मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 56

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें

इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 56) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: चोल साम्राज्य, गांधीजी का दक्षिण अफ्रीका प्रवास और प्रारंभिक सत्याग्रह: चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद, मुगल प्रशासन: मनसबदारी और राजस्व व्यवस्था और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

मुत्तरैयर प्रमुखों से तंजावुर छीनकर साम्राज्यवादी चोल वंश की स्थापना किसने की?

  1. A.करिकाल
  2. B.आदित्य प्रथम
  3. C.विजयालय
  4. D.परांतक प्रथम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विजयालय

व्याख्या

सही उत्तर C, विजयालय है। विजयालय ने नौवीं शताब्दी के मध्य के आसपास मुत्तरैयर प्रमुखों से तंजावुर लिया, जो पल्लवों के अधीनस्थ के रूप में कावेरी डेल्टा पर अधिकार रखते थे, और उसी आधार से साम्राज्यवादी चोल वंश बढ़ा। तंजावुर तब तक चोल राजधानी रहा जब तक राजेंद्र प्रथम ने गंगैकोंडचोलपुरम नहीं बसाया। विकल्प A गलत है क्योंकि करिकाल संगम युग के आरंभिक चोलों का था, जो शताब्दियों पहले उरैयूर से शासन करते थे और जिन्हें कावेरी पर कल्लणै का श्रेय दिया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आदित्य प्रथम विजयालय का पुत्र था, जिसने पल्लव शासक अपराजित को हराकर राज्य बढ़ाया। विकल्प D गलत है क्योंकि परांतक प्रथम बाद में आया और तक्कोलम के युद्ध में राष्ट्रकूट कृष्ण तृतीय से पराजित हुआ। परीक्षा में विजयालय के साथ 850 ईस्वी, तंजावुर और मुत्तरैयर तीनों एक साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न तीनों में से किसी एक को छोड़कर पूछा जाता है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 3आसान

1903 में दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने किस समाचार पत्र की स्थापना की थी?

  1. A.यंग इंडिया
  2. B.इंडियन ओपिनियन
  3. C.स्वराज हिंद
  4. D.नवजीवन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन ओपिनियन

व्याख्या

सही उत्तर है B, इंडियन ओपिनियन। गांधीजी ने 1903 में डरबन से इंडियन ओपिनियन शुरू किया, जिसका उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों की बात जनता के सामने रखना था।

यह साप्ताहिक डरबन के निकट फीनिक्स आश्रम में छपता था और अंग्रेजी तथा गुजराती में निकलता था; शुरुआती वर्षों में इसमें तमिल और हिंदी खंड भी रहे। गांधीजी ने बाद में लिखा कि सत्याग्रह जैसा संघर्ष अपने समाचार पत्र के बिना नहीं चलाया जा सकता। इस पत्र में एशियाटिक रजिस्ट्रेशन अधिनियम के विरुद्ध चले आंदोलन पर उनके लेख छपते थे।

विकल्प A, यंग इंडिया, वह अंग्रेजी साप्ताहिक था जिसका संपादन गांधीजी ने 1919 से भारत में किया। विकल्प C, स्वराज हिंद, उनसे जुड़ा कोई पत्र नहीं है। विकल्प D, नवजीवन, उनका गुजराती साप्ताहिक था, जो भी 1919 में भारत में शुरू हुआ।

परीक्षा सुझाव: इंडियन ओपिनियन 1903 दक्षिण अफ्रीका; यंग इंडिया और नवजीवन 1919 भारत।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

मनसबदारी व्यवस्था में मनसब के साथ जुड़ी दो संख्याएं जात और सवार क्रमशः किसे दर्शाती थीं?

