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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 42

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 42) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: दिल्ली सल्तनत, संगम युग और प्रारंभिक तमिल राज्य, कांग्रेस: नरमपंथी और गरमपंथी और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 June 2019, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन मुहम्मद गोरी का दास था, जो अपने स्वामी की मृत्यु के बाद शासक बना और जिसने दास वंश की स्थापना की?

  1. A.कुतुबुद्दीन ऐबक
  2. B.इल्तुतमिश
  3. C.गयासुद्दीन बलबन
  4. D.नासिरुद्दीन महमूद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कुतुबुद्दीन ऐबक

व्याख्या

सही उत्तर है A, कुतुबुद्दीन ऐबक। ऐबक मुहम्मद गोरी का तुर्क दास था और 1206 में गोरी की मृत्यु के बाद उसने भारतीय क्षेत्रों की सत्ता संभाली तथा दिल्ली सल्तनत के दास या मामलूक वंश की स्थापना की। उसने पहले लाहौर और फिर दिल्ली को अपनी सत्ता का केंद्र बनाया और सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के सम्मान में कुतुब मीनार का निर्माण शुरू कराया। वह अपनी दानशीलता के लिए प्रसिद्ध था और उसे लाख बख्श अर्थात लाखों का दानी कहा जाता था। 1210 में चौगान खेलते समय घोड़े से गिरकर उसकी मृत्यु हुई। B गलत है क्योंकि इल्तुतमिश स्वयं ऐबक का दास और दामाद था, जिसने 1211 से उसके बाद शासन किया। C गलत है क्योंकि बलबन बाद का मामलूक सुल्तान था, जिसने 1266 से शासन किया और जो कभी चालीसा दल का सदस्य था। D गलत है क्योंकि नासिरुद्दीन महमूद का शासन 1240 और 1250 के दशक में था, वंश की स्थापना के बहुत बाद। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - 1206 में ऐबक, 1211 में इल्तुतमिश, 1236 में रजिया, 1266 में बलबन।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 Dec 2022, Shift 3मध्यम

पुहार या कावेरीपट्टिनम निम्नलिखित में से किस राजवंश का बंदरगाह था?

  1. A.चेर
  2. B.चोल
  3. C.पांड्य
  4. D.वाकाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चोल

व्याख्या

सही उत्तर है B, चोल। पुहार, जिसे कावेरीपट्टिनम भी कहा जाता है, संगम युग के आरंभिक चोलों का प्रमुख बंदरगाह था।

यह नगर वहाँ बसा था जहाँ कावेरी नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है, और इसके विकास का श्रेय आरंभिक चोल शासक करिकाल को दिया जाता है। संगम साहित्य तथा तमिल महाकाव्य शिल्पादिकारम में इसके गोदामों, विदेशी व्यापारियों के अलग मोहल्ले और रोम तथा दक्षिण पूर्व एशिया के साथ काली मिर्च, मोती एवं महीन वस्त्रों के व्यापार का वर्णन मिलता है। उरैयूर आरंभिक चोलों की भीतरी राजधानी थी, जबकि पुहार तटवर्ती राजधानी और बंदरगाह के रूप में काम करता था।

A गलत है: केरल तट के चेरों के बंदरगाह मुज़िरिस और तोंडी थे। C गलत है: पांड्य मदुरै से शासन करते थे और उनका बंदरगाह कोरकई था, जो मोतियों के लिए प्रसिद्ध था। D गलत है: वाकाटक दक्कन में शासन करते थे और इस तट पर उनका कोई बंदरगाह नहीं था।

परीक्षा टिप: जोड़ी बनाकर याद रखें, चोल के पुहार और उरैयूर, चेर के मुज़िरिस और वंजी, पांड्य के कोरकई और मदुरै।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 Dec 2022, Shift 4मध्यम

1885 में कांग्रेस के पहले अधिवेशन में कितने प्रतिनिधि उपस्थित थे?

