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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 59

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 59) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: 18वीं सदी के क्षेत्रीय राज्य: अवध, बंगाल, हैदराबाद और मैसूर, गांधीजी का दक्षिण अफ्रीका प्रवास और प्रारंभिक सत्याग्रह: चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद, आंग्ल-मैसूर, आंग्ल-मराठा और आंग्ल-सिख युद्ध और अन्य। इनमें से 10 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

अवध की राजधानी फैजाबाद से लखनऊ किस शासक ने स्थानांतरित की?

  1. A.सआदत खां बुरहान-उल-मुल्क
  2. B.सफदरजंग
  3. C.आसफुद्दौला
  4. D.वाजिद अली शाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आसफुद्दौला

व्याख्या

सही उत्तर C, आसफुद्दौला है। उसने शासन का केंद्र फैजाबाद से लखनऊ ले गया और 1784 में वहां अकाल राहत कार्य के रूप में बड़ा इमामबाड़ा बनवाया, जिसमें हजारों लोगों को काम मिला, और इस प्रकार नवाबी लखनऊ के उस युग का आरंभ हुआ जो अपनी स्थापत्य कला, पाकशास्त्र और दरबारी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प A गलत है क्योंकि सआदत खां ने 1722 में राज्य की स्थापना की और फैजाबाद से शासन किया। विकल्प B गलत है क्योंकि उसका उत्तराधिकारी सफदरजंग अपना समय अवध और दिल्ली के बीच बांटता रहा, जहां वह वजीर था, पर उसने राजधानी नहीं बदली। विकल्प D गलत है क्योंकि वाजिद अली शाह अवध का अंतिम शासक था, जिसे 1856 में लॉर्ड डलहौजी ने कुशासन के बहाने अपदस्थ किया, और तब तक लखनऊ लगभग सत्तर वर्ष से राजधानी रह चुका था।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 3आसान

1903 में दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने किस समाचार पत्र की स्थापना की थी?

  1. A.यंग इंडिया
  2. B.इंडियन ओपिनियन
  3. C.स्वराज हिंद
  4. D.नवजीवन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन ओपिनियन

व्याख्या

सही उत्तर है B, इंडियन ओपिनियन। गांधीजी ने 1903 में डरबन से इंडियन ओपिनियन शुरू किया, जिसका उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों की बात जनता के सामने रखना था।

यह साप्ताहिक डरबन के निकट फीनिक्स आश्रम में छपता था और अंग्रेजी तथा गुजराती में निकलता था; शुरुआती वर्षों में इसमें तमिल और हिंदी खंड भी रहे। गांधीजी ने बाद में लिखा कि सत्याग्रह जैसा संघर्ष अपने समाचार पत्र के बिना नहीं चलाया जा सकता। इस पत्र में एशियाटिक रजिस्ट्रेशन अधिनियम के विरुद्ध चले आंदोलन पर उनके लेख छपते थे।

विकल्प A, यंग इंडिया, वह अंग्रेजी साप्ताहिक था जिसका संपादन गांधीजी ने 1919 से भारत में किया। विकल्प C, स्वराज हिंद, उनसे जुड़ा कोई पत्र नहीं है। विकल्प D, नवजीवन, उनका गुजराती साप्ताहिक था, जो भी 1919 में भारत में शुरू हुआ।

परीक्षा सुझाव: इंडियन ओपिनियन 1903 दक्षिण अफ्रीका; यंग इंडिया और नवजीवन 1919 भारत।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

1803 का असाय का युद्ध, जिसे आर्थर वेलेजली ने जीता, किस युद्ध के दौरान लड़ा गया?

