी, जिसका अर्थ दासता है, और उसी वर्ष उन्होंने पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इस पुस्तक में उन्होंने जाति व्यवस्था और उसे टिकाए रखने वाले पुरोहितवाद पर कड़ा प्रहार किया। फुले ने यह पुस्तक अमेरिका के उन लोगों को समर्पित की जिन्होंने अश्वेतों की दासता समाप्त करने के लिए संघर्ष किया था, और इस तरह भारत की निचली जातियों की दशा से सीधी तुलना की। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ उन्होंने देश में लड़कियों तथा दलित बच्चों के लिए पहले विद्यालयों में से कुछ खोले थे, और उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति शेतकऱ्याचा आसूड है। विकल्प A गलत है, क्योंकि फुले ने अपनी ही भाषा में लिखा और गुलामगिरी के अंग्रेज़ी अनुवाद बहुत बाद में हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि हिंदी उनके क्षेत्र की भाषा नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि बंबई प्रेसीडेंसी के पुणे में रहने वाले फुले ने गुजराती में कभी नहीं लिखा। परीक्षा टिप: फुले ने 1873 में मराठी में गुलामगिरी लिखी और उसी वर्ष सत्यशोधक समाज बनाया।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

छोटानागपुर में 1899 से 1900 के विद्रोह से जुड़े शब्द उलगुलान का अर्थ क्या है?

  1. A.महान विप्लव
  2. B.धर्मयुद्ध
  3. C.तीन भागों का हिस्सा
  4. D.भूमि की वापसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. महान विप्लव

व्याख्या

सही उत्तर A, महान विप्लव है। उलगुलान मुंडारी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ महान उलटफेर या विप्लव है, और यही नाम मुंडाओं ने उस विद्रोह को दिया जो बिरसा मुंडा ने 1899 से 1900 तक छोटानागपुर में जमींदारों, साहूकारों, ठेकेदारों और मिशनरियों के विरुद्ध चलाया। बिरसा को धरती आबा यानी धरती का पिता कहा जाता था, और विद्रोह ने 1908 का छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम करवाया। B गलत है क्योंकि बिरसा के नए पंथ के कारण विद्रोह का धार्मिक पक्ष होते हुए भी उसे धर्मयुद्ध कभी नहीं कहा गया। C गलत है क्योंकि तीन भागों का हिस्सा, अर्थात उपज का दो-तिहाई, 1946 के बंगाल के तेभागा आंदोलन की मांग है। D गलत है क्योंकि मुंडाओं की भूमि संबंधी मांग खूंटकट्टी शब्द में व्यक्त होती थी, अर्थात उस परिवार का अधिकार जिसने भूमि पहले साफ की।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 2मध्यम

सी. राजगोपालाचारी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वे भारत के गवर्नर जनरल बनने वाले पहले भारतीय थे
  2. B.वे स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे
  3. C.वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
  4. D.वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे

व्याख्या

सही उत्तर है D, वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। सी. राजगोपालाचारी को 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ पहले भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया था, पद्म श्री में नहीं, इसलिए यह कथन सत्य नहीं है। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध वे लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद 1948 में भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने और इस पद पर पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय रहे। इससे पहले वे मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रधान, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री तथा मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री रहे। A सत्य है क्योंकि कोई अन्य भारतीय इस पद पर नहीं रहा। B सत्य है क्योंकि उन्होंने नेहरू की राज्य नियंत्रण तथा भूमि सीमा नीति के विरोध में 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई। C सत्य है क्योंकि वे गांधीजी के निकट सहयोगी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। परीक्षा टिप: पहला भारत रत्न 1954 में राजाजी, रमन और राधाकृष्णन को मिला।

Q13.भारतीय इतिहासमध्यम

महालवाड़ी व्यवस्था में राजस्व निर्धारण की इकाई थी

  1. A.प्रत्येक कृषक का व्यक्तिगत खेत
  2. B.ज़मींदार की जागीर
  3. C.गाँव अथवा महाल
  4. D.ज़िला
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गाँव अथवा महाल

व्याख्या

सही उत्तर C, गाँव अथवा महाल है। महाल का अर्थ जागीर या गाँव है, और इस बंदोबस्त में मांग पूरे महाल के लिए नियत होती थी; गाँव का मुखिया, जिसे लंबरदार कहा जाता था, सहभागीदारों से उनके भाग वसूल करता था और पूरे योग के लिए गाँव एक इकाई के रूप में उत्तरदायी था। A गलत है क्योंकि खेत-दर-खेत व्यक्तिगत कृषक पर निर्धारण मुनरो की रैयतवाड़ी व्यवस्था का लक्षण है। B गलत है क्योंकि ज़मींदार को जागीर का स्वामी मानकर किया गया बंदोबस्त 1793 का स्थायी बंदोबस्त है, यद्यपि महालवाड़ी गाँवों में भी कभी-कभी कोई प्रमुख सहभागीदार होता था। D गलत है क्योंकि ब्रिटिश भारत की किसी भी व्यवस्था में पूरे ज़िले को एक इकाई मानकर निर्धारण नहीं हुआ; ज़िला केवल प्रशासनिक क्षेत्र था, जहाँ कलेक्टर बंदोबस्त का पर्यवेक्षण करता था।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q15.भारतीय इतिहासकठिन

1908 का छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम किस आंदोलन के बाद पारित हुआ?

