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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 4

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 4) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 17 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, ब्रिटिश विस्तार और गवर्नर-जनरल, मौर्य साम्राज्य और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

उपमहाद्वीप में जुते हुए खेत का सबसे प्राचीन प्रमाण किस हड़प्पाकालीन स्थल से मिला है?

  1. A.धौलावीरा
  2. B.कालीबंगा
  3. C.राखीगढ़ी
  4. D.आलमगीरपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कालीबंगा

व्याख्या

सही उत्तर B, कालीबंगा है। कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के सूखे प्रवाह पर स्थित है। यहां पूर्व हड़प्पा स्तर का एक खेत मिला है जिसमें हल की रेखाएं दो दिशाओं में समकोण पर कटती हैं, जिससे पता चलता है कि एक ही खेत में एक साथ दो फसलें बोई जाती थीं। कालीबंगा से अग्निकुंडों की पंक्ति और ऊंट की हड्डियां भी मिली हैं।

विकल्प A, कच्छ का धौलावीरा तीन भागों में बंटे नगर और वर्षा जल संचय करने वाले पत्थर के जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C, हरियाणा का राखीगढ़ी भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल है, किंतु जुते खेत से इसका संबंध नहीं है। विकल्प D, उत्तर प्रदेश का आलमगीरपुर सभ्यता की पूर्वी सीमा है। परीक्षक एक स्थल को एक प्रसिद्ध प्राप्ति से जोड़कर पूछता है, इसलिए इन्हें साथ ही याद करें।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 Mar 2023, Shift 2आसान

_______ बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल थे।

  1. A.वारेन हेस्टिंग्स
  2. B.विलियम बेंटिंक
  3. C.चार्ल्स मेटकाफ
  4. D.जॉन शोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वारेन हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है A, वारेन हेस्टिंग्स। 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बना और तब बंगाल के गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स 1774 से 1785 तक इसके पहले धारक बने; उनके साथ चार सदस्यों की परिषद थी और 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट बना। उन्होंने क्लाइव की द्वैध शासन व्यवस्था खत्म की, खजाना मुर्शिदाबाद से कलकत्ता लाए, हर जिले में दीवानी और फौजदारी अदालतें बनाईं और 1781 में कलकत्ता मदरसा की स्थापना की; 1784 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल भी उनके समय में बनी। इंग्लैंड लौटने पर 1788 से 1795 तक उन पर महाभियोग चला और वे बरी हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि विलियम बेंटिंक 1833 के चार्टर एक्ट के तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने 1829 में सती प्रथा पर रोक लगाई। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स मेटकाफ (1835 से 1836) ने प्रेस को आज़ाद किया। विकल्प D गलत है क्योंकि जॉन शोर (1793 से 1798) कॉर्नवालिस के बाद आए और अहस्तक्षेप नीति के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: बंगाल का पहला गवर्नर-जनरल = वारेन हेस्टिंग्स (1773 एक्ट), भारत का पहला गवर्नर-जनरल = विलियम बेंटिंक (1833 एक्ट)।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Jan 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस यूनानी शासक ने मेगस्थनीज को चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था?

  1. A.सेल्यूकस निकेटर
  2. B.एमिंटास द्वितीय
  3. C.एमिंटास तृतीय
  4. D.फिलिप द्वितीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सेल्यूकस निकेटर