  1. A.चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध
  2. B.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
  3. C.तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध
  4. D.प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर B, द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध है। दिसंबर 1802 की बेसिन की संधि के बाद सिंधिया तथा नागपुर के भोंसले कंपनी के विरुद्ध मैदान में उतरे। गवर्नर-जनरल लॉर्ड वेलेजली के छोटे भाई आर्थर वेलेजली ने सितंबर 1803 में असाय में और फिर अड़गांव में उनकी संयुक्त सेनाओं को हराया, जबकि उत्तर में जनरल लेक ने दिल्ली ली और लासवारी में विजय पाई। विकल्प A गलत है क्योंकि चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध 1799 में लड़ा गया और श्रीरंगपट्टनम पर धावे तथा टीपू सुल्तान की मृत्यु के साथ समाप्त हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि 1817 से 1818 का तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध खड़की, सीताबुल्दी और महिदपुर से पहचाना जाता है, असाय से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध चार दशक बाद, 1845 से 1846 में, सतलुज के साथ लड़ा गया।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 2मध्यम

सी. राजगोपालाचारी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वे भारत के गवर्नर जनरल बनने वाले पहले भारतीय थे
  2. B.वे स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे
  3. C.वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
  4. D.वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे

व्याख्या

सही उत्तर है D, वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। सी. राजगोपालाचारी को 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ पहले भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया था, पद्म श्री में नहीं, इसलिए यह कथन सत्य नहीं है। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध वे लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद 1948 में भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने और इस पद पर पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय रहे। इससे पहले वे मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रधान, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री तथा मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री रहे। A सत्य है क्योंकि कोई अन्य भारतीय इस पद पर नहीं रहा। B सत्य है क्योंकि उन्होंने नेहरू की राज्य नियंत्रण तथा भूमि सीमा नीति के विरोध में 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई। C सत्य है क्योंकि वे गांधीजी के निकट सहयोगी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। परीक्षा टिप: पहला भारत रत्न 1954 में राजाजी, रमन और राधाकृष्णन को मिला।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 15 Oct 2018, Shift 1आसान

'पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल' पुस्तक के लेखक कौन हैं?

  1. A.ए. ओ. ह्यूम
  2. B.दादाभाई नौरोजी
  3. C.डब्ल्यू. सी. बनर्जी
  4. D.एस. सुब्रमण्य अय्यर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दादाभाई नौरोजी

व्याख्या

सही उत्तर B, दादाभाई नौरोजी है। पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया में नौरोजी ने भारत की राष्ट्रीय आय के अपने अनुमान प्रस्तुत किए और धन के निष्कासन का सिद्धांत दिया, यह दिखाते हुए कि देश की संपत्ति का एक भाग प्रतिवर्ष गृह व्यय, ब्रिटिश अधिकारियों के वेतन-पेंशन तथा ब्रिटिश पूंजी के लाभ के रूप में बिना प्रतिदान ब्रिटेन चला जाता था। उन्हें भारत का वयोवृद्ध पुरुष कहा गया और वे ब्रिटिश हाउस ऑफ़ कॉमन्स के लिए निर्वाचित होने वाले पहले भारतीय थे। A गलत है क्योंकि सेवानिवृत्त सिविल सेवक ए. ओ. ह्यूम ने 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में सहयोग दिया, परंतु भारतीय निर्धनता पर ऐसी कृति नहीं लिखी। C गलत है क्योंकि डब्ल्यू. सी. बनर्जी कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष और पेशे से वकील थे, आर्थिक लेखक नहीं। D गलत है क्योंकि एस. सुब्रमण्य अय्यर मद्रास के न्यायाधीश और आरंभिक कांग्रेस से जुड़े सार्वजनिक पुरुष थे।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 3आसान

दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासक रजिया सुल्तान किस वंश से संबंधित थीं?

