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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 6

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 6) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, संवैधानिक विकास 1858–1947, दिल्ली सल्तनत और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

निम्नलिखित में से कौन सी धातु सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों को ज्ञात नहीं थी?

  1. A.तांबा
  2. B.लोहा
  3. C.सोना
  4. D.चांदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लोहा

व्याख्या

सही उत्तर B, लोहा है। हड़प्पा सभ्यता कांस्य युग की संस्कृति है और इसके किसी भी स्तर से लोहे की कोई वस्तु नहीं मिली है। भारतीय उपमहाद्वीप में लोहे का प्रयोग उत्तर वैदिक काल में आरंभ हुआ, अर्थात नगरों के उजड़ने के कई शताब्दियों बाद। इसीलिए इस प्रकार के नकारात्मक प्रश्न में लोहा प्रायः सही उत्तर होता है।

विकल्प A, तांबा राजस्थान की खेतड़ी खानों से आता था और इससे औजार, बर्तन तथा प्रसिद्ध कांसे की नर्तकी बनी, जो तांबे और टिन का मिश्र धातु है। विकल्प C और D, सोना और चांदी दोनों आभूषणों में प्रयुक्त हुए और हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो से गहनों के भंडार मिले हैं। सीसा भी ज्ञात था। यह भी याद रखें कि हड़प्पावासियों के पास सिक्के, मंदिर और पढ़ी जा सकने वाली लिपि नहीं थी।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल नामित किया गया?

  1. A.रेग्युलेटिंग एक्ट
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट
  3. C.1793 का चार्टर एक्ट
  4. D.1833 का चार्टर एक्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1833 का चार्टर एक्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1833 का चार्टर एक्ट। इस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बना दिया और उसे पूरे ब्रिटिश भारत पर सभी नागरिक और सैनिक शक्तियाँ दीं। लॉर्ड विलियम बेंटिंक इसके तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। यह केंद्रीकरण का चरम था: बंबई और मद्रास सरकारों से कानून बनाने की शक्ति छीन ली गई, ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ खत्म कर उसे केवल प्रशासनिक संस्था बना दिया गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद में विधि सदस्य के रूप में मैकाले को जोड़ा गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया, जिस पर पहले वॉरेन हेस्टिंग्स बैठे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल और द्वैध शासन व्यवस्था बनाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के चार्टर एक्ट ने मुख्य रूप से कंपनी का चार्टर बीस साल के लिए बढ़ाया। परीक्षा टिप: 1773 बंगाल का गवर्नर-जनरल (हेस्टिंग्स), 1833 भारत का गवर्नर-जनरल (बेंटिंक), 1858 वायसराय (कैनिंग)।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018मध्यम

बख्तियार खिलजी के बिहार पर आक्रमण का सबसे पहला वर्णन किसमें मिलता है?

  1. A.तारीख-ए-हिंद
  2. B.तबकात-ए-नासिरी
  3. C.ताज-उल-मासिर
  4. D.तारीख-ए-मुबारकशाही
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तबकात-ए-नासिरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, तबकात-ए-नासिरी। मिनहाज-उस-सिराज ने लगभग 1260 में दिल्ली में यह फ़ारसी इतिहास लिखा और बख्तियार खिलजी के बिहार पर हमले का पहला विवरण दिया। मिनहाज ने यह ग्रंथ सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद को समर्पित किया, इसी से इसका नाम पड़ा। वे बताते हैं कि बख्तियार के सैनिकों ने जिसे किला समझकर हमला किया, वह मुंडे सिर वाले भिक्षुओं से भरा बौद्ध विहार निकला, और ऐसी जगह को विहार कहा जाता था, जिससे बिहार नाम जुड़ा है। परीक्षक बख्तियार को ओदंतपुरी, नालंदा और विक्रमशिला के विनाश से और बाद में बंगाल के नदिया पर कब्ज़े से भी जोड़ते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अल-बरूनी ने ग्यारहवीं सदी में भारत पर लिखा, इस हमले से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि हसन निज़ामी की ताज-उल-मासिर मुहम्मद गोरी और कुतुबुद्दीन ऐबक का दरबारी इतिहास है। विकल्प D गलत है, क्योंकि याह्या सरहिंदी की तारीख-ए-मुबारकशाही सैयद काल की पंद्रहवीं सदी की रचना है। परीक्षा टिप: बख्तियार के बिहार हमले का वर्णन मिनहाज की तबकात-ए-नासिरी में है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018कठिन

किसने कहा था कि अकबर के समय में इलाहाबाद में चालीस स्तंभों वाले महल को बनाने में पाँच हज़ार से बीस हज़ार लोगों ने चालीस वर्षों तक काम किया?