व्याख्या

सही उत्तर है A, सेल्यूकस निकेटर। सिकंदर का सेनापति सेल्यूकस, जो उसके साम्राज्य के पूर्वी हिस्से का शासक बना, उसने मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर पाटलिपुत्र में चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा। यह करीब 305 ईसा पूर्व के उनके युद्ध के बाद हुआ, जिसमें सेल्यूकस ने कंधार और काबुल के आसपास के इलाके छोड़ दिए और बदले में 500 युद्ध हाथी पाए। मेगस्थनीज ने मौर्यकालीन भारत, उसकी राजधानी और लोगों का वर्णन करने वाली 'इंडिका' लिखी; मूल पुस्तक खो गई और केवल स्ट्रैबो और एरियन जैसे बाद के यूनानी लेखकों के उद्धरणों में बची है। B गलत है क्योंकि एमिंटास द्वितीय मौर्यों से बहुत पहले का मकदूनिया का एक राजा था। C गलत है क्योंकि एमिंटास तृतीय मकदूनिया का राजा और फिलिप द्वितीय का पिता था। D गलत है क्योंकि फिलिप द्वितीय मकदूनिया का राजा और सिकंदर महान का पिता था, जिसकी मृत्यु 336 ईसा पूर्व में हो गई थी। परीक्षा टिप: सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को चंद्रगुप्त के पास भेजा, और मेगस्थनीज ने 'इंडिका' लिखी।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023मध्यम

1857 में बरेली, उत्तर प्रदेश में क्रांति का नेता कौन था?

  1. A.नाना साहब
  2. B.खान बहादुर खान
  3. C.हज़रत महल
  4. D.कुंवर सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खान बहादुर खान

व्याख्या

सही उत्तर है B, खान बहादुर खान। 31 मई 1857 को बरेली में सिपाहियों के विद्रोह के बाद रुहेला सरदार हाफ़िज़ रहमत खान के पोते खान बहादुर खान ने बरेली और रुहेलखंड के बड़े हिस्से की बागडोर संभाली। वे कंपनी के अधीन जज रह चुके थे और अंग्रेज़ी पेंशन पर जी रहे थे, फिर भी उन्होंने अपनी सरकार बनाई, कई हज़ार सैनिकों की सेना खड़ी की और मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के नाम पर शासन किया, जिन्होंने उन्हें अपना सूबेदार माना। मई 1858 में अंग्रेज़ों ने बरेली वापस ले ली; खान बहादुर खान नेपाल भाग गए, वहाँ से अंग्रेज़ों को सौंपे गए और 1860 में बरेली में उन्हें फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेगम हज़रत महल ने अपने बेटे बिरजिस क़द्र के नाम पर लखनऊ में संघर्ष चलाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुंवर सिंह ने बिहार में आरा के पास जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। परीक्षा टिप: कानपुर–नाना साहब, लखनऊ–हज़रत महल, बरेली–खान बहादुर खान, झाँसी–लक्ष्मीबाई, आरा–कुंवर सिंह।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 28 Oct 2018आसान

हाथीगुम्फा का अभिलेख किस शासक के विषय में जानकारी का स्रोत है?

  1. A.खारवेल
  2. B.अशोक
  3. C.हर्षवर्धन
  4. D.कनिष्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. खारवेल

व्याख्या

सही उत्तर है A, खारवेल। हाथीगुम्फा (हाथी गुफा) अभिलेख ओडिशा में भुवनेश्वर के पास उदयगिरि पहाड़ियों में खुदा है और कलिंग के महामेघवाहन (चेदि) वंश के जैन राजा खारवेल का मुख्य स्रोत है, जिसने लगभग पहली सदी ईसा पूर्व में शासन किया। प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा यह अभिलेख उसके शासन का साल-दर-साल ब्योरा देता है: राजधानी की मरम्मत, उत्तर और दक्षिण के राजाओं पर अभियान, जैन मुनियों को दान और एक नंद राजा द्वारा बनवाई गई नहर का विस्तार। नंद राजा के इस उल्लेख के कारण यह पुराने इतिहास के लिए भी अहम है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अशोक की जानकारी उसके अपने शिलालेखों और स्तंभलेखों से मिलती है; कलिंग युद्ध का वर्णन तेरहवें शिलालेख में है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हर्षवर्धन की जानकारी बाणभट्ट के ‘हर्षचरित’ और बांसखेड़ा व मधुबन ताम्रपत्रों से मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कनिष्क का प्रमुख अभिलेख अफ़गानिस्तान में मिला रबातक अभिलेख है। परीक्षा टिप: हाथीगुम्फा → खारवेल; जूनागढ़ → रुद्रदामन; नासिक → गौतमीपुत्र शातकर्णी।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 13 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)आसान

निम्नलिखित में से किसने जाति व्यवस्था के अन्याय की निंदा की और सत्यशोधक समाज (सत्य खोजने वालों का समाज) की स्थापना की?