  1. A.गुलाम वंश
  2. B.खिलजी वंश
  3. C.लोदी वंश
  4. D.मुगल वंश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गुलाम वंश

व्याख्या

सही उत्तर है A, गुलाम वंश। रजिया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थीं और इल्तुतमिश गुलाम वंश का शासक था, जिसे मामलूक वंश या इल्बरी तुर्क भी कहा जाता है। रजिया ने 1236 से 1240 तक दिल्ली पर शासन किया और वे दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर बैठने वाली एकमात्र महिला थीं। इल्तुतमिश ने अपने पुत्रों के स्थान पर उन्हें उत्तराधिकारी चुना, और उन्होंने शासन अपने हाथ में लिया, पर्दा त्यागा, खुला दरबार लगाया तथा स्वयं सेना का नेतृत्व किया। तुर्क सरदारों के दल, चहलगानी, को महिला शासक स्वीकार नहीं थी; 1240 में उन्हें गद्दी से हटाकर मार डाला गया। B गलत है क्योंकि खिलजी वंश 1290 में जलालुद्दीन खिलजी के साथ सत्ता में आया। C गलत है क्योंकि लोदी वंश 1451 से 1526 तक रहा और सल्तनत का अंतिम वंश था। D गलत है क्योंकि मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने 1526 में की, रजिया के लगभग तीन शताब्दी बाद। परीक्षा टिप: रजिया - इल्तुतमिश की पुत्री, गुलाम वंश, 1236 से 1240 तक।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

1859 से 1860 का नील विद्रोह बंगाल के किस जिले में भड़का था?

  1. A.नदिया
  2. B.पबना
  3. C.मिदनापुर
  4. D.बीरभूम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नदिया

व्याख्या

सही उत्तर A, नदिया है। नील विद्रोह, जिसे नील बिद्रोह कहा जाता है, 1859 में बंगाल के नदिया जिले में आरंभ हुआ, जहां रैयतों ने बागान मालिकों की थोपी हुई शर्तों पर नील बोने से इनकार कर दिया। दिगंबर विश्वास और बिष्णु विश्वास ने इस हड़ताल का नेतृत्व किया, जो पूरे बंगाल में फैल गई; सरकार ने 1860 में नील आयोग नियुक्त किया और बागान मालिकों ने कारखाने बंद कर दिए। B, पबना, गलत है क्योंकि वहां 1873 में जमींदारों की अवैध लगान मांगों के विरुद्ध कृषक सभाएं बनी थीं, नील की हड़ताल नहीं हुई। C, मिदनापुर, गलत है क्योंकि वह जंगल महाल के बहुत पहले के चुआर विद्रोह से जुड़ा है। D, बीरभूम, गलत है; वहां इस नाम का कोई विद्रोह नहीं हुआ और यह विकल्प केवल पड़ोसी जिला होने के कारण रखा गया है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने 'ईस्ट इंडिया एसोसिएशन' की स्थापना की थी?

  1. A.गोपाल कृष्ण गोखले
  2. B.जॉर्ज यूल
  3. C.व्योमेश चंद्र बनर्जी
  4. D.दादाभाई नौरोजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दादाभाई नौरोजी

व्याख्या

सही उत्तर है D, दादाभाई नौरोजी। दादाभाई नौरोजी ने 1866 में लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारतीय प्रश्नों को ब्रिटिश जनता और संसद सदस्यों के सामने रखना था; इसकी शाखाएँ जल्द ही बंबई, कलकत्ता और मद्रास में खुल गईं। एक वर्ष पहले उन्होंने लंदन इंडियन सोसाइटी भी शुरू की थी। 'भारत के वयोवृद्ध पुरुष' कहे जाने वाले नौरोजी ने 'पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' लिखी, जिसमें भारत से ब्रिटेन जाने वाले धन के निष्कासन (ड्रेन थ्योरी) को समझाया। वे 1892 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय बने और तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी बनाई। विकल्प B गलत है, क्योंकि जॉर्ज यूल 1888 के इलाहाबाद अधिवेशन में कांग्रेस के पहले अंग्रेज़ अध्यक्ष बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्योमेश चंद्र बनर्जी 1885 में कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: लंदन इंडियन सोसाइटी 1865 और ईस्ट इंडिया एसोसिएशन 1866 — दोनों दादाभाई नौरोजी की।

Q9.भारतीय इतिहासकठिन

बंगाल के किस नवाब ने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद से मुंगेर स्थानांतरित की?