  1. A.संथाल हूल
  2. B.कोल विद्रोह
  3. C.मुंडा उलगुलान
  4. D.टाना भगत आंदोलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मुंडा उलगुलान

व्याख्या

सही उत्तर C, मुंडा उलगुलान है। बिरसा मुंडा के नेतृत्व में 1899 से 1900 तक चले विद्रोह ने सरकार को 1908 में छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम पारित करने के लिए विवश किया, जिसने उस खूंटकट्टी अधिकार को मान्यता दी जिसके अनुसार जो भूमि मुंडा परिवार के पूर्वजों ने साफ की थी वह उसी की थी, और बेठ बेगारी यानी बिना मजदूरी के जबरन श्रम पर रोक लगाई। A गलत है क्योंकि 1855 के संथाल हूल का परिणाम भिन्न था, अर्थात संथाल परगना को बाहरी लोगों के लिए बंद अलग जिला बनाना। B गलत है क्योंकि बुद्धू भगत के नेतृत्व वाले 1831 से 1832 के कोल विद्रोह से केवल दक्षिण-पश्चिम सीमांत एजेंसी में प्रशासनिक परिवर्तन हुए। D गलत है क्योंकि उरांवों में जतरा भगत का 1914 का टाना भगत आंदोलन अहिंसक सुधार आंदोलन था, जो बाद में कांग्रेस से जुड़ गया और उससे ऐसा कोई अधिनियम नहीं आया।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 5 Oct 2021, Shift 2आसान

ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्ज़न ने बंगाल का विभाजन किस वर्ष किया था?

  1. A.1905
  2. B.1901
  3. C.1907
  4. D.1911
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1905

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1905। लॉर्ड कर्ज़न ने 19 जुलाई 1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा की और यह 16 अक्टूबर 1905 से लागू हुआ, जिससे प्रांत मुस्लिम-बहुल पूर्वी हिस्से और शेष बंगाल में बँट गया। सार्वजनिक रूप से कारण यह बताया गया कि बंगाल प्रशासन के लिए बहुत बड़ा हो गया है, पर असली मकसद हिंदू-मुसलमानों को बाँटकर वहाँ बढ़ते राष्ट्रीय आंदोलन को कमज़ोर करना था। इसके विरोध से स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें विदेशी कपड़े जलाए गए और भारतीय सामान, स्कूल तथा बैंक बढ़ावा पाए; रवींद्रनाथ टैगोर का गीत 'आमार सोनार बांग्ला' इन्हीं दिनों का है। विरोध इतना व्यापक था कि 1911 में विभाजन रद्द कर दिया गया और उसी साल राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाई गई। B गलत है क्योंकि 1901 में महारानी विक्टोरिया का निधन हुआ था। C गलत है क्योंकि 1907 कांग्रेस के सूरत विभाजन का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1911 में विभाजन रद्द हुआ था, हुआ नहीं था। परीक्षा टिप: 1905 में कर्ज़न ने घोषित किया, 1911 में हार्डिंग के समय रद्द हुआ।

Q17.भारतीय इतिहासकठिन

ब्रिटिश भारत के सबसे बड़े क्षेत्र में कौन-सी भू-राजस्व व्यवस्था लागू थी?

  1. A.स्थायी बंदोबस्त
  2. B.रैयतवाड़ी व्यवस्था
  3. C.महालवाड़ी व्यवस्था
  4. D.तालुकदारी व्यवस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रैयतवाड़ी व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर B, रैयतवाड़ी व्यवस्था है। यह मद्रास तथा बंबई प्रेसीडेंसी और असम तथा कुर्ग के कुछ भागों में लागू थी, जो मिलकर ब्रिटिश भारत का लगभग आधा क्षेत्र बनते थे, अर्थात तीनों बंदोबस्तों में सबसे बड़ा भाग। A गलत है क्योंकि स्थायी बंदोबस्त सबसे पहला और सबसे प्रसिद्ध होते हुए भी ब्रिटिश भारत के लगभग एक-पाँचवें भाग में था, मुख्यतः बंगाल, बिहार, ओडिशा, बनारस प्रभाग तथा मद्रास के उत्तरी ज़िलों में। C गलत है क्योंकि महालवाड़ी बंदोबस्त लगभग तीस प्रतिशत क्षेत्र में, उत्तर-पश्चिमी प्रांतों, मध्य प्रांत और पंजाब में लागू था। D गलत है क्योंकि अवध तथा गुजरात के कुछ भागों की तालुकदारी व्यवस्था भूस्वामी बंदोबस्त का स्थानीय रूप थी और कभी अखिल भारतीय विस्तार की व्यवस्था नहीं बनी। क्रम स्मरण रखें: रैयतवाड़ी, फिर महालवाड़ी, फिर स्थायी बंदोबस्त।

Q18.भारतीय इतिहासआसान

वल्लभभाई पटेल को सरदार की उपाधि किस आंदोलन के नेतृत्व के लिए मिली?