  1. A.सावित्रीबाई फुले
  2. B.ई. वी. रामासामी नायकर
  3. C.अय्यंकाली
  4. D.ज्योतिराव गोविंदराव फुले
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ज्योतिराव गोविंदराव फुले

व्याख्या

सही उत्तर है D, ज्योतिराव गोविंदराव फुले। ज्योतिबा फुले ने जातिगत भेदभाव और समाज पर पुरोहितों की पकड़ के विरुद्ध 24 सितंबर 1873 को पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। उसी वर्ष उन्होंने 'गुलामगिरी' पुस्तक छापी, जिसमें ब्राह्मणवादी वर्चस्व पर प्रहार था, और इससे पहले 1848 में उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई के साथ पुणे में लड़कियों के पहले स्कूलों में से एक खोला था। समाज ने शूद्रों, दलितों और स्त्रियों की शिक्षा, बिना पुरोहित के विवाह और समानता को बढ़ावा दिया; 1888 में फुले को 'महात्मा' की उपाधि मिली और डॉ. आंबेडकर उन्हें अपने तीन गुरुओं में गिनते थे। A गलत है क्योंकि सावित्रीबाई फुले स्त्री शिक्षा की अग्रदूत और समाज की सदस्य थीं, पर संस्थापक नहीं। B गलत है क्योंकि ई. वी. रामासामी पेरियार ने 1925 से तमिलनाडु में आत्मसम्मान आंदोलन चलाया। C गलत है क्योंकि अय्यंकाली केरल के दलित सुधारक थे जिन्होंने 1907 में साधु जन परिपालन संघम बनाया। परीक्षा टिप: सत्यशोधक समाज, पुणे, 1873, ज्योतिबा फुले, पुस्तक गुलामगिरी।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश "त्रिपक्षीय संघर्ष" का हिस्सा नहीं था?

  1. A.पाल
  2. B.राष्ट्रकूट
  3. C.चेर
  4. D.गुर्जर प्रतिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चेर। चेर केरल में राज करते थे और कन्नौज की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच तीन शक्तियों की लंबी होड़ थी, जिसका लक्ष्य गंगा घाटी में हर्षवर्धन की पुरानी राजधानी कन्नौज पर कब्ज़ा करना था। जिसके पास कन्नौज होता, उसे उत्तर भारत का स्वामी माना जाता था, इसलिए तीनों लगभग दो सदियों तक इस पर हमला करते रहे। अंत में गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज को सबसे लंबे समय तक अपने पास रखा, और इस लड़ाई ने तीनों को कमज़ोर कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल द्वारा स्थापित बंगाल के पाल इस संघर्ष का एक पक्ष थे; धर्मपाल ने तो कन्नौज की गद्दी पर अपना समर्थक भी बैठाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि दक्कन के राष्ट्रकूट, ध्रुव और गोविंद तृतीय जैसे राजाओं के नेतृत्व में, उत्तर पर हमले करके इस संघर्ष में शामिल हुए। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम भारत के गुर्जर-प्रतिहार, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज जैसे शासकों के साथ, तीसरा पक्ष थे। परीक्षा टिप: पाल (पूर्व), प्रतिहार (पश्चिम) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) कन्नौज के लिए लड़े।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 22 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली महिला कौन थीं?