  1. A.मनूची
  2. B.टैवर्नियर
  3. C.विलियम फिंच
  4. D.अब्दुल हमीद लाहौरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विलियम फिंच

व्याख्या

सही उत्तर है C, विलियम फिंच। फिंच वही अंग्रेज़ यात्री थे जिन्होंने इलाहाबाद किले में अकबर के चालीस स्तंभों वाले महल और उसमें लगी भारी मज़दूरी का वर्णन किया। वे अंग्रेज़ ईस्ट इंडिया कंपनी के एजेंट थे और 1608 में कैप्टन विलियम हॉकिन्स के साथ सूरत पहुँचे थे; हॉकिन्स आगे जहाँगीर के दरबार में गए। फिंच ने उत्तर भारत की यात्रा की और आगरा, लाहौर और इलाहाबाद के बारे में विस्तार से लिखा, इसलिए अकबर की इमारतों के लिए उनका विवरण एक स्रोत माना जाता है। अकबर ने 1583 में गंगा-यमुना के संगम पर इलाहाबाद का किला बनवाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि वेनिस के निकोलाओ मनूची औरंगज़ेब के समय मुगलों की सेवा में थे और उन्होंने स्टोरिया दो मोगोर लिखी। विकल्प B गलत है, क्योंकि फ्रांसीसी जौहरी टैवर्नियर ने शाहजहाँ के मयूर सिंहासन का वर्णन किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि अब्दुल हमीद लाहौरी शाहजहाँ के दरबारी इतिहासकार थे और उन्होंने पादशाहनामा लिखा। परीक्षा टिप: हॉकिन्स और फिंच जहाँगीर के समय, टैवर्नियर और बर्नियर शाहजहाँ के समय, मनूची औरंगज़ेब के समय।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 6)आसान

कल्हण की संस्कृत रचना राजतरंगिणी किस क्षेत्र पर शासन करने वाले राजाओं का इतिहास बताती है?

  1. A.बंगाल
  2. B.बिहार
  3. C.कश्मीर
  4. D.दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है C, कश्मीर। राजतरंगिणी, यानी राजाओं की नदी, कश्मीर के शासकों का संस्कृत पद्य में लिखा इतिहास है जिसे कल्हण ने लगभग 1148–1150 ईस्वी में रचा। इसमें लगभग 8,000 श्लोक हैं जो आठ तरंगों (अध्यायों) में बँटे हैं, और यह कश्मीर के राजाओं की कथा पौराणिक काल से लेकर कल्हण के अपने समय, राजा जयसिंह के शासन तक ले जाती है। कल्हण ने अभिलेखों, सिक्कों, पुराने ग्रंथों और अपने विवेक का प्रयोग किया, इसलिए इसे भारत में लिखा पहला सच्चा इतिहास-ग्रंथ कहा जाता है। बाद में जोनराज, श्रीवर और प्राज्यभट्ट ने इस कथा को मुगल काल तक आगे बढ़ाया। A गलत है क्योंकि बंगाल के शासकों का वर्णन संध्याकर नंदी के रामचरित जैसे ग्रंथों में है, राजतरंगिणी में नहीं। B गलत है क्योंकि बिहार मगध और पालों का केंद्र था, जो इस ग्रंथ का विषय नहीं हैं। D गलत है क्योंकि दिल्ली के सुल्तानों का इतिहास तबकात-ए-नासिरी जैसे फ़ारसी इतिहासों में मिलता है। परीक्षा टिप: कल्हण, राजतरंगिणी, कश्मीर, 12वीं सदी, आठ तरंगें।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

बंगाल के किस गवर्नर-जनरल पर ब्रिटिश संसद में महाभियोग की कार्यवाही चलाई गई?