  1. A.62
  2. B.78
  3. C.68
  4. D.72
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 72

व्याख्या

सही उत्तर D, 72 है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 से 31 दिसंबर 1885 तक बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुआ और उसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें अधिकांश प्रेसीडेंसी नगरों के वकील, पत्रकार, शिक्षक और व्यापारी थे, तथा अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की। विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि इनमें से हर संख्या सही संख्या के आसपास की है, जिसे परीक्षक यह देखने के लिए रखता है कि आंकड़ा ठीक ठीक याद है या नहीं; सभी स्रोत इस अधिवेशन को 72 प्रतिनिधियों की सभा बताते हैं, 62, 68 या 78 की नहीं। स्थापना को एक समूह के रूप में याद रखें: 28 दिसंबर 1885, बंबई, गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय, 72 प्रतिनिधि, अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी, आयोजक ए. ओ. ह्यूम और वायसराय लॉर्ड डफरिन।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 3आसान

दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासक रजिया सुल्तान किस वंश से संबंधित थीं?

  1. A.गुलाम वंश
  2. B.खिलजी वंश
  3. C.लोदी वंश
  4. D.मुगल वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गुलाम वंश

व्याख्या

सही उत्तर है A, गुलाम वंश। रजिया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थीं और इल्तुतमिश गुलाम वंश का शासक था, जिसे मामलूक वंश या इल्बरी तुर्क भी कहा जाता है। रजिया ने 1236 से 1240 तक दिल्ली पर शासन किया और वे दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर बैठने वाली एकमात्र महिला थीं। इल्तुतमिश ने अपने पुत्रों के स्थान पर उन्हें उत्तराधिकारी चुना, और उन्होंने शासन अपने हाथ में लिया, पर्दा त्यागा, खुला दरबार लगाया तथा स्वयं सेना का नेतृत्व किया। तुर्क सरदारों के दल, चहलगानी, को महिला शासक स्वीकार नहीं थी; 1240 में उन्हें गद्दी से हटाकर मार डाला गया। B गलत है क्योंकि खिलजी वंश 1290 में जलालुद्दीन खिलजी के साथ सत्ता में आया। C गलत है क्योंकि लोदी वंश 1451 से 1526 तक रहा और सल्तनत का अंतिम वंश था। D गलत है क्योंकि मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने 1526 में की, रजिया के लगभग तीन शताब्दी बाद। परीक्षा टिप: रजिया - इल्तुतमिश की पुत्री, गुलाम वंश, 1236 से 1240 तक।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021आसान

भारत छोड़ो आंदोलन कब आरंभ हुआ?

  1. A.7 अगस्त 1942
  2. B.15 अगस्त 1942
  3. C.8 अगस्त 1942
  4. D.11 अगस्त 1942
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 8 अगस्त 1942

व्याख्या

सही उत्तर C, 8 अगस्त 1942 है। बंबई के ग्वालिया टैंक में बैठी अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया और उसी शाम गांधीजी ने करो या मरो का भाषण दिया। सरकार ने 9 अगस्त की भोर में पूरे नेतृत्व को बंदी बना लिया, इसलिए आंदोलन नेतृत्वहीन जनविद्रोह के रूप में फैला। विकल्प A गलत है क्योंकि अधिवेशन 7 अगस्त को आरंभ हुआ था, किंतु प्रस्ताव अगले दिन स्वीकृत हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 15 अगस्त 1947 की स्वतंत्रता के लिए स्मरण किया जाता है और आंदोलन के आरंभ से उसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि 11 अगस्त तक आंदोलन अपने चरम पर था और संयुक्त प्रांत, बिहार तथा बंबई में हड़तालें, थानों पर हमले और रेल मार्गों को क्षति पहुँचाने की घटनाएँ हो रही थीं। स्मरण के लिए आंदोलन का दूसरा नाम अगस्त क्रांति ध्यान रखें।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने 'ईस्ट इंडिया एसोसिएशन' की स्थापना की थी?