  1. A.इंदिरा गांधी
  2. B.सुचेता कृपलानी
  3. C.नेली सेनगुप्ता
  4. D.एनी बेसेंट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एनी बेसेंट

व्याख्या

सही उत्तर है D, एनी बेसेंट। आयरलैंड में जन्मी थियोसोफिस्ट एनी बेसेंट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला थीं; वे 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में अध्यक्ष बनीं। उन्होंने 1916 में होम रूल लीग शुरू की, 'न्यू इंडिया' अखबार निकाला और बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जो आगे चलकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बना। कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू थीं, 1925 के कानपुर अधिवेशन में। A गलत है क्योंकि इंदिरा गांधी बहुत बाद में, 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। B गलत है क्योंकि सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं, 1963 में उत्तर प्रदेश की, और कभी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहीं। C गलत है क्योंकि नेली सेनगुप्ता ने 1933 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की, यानी वे तीसरी महिला अध्यक्ष थीं, पहली नहीं। परीक्षा टिप: पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष एनी बेसेंट, कलकत्ता 1917; पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू, कानपुर 1925।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 9 Oct 2018, Shift 3आसान

अमीर खुसरो किस शासक के दरबार के प्रसिद्ध संगीतकार थे?

  1. A.शाहजहाँ
  2. B.औरंगज़ेब
  3. C.जहाँगीर
  4. D.अलाउद्दीन खिलजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अलाउद्दीन खिलजी

व्याख्या

सही उत्तर है D, अलाउद्दीन खिलजी। अमीर खुसरो अलाउद्दीन खिलजी के दरबारी कवि और संगीतकार थे, और वे बलबन के समय से गयासुद्दीन तुगलक तक दिल्ली के कई सुल्तानों के दरबार में रहे। वे सूफी संत निज़ामुद्दीन औलिया के शिष्य थे और दिल्ली में उनकी दरगाह के पास ही दफ़न हैं। उन्होंने फ़ारसी और हिंदवी में लिखा, जो हिंदी और उर्दू का शुरुआती रूप है, और उन्हें तूती-ए-हिंद, यानी भारत का तोता, कहा जाता है। परंपरा उन्हें क़व्वाली तथा तराना जैसे राग और रूपों का जनक मानती है, और उनकी ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह अलाउद्दीन के अभियानों का वर्णन करती है। लोकमान्यता उन्हें सितार और तबले से भी जोड़ती है, पर इतिहासकार इस पर संदेह करते हैं। A गलत है क्योंकि शाहजहाँ मुगल बादशाह थे, जिन्होंने लगभग तीन सदी बाद शासन किया। B गलत है क्योंकि मुगल बादशाह औरंगज़ेब ने अपने दरबार में संगीत बंद करवा दिया था। C गलत है क्योंकि जहाँगीर मुगल बादशाह थे, जो चित्रकला के प्रेम के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: अमीर खुसरो = अलाउद्दीन खिलजी का दरबार, निज़ामुद्दीन औलिया के शिष्य, भारत का तोता, क़व्वाली के जनक।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

जलियाँवाला बाग हत्याकांड किस वायसराय के कार्यकाल में हुआ था?

  1. A.लॉर्ड इरविन
  2. B.लॉर्ड डलहौज़ी
  3. C.लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर है C, लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड। चेम्सफ़ोर्ड 1916 से 1921 तक वायसराय रहे और जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को, बैसाखी के दिन, अमृतसर में हुआ। रॉलेट एक्ट और डॉ. सैफुद्दीन किचलू व डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में जुटी शांत भीड़ पर जनरल डायर के आदेश से गोलियाँ चलाई गईं; उस समय पंजाब के लेफ्टिनेंट-गवर्नर माइकल ओ'डायर थे। विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी 'सर' की उपाधि लौटा दी और जाँच के लिए हंटर आयोग बना। उसी वर्ष के मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार और भारत सरकार अधिनियम 1919 भी इन्हीं के कार्यकाल के हैं। A गलत है क्योंकि लॉर्ड इरविन (1926–31) साइमन कमीशन के बहिष्कार, दांडी मार्च और गांधी–इरविन समझौते से जुड़े हैं। B गलत है क्योंकि डलहौज़ी (1848–56) गवर्नर-जनरल थे, जो व्यपगत सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। D गलत है क्योंकि रिपन (1880–84) स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: 1919 = रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग और मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार, सब चेम्सफ़ोर्ड के समय।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