  1. A.व्यक्तिगत वेतन तथा पद, और रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या
  2. B.जागीर का क्षेत्रफल, और उस पर निर्धारित राजस्व
  3. C.सेवा के वर्ष, और रखे गए हाथियों की संख्या
  4. D.नकद वेतन की राशि, और भूमि राजस्व की दर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. व्यक्तिगत वेतन तथा पद, और रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या

व्याख्या

सही उत्तर A, व्यक्तिगत वेतन तथा पद, और रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या है। जात संख्या धारक का वेतन और दरबार के वरीयता क्रम में उसका स्थान तय करती थी, जबकि सवार संख्या वह घुड़सवार टुकड़ी तय करती थी जिसे उसे बादशाह के लिए तैयार रखना था। यदि सवार पद जात के बराबर हो तो धारक प्रथम श्रेणी का था, आधा या अधिक हो तो द्वितीय श्रेणी का, और उससे कम हो तो तृतीय श्रेणी का। B राजस्व विभाग द्वारा रखे जागीर अभिलेखों का वर्णन है, मनसब का नहीं। C ऐसा मापदंड गढ़ता है जो इस व्यवस्था में कभी नहीं था। D मनसब को दहसाला बंदोबस्त की राजस्व सूची से मिला देता है। मनसब न वंशानुगत था न स्थायी, और धारक की मृत्यु पर वह राज्य में लौट आता था।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 2मध्यम

सी. राजगोपालाचारी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वे भारत के गवर्नर जनरल बनने वाले पहले भारतीय थे
  2. B.वे स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे
  3. C.वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
  4. D.वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे

व्याख्या

सही उत्तर है D, वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। सी. राजगोपालाचारी को 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ पहले भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया था, पद्म श्री में नहीं, इसलिए यह कथन सत्य नहीं है। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध वे लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद 1948 में भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने और इस पद पर पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय रहे। इससे पहले वे मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रधान, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री तथा मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री रहे। A सत्य है क्योंकि कोई अन्य भारतीय इस पद पर नहीं रहा। B सत्य है क्योंकि उन्होंने नेहरू की राज्य नियंत्रण तथा भूमि सीमा नीति के विरोध में 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई। C सत्य है क्योंकि वे गांधीजी के निकट सहयोगी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। परीक्षा टिप: पहला भारत रत्न 1954 में राजाजी, रमन और राधाकृष्णन को मिला।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय राज्य के विरुद्ध चोल नौसैनिक अभियान किस शासक ने भेजा था?

  1. A.राजराज प्रथम
  2. B.राजेंद्र प्रथम
  3. C.विजयालय
  4. D.राजेंद्र तृतीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजेंद्र प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर B, राजेंद्र प्रथम है। राजेंद्र प्रथम ने, जिसका शासन 1014 से 1044 तक रहा, बंगाल की खाड़ी पार कर मलय प्रायद्वीप तथा सुमात्रा के श्रीविजय के शैलेंद्र राज्य के विरुद्ध बेड़ा भेजा और उसके शासक संग्राम विजयोत्तुंग वर्मन को पराजित किया। यह अभियान तमिल व्यापारियों के लिए चीन का समुद्री मार्ग खुला रखने के लिए लड़ा गया, और कडारम की विजय से राजा कडारम कोंडान कहलाया। विकल्प A गलत है क्योंकि राजराज प्रथम ने समुद्र पार श्रीलंका और मालदीव के विरुद्ध अभियान किए, श्रीविजय के विरुद्ध नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि विजयालय का शासन तंजावुर के आसपास छोटे क्षेत्र तक था और उसके पास इतनी दूर तक जाने वाली नौसेना नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि राजेंद्र तृतीय अंतिम चोल था, जिसके समय साम्राज्य पांड्यों के सामने सिकुड़ गया।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 Jul, 2024, Shift 2कठिन

फिरोजशाह मेहता और के टी तेलंग के साथ 1885 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना किसने की थी?