  1. A.गोपाल कृष्ण गोखले
  2. B.जॉर्ज यूल
  3. C.व्योमेश चंद्र बनर्जी
  4. D.दादाभाई नौरोजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दादाभाई नौरोजी

व्याख्या

सही उत्तर है D, दादाभाई नौरोजी। दादाभाई नौरोजी ने 1866 में लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारतीय प्रश्नों को ब्रिटिश जनता और संसद सदस्यों के सामने रखना था; इसकी शाखाएँ जल्द ही बंबई, कलकत्ता और मद्रास में खुल गईं। एक वर्ष पहले उन्होंने लंदन इंडियन सोसाइटी भी शुरू की थी। 'भारत के वयोवृद्ध पुरुष' कहे जाने वाले नौरोजी ने 'पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' लिखी, जिसमें भारत से ब्रिटेन जाने वाले धन के निष्कासन (ड्रेन थ्योरी) को समझाया। वे 1892 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय बने और तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी बनाई। विकल्प B गलत है, क्योंकि जॉर्ज यूल 1888 के इलाहाबाद अधिवेशन में कांग्रेस के पहले अंग्रेज़ अध्यक्ष बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्योमेश चंद्र बनर्जी 1885 में कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: लंदन इंडियन सोसाइटी 1865 और ईस्ट इंडिया एसोसिएशन 1866 — दोनों दादाभाई नौरोजी की।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2019 Official Papeआसान

निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने ब्रिटिश भारत में सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
  2. B.मिंटो-मॉर्ले सुधार, 1909
  3. C.मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
  4. D.भारत सरकार अधिनियम, 1935
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिंटो-मॉर्ले सुधार, 1909

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिंटो-मॉर्ले सुधार, 1909। 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम, जिसे मॉर्ले-मिंटो सुधार कहा जाता है, मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल लाया और इसी ने ब्रिटिश भारत में पहली बार सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व को कानूनी रूप दिया। मुस्लिम मतदाता अलग निर्वाचन क्षेत्रों से अपने सदस्य चुनते थे, इसीलिए लॉर्ड मिंटो को प्रायः सांप्रदायिक निर्वाचन मंडल का जनक कहा जाता है। इस अधिनियम ने विधान परिषदों का आकार भी बढ़ाया और भारतीयों को कार्यकारी परिषदों में जगह दी, जिसमें सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य बने। A गलत है क्योंकि 1892 के अधिनियम ने केवल परिषदों का विस्तार किया और सीमित, अप्रत्यक्ष चुनाव की अनुमति दी। C गलत है क्योंकि 1919 के सुधारों ने पृथक निर्वाचन मंडल सिखों, ईसाइयों, आंग्ल-भारतीयों और यूरोपीयों तक बढ़ाए, उन्हें शुरू नहीं किया। D गलत है क्योंकि 1935 के अधिनियम ने इन्हें दलित वर्गों, महिलाओं और श्रमिकों तक और फैलाया। परीक्षा टिप: 1909 को पृथक निर्वाचन मंडल और मिंटो से, तथा 1919 को प्रांतों में द्वैध शासन से जोड़ें।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2012 Oमध्यम

किस अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या सिनेमा थिएटर में की गई थी?

  1. A.अब्राहम लिंकन
  2. B.जॉन एफ. केनेडी
  3. C.जेम्स ए. गारफील्ड
  4. D.विलियम मैकिन्ले
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अब्राहम लिंकन