______ में विजयनगर के मुख्यमंत्री रामराय ने राक्षसी-तंगड़ी (जिसे तालीकोटा भी कहा जाता है) में सेना का नेतृत्व किया, जहाँ बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं ने उसकी सेना को करारी हार दी।

  1. A.1585
  2. B.1565
  3. C.1545
  4. D.1525
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1565

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1565। तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं, जनवरी 1565 में हुआ और इसने विजयनगर की शक्ति तोड़ दी। रामराय सदाशिव राय के समय सिंहासन के पीछे असली शासक था। वह दक्कन की सल्तनतों को आपस में लड़ाता रहा, इसलिए अंत में बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा उसके खिलाफ एकजुट हो गए। रामराय पकड़ा गया और मारा गया, और विजयी सेनाओं ने राजधानी विजयनगर (हम्पी) को महीनों तक लूटा। हम्पी के खंडहर, जो आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, इसी लूट की याद दिलाते हैं। साम्राज्य अराविडु वंश के अधीन चलता रहा, पर पुराना गौरव कभी नहीं लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1585 युद्ध के बीस साल बाद का वर्ष है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1545 में साम्राज्य पर रामराय का लंबा नियंत्रण अभी शुरू ही हुआ था; निर्णायक युद्ध बीस साल बाद हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1525 में कृष्णदेव राय का शासन था, जो साम्राज्य का स्वर्ण काल था। परीक्षा टिप: विजयनगर की स्थापना 1336, कृष्णदेव राय (1509–1529) के समय चरम, तालीकोटा 1565 में पतन।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019आसान

'काकोरी ट्रेन डकैती केस' में किन क्रांतिकारियों को फाँसी दी गई थी?

  1. A.राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला
  2. B.वीर सावरकर और वासुदेव चापेकर
  3. C.प्रफुल्ल चंद्र चाकी और खुदीराम बोस
  4. D.सूर्य सेन और ऊधम सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला

व्याख्या

सही उत्तर है A, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला। दोनों को काकोरी केस में मौत की सज़ा मिली और दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर सरकारी खज़ाना लूटा, ताकि अपने संघर्ष के लिए पैसा जुटा सकें। इस केस में चार लोगों को फाँसी हुई: राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह, जबकि चंद्रशेखर आज़ाद पकड़े नहीं गए। हिंदू बिस्मिल और मुसलमान अशफ़ाक़उल्ला की दोस्ती आज भी एकता की मिसाल मानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वासुदेव चापेकर को 1897 में पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या के लिए फाँसी हुई थी, और सावरकर को फाँसी नहीं, सेल्युलर जेल की सज़ा मिली थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस को बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बम कांड के लिए 1908 में फाँसी हुई, और प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोकामा में खुद को गोली मार ली। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूर्य सेन को चटगाँव शस्त्रागार कांड के लिए और ऊधम सिंह को लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या के लिए फाँसी हुई। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 यानी बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी और रोशन सिंह।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Nov 2018, Shift 1आसान

अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई और ________ को अपने दरबार में ऊँचे पद दिए।