  1. A.बदरुद्दीन तैयबजी
  2. B.बेहरामजी एम मलाबारी
  3. C.ए के फज़लुल हक
  4. D.ज़ाकिर हुसैन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बदरुद्दीन तैयबजी

व्याख्या

सही उत्तर है A, बदरुद्दीन तैयबजी। बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना 1885 में बदरुद्दीन तैयबजी, फिरोजशाह मेहता और काशीनाथ त्रिंबक तेलंग ने की थी, जो बॉम्बे के तीन वकील थे और जिन्हें अक्सर बॉम्बे की त्रिमूर्ति कहा जाता है।

यह संगठन भारतीय राजनीतिक मांगों को ब्रिटिश संसद के सामने रखने के लिए बना, विशेष रूप से इल्बर्ट बिल से उठे रोष के बाद, और इसी वर्ष भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की भी स्थापना हुई। बदरुद्दीन तैयबजी आगे 1887 के मद्रास अधिवेशन में कांग्रेस के तीसरे अध्यक्ष बने और यह पद सँभालने वाले पहले मुसलमान थे।

विकल्प B, बेहरामजी एम मलाबारी, समाज सुधारक और पत्रकार थे जिन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध अभियान चलाया। विकल्प C, ए के फज़लुल हक, बंगाल के नेता थे जिन्होंने 1940 में लाहौर प्रस्ताव रखा। विकल्प D, ज़ाकिर हुसैन, भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे।

परीक्षा टिप: बॉम्बे त्रिमूर्ति — तैयबजी, मेहता और तेलंग; बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन 1885।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

1580 में पूरा हुआ दहसाला या जब्ती राजस्व बंदोबस्त किससे संबंधित है?

  1. A.राजा टोडरमल
  2. B.राजा मान सिंह
  3. C.अबुल फजल
  4. D.शाह मंसूर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राजा टोडरमल

व्याख्या

सही उत्तर A, राजा टोडरमल है, जिन्होंने शेरशाह के अधीन राजस्व कार्य सीखा और अकबर के राजस्व मंत्री बने। उनके बंदोबस्त में हर इलाके की हर फसल के लिए पिछले दस वर्ष की औसत पैदावार और औसत कीमत निकाली गई, मांग उस औसत पैदावार के लगभग एक-तिहाई पर तय हुई और प्रति बीघा नकद में बताई गई, तथा भूमि की माप बांस के जरीब और इलाही गज से हुई। B अकबर के प्रमुख राजपूत अमीर तथा सेनापति थे, राजस्व अधिकारी नहीं। C ने वह आइन-ए-अकबरी लिखी जिसमें इस बंदोबस्त का वर्णन है, इसलिए वह संभाव्य पर गलत विकल्प है। D उसी शासन के पहले के वित्त अधिकारी थे, जो दहसाला बनने से पूर्व पद पर रहे। टोडरमल ने यह कार्य शेरशाह के अधीन सीखा था, और इसी कारण दोनों व्यवस्थाओं में मापन की समानता दिखती है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q9.भारतीय इतिहासकठिन

ग्राम समितियों के चुनाव के वर्णन के लिए प्रसिद्ध उत्तरमेरूर अभिलेख किस वंश से संबंधित हैं?

  1. A.पल्लव
  2. B.चोल
  3. C.राष्ट्रकूट
  4. D.चालुक्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चोल

व्याख्या

सही उत्तर B, चोल है। तमिलनाडु के उत्तरमेरूर में मंदिर की दीवारों पर दसवीं शताब्दी के ये अभिलेख विस्तार से बताते हैं कि उस ब्रह्मदेय गाँव की सभा अपनी समितियों के सदस्य कैसे चुनती थी: भूमि, घर, विद्या और आयु से कौन पात्र था, कौन अपात्र था, और कैसे एक बालक घड़े से नाम की पर्चियाँ निकालता था, जो कुडवोलै पद्धति कहलाती है। चोलों के अधीन स्थानीय स्वशासन के लिए यही मानक प्रमाण उद्धृत किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पल्लव, जो पहले इसी क्षेत्र पर शासन करते थे और महाबलीपुरम तथा कांचीपुरम में अभिलेख छोड़ गए, इन अभिलेखों से संबंधित नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रकूट मान्यखेट से दक्कन पर शासन करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि बादामी और कल्याणी के चालुक्य कर्नाटक में शासन करते थे।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 2आसान