व्याख्या

सही उत्तर है A, अब्राहम लिंकन। लिंकन ही एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिनकी हत्या थिएटर के भीतर हुई, इसलिए प्रश्न उनकी ओर ही संकेत करता है। 14 अप्रैल 1865 की रात वे वाशिंगटन के फोर्ड थिएटर में नाटक देख रहे थे, तभी जॉन विल्क्स बूथ नामक अभिनेता ने, जो पराजित कॉन्फेडरेसी का समर्थक था, उन पर गोली चलाई और अगली सुबह लिंकन की मृत्यु हो गई। लिंकन अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति थे, उन्होंने गृहयुद्ध में देश का नेतृत्व किया, 1863 में दास-मुक्ति उद्घोषणा जारी की और वे हत्या के शिकार होने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। B गलत है क्योंकि जॉन एफ. केनेडी की हत्या 1963 में डलास में खुली कार में हुई थी। C गलत है क्योंकि जेम्स ए. गारफील्ड को 1881 में वाशिंगटन के रेलवे स्टेशन पर गोली मारी गई थी। D गलत है क्योंकि विलियम मैकिन्ले को 1901 में बफेलो की पैन-अमेरिकन प्रदर्शनी में गोली मारी गई थी। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - लिंकन 1865, गारफील्ड 1881, मैकिन्ले 1901, केनेडी 1963।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · UPSC CAPF AC 2023 Official Paper-Iकठिन

प्राचीन भारतीय सिक्कों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इंडो-ग्रीक शासकों ने सबसे पहले ऐसे सिक्के जारी किए जिन पर शासकों के नाम और चित्र अंकित थे।
  2. B.कुषाणों ने सबसे पहले स्वर्ण सिक्के जारी किए।
  3. C.कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।
  4. D.ये कुषाण स्वर्ण सिक्के उत्तर भारत और मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।

व्याख्या

सही उत्तर है C, क्योंकि यही कथन सही नहीं है। कुषाण स्वर्ण सिक्के उस समय के रोमन ऑरियस के समान भार मानक पर ढाले गए थे, भिन्न मानक पर नहीं, क्योंकि यह वंश रोमन जगत से जोरदार व्यापार करता था और उसी मानक को अपनाना सुविधाजनक समझता था। बाकी तीन कथन ठीक हैं। इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत के वे पहले सिक्के जारी किए जिन पर शासक का नाम और उसका चित्र दोनों अंकित हैं, जो पहले के आहत (पंच-मार्क्ड) सिक्कों से बड़ा बदलाव था, क्योंकि उन पर केवल प्रतीक बने होते थे। कुषाणों ने विम कडफिसेस और कनिष्क के समय से भारत में पहली बार बड़ी संख्या में स्वर्ण सिक्के जारी किए, जिनके पृष्ठ भाग पर शिव और बुद्ध जैसे देवता दिखते हैं। और उनके स्वर्ण सिक्के वास्तव में उत्तर भारत तथा मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं, जो उनके व्यापार के विस्तार का सबसे स्पष्ट प्रमाण है। परीक्षा टिप: आहत सिक्के सबसे प्राचीन, इंडो-ग्रीक सिक्के पहले चित्रयुक्त, कुषाण सिक्के पहले स्वर्ण और सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के गुप्तों के।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 09 Dec 2022, Shift 1कठिन

हड़प्पा सभ्यता के मेहरगढ़ स्थल से किस प्रकार के घरों के अवशेष मिले हैं?

  1. A.त्रिभुजाकार या वृत्ताकार
  2. B.आयताकार या वृत्ताकार
  3. C.वर्गाकार या आयताकार
  4. D.वृत्ताकार या वर्गाकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वर्गाकार या आयताकार