  1. A.रॉबर्ट क्लाइव
  2. B.हेनरी वैंसिटार्ट
  3. C.वारेन हेस्टिंग्स
  4. D.लॉर्ड कॉर्नवालिस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वारेन हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, वारेन हेस्टिंग्स। वारेन हेस्टिंग्स 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल बने और 1773 से 1785 तक पद पर रहे। इंग्लैंड लौटने पर हाउस ऑफ कॉमन्स ने 1787 में उन पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोपों में महाभियोग चलाया, जिनमें बनारस के राजा चैत सिंह और अवध की बेगमों के साथ उनका व्यवहार शामिल था। एडमंड बर्क ने अभियोजन का नेतृत्व किया और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में मुकदमा 1788 से 1795 तक चला, जिसके अंत में वे सभी आरोपों से बरी हुए। यह ब्रिटिश इतिहास का सबसे प्रसिद्ध महाभियोग है। A, रॉबर्ट क्लाइव, बंगाल के गवर्नर थे, 1773 में संसदीय जाँच का सामना किया पर महाभियोग नहीं चला, और 1774 में उनकी मृत्यु हो गई। B, हेनरी वैंसिटार्ट, 1760 से 1764 तक बंगाल के गवर्नर रहे, उन पर महाभियोग नहीं चला। D, लॉर्ड कॉर्नवालिस, हेस्टिंग्स के उत्तराधिकारी थे और 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: हेस्टिंग्स, बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल, महाभियोग 1787, बरी 1795।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी कृति कृष्णदेवराय ने राज्य-शासन (राजनीति) पर तेलुगु में रची थी?

  1. A.आमुक्तमाल्यद
  2. B.जाम्बवती कल्याणम्
  3. C.रायवाचकमु
  4. D.सत्यवधु परिणय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आमुक्तमाल्यद

व्याख्या

सही उत्तर है A, आमुक्तमाल्यद। कृष्णदेवराय ने यह तेलुगु काव्य लिखा और इसके एक भाग में बताया कि राजा को कैसे शासन करना चाहिए। तुलुव वंश के कृष्णदेवराय ने 1509 से 1529 तक विजयनगर पर शासन किया; वे स्वयं कवि थे, इसलिए उन्हें 'आंध्र भोज' कहा गया। आमुक्तमाल्यद में तमिल संत कवयित्री आंडाल और भगवान विष्णु के विवाह की कथा है, पर इतिहास की किताबें इसे राजनीति संबंधी सलाह के लिए उद्धृत करती हैं: राजा धर्म को ध्यान में रखकर शासन करे, बंदरगाह सुधारे, व्यापार बढ़ाए और प्रजा का ध्यान रखे। उनके दरबार में आठ तेलुगु कवि थे, जिन्हें 'अष्टदिग्गज' कहा जाता है। B गलत है, जाम्बवती कल्याणम् उनका संस्कृत नाटक है, राजनीति पर तेलुगु ग्रंथ नहीं। C गलत है, रायवाचकमु उनके शासन का बाद में लिखा गया तेलुगु गद्य विवरण है, जिसे दूसरों ने लिखा। D गलत है, सत्यवधु परिणय भी उनकी संस्कृत कृति मानी जाती है, तेलुगु राजनीति ग्रंथ नहीं। परीक्षा टिप: कृष्णदेवराय की तेलुगु कृति आमुक्तमाल्यद; संस्कृत कृति जाम्बवती कल्याणम्।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 01 Feb 2023, Shift 1आसान

1873 में उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। यहां 'उन्होंने' किसके लिए कहा गया है?