  1. A.मुसलमानों
  2. B.राजपूतों
  3. C.सिखों
  4. D.ईसाइयों
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजपूतों

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजपूतों। अकबर ने वैवाहिक संबंधों और ऊँचे मनसबों के जरिए राजपूत राजाओं को अपने पक्ष में किया और पुराने विरोधियों को मुगल साम्राज्य का स्तंभ बना दिया। 1562 में उसने आमेर के राजा भारमल की बेटी से विवाह किया और उनका परिवार सरदारों में सबसे ऊपर पहुँचा: आमेर के राजा मानसिंह उसके सबसे बड़े सेनापतियों और सूबेदारों में से एक बने। उसके वित्त मंत्री राजा टोडरमल ने भू-राजस्व व्यवस्था बनाई, और राजा बीरबल उसके सबसे निकट साथियों में थे। अकबर ने 1563 में तीर्थयात्रा कर और 1564 में जज़िया हटा दिया, और सुलह-ए-कुल, यानी सबके साथ शांति, का विचार उसके शासन की पहचान बना। A गलत है क्योंकि मुस्लिम सरदार पहले से ही ऊँचे पदों पर थे; उन्हें पद देना सहिष्णुता का प्रमाण नहीं था। C गलत है क्योंकि उस समय सिख अपने गुरुओं के अधीन छोटा समुदाय थे और दरबार में उनके पास कोई पद नहीं था। D गलत है क्योंकि ईसाई जेसुइट पादरी उसके दरबार में केवल धार्मिक चर्चा के लिए आए थे, उन्हें ऊँचे पद नहीं मिले। परीक्षा टिप: अकबर की सहिष्णुता = राजपूत गठबंधन, 1564 में जज़िया समाप्त, सुलह-ए-कुल, फतेहपुर सीकरी का इबादतखाना।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.यजुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अथर्ववेद। अथर्ववेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें दो अलग-अलग जन-संस्थाएँ माना जाता था। सभा वृद्धों और कुलीनों की छोटी परिषद थी, जो न्याय का काम भी करती थी, जबकि समिति आम जनता की बड़ी सभा थी, जो नीतियों पर चर्चा करती थी और राजा के चुनाव में भी भूमिका निभा सकती थी। दोनों का नाम पहली बार ऋग्वेद में आता है, पर अथर्ववेद ही इन्हें अलग-अलग बताता है और कहता है कि अच्छे शासन के लिए राजा को इनका साथ चाहिए। विदथ और गण के साथ ये वैदिक काल की कबीलाई सभाएँ थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद दोनों का उल्लेख तो करता है, पर इन्हें जुड़वाँ संस्थाओं के रूप में नहीं रखता। विकल्प B गलत है, क्योंकि सामवेद यज्ञ में गाए जाने वाले मंत्रों का संगीतमय संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ की विधियों और मंत्रों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सभा और समिति, प्रजापति की दो पुत्रियाँ, अथर्ववेद में।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भक्ति आंदोलन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की।
  2. B.निम्बार्क ने द्वैताद्वैत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
  3. C.माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
  4. D.रामानंद ने राम भक्ति परंपरा का प्रचार किया।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।

व्याख्या

सही उत्तर है C, माध्वाचार्य वाला कथन। यही कथन गलत है, क्योंकि माध्वाचार्य रूप और गुणों वाले साकार ईश्वर विष्णु के उपासक थे, इसलिए उनका मार्ग सगुण भक्ति था, निर्गुण नहीं। कर्नाटक के उडुपी से जुड़े 13वीं शताब्दी के आचार्य माध्व ने द्वैतवाद सिखाया: ईश्वर और जीव सदा अलग हैं, और जीव को मुक्ति केवल भक्ति तथा ईश्वर की कृपा से मिलती है। उन्होंने उडुपी में कृष्ण मंदिर की स्थापना की, जो आज भी उनकी परंपरा का केंद्र है। निर्गुण भक्ति, यानी निराकार ईश्वर की उपासना, कबीर, नानक और दादू जैसे संतों से जुड़ी है। विकल्प A सही कथन है, क्योंकि वल्लभाचार्य ने 'कृपा के मार्ग' पुष्टिमार्ग की स्थापना की, जिसके केंद्र में श्रीनाथजी रूप में कृष्ण हैं। विकल्प B सही है, क्योंकि निम्बार्क ने द्वैताद्वैत का सिद्धांत दिया। विकल्प D सही है, क्योंकि रामानंद ने उत्तर भारत में राम भक्ति फैलाई और सभी जातियों के शिष्य बनाए, जिनमें कबीर और रैदास भी थे। परीक्षा टिप: शंकर अद्वैत, रामानुज विशिष्टाद्वैत, माध्व द्वैत, निम्बार्क द्वैताद्वैत, वल्लभ शुद्धाद्वैत।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-कौन से सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं?