व्याख्या

सही उत्तर है C, वर्गाकार या आयताकार। मेहरगढ़ की खुदाई में हाथ से बनी मिट्टी की ईंटों से बने वर्गाकार और आयताकार घरों के अवशेष मिले हैं, जिनमें से प्रत्येक छोटे-छोटे कक्षों में बँटा था और ऐसा लगता है कि इन कक्षों का उपयोग अनाज भंडारण के लिए होता था। मेहरगढ़ बलूचिस्तान में बोलन दर्रे के पास काची मैदान में स्थित है और 1974 से जाँ-फ्रांस्वा जारिज ने इसकी खुदाई की। यह उपमहाद्वीप का ज्ञात सबसे प्राचीन कृषक गाँव है, जहाँ गेहूँ और जौ उगाए जाते थे तथा भेड़, बकरी और मवेशी पाले जाते थे, इसलिए इसे परिपक्व हड़प्पाई नगर न मानकर हड़प्पा सभ्यता का नवपाषाणकालीन पूर्वज माना जाता है। यहाँ की कब्रों में लाजवर्द तथा फिरोजा के मनके मिले हैं और दंत चिकित्सा के आरंभिक प्रमाण भी मिलते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस काल के किसी भी स्थल पर त्रिभुजाकार घर नहीं मिलते। विकल्प B गलत है, क्योंकि वृत्ताकार आवास कश्मीर के बुर्जहोम जैसे नवपाषाण स्थलों की विशेषता हैं, जहाँ लोग गड्ढों में रहते थे। विकल्प D इसी कारण गलत है। परीक्षा टिप: मेहरगढ़ का अर्थ है खेती का सबसे प्राचीन प्रमाण और भंडारण कक्षों वाले वर्गाकार मिट्टी-ईंट के घर।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 11 Oct 2021, Shift 3मध्यम

रानी रुद्रमादेवी निम्नलिखित में से किस राज्य से संबंधित थीं?

  1. A.चोल
  2. B.वाकाटक
  3. C.पश्चिमी गंग
  4. D.काकतीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. काकतीय

व्याख्या

सही उत्तर है D, काकतीय। रुद्रमादेवी ने तेरहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में वारंगल, जिसे तब ओरुगल्लु कहा जाता था, से काकतीय राज्य पर शासन किया; यह क्षेत्र आज तेलंगाना में है। उनके पिता गणपतिदेव को कोई पुत्र नहीं था, इसलिए उन्होंने रुद्रमादेवी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। उन्होंने स्वतंत्र शासक के रूप में राज किया, अभिलेखों में रुद्रदेव जैसा पुरुष नाम धारण किया और स्वयं सेना का नेतृत्व करते हुए विद्रोही सामंतों तथा देवगिरि के यादवों का सामना किया। उनके बाद उनका पौत्र प्रतापरुद्र द्वितीय अंतिम काकतीय शासक बना, जिसके समय वारंगल दिल्ली की सेनाओं के हाथ पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि चोल तमिल क्षेत्र में तंजावुर से शासन करते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि वाकाटक तीसरी से पाँचवीं शताब्दी के दक्कन के शासक थे, जिनका गुप्तों से वैवाहिक संबंध था। विकल्प C गलत है, क्योंकि पश्चिमी गंग कर्नाटक में तलकाड से राज करते थे और श्रवणबेलगोला की गोम्मटेश्वर प्रतिमा उनसे जुड़ी है। परीक्षा टिप: काकतीय यानी वारंगल, गणपतिदेव, रुद्रमादेवी और हनमकोंडा का हज़ार खंभों वाला मंदिर।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 20 Aug 2021, Shift 1आसान

दिल्ली सल्तनत की पहली और अंतिम महिला शासक कौन थी?

  1. A.सुल्ताना चाँद बीबी
  2. B.नूरजहाँ
  3. C.रजिया सुल्ताना
  4. D.रानी दुर्गावती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रजिया सुल्ताना