मुहम्मद बिन तुगलक ने चाँदी और सोने के सिक्कों के स्थान पर _______ के सिक्कों से सांकेतिक मुद्रा प्रणाली शुरू की।

  1. A.रूपक
  2. B.रुपया
  3. C.काँसा/ताँबा
  4. D.टंका
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. काँसा/ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है C, काँसा/ताँबा। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1329-30 में काँसे और ताँबे के सांकेतिक सिक्के चलाए, जो चाँदी के टंका के मूल्य पर चलने थे। विचार स्वयं अच्छा था और चीन तथा फारस में सफल रहा था, पर सुल्तान ने इन सिक्कों की ढलाई राज्य के हाथ में नहीं रखी। साम्राज्य भर के सुनारों ने घरों में ही नकली सिक्के ढाल लिए, खजाना जाली सिक्कों से भर गया और व्यापारियों ने उन्हें लेना बंद कर दिया। सुल्तान को यह मुद्रा वापस लेनी पड़ी और सांकेतिक सिक्कों के बदले चाँदी देनी पड़ी, जिससे खजाना खाली हो गया। A गलत है क्योंकि रूपक प्राचीन काल के सिक्के का नाम था, इस प्रयोग का नहीं। B गलत है क्योंकि रुपया बहुत बाद में शेरशाह सूरी ने चाँदी के सिक्के के रूप में चलाया। D गलत है क्योंकि टंका चाँदी का मानक सिक्का था, जिसका मूल्य सांकेतिक सिक्कों को देना था। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मुहम्मद बिन तुगलक और 1329 की असफल काँसे की सांकेतिक मुद्रा।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

मुगल सैन्य व्यवस्था में दाग और चेहरा क्या थे?

  1. A.अमीरों को दी जाने वाली दो प्रकार की जागीरें
  2. B.घोड़ों पर मुहर का चिह्न और सैनिकों का हुलिया अभिलेख
  3. C.प्रांतीय राजस्व सेवा के दो पद
  4. D.भूमि मापन के दो रूप
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. घोड़ों पर मुहर का चिह्न और सैनिकों का हुलिया अभिलेख

व्याख्या

सही उत्तर B, घोड़ों पर मुहर का चिह्न और सैनिकों का हुलिया अभिलेख है। मनसबदारों को उनके रखे घुड़सवारों के लिए भुगतान मिलता था, और स्थायी लालच यह था कि निरीक्षण के दिन घोड़े तथा आदमी किराए पर लाकर बाद में लौटा दिए जाएं। इसलिए अकबर ने आदेश दिया कि हाजिरी में स्वीकृत हर घोड़े पर शाही मुहर का चिह्न अर्थात दाग लगाया जाए, और हर सैनिक का लिखित हुलिया अर्थात चेहरा मीर बख्शी के कार्यालय में रखा जाए, जिससे वही पशु और वही आदमी दो बार न दिखाए जा सकें। A गलत है क्योंकि जागीरें तनख्वाह, मशरूत, इनाम और वतन थीं। C और D उस काल के अभिलेखों में ऐसे किसी पद का नाम नहीं हैं। ये दोनों उपाय मिलकर मुगल हाजिरी को अपने युग की भारत की सबसे कड़ी जांच वाली सैन्य सूची बना गए।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q13.भारतीय इतिहासमध्यम

चोल साम्राज्य में प्रशासन की सबसे बड़ी इकाई कौन थी?