(i) अनेकान्तवाद

(ii) सर्वास्तिवाद

(iii) शून्यवाद

(iv) स्यादवाद

नीचे दिये गये कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.(i) एवं (iv)
  2. B.(ii) एवं (iii)
  3. C.(ii) एवं (iv)
  4. D.(i), (ii) एवं (iii)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. (i) एवं (iv)

व्याख्या

सही उत्तर है A, (i) एवं (iv)। अनेकान्तवाद और स्यादवाद ज्ञान और सत्य से जुड़े जैन दर्शन के दो मुख्य सिद्धांत हैं। अनेकान्तवाद का अर्थ है 'अनेक पक्ष': सत्य के कई पहलू होते हैं और कोई एक दृष्टि पूरे सत्य को नहीं पकड़ सकती। स्यादवाद इसी विचार को भाषा में उतारता है; हर कथन के साथ 'स्यात्' यानी 'किसी अपेक्षा से' जोड़ना चाहिए, और इसी से किसी बात को सात प्रकार से कहने की पद्धति सप्तभंगी बनी। इसे समझाने के लिए अंधों और हाथी की कहानी सुनाई जाती है, जिसमें हर व्यक्ति हाथी का एक अंग छूकर उसे अलग जानवर बताता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सर्वास्तिवाद ('सब कुछ विद्यमान है') प्रारंभिक बौद्ध संप्रदाय था और शून्यवाद नागार्जुन द्वारा स्थापित महायान बौद्ध धर्म का माध्यमिक संप्रदाय है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें एक बौद्ध संप्रदाय को जैन सिद्धांत के साथ जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दो बौद्ध संप्रदाय जुड़े हैं और स्यादवाद छूट गया है। परीक्षा टिप: अनेकान्त और स्यात् जैन हैं; सर्वास्ति और शून्य बौद्ध हैं।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022कठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. डचों ने पूर्वी तट पर अपने कारखाने/गोदाम गजपति शासकों द्वारा दी गई भूमि पर स्थापित किए।

2. अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने गोवा को बीजापुर सल्तनत से छीना।

3. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास में कारखाना विजयनगर साम्राज्य के एक प्रतिनिधि से पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। गोवा बीजापुर से छीना गया और मद्रास की जमीन विजयनगर के एक नायक से मिली, लेकिन डचों को पूर्वी तट की जमीन गजपतियों से नहीं मिली थी। अल्बुकर्क ने 1510 में गोवा बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत से जीता, और यह पूर्व में पुर्तगाली शक्ति का केंद्र बना। 1639 में फ्रांसिस डे ने विजयनगर शासक के अधीन स्थानीय सरदार दामरला वेंकटाद्रि नायक से मद्रास की जगह ली, जहाँ फोर्ट सेंट जॉर्ज बना। कथन 1 गलत है, क्योंकि डचों ने मसूलीपट्टनम (1605) और पुलिकट (1610) जैसे कारखाने गोलकुंडा सल्तनत तथा विजयनगर और उसके नायकों से मिले अनुदान पर बनाए, जब ओडिशा में गजपति सत्ता बहुत पहले खत्म हो चुकी थी। इसलिए कथन 1 वाले विकल्प A, C और D गलत हैं। परीक्षा टिप: गोवा 1510 बीजापुर से, मद्रास 1639 विजयनगर के नायक से, डच मसूलीपट्टनम और पुलिकट में।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 Mar 2023, Shift 2मध्यम