व्याख्या

सही उत्तर है C, रजिया सुल्ताना। रजिया दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाली एकमात्र महिला थी, इसलिए वह सल्तनत की पहली और अंतिम महिला शासक दोनों थी। वह इल्तुतमिश की पुत्री थी, जिसने अपने पुत्रों के स्थान पर उसे चुना, और उसने 1236 से 1240 तक शासन किया। वह बिना पर्दा दरबार करती थी, हाथी पर सवारी करती थी और उसने जलालतुद्दीन रजिया की उपाधि ली। चालीसा के तुर्क सरदारों को एक महिला का शासन सहन नहीं हुआ और 1240 में उसे अपदस्थ करके मार डाला गया। A गलत है क्योंकि चाँद बीबी सोलहवीं शताब्दी में दक्कन के अहमदनगर और बीजापुर की संरक्षिका थी, दिल्ली की सुल्तान नहीं। B गलत है क्योंकि नूरजहाँ मुगल बादशाह जहाँगीर की पत्नी थी और उसके माध्यम से प्रभाव रखती थी, पर उसने स्वयं संप्रभु शासक के रूप में शासन नहीं किया। D गलत है क्योंकि रानी दुर्गावती गोंडवाना की शासिका थी और उसने 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खान से युद्ध किया। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रजिया को उत्तराधिकारी बनाया, जिसने 1236 से 1240 तक दिल्ली पर शासन किया।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 3आसान

महमूद गज़नवी ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया?

  1. A.5
  2. B.15
  3. C.17
  4. D.7
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 17

व्याख्या

सही उत्तर है C, 17। महमूद गज़नवी, जिसने 998 से 1030 तक गज़नवी राज्य पर शासन किया, ने लगभग 1000 से 1027 के बीच भारत पर सत्रह बार आक्रमण किए, ऐसा उल्लेख मिलता है। उसका उद्देश्य लूट था, स्थायी शासन नहीं, इसलिए वह धन-संपत्ति लूटकर ले जाता रहा और पंजाब के पूर्व में कोई व्यवस्थित प्रशासन नहीं छोड़ा। इनमें सबसे चर्चित आक्रमण 1025 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर का विध्वंस था; इससे पहले उसने 1001 में हिंदूशाही वंश के जयपाल को हराया और मथुरा, थानेसर तथा कन्नौज के समृद्ध मंदिर-नगरों को लूटा। किताब-उल-हिंद लिखने वाला विद्वान अल-बरूनी और कवि फ़िरदौसी उसके दरबार से जुड़े थे। A गलत है क्योंकि पाँच वास्तविक संख्या से बहुत कम है। B गलत है क्योंकि पंद्रह वह संख्या है जिससे सबसे अधिक भ्रम होता है। D गलत है क्योंकि सात भी मान्य संख्या नहीं है। परीक्षा टिप: महमूद गज़नवी ने 17 आक्रमण किए और 1025 में सोमनाथ पर चढ़ाई की, जबकि मुहम्मद ग़ोरी की 1192 की तराईन विजय से तुर्क शासन शुरू हुआ।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 2आसान

मुहम्मद बिन तुगलक ने चाँदी और सोने के सिक्कों के स्थान पर _______ के सिक्कों से सांकेतिक मुद्रा प्रणाली शुरू की।

  1. A.रूपक
  2. B.रुपया
  3. C.काँसा/ताँबा
  4. D.टंका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. काँसा/ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है C, काँसा/ताँबा। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1329-30 में काँसे और ताँबे के सांकेतिक सिक्के चलाए, जो चाँदी के टंका के मूल्य पर चलने थे। विचार स्वयं अच्छा था और चीन तथा फारस में सफल रहा था, पर सुल्तान ने इन सिक्कों की ढलाई राज्य के हाथ में नहीं रखी। साम्राज्य भर के सुनारों ने घरों में ही नकली सिक्के ढाल लिए, खजाना जाली सिक्कों से भर गया और व्यापारियों ने उन्हें लेना बंद कर दिया। सुल्तान को यह मुद्रा वापस लेनी पड़ी और सांकेतिक सिक्कों के बदले चाँदी देनी पड़ी, जिससे खजाना खाली हो गया। A गलत है क्योंकि रूपक प्राचीन काल के सिक्के का नाम था, इस प्रयोग का नहीं। B गलत है क्योंकि रुपया बहुत बाद में शेरशाह सूरी ने चाँदी के सिक्के के रूप में चलाया। D गलत है क्योंकि टंका चाँदी का मानक सिक्का था, जिसका मूल्य सांकेतिक सिक्कों को देना था। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मुहम्मद बिन तुगलक और 1329 की असफल काँसे की सांकेतिक मुद्रा।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1मध्यम

प्रतिहार वंश का संस्थापक कौन था?