  1. A.नाडु
  2. B.वलनाडु
  3. C.मंडलम
  4. D.कुर्रम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मंडलम

व्याख्या

सही उत्तर C, मंडलम है। चोल साम्राज्य मंडलमों में बँटा था, जो सबसे बड़े प्रांत थे और प्रायः राजकुमारों अथवा वरिष्ठ अधिकारियों के अधीन रखे जाते थे। एक मंडलम वलनाडुओं में बँटा था, वलनाडु नाडुओं में, और नाडु गाँवों का वह समूह था जिसके भूस्वामी नत्तार के रूप में बैठते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि नाडु गाँवों का समूह है, जो मंडलम से कई सीढ़ी नीचे है। विकल्प B गलत है क्योंकि वलनाडु मंडलम के भीतर का विभाग है, इसलिए वह सबसे बड़ी इकाई नहीं हो सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि कुर्रम भी नाडु की तरह गाँवों के छोटे समूह का नाम है। अभ्यर्थी को मंडलम, वलनाडु, नाडु और गाँव का घटता क्रम याद रखना चाहिए, क्योंकि सबसे बड़ी और सबसे छोटी इकाई दोनों पर प्रश्न बनते हैं।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 11 Oct 2021, Shift 3कठिन

विक्रमादित्य VI, जिनके दरबारी कवि बिल्हण ने उनकी जीवनी लिखी, किस राजवंश के शासक थे?

  1. A.चालुक्य
  2. B.पल्लव
  3. C.राष्ट्रकूट
  4. D.गंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चालुक्य

व्याख्या

सही उत्तर है A, चालुक्य। विक्रमादित्य VI कल्याणी के पश्चिमी चालुक्य राज्य के शासक थे और उनके दरबारी कवि बिल्हण ने उनके जीवन पर विक्रमांकदेवचरित लिखा। उन्होंने लगभग 1076 से 1126 ईस्वी तक वर्तमान कर्नाटक के कल्याणी से शासन किया और अपने राज्यारोहण से गिनी जाने वाली चालुक्य-विक्रम संवत् चलाई, जो भारत के बहुत कम शासकों ने किया। उनके दरबार के दूसरे विद्वान विज्ञानेश्वर थे, जिन्होंने याज्ञवल्क्य स्मृति पर मिताक्षरा नाम की प्रसिद्ध टीका लिखी, जो हिंदू विधि का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। B गलत है क्योंकि पल्लव कांची से शासन करते थे और दसवीं शताब्दी तक उनका पतन हो गया था। C गलत है क्योंकि मान्यखेट के राष्ट्रकूटों को 973 ईस्वी में इन्हीं चालुक्यों ने हटाया था। D गलत है क्योंकि पश्चिमी गंग दक्षिण कर्नाटक के तलकाड से शासन करते थे और श्रवणबेलगोला के लिए जाने जाते हैं, बिल्हण के लिए नहीं। परीक्षा टिप: बिल्हण – विक्रमांकदेवचरित – विक्रमादित्य VI; विज्ञानेश्वर – मिताक्षरा – उसी दरबार में।

Q15.भारतीय इतिहासकठिन

दो-अस्पा सिह-अस्पा व्यवस्था, जिसके अंतर्गत कोई अमीर अपने जात पद में परिवर्तन के बिना अतिरिक्त घुड़सवार रखता था, किसने शुरू की?

  1. A.अकबर
  2. B.जहांगीर
  3. C.शाहजहां
  4. D.औरंगजेब
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जहांगीर

व्याख्या

सही उत्तर B, जहांगीर है। किसी कृपापात्र अमीर का सवार पद बढ़ाने का अर्थ उसका जात भी बढ़ाना था, जिससे वरीयता क्रम बिगड़ता और कोषागार को व्यक्तिगत वेतन में अधिक खर्च पड़ता। इसलिए जहांगीर ने यह व्यवस्था दी कि किसी अमीर को अपने सवार पद से दोगुने या तिगुने घुड़सवार रखने को कहा जाए, अतिरिक्त आदमियों का भुगतान हो पर जात वही रहे, और इसे दो-अस्पा सिह-अस्पा कहा गया, अर्थात दो घोड़े और तीन घोड़े वाला। A ने जात तथा सवार पदों वाली मनसब व्यवस्था स्वयं बनाई। C इस अध्याय में उस माह अनुपात के लिए याद किए जाते हैं जिससे मनसबदार का वेतन घटाया जाता था। D ने साम्राज्य को दक्षिण तक बढ़ाया और आवंटन योग्य भूमि की कमी का सामना किया। इसलिए इस शब्द के साथ जहांगीर का नाम जोड़कर याद रखें, अकबर का नहीं, जिसने मूल व्यवस्था बनाई थी।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 17th Feb 2019आसान

गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला सम्मेलन कहाँ हुआ था?