  1. A.अलीवर्दी खां
  2. B.सिराजुद्दौला
  3. C.मीर जाफर
  4. D.मीर कासिम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मीर कासिम

व्याख्या

सही उत्तर D, मीर कासिम है। कंपनी ने मीर जाफर के स्थान पर उसे बैठाया था, और उसने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद से बिहार के मुंगेर ले गई, ठीक इसलिए कि कलकत्ता स्थित कंपनी के केंद्र से दूरी बन जाए, नई सेना खड़ी की और वे आंतरिक चुंगियां समाप्त कर दीं जिनसे कंपनी के कर्मचारी बचते थे; इसी विवाद से बक्सर हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि अलीवर्दी खां ने 1740 में सत्ता लेने के बाद मुर्शिदाबाद से शासन किया। विकल्प B गलत है क्योंकि सिराजुद्दौला ने भी अपने लगभग एक वर्ष के संक्षिप्त शासन में मुर्शिदाबाद को ही राजधानी रखा। विकल्प C गलत है क्योंकि मीर जाफर अपने दोनों कार्यकालों में कठपुतली रहा और उसे ऐसा कदम उठाने की स्वतंत्रता कभी नहीं मिली। मुंगेर ने मीर कासिम को अपना शस्त्रागार भी दिया, जहां यूरोपीय ढंग की बंदूकें बनाई जाती थीं, और यही सैन्य स्वतंत्रता कंपनी को असह्य लगी।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q11.भारतीय इतिहासकठिन

1818 में आत्मसमर्पण के बाद अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कहां बसाया गया?

  1. A.सातारा
  2. B.कानपुर के निकट बिठूर
  3. C.ग्वालियर
  4. D.नागपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कानपुर के निकट बिठूर

व्याख्या

सही उत्तर B, कानपुर के निकट बिठूर है। बाजीराव द्वितीय ने तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के अंत में जून 1818 में अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण किया और उन्हें दक्कन से पूर्णतः हटा दिया गया, तथा गंगा के मैदान में बिठूर में निवास और पेंशन दी गई। उनके दत्तक पुत्र नाना साहेब ने बाद में बिठूर को 1857 के विद्रोह का केंद्र बनाया, ठीक इसी कारण कि बाजीराव की मृत्यु पर वह पेंशन रोक दी गई थी। विकल्प A गलत है क्योंकि सातारा को शिवाजी के एक वंशज के लिए छोटी रियासत बनाया गया था, पेशवा के निवास के लिए नहीं, और बाद में डलहौजी ने उसे व्यपगत के सिद्धांत से मिला लिया। विकल्प C गलत है क्योंकि ग्वालियर सिंधिया की राजधानी थी, जिन्होंने 1817 में अलग संधि की। विकल्प D गलत है क्योंकि नागपुर भोंसले का केंद्र था, जो इसी युद्ध में सीताबुल्दी में पराजित हुए।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · UPSC CAPF AC 2023 Official Paper-Iकठिन

प्राचीन भारतीय सिक्कों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इंडो-ग्रीक शासकों ने सबसे पहले ऐसे सिक्के जारी किए जिन पर शासकों के नाम और चित्र अंकित थे।
  2. B.कुषाणों ने सबसे पहले स्वर्ण सिक्के जारी किए।
  3. C.कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।
  4. D.ये कुषाण स्वर्ण सिक्के उत्तर भारत और मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।