  1. A.नरसिंहदेव प्रथम
  2. B.नागभट्ट प्रथम
  3. C.हर्षवर्धन
  4. D.रामचंद्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागभट्ट प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है B, नागभट्ट प्रथम। नागभट्ट प्रथम ने आठवीं शताब्दी के मध्य में गुर्जर-प्रतिहार वंश की नींव रखी, जिसकी शक्ति का केंद्र पश्चिमी भारत में अवंति और उज्जैन था। उसे मुख्य रूप से सिंध की ओर से बढ़ती अरब सेनाओं को रोकने के लिए याद किया जाता है, और इस उपलब्धि के लिए प्रतिहारों की प्रशंसा बहुत समय तक होती रही। उसके उत्तराधिकारी वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज ने इस वंश को उस युग की तीन बड़ी शक्तियों में शामिल कर दिया, और प्रतिहार, बंगाल के पाल तथा दक्कन के राष्ट्रकूट कन्नौज के लिए लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष में उलझे रहे, जिसमें अंत में कन्नौज प्रतिहारों के हाथ रहा। A गलत है क्योंकि नरसिंहदेव प्रथम ओडिशा का पूर्वी गंग शासक था, जिसने कोणार्क का सूर्य मंदिर बनवाया। C गलत है क्योंकि हर्षवर्धन थानेसर और कन्नौज के वर्धन वंश का था। D गलत है क्योंकि रामचंद्र देवगिरि के यादव वंश का अंतिम प्रमुख शासक था। परीक्षा टिप: प्रतिहार वंश के संस्थापक नागभट्ट प्रथम, सबसे प्रतापी शासक मिहिर भोज।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 3आसान

मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई थी?

  1. A.1906
  2. B.1901
  3. C.1905
  4. D.1903
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1906

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1906। अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना दिसंबर 1906 में ढाका में हुई; ढाका के नवाब सलीमुल्लाह ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई और नवाब मोहसिन-उल-मुल्क तथा नवाब विकार-उल-मुल्क इसके संस्थापकों में थे, जबकि आगा खान तृतीय इसके पहले अध्यक्ष बने। इसकी पृष्ठभूमि 1906 का शिमला शिष्टमंडल था, जिसने वायसराय लॉर्ड मिंटो से पृथक निर्वाचक मंडल की माँग की, और 1909 के मार्ले-मिंटो सुधारों ने यह माँग स्वीकार कर ली। लीग ने 1916 में कांग्रेस के साथ लखनऊ समझौता किया और 1940 से मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में लाहौर प्रस्ताव के तहत पाकिस्तान की माँग उठाई। B गलत है क्योंकि 1901 का लीग की स्थापना से कोई संबंध नहीं है। C गलत है क्योंकि 1905 बंगाल विभाजन का वर्ष है, जिसने उस राजनीति को आकार दिया जिसमें लीग पनपी। D गलत है क्योंकि 1903 में ऐसी कोई संस्था नहीं बनी। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - बंगाल विभाजन 1905, शिमला शिष्टमंडल और मुस्लिम लीग 1906, पृथक निर्वाचक मंडल 1909।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 19 April 2021, Shift 1मध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस वर्ष के अधिवेशन में वंदे मातरम पहली बार गाया गया?