  1. A.बांडुंग
  2. B.बेलग्रेड
  3. C.काहिरा
  4. D.जकार्ता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बेलग्रेड

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेलग्रेड। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन सितंबर 1961 में बेलग्रेड में हुआ था, जो तब यूगोस्लाविया की राजधानी था, और इसमें पच्चीस देशों ने भाग लिया। यह आंदोलन नव-स्वतंत्र देशों की उस इच्छा से निकला कि वे शीतयुद्ध के दोनों गुटों से अलग रहें, और इसके संस्थापक भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज टीटो, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर, इंडोनेशिया के सुकर्णो तथा घाना के क्वामे एनक्रूमा थे। शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, उपनिवेशवाद की समाप्ति और निरस्त्रीकरण इसके मुख्य विचार रहे। A गलत है क्योंकि इंडोनेशिया के बांडुंग में 1955 का अफ्रीका-एशिया सम्मेलन हुआ था, जिसने आधार तैयार किया पर वह गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन नहीं था। C गलत है क्योंकि काहिरा में 1964 में दूसरा शिखर सम्मेलन हुआ। D गलत है क्योंकि जकार्ता में 1992 में दसवाँ शिखर सम्मेलन हुआ। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, बांडुंग 1955 और उसके बाद 1961 में बेलग्रेड में पहला गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन।

Q17.भारतीय इतिहासमध्यम

नटराज शिव जैसी प्रसिद्ध चोल कांस्य प्रतिमाएँ किस विधि से बनाई जाती थीं?

  1. A.लुप्त मोम प्रक्रिया
  2. B.बालू ढलाई
  3. C.रिपूसे कार्य
  4. D.कणीकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लुप्त मोम प्रक्रिया

व्याख्या

सही उत्तर A, लुप्त मोम प्रक्रिया है। इस विधि में, जिसे सिर पेर्दू कहा जाता है, प्रतिमा पहले मोम में गढ़ी जाती है, फिर उस पर मिट्टी चढ़ाकर साँचा बनाया जाता है; मोम पिघलाकर बाहर निकाल दिया जाता है, खोखले भाग में पिघली धातु भरी जाती है और मिट्टी तोड़कर एक ठोस प्रतिमा निकलती है, जिसे उसी साँचे से दोबारा नहीं बनाया जा सकता। नटराज, सोमस्कंद और शैव संतों की चोल प्रतिमाएँ मंदिर की शोभायात्राओं के लिए इसी विधि से ढाली गईं। विकल्प B गलत है क्योंकि बालू ढलाई आधुनिक औद्योगिक विधि है, जो इतनी सूक्ष्मता के लिए उपयुक्त नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि रिपूसे में धातु की चादर पीछे से ठोकी जाती है, जो आभूषणों और मुखौटों में प्रयुक्त होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि कणीकरण स्वर्णकार की वह तकनीक है जिसमें धातु के नन्हे दाने सतह पर जोड़े जाते हैं।

Q18.भारतीय इतिहासमध्यम

अकबर के समय भूमि के वर्गीकरण में कौन वर्ग हर वर्ष जोता जाता था और कभी परती नहीं छोड़ा जाता था?