व्याख्या

सही उत्तर है C, क्योंकि यही कथन सही नहीं है। कुषाण स्वर्ण सिक्के उस समय के रोमन ऑरियस के समान भार मानक पर ढाले गए थे, भिन्न मानक पर नहीं, क्योंकि यह वंश रोमन जगत से जोरदार व्यापार करता था और उसी मानक को अपनाना सुविधाजनक समझता था। बाकी तीन कथन ठीक हैं। इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत के वे पहले सिक्के जारी किए जिन पर शासक का नाम और उसका चित्र दोनों अंकित हैं, जो पहले के आहत (पंच-मार्क्ड) सिक्कों से बड़ा बदलाव था, क्योंकि उन पर केवल प्रतीक बने होते थे। कुषाणों ने विम कडफिसेस और कनिष्क के समय से भारत में पहली बार बड़ी संख्या में स्वर्ण सिक्के जारी किए, जिनके पृष्ठ भाग पर शिव और बुद्ध जैसे देवता दिखते हैं। और उनके स्वर्ण सिक्के वास्तव में उत्तर भारत तथा मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं, जो उनके व्यापार के विस्तार का सबसे स्पष्ट प्रमाण है। परीक्षा टिप: आहत सिक्के सबसे प्राचीन, इंडो-ग्रीक सिक्के पहले चित्रयुक्त, कुषाण सिक्के पहले स्वर्ण और सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के गुप्तों के।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 15 Oct 2018, Shift 1मध्यम

वर्ष 1929 में कृषि क्षेत्र और समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए, क्योंकि कृषि कीमतों में गिरावट ______ के मूल्यों की तुलना में अधिक और अधिक लंबी रही।

  1. A.औद्योगिक वस्तुएँ
  2. B.अफ़ीम
  3. C.कृषि के लिए कच्चा माल
  4. D.नील
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. औद्योगिक वस्तुएँ

व्याख्या

सही उत्तर A, औद्योगिक वस्तुएँ है। 1929 में आरंभ हुई महामंदी ने गेहूँ, कपास और जूट जैसी प्राथमिक उपज की कीमतें उन निर्मित वस्तुओं की कीमतों से बहुत तेज़ी से और बहुत अधिक समय तक गिराईं जिन्हें किसान को खरीदना पड़ता था। चूँकि उसका राजस्व और पुराना ऋण मुद्रा में नियत था, भारतीय कृषक को उतनी ही राशि चुकाने के लिए कहीं अधिक अनाज बेचना पड़ा और ग्रामीण ऋणग्रस्तता बढ़ गई। B गलत है क्योंकि अफ़ीम चीन व्यापार की सरकारी एकाधिकार वाली फसल थी और वह वह सामान्य मानक नहीं जिससे कृषि कीमतों की तुलना की जाती है। C गलत है क्योंकि उस समय के कृषि आगत, मुख्यतः बीज, बैल और गोबर की खाद, गाँव के भीतर से आते थे और स्वयं कृषि उपज थे, अतः वे अन्य कृषि कीमतों के साथ ही गिरे। D गलत है क्योंकि नील अपना बाज़ार 1929 से बहुत पहले कृत्रिम रंगों के कारण खो चुका था।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q15.भारतीय इतिहासमध्यम

नील बागान मालिकों की क्रूरता उजागर करने वाला नाटक नील दर्पण किसने लिखा था?

  1. A.बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
  2. B.दीनबंधु मित्र
  3. C.माइकल मधुसूदन दत्त
  4. D.ईश्वर चंद्र विद्यासागर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दीनबंधु मित्र

व्याख्या

सही उत्तर B, दीनबंधु मित्र है। दीनबंधु मित्र ने बांग्ला नाटक नील दर्पण लिखा, जो 1860 में प्रकाशित हुआ और जिसमें दिखाया गया कि नील के बागान मालिक बंगाल के किसानों पर कैसे दबाव डालते थे; यह शीघ्र ही अंग्रेजी पढ़ने वाले वर्ग और प्रशासन तक पहुंच गया। A गलत है क्योंकि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने आनंदमठ तथा अन्य उपन्यास और वंदे मातरम गीत लिखा, यह नाटक नहीं। C, माइकल मधुसूदन दत्त, तगड़ा जाल है: उन्होंने नील दर्पण का अंग्रेजी अनुवाद किया, जिसे रेवरेंड जेम्स लॉन्ग ने प्रकाशित किया और इसके लिए उन पर मुकदमा चला, पर मूल नाटक उन्होंने नहीं लिखा। D गलत है क्योंकि ईश्वर चंद्र विद्यासागर का कार्यक्षेत्र शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह का अभियान था, यह आंदोलन नहीं। परीक्षा में लेखक और अनुवादक की यही जोड़ी सबसे आम जाल है, इसलिए पहले लेखक और बाद में अनुवादक याद रखें, और प्रकाशक का नाम अलग से।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 11 Oct 2021, Shift 3कठिन

विक्रमादित्य VI, जिनके दरबारी कवि बिल्हण ने उनकी जीवनी लिखी, किस राजवंश के शासक थे?