  1. A.1896
  2. B.1899
  3. C.1898
  4. D.1897
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1896

व्याख्या

सही उत्तर A, 1896 है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृतनिष्ठ बांग्ला में रचित और उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल वंदे मातरम कांग्रेस के किसी अधिवेशन में पहली बार 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया, और स्वयं रवींद्रनाथ टैगोर ने उसे स्वरबद्ध करके गाया। आगे 1905 के बंग भंग के बाद यह गीत स्वदेशी आंदोलन का स्वर बना, और संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, उसी दिन जब जन गण मन को राष्ट्रगान स्वीकार किया गया। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि वे वर्ष को एक, दो या तीन वर्ष आगे खिसका देते हैं; 1897 का अमरावती, 1898 का मद्रास और 1899 का लखनऊ अधिवेशन इस पहले गायन से जुड़ा नहीं है। गीत के लिए 1896 कलकत्ता और आंदोलन के लिए 1905 याद रखें।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2013 Paperमध्यम

अरुणा आसफ अली निम्नलिखित में से किस आंदोलन से संबंधित हैं?

  1. A.असहयोग आंदोलन
  2. B.सविनय अवज्ञा आंदोलन
  3. C.व्यक्तिगत सत्याग्रह
  4. D.भारत छोड़ो आंदोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारत छोड़ो आंदोलन

व्याख्या

सही उत्तर D, भारत छोड़ो आंदोलन है। वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अरुणा आसफ अली ने 9 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और फिर भूमिगत होकर जयप्रकाश नारायण तथा राममनोहर लोहिया के साथ आंदोलन का संचालन किया, जिससे उन्हें 1942 के आंदोलन की नायिका कहा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1920 से 1922 तक का असहयोग आंदोलन गांधीजी ने अली बंधुओं और खिलाफत नेताओं के साथ चलाया था, जब वे सार्वजनिक जीवन में नहीं आई थीं। विकल्प B गलत है क्योंकि सविनय अवज्ञा आंदोलन की सबसे स्मरणीय महिलाएँ सरोजिनी नायडू, जिन्होंने धरसाना नमक कारखाने पर धावे का नेतृत्व किया, और कमलादेवी चट्टोपाध्याय हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1940 का व्यक्तिगत सत्याग्रह विनोबा भावे के पहले और जवाहरलाल नेहरू के दूसरे सत्याग्रही होने के लिए स्मरण किया जाता है।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 09 Dec 2022, Shift 3मध्यम

ब्रिटिश संसद के निम्नलिखित अधिनियमों में से किसमें कहा गया था कि ब्रिटिश मंत्रिमंडल के एक सदस्य को भारत का राज्य सचिव नियुक्त किया जाएगा?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
  2. B.भारत सरकार अधिनियम, 1858
  3. C.रेगुलेटिंग अधिनियम, 1773
  4. D.चार्टर अधिनियम, 1853
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत सरकार अधिनियम, 1858

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारत सरकार अधिनियम, 1858। 1857 के विद्रोह के बाद पारित इस अधिनियम ने ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर भारत का शासन ब्रिटिश ताज को सौंप दिया। इसने निदेशक मंडल तथा बोर्ड ऑफ कंट्रोल को समाप्त कर उनके स्थान पर भारत के राज्य सचिव का पद बनाया, जो ब्रिटिश मंत्रिमंडल का सदस्य और संसद के प्रति उत्तरदायी होता था, और उसकी सहायता के लिए पंद्रह सदस्यों की भारत परिषद रखी गई। गवर्नर-जनरल को अब वायसराय की उपाधि भी मिली, जिनमें पहले लॉर्ड कैनिंग थे, और इसी कारण इस अधिनियम को भारत के सुशासन का अधिनियम कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1861 के भारतीय परिषद अधिनियम ने विधान परिषद में भारतीयों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में जोड़ा। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम कंपनी पर नियंत्रण की पहली ब्रिटिश पहल थी और उसने वॉरेन हेस्टिंग्स को बंगाल का गवर्नर-जनरल बनाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1853 के चार्टर अधिनियम ने विधायी तथा कार्यपालिका कार्यों को अलग किया और सिविल सेवा में खुली प्रतिस्पर्धा आरंभ की। परीक्षा टिप: 1858 का अर्थ है ताज का शासन, राज्य सचिव का पद और पहला वायसराय।

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