  1. A.गोविंदराव फुले
  2. B.गोपाल हरि देशमुख
  3. C.सावित्रीबाई फुले
  4. D.ज्योतिबा फुले
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ज्योतिबा फुले

व्याख्या

सही उत्तर है D, ज्योतिबा फुले। ज्योतिराव (ज्योतिबा) फुले ने 24 सितंबर 1873 को पुणे में सत्यशोधक समाज, यानी 'सत्य की खोज करने वालों का समाज', की स्थापना की। इस समाज ने जातिगत भेदभाव का विरोध किया और पुरोहितों के बिना शूद्रों, दलितों और महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों के लिए काम किया। इसी साल फुले ने अपनी पुस्तक 'गुलामगिरी' प्रकाशित की, जिसे उन्होंने अमेरिका में गुलामी खत्म करने के लिए लड़ने वालों को समर्पित किया। फुले दंपती ने 1848 में पुणे में लड़कियों का स्कूल भी खोला था। A गलत है क्योंकि गोविंदराव फुले ज्योतिबा के पिता थे, जो माली समुदाय से थे। B गलत है क्योंकि गोपाल हरि देशमुख 'लोकहितवादी' नाम से जाने जाते हैं और अपने 'शतपत्रे' नाम के पत्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। C गलत है क्योंकि सावित्रीबाई फुले ज्योतिबा की पत्नी और भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं; उन्होंने समाज में काम किया पर इसकी स्थापना नहीं की। परीक्षा टिप: सत्यशोधक समाज, 1873, पुणे, ज्योतिबा फुले, पुस्तक 'गुलामगिरी'।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

निम्नलिखित में से कौन कर्नाटक में वीरशैव आंदोलन के संस्थापक थे?

  1. A.बसवन्ना
  2. B.अप्पार
  3. C.संबंदर
  4. D.सुंदरर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बसवन्ना

व्याख्या

सही उत्तर है A, बसवन्ना। बारहवीं सदी में कर्नाटक में वीरशैव या लिंगायत आंदोलन का नेतृत्व बसवन्ना ने किया। वे कल्याण में राजा बिज्जल के दरबार में मंत्री थे। उनके अनुयायी शिव की लिंग रूप में पूजा करते हैं और आमतौर पर एक छोटा लिंग शरीर पर धारण करते हैं; उन्होंने जाति, कर्मकांड और पुनर्जन्म के सिद्धांत पर सवाल उठाए और विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया। बसवन्ना और अल्लम प्रभु, अक्का महादेवी जैसे संतों ने सरल कन्नड़ में छोटे-छोटे 'वचन' कहकर उपदेश दिया और अनुभव मंडप में आध्यात्मिक चर्चा की। बाकी तीनों नाम तमिल क्षेत्र के संतों के हैं। B गलत है, अप्पार शिव के भक्त तमिल नयनार संत थे, कर्नाटक के आंदोलन के नेता नहीं। C गलत है, संबंदर भी तमिल नयनार थे, जिनके भजन तेवारम में संकलित हैं। D गलत है, सुंदरर भी एक तमिल नयनार संत थे। परीक्षा टिप: वीरशैव, बसवन्ना, कन्नड़ वचन; नयनार अप्पार, संबंदर और सुंदरर, तमिल तेवारम।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023आसान

किस अधिवेशन में कांग्रेस नरम एवं गरम दल में विभाजित हो गई थी?

  1. A.बम्बई
  2. B.सूरत
  3. C.कलकत्ता
  4. D.नागपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सूरत

व्याख्या

सही उत्तर है B, सूरत। दिसंबर 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस नरम दल और गरम दल में बँट गई थी। अध्यक्ष कौन बने और 1905 के बंगाल विभाजन के बाद शुरू हुए स्वदेशी व बहिष्कार आंदोलन को कितना आगे ले जाया जाए, इन दो बातों पर दोनों गुटों में टकराव था। नरम दल के नेता फिरोजशाह मेहता और गोपाल कृष्ण गोखले रासबिहारी घोष को अध्यक्ष बनाना चाहते थे, जबकि गरम दल के बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिनचंद्र पाल 1906 के कड़े प्रस्तावों को बनाए रखना चाहते थे। अधिवेशन हंगामे में टूट गया और गरम दल 1916 के लखनऊ अधिवेशन में ही वापस लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि बम्बई में 1885 में पहला अधिवेशन हुआ था, विभाजन नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में 1906 के कलकत्ता अधिवेशन ने विभाजन टाला और पहली बार स्वराज का लक्ष्य अपनाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1920 के नागपुर अधिवेशन ने असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम को मंज़ूरी दी थी। परीक्षा टिप: सूरत 1907 में फूट, लखनऊ 1916 में मेल, दोनों के केंद्र में तिलक।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा युद्ध सालबाई की संधि के साथ समाप्त हुआ?