  1. A.चालुक्य
  2. B.पल्लव
  3. C.राष्ट्रकूट
  4. D.गंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चालुक्य

व्याख्या

सही उत्तर है A, चालुक्य। विक्रमादित्य VI कल्याणी के पश्चिमी चालुक्य राज्य के शासक थे और उनके दरबारी कवि बिल्हण ने उनके जीवन पर विक्रमांकदेवचरित लिखा। उन्होंने लगभग 1076 से 1126 ईस्वी तक वर्तमान कर्नाटक के कल्याणी से शासन किया और अपने राज्यारोहण से गिनी जाने वाली चालुक्य-विक्रम संवत् चलाई, जो भारत के बहुत कम शासकों ने किया। उनके दरबार के दूसरे विद्वान विज्ञानेश्वर थे, जिन्होंने याज्ञवल्क्य स्मृति पर मिताक्षरा नाम की प्रसिद्ध टीका लिखी, जो हिंदू विधि का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। B गलत है क्योंकि पल्लव कांची से शासन करते थे और दसवीं शताब्दी तक उनका पतन हो गया था। C गलत है क्योंकि मान्यखेट के राष्ट्रकूटों को 973 ईस्वी में इन्हीं चालुक्यों ने हटाया था। D गलत है क्योंकि पश्चिमी गंग दक्षिण कर्नाटक के तलकाड से शासन करते थे और श्रवणबेलगोला के लिए जाने जाते हैं, बिल्हण के लिए नहीं। परीक्षा टिप: बिल्हण – विक्रमांकदेवचरित – विक्रमादित्य VI; विज्ञानेश्वर – मिताक्षरा – उसी दरबार में।

Q17.भारतीय इतिहासआसान

1761 में लड़ा गया पानीपत का तृतीय युद्ध किन दो शक्तियों के बीच हुआ था?

  1. A.मराठे और अहमद शाह अब्दाली
  2. B.बाबर और इब्राहिम लोदी
  3. C.अकबर और हेमू
  4. D.मराठे और ईस्ट इंडिया कंपनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मराठे और अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर A, मराठे और अहमद शाह अब्दाली है। 14 जनवरी 1761 को अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली ने सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व वाली मराठा सेना को हराया, जिसमें युवा विश्वासराव भी मारा गया, और इस पराजय ने उत्तर भारत की सर्वोपरि शक्ति के रूप में मुगलों का स्थान लेने के मराठा प्रयास को समाप्त कर दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराया था। विकल्प C गलत है क्योंकि बैरम खां के नेतृत्व में अकबर की सेनाओं ने 1556 में पानीपत के द्वितीय युद्ध में हेमू को हराया। विकल्प D गलत है क्योंकि मराठों ने ईस्ट इंडिया कंपनी से तीन आंग्ल-मराठा युद्ध लड़े, जो अन्य स्थानों पर और बाद के दशकों में हुए।

Q18.भारतीय इतिहासमध्यम

संधि और मराठा सरदार के निम्नलिखित युग्मों में कौन सा सही मिलान है?