  1. A.पोलज
  2. B.परौती
  3. C.चचर
  4. D.बंजर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पोलज

व्याख्या

सही उत्तर A, पोलज है, जो सर्वोत्तम भूमि थी, हर मौसम हल के नीचे रहती थी और औसत पैदावार के लगभग एक-तिहाई की पूरी दर पर निर्धारित होती थी। B यानी परौती वह भूमि थी जो शक्ति लौटाने के लिए एक-दो मौसम परती छोड़ी जाती थी, और फिर जोती जाने पर पूरी दर देती थी। C यानी चचर तीन-चार वर्ष परती पड़ी रहती थी और D यानी बंजर पांच वर्ष या अधिक, और दोनों पर कुछ वर्षों तक रियायती तथा बढ़ती दरें लगती थीं जिससे किसान उन्हें फिर तोड़ने को प्रेरित हो। चारों को पोलज, परौती, चचर और बंजर के क्रम में, सर्वाधिक से न्यूनतम जुती भूमि तक, याद कर लेना इस प्रश्न के हर रूप का उत्तर दे देता है। यह वर्गीकरण आइन-ए-अकबरी में वर्णित है, जो भूमि के हर वर्ग पर ली जाने वाली दरें भी देती है।

Q19.भारतीय इतिहासकठिन

तक्कोलम के युद्ध में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय ने किस चोल शासक को पराजित किया था?

  1. A.आदित्य प्रथम
  2. B.परांतक प्रथम
  3. C.राजराज प्रथम
  4. D.कुलोत्तुंग प्रथम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. परांतक प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर B, परांतक प्रथम है। परांतक प्रथम ने चोल शक्ति पांड्य क्षेत्र तक बढ़ाई थी और मदुरैकोंड की उपाधि ली थी, परंतु उसका अभियान वर्तमान तमिलनाडु के तक्कोलम में रुक गया, जहाँ राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय ने चोल सेना को हराया और युवराज राजादित्य युद्ध में मारा गया। इस पराजय से चोलों को एक पीढ़ी तक अपने उत्तरी जिले गँवाने पड़े। विकल्प A गलत है क्योंकि विजयालय के पुत्र आदित्य प्रथम को अपराजित को हराकर पल्लव शक्ति समाप्त करने के लिए स्मरण किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजराज प्रथम इस आघात के बाद आया और उसने चोल सर्वोच्चता बहाल करते हुए उत्तरी श्रीलंका जीता। विकल्प D गलत है क्योंकि कुलोत्तुंग प्रथम बहुत बाद में शासक हुआ और कलिंगत्तुपरणि में वर्णित कलिंग युद्ध से जुड़ा है।

Q20.भारतीय इतिहासआसान

मुगल प्रशासनिक इकाइयों को सबसे बड़ी से सबसे छोटी के क्रम में रखिए।

  1. A.सरकार, सूबा, परगना, मौजा
  2. B.सूबा, सरकार, परगना, मौजा
  3. C.परगना, सूबा, मौजा, सरकार
  4. D.सूबा, परगना, सरकार, मौजा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सूबा, सरकार, परगना, मौजा

व्याख्या

सही उत्तर B, सूबा, सरकार, परगना, मौजा है। सूबा प्रांत था, जिसका प्रमुख सूबेदार होता था और उसके साथ अपना दीवान, बख्शी, सद्र तथा काजी रहते थे; सरकार जिला था, जहां फौजदार कानून व्यवस्था और अमलगुजार राजस्व का भार संभालते थे; परगना गांवों का समूह था, जिसमें शिकदार, अमील और कानूनगो होते थे; और मौजा स्वयं गांव था, जिसमें मुकद्दम मुखिया था और पटवारी हिसाब रखता था। अकबर ने 1580 में बारह सूबे तय किए और उसके शासन के अंत तक वे पंद्रह हो गए। A, C और D यह क्रम बिगाड़ते हैं, और ऐसे अनुक्रम प्रश्न इसीलिए पूछे जाते हैं कि बीच की दो इकाइयां आसानी से बदल दी जाती हैं। याद रखें कि फौजदार और अमलगुजार दोनों सरकार के स्तर पर काम करते थे, एक सैनिकों के साथ और दूसरा राजस्व कागजों के साथ।

सभी क्विज देखें