  1. A.खेड़ा सत्याग्रह
  2. B.चंपारण सत्याग्रह
  3. C.बारडोली सत्याग्रह
  4. D.मोपला विद्रोह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बारडोली सत्याग्रह

व्याख्या

सही उत्तर C, बारडोली सत्याग्रह है। 1928 में सूरत जिले के बारडोली के किसानों ने लगभग तीस प्रतिशत की भूमि-राजस्व वृद्धि देने से इनकार कर दिया। वल्लभभाई पटेल ने इस इनकार को संगठित किया, ब्रूमफील्ड और मैक्सवेल की जांच हुई, और वृद्धि घटाकर लगभग छह प्रतिशत कर दी गई; बारडोली की महिलाओं ने पटेल को सरदार की उपाधि दी। A गलत है क्योंकि 1918 का खेड़ा सत्याग्रह, जिसमें पटेल भी शामिल थे, गांधी के नेतृत्व में फसल खराब होने पर राजस्व में छूट के लिए था। B गलत है क्योंकि 1917 का चंपारण सत्याग्रह भारत में गांधी का पहला सत्याग्रह था और बिहार की तीनकठिया नील प्रथा से संबंधित था। D गलत है क्योंकि 1921 का मलाबार का मोपला विद्रोह जन्मी भूस्वामियों के विरुद्ध काश्तकारों का विद्रोह था, जो खिलाफत आंदोलन से जुड़ा था।

Q19.भारतीय इतिहासमध्यम

1875 के पूना और अहमदनगर के दक्कन दंगे मुख्यतः किसके विरुद्ध थे?

  1. A.नील बागान मालिकों के
  2. B.महाजनों के
  3. C.असम के चाय बागान मालिकों के
  4. D.बंगाल के ज़मींदारों के
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महाजनों के

व्याख्या

सही उत्तर B, महाजनों है। अमेरिकी गृहयुद्ध के वर्षों की कपास तेज़ी समाप्त हुई, कीमतें गिरीं, राजस्व मांग बढ़ाई गई, और भारी ऋण ले चुका दक्कन का रैयत 1875 में मारवाड़ी तथा गुजराती साहूकारों पर टूट पड़ा, उनके बंधपत्र और बहीखाते जला दिए। सरकार ने दक्कन दंगा आयोग बनाया और ऋण के बदले भूमि के हस्तांतरण को सीमित करने के लिए 1879 में दक्कन कृषक राहत अधिनियम पारित किया। A गलत है क्योंकि नील बागान मालिकों के विरुद्ध विद्रोह 1859-60 का बंगाल का नील विद्रोह था। C गलत है क्योंकि असम के चाय बागान श्रमिकों की शिकायतें भर्ती और दंडात्मक अनुबंधों पर भिन्न प्रकार के प्रतिरोध में बदलीं। D गलत है क्योंकि बंगाल के ज़मींदारों के विरुद्ध असंतोष 1873 के पबना कृषक आंदोलन जैसे काश्तकारी आंदोलनों के रूप में सामने आया।

Q20.भारतीय इतिहासकठिन

1936 में स्थापित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.एन. जी. रंगा
  2. B.स्वामी सहजानंद सरस्वती
  3. C.बाबा रामचंद्र
  4. D.इंदुलाल याज्ञिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वामी सहजानंद सरस्वती

व्याख्या

सही उत्तर B, स्वामी सहजानंद सरस्वती है। अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना अप्रैल 1936 में लखनऊ में हुई, और बिहार किसान सभा खड़ी करने वाले स्वामी सहजानंद सरस्वती उसके पहले अध्यक्ष चुने गए। A, एन. जी. रंगा, इस प्रश्न का जाल है: आंध्र के इस किसान नेता को संगठन का पहला महासचिव बनाया गया था, अध्यक्ष नहीं। C गलत है क्योंकि बाबा रामचंद्र ने संयुक्त प्रांत में 1920 की अवध किसान सभा का नेतृत्व किया और वे राष्ट्रीय संगठन के अध्यक्ष नहीं थे। D गलत है क्योंकि इंदुलाल याज्ञिक ने 1918 के खेड़ा सत्याग्रह और गुजरात की किसान राजनीति में गांधी तथा पटेल के साथ काम किया, पर स्थापना के समय वे अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष नहीं बने। यह भी याद रखें कि इस संगठन का नाम अखिल भारतीय किसान सभा हुआ और उसी वर्ष फैजपुर कांग्रेस अधिवेशन के साथ उसकी बैठक हुई थी।

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