  1. A.पानीपत का तीसरा युद्ध
  2. B.बक्सर का युद्ध
  3. C.प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
  4. D.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध। मई 1782 में हुई सालबाई की संधि ने अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठों के बीच यह युद्ध समाप्त किया। युद्ध 1775 में तब शुरू हुआ जब कंपनी ने सूरत की संधि के ज़रिए रघुनाथ राव को पेशवा बनाने का समर्थन किया। 1779 में वडगाँव में अंग्रेज़ों की हार के बाद लड़ाई चलती रही, अंत में महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से सालबाई में शांति हुई। संधि से अंग्रेज़ों को सालसेट मिला, माधव राव नारायण को पेशवा माना गया और दोनों शक्तियों के बीच लगभग बीस साल शांति रही। A गलत है क्योंकि पानीपत का तीसरा युद्ध, 1761, मराठों और अहमद शाह अब्दाली के बीच एक ही दिन में निपट गया था, किसी संधि से नहीं। B गलत है क्योंकि बक्सर के युद्ध, 1764, के बाद 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई थी। D गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1803 में देवगाँव और सुर्जी-अर्जनगाँव की संधियों से समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: मराठा संधियों का क्रम याद रखें, सूरत 1775, पुरंदर 1776, वडगाँव 1779, सालबाई 1782।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस वर्ष सविनय अवज्ञा आंदोलन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया?

  1. A.1917
  2. B.1934
  3. C.1923
  4. D.1943
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1934

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1934। गांधीजी ने अप्रैल 1934 में सविनय अवज्ञा आंदोलन औपचारिक रूप से वापस ले लिया, क्योंकि कड़े दमन के बीच आंदोलन की गति खत्म हो चुकी थी। आंदोलन 12 मार्च 1930 को दांडी मार्च से शुरू हुआ था और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया। 5 मार्च 1931 के गांधी–इरविन समझौते के बाद इसे स्थगित किया गया, जब गांधीजी लंदन में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में जाने को तैयार हुए। सम्मेलन असफल रहा, लौटने पर गांधीजी गिरफ्तार हुए और जनवरी 1932 में आंदोलन फिर शुरू हुआ, लेकिन 1934 तक ज़्यादातर नेता जेल में थे और इसे समाप्त कर दिया गया। इसलिए इस आंदोलन की तीन तारीखें अलग-अलग याद रखनी हैं: 1930 शुरुआत, 1931 विराम, 1934 समाप्ति। A, 1917, चंपारण सत्याग्रह का साल है, जो भारत में गांधीजी का पहला आंदोलन था। C, 1923, में सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने स्वराज पार्टी बनाई। D, 1943, में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार बनाई। परीक्षा टिप: सविनय अवज्ञा 1930 से 1934, बीच में 1931 का समझौता।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

मध्यकालीन गुजरात के निम्नलिखित शासकों में से किसने दीव पुर्तगालियों को सौंपा?

  1. A.अहमद शाह
  2. B.महमूद बेगड़ा
  3. C.बहादुर शाह
  4. D.मुहम्मद शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बहादुर शाह

व्याख्या

सही उत्तर है C, बहादुर शाह। गुजरात के इस सुल्तान ने मुगल बादशाह हुमायूँ के खिलाफ मदद के बदले पुर्तगालियों को दीव दिया। बसई की संधि (1534) से बहादुर शाह ने बसई पुर्तगालियों को दी, और 1535 में, जब हुमायूँ ने गुजरात पर हमला किया, उन्हें दीव में किला बनाने की अनुमति दे दी। जल्द ही संबंध बिगड़ गए और 1537 में दीव के पास एक पुर्तगाली जहाज पर बहादुर शाह मारा गया। इसके बाद पुर्तगालियों ने दमन और गोवा के साथ दीव पर दिसंबर 1961 तक कब्जा रखा, जब ऑपरेशन विजय से भारत ने इन्हें वापस लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि अहमद शाह प्रथम ने पंद्रहवीं सदी में अहमदाबाद बसाया, पुर्तगालियों के आने से बहुत पहले। विकल्प B गलत है, क्योंकि महमूद बेगड़ा पुर्तगालियों से लड़ा, चौल (1508) में मिस्र के बेड़े के साथ रहा और दीव का युद्ध (1509) हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुहम्मद शाह का दीव सौंपने से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: बहादुर शाह, हुमायूँ का खतरा, 1535 में दीव का किला पुर्तगालियों को।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024मध्यम

हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? सही विकल्प चुनिए:

  1. A.HSRA के सदस्यों ने पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स की हत्या की थी।
  2. B.भगत सिंह और उनके साथियों ने इस संगठन की स्थापना की थी।
  3. C.इसकी स्थापना 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई थी।
  4. D.इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी।

व्याख्या

सही उत्तर है D, इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी। यही कथन गलत है, क्योंकि HSRA की स्थापना अमृतसर में नहीं, दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई थी। 1928 में भगत सिंह, सुखदेव और दूसरे युवा क्रांतिकारी दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में मिले और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में बदल दिया। नाम में 'सोशलिस्ट' शब्द बताता था कि वे आज़ादी के साथ शोषण-मुक्त समाज भी चाहते थे। दिसंबर 1928 में इसके सदस्यों ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए लाहौर में पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स को गोली मारी। A सही कथन है, क्योंकि सॉन्डर्स को भगत सिंह और राजगुरु ने मारा था। B भी सही है, क्योंकि संगठन भगत सिंह और उनके साथियों ने बनाया था। C भी सही है, क्योंकि स्थापना दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में ही हुई थी। परीक्षा टिप: HRA – 1924, कानपुर; HSRA – 1928, फिरोजशाह कोटला, दिल्ली।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम

1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ रियासत को अपने राज्य में मिला लिया था। इसके अंतिम शासक कौन थे?

  1. A.नाहर सिंह
  2. B.बलराम सिंह
  3. C.अजीत सिंह
  4. D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाहर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसने प्रशासन के विषयों को दो श्रेणियों, केंद्रीय और प्रांतीय, में बाँटा।

2. केंद्रीय विषयों को 'आरक्षित' और 'हस्तांतरित' विषयों में बाँटा गया।

3. प्रांतीय सरकारों को अपना बजट बनाने और कर लगाने की शक्ति दी गई।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अधिनियम ने विषयों को केंद्र और प्रांतों में बाँटा, पर आरक्षित और हस्तांतरित का बँटवारा केवल प्रांतीय विषयों पर लागू था। भारत सरकार अधिनियम, 1919 ने मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों को कानून का रूप दिया। हस्तांतरण नियमों के ज़रिए इसने केंद्रीय और प्रांतीय विषय अलग किए और पहली बार प्रांतीय बजट को केंद्रीय बजट से अलग किया, जिससे प्रांतों को अपने राजस्व स्रोत और अपना बजट पारित करने का अधिकार मिला। प्रांतों में द्वैध शासन लागू हुआ: शिक्षा और स्थानीय स्वशासन जैसे हस्तांतरित विषय विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों को मिले, जबकि पुलिस और भू-राजस्व जैसे आरक्षित विषय गवर्नर और उसकी कार्यकारी परिषद के पास रहे। कथन 2 गलत है, क्योंकि केंद्रीय विषयों का ऐसा बँटवारा कभी नहीं हुआ; केंद्र में द्वैध शासन 1935 के अधिनियम में प्रस्तावित हुआ और वह भी लागू नहीं हो पाया। इसलिए विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि तीनों में कथन 2 है। परीक्षा टिप: 1919 अधिनियम, प्रांतों में द्वैध शासन; 1935 अधिनियम, केंद्र में द्वैध शासन का प्रस्ताव।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

मुस्लिम लीग एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए “सी.आर. फॉर्मूला” किसने बनाया था?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजगोपालाचारी
  3. C.चित्तरंजन दास
  4. D.वी. पी. मेनन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजगोपालाचारी

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजगोपालाचारी। सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1944 में पाकिस्तान के सवाल पर कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बने गतिरोध को तोड़ने के लिए यह फॉर्मूला दिया था। इसके अनुसार लीग स्वतंत्रता की माँग का समर्थन करेगी और अंतरिम सरकार बनाने में कांग्रेस का साथ देगी। युद्ध के बाद एक आयोग उत्तर-पश्चिम और पूर्व के मुस्लिम-बहुल ज़िलों की सीमा तय करेगा और वहाँ के सभी वयस्कों का जनमत संग्रह तय करेगा कि वे अलग होंगे या नहीं। सितंबर 1944 में बंबई में हुई गांधी-जिन्ना वार्ता इसी फॉर्मूले पर हुई, पर जिन्ना ने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि वे पूरा पंजाब और बंगाल तथा केवल मुसलमानों का मतदान चाहते थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने यह योजना नहीं बनाई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि चित्तरंजन दास ने 1923 में स्वराज पार्टी बनाई थी और 1925 में ही उनका निधन हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि वी. पी. मेनन ने जून 1947 की विभाजन योजना का मसौदा बनाया और बाद में रियासतों के विलय में मदद की। परीक्षा टिप: सी.आर. फॉर्मूला 1944, गांधी-जिन्ना वार्ता सितंबर 1944, वेवेल योजना 1945।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018मध्यम

बंगाल काश्तकारी अधिनियम द्वारा बंगाल और बिहार में भूमि पर काश्तकारों (रैयतों) के अधिकारों को कब मान्यता दी गई?

  1. A.1868
  2. B.1881
  3. C.1885
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1885

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1885। बंगाल काश्तकारी अधिनियम 1885 में वायसराय लॉर्ड डफरिन के समय पारित हुआ, ताकि बंगाल और बिहार के काश्तकारों को ज़मींदारों से सुरक्षा मिले। 1793 के स्थायी बंदोबस्त ने ज़मींदारों को ज़मीन का मालिक बना दिया था और किसान बढ़ते लगान और बेदखली के आगे बेबस थे। 1873 में शुरू हुए पबना किसान विद्रोह के बाद सरकार ने राहत का वादा किया, और 1885 के अधिनियम ने किसी गाँव में बारह वर्ष से ज़मीन जोत रहे रैयत को दखलकारी अधिकार दिया और लगान बढ़ाने पर रोक लगाई। यह साल याद रखना आसान है, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना भी 1885 में हुई थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1868 में काश्तकार अभी 1859 के कमज़ोर लगान अधिनियम के भरोसे थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1881 में नया कानून अभी तैयार हो रहा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिनियम केवल एक ही वर्ष, 1885 में पारित हुआ। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793, पबना विद्रोह 1873, बंगाल काश्तकारी अधिनियम 1885।

Q20.भारतीय इतिहासकठिन

हड़प्पा सभ्यता का सबसे दक्षिणी स्थल दैमाबाद वर्तमान में किस राज्य में स्थित है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.महाराष्ट्र
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर C, महाराष्ट्र है। दैमाबाद महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में गोदावरी की सहायक नदी प्रवरा के किनारे स्थित है और यही हड़प्पा सभ्यता की दक्षिणी सीमा है। यह स्थल कांसे की ठोस मूर्तियों के भंडार के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें दो बैलों द्वारा खींचा जाने वाला रथ और उस पर खड़ा चालक, तथा गैंडा, हाथी और भैंसे की आकृतियां सम्मिलित हैं।

विकल्प A, गुजरात में लोथल, धौलावीरा, सुरकोटदा और रंगपुर स्थित हैं, किंतु इनमें से कोई सबसे दक्षिणी नहीं है। विकल्प B, राजस्थान में घग्गर पर कालीबंगा स्थित है। विकल्प D, हरियाणा में राखीगढ़ी और बनावली हैं। चारों सीमावर्ती स्थलों को एक साथ याद करें: पश्चिम में बलूचिस्तान के मकरान तट पर सुत्कागेंडोर, पूर्व में उत्तर प्रदेश में हिंडन नदी पर आलमगीरपुर, उत्तर में जम्मू में चिनाब नदी पर मांडा और दक्षिण में महाराष्ट्र में प्रवरा नदी पर दैमाबाद। परीक्षाओं में यह समूह प्रायः दिशा आधारित प्रश्न के रूप में पूछा जाता है, इसलिए नाम और दिशा दोनों साथ याद रखें।

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