________ (1813 से 1823 तक गवर्नर जनरल) के अधीन 'सर्वोच्चता' (paramountcy) की एक नई नीति शुरू की गई। अब कंपनी का दावा था कि उसकी सत्ता सर्वोच्च है, इसलिए उसकी शक्ति भारतीय राज्यों से बड़ी है।

  1. A.लॉर्ड एमहर्स्ट
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.लॉर्ड हेस्टिंग्स
  4. D.लॉर्ड ऑकलैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, लॉर्ड हेस्टिंग्स। यह वाक्य एनसीईआरटी कक्षा 8 के इतिहास अध्याय 'व्यापार से साम्राज्य तक' से है। 1813 से 1823 तक गवर्नर-जनरल रहे लॉर्ड हेस्टिंग्स ने घोषित किया कि कंपनी की सत्ता सर्वोच्च (paramount) है, इसलिए अपने हितों की रक्षा के लिए वह किसी भी भारतीय राज्य को धमका या हड़प सकती है। उनके समय कंपनी ने आंग्ल-नेपाल युद्ध (1814 से 1816) लड़ा, जो सुगौली संधि से खत्म हुआ, पिंडारियों का दमन किया और तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध (1817 से 1818) जीता, जिसके बाद पेशवा का पद समाप्त कर दिया गया; मद्रास में थॉमस मुनरो की रैयतवाड़ी व्यवस्था (1820) भी इसी काल की है। इन्हें बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स से न मिलाएँ। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड एमहर्स्ट (1823 से 1828) ने पहला आंग्ल-बर्मा युद्ध लड़ा, जो यांडबू संधि से खत्म हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस (1786 से 1793) स्थायी बंदोबस्त के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड ऑकलैंड (1836 से 1842) पहले आंग्ल-अफगान युद्ध से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: वेलेजली = सहायक संधि, लॉर्ड हेस्टिंग्स = सर्वोच्चता, डलहौजी = व्यपगत सिद्धांत।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम

1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ रियासत को अपने राज्य में मिला लिया था। इसके अंतिम शासक कौन थे?

  1. A.नाहर सिंह
  2. B.बलराम सिंह
  3. C.अजीत सिंह
  4. D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाहर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 05 Sep 2023, Shift 3मध्यम

भारत में पहले महिला विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की थी?

  1. A.धोंडो केशव कर्वे
  2. B.आशुतोष मुखर्जी
  3. C.विलियम हंटर
  4. D.सैयद अहमद खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. धोंडो केशव कर्वे

व्याख्या

सही उत्तर है A, धोंडो केशव कर्वे। महाराष्ट्र के समाज सुधारक महर्षि कर्वे ने 1916 में पुणे में भारत का पहला महिला विश्वविद्यालय स्थापित किया; इसकी प्रेरणा उन्हें जापान के महिला विश्वविद्यालय से मिली थी। 1920 में उद्योगपति सर विट्ठलदास ठाकरसी ने पंद्रह लाख रुपये दान दिए और विश्वविद्यालय का नाम उनकी माता के नाम पर श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (SNDT) महिला विश्वविद्यालय रखा गया; बाद में यह मुंबई चला गया। कर्वे ने 1893 में एक विधवा से विवाह किया, विधवा पुनर्विवाह संघ शुरू किया और 1896 में पुणे के पास हिंगणे में विधवाओं के लिए आश्रम और स्कूल खोला। 1958 में, अपने सौवें वर्ष में, उन्हें भारत रत्न मिला। B गलत है क्योंकि आशुतोष मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध कुलपति थे, जिन्हें 'बंगाल का बाघ' कहा जाता था। C गलत है क्योंकि विलियम हंटर 1882 के शिक्षा संबंधी हंटर आयोग के अध्यक्ष थे। D गलत है क्योंकि सैयद अहमद खान ने 1875 में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज खोला, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। परीक्षा टिप: पहला महिला विश्वविद्यालय, पुणे 1916, डी.के. कर्वे, बाद में SNDT; भारत रत्न 1958।

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