  1. A.देवगांव की संधि और सिंधिया
  2. B.सुर्जी-अर्जनगांव की संधि और भोंसले
  3. C.मंदसौर की संधि और होलकर
  4. D.राजघाट की संधि और पेशवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मंदसौर की संधि और होलकर

व्याख्या

सही उत्तर C, मंदसौर की संधि और होलकर है। होलकर तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध में महिदपुर में पराजित हुए और 1818 में मंदसौर की संधि की, जिसमें उन्होंने अपने विदेश संबंधों पर ब्रिटिश नियंत्रण स्वीकार किया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1803 की देवगांव की संधि नागपुर के भोंसले के साथ हुई थी, सिंधिया के साथ नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1803 की सुर्जी-अर्जनगांव की संधि सिंधिया के साथ हुई थी, भोंसले के साथ नहीं, अर्थात विकल्प A और B में नाम आपस में बदल दिए गए हैं, जो परीक्षकों की प्रिय युक्ति है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1805 की राजघाट की संधि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के अंत में यशवंतराव होलकर के साथ हुई थी; पेशवा की संधि 1802 की बेसिन की संधि थी, और उन्होंने ही सहायक संधि स्वीकार करके वह युद्ध आरंभ कराया था।

Q19.भारतीय इतिहासआसान

बंगाल का स्थायी बंदोबस्त 1793 में किसने लागू किया?

  1. A.वॉरेन हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.लॉर्ड वेलेज़ली
  4. D.लॉर्ड विलियम बेंटिंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लॉर्ड कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर B, लॉर्ड कॉर्नवालिस है। 1786 से 1793 तक गवर्नर-जनरल रहे कॉर्नवालिस ने जॉन शोर की सलाह पर 1793 में बंदोबस्त को स्थायी कर दिया और सदा के लिए नियत राजस्व मांग के बदले ज़मींदारों को भूमि का स्वामी स्वीकार किया। A गलत है क्योंकि वॉरेन हेस्टिंग्स ने पहले ठेका व्यवस्था का प्रयोग किया था, जिसमें ज़िलों का राजस्व पाँच वर्ष के लिए नीलाम होता था, और स्थायी बंदोबस्त ने उसी का स्थान लिया। C गलत है क्योंकि लॉर्ड वेलेज़ली सहायक संधि प्रणाली और ब्रिटिश क्षेत्र के विस्तार के लिए स्मरण किए जाते हैं, राजस्व बंदोबस्त के लिए नहीं। D गलत है क्योंकि लॉर्ड विलियम बेंटिंक बहुत बाद में, 1828 से 1835 तक रहे और 1833 के महालवाड़ी सुधार तथा सती प्रथा के अंत जैसे सामाजिक विधान से जुड़े हैं। सामान्य जाल जॉन शोर का विकल्प है, जिन्होंने योजना पर सलाह दी थी, लागू नहीं किया।

Q20.भारतीय इतिहासमध्यम

1875 के दक्कन दंगे मुख्यतः किस वर्ग के विरुद्ध थे?

  1. A.नील बागान मालिक
  2. B.साहूकार
  3. C.वन ठेकेदार
  4. D.ईसाई मिशनरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. साहूकार

व्याख्या

सही उत्तर B, साहूकार है। दक्कन दंगे 1875 में पूना जिले के सुपा से आरंभ हुए और पूना तथा अहमदनगर में फैले। रैयतवाड़ी बंदोबस्त में किसान राजस्व सीधे राज्य को देता था, और कपास के गिरते दामों वाले वर्ष में उसे चुकाने के लिए वह मारवाड़ी तथा गुजराती साहूकारों से उधार लेता था; विद्रोहियों ने उन पर हमला किया और कर्ज के बंधपत्र तथा बहीखाते जला दिए। सरकार का उत्तर 1879 का दक्कन कृषक राहत अधिनियम था। A गलत है क्योंकि नील बागान मालिक 1859 के बंगाल विद्रोह के निशाने पर थे। C गलत है क्योंकि वन ठेकेदारों के विरुद्ध रोष जनजातीय क्षेत्रों में था, जैसे संथाल और रम्पा विद्रोहों में, 1875 के दक्कन में नहीं। D गलत है; दक्कन दंगों की कोई धार्मिक दिशा नहीं थी। इसीलिए दक्कन दंगों को ऋणग्रस्तता के विद्रोह के रूप में याद रखें, और नील विद्रोह को बागान मालिकों के विरुद्ध।

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