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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 3

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 3) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, मराठा और सिख, महाजनपद और मगध का उदय और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

वर्ष 1921 में हड़प्पा की खुदाई किस पुरातत्वविद ने की थी?

  1. A.राखालदास बनर्जी
  2. B.सर जॉन मार्शल
  3. C.दयाराम साहनी
  4. D.मार्टिमर व्हीलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दयाराम साहनी

व्याख्या

सही उत्तर C, दयाराम साहनी है। उन्होंने 1921 में रावी नदी के किनारे हड़प्पा में खुदाई की और उसी सत्र की प्राप्तियों ने एक पूर्णतः अज्ञात नगरीय संस्कृति की पहचान कराई, जिसका नाम इसी स्थल पर पड़ा। विकल्प A, राखालदास बनर्जी ने एक वर्ष बाद 1922 में सिंधु नदी के किनारे मोहनजोदड़ो की खुदाई की और वहां वैसी ही मुहरें तथा ईंटें पाकर सिद्ध किया कि यह संस्कृति विशाल क्षेत्र में फैली थी।

विकल्प B, सर जॉन मार्शल उस समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक थे। उन्होंने दोनों के कार्य का निर्देशन किया और 1924 में खोज की घोषणा की, परंतु हड़प्पा की खुदाई स्वयं नहीं की। विकल्प D, मार्टिमर व्हीलर बहुत बाद में 1940 के दशक में आए और आर्य आक्रमण के सिद्धांत के लिए याद किए जाते हैं, जिसे आज अधिकांश इतिहासकार अस्वीकार करते हैं।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा युद्ध सालबाई की संधि के साथ समाप्त हुआ?

  1. A.पानीपत का तीसरा युद्ध
  2. B.बक्सर का युद्ध
  3. C.प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
  4. D.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध। मई 1782 में हुई सालबाई की संधि ने अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठों के बीच यह युद्ध समाप्त किया। युद्ध 1775 में तब शुरू हुआ जब कंपनी ने सूरत की संधि के ज़रिए रघुनाथ राव को पेशवा बनाने का समर्थन किया। 1779 में वडगाँव में अंग्रेज़ों की हार के बाद लड़ाई चलती रही, अंत में महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से सालबाई में शांति हुई। संधि से अंग्रेज़ों को सालसेट मिला, माधव राव नारायण को पेशवा माना गया और दोनों शक्तियों के बीच लगभग बीस साल शांति रही। A गलत है क्योंकि पानीपत का तीसरा युद्ध, 1761, मराठों और अहमद शाह अब्दाली के बीच एक ही दिन में निपट गया था, किसी संधि से नहीं। B गलत है क्योंकि बक्सर के युद्ध, 1764, के बाद 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई थी। D गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1803 में देवगाँव और सुर्जी-अर्जनगाँव की संधियों से समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: मराठा संधियों का क्रम याद रखें, सूरत 1775, पुरंदर 1776, वडगाँव 1779, सालबाई 1782।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 70th CCE Pre, 13 Dec 2024आसान

प्राचीन बिहार में 'हर्यक वंश' की स्थापना निम्नलिखित में से किस महान शासक ने की थी?

  1. A.बिंबिसार
  2. B.बृहद्रथ
  3. C.अजातशत्रु
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिंबिसार

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिंबिसार। बिंबिसार ने मगध में हर्यक वंश की नींव रखी और मगध को सोलह महाजनपदों में सबसे शक्तिशाली बनाने की शुरुआत की। उनकी राजधानी राजगृह थी, जो आज नालंदा जिले का राजगीर है, और वे गौतम बुद्ध के समकालीन व प्रशंसक थे। उन्होंने विवाह-संबंधों से अपनी शक्ति बढ़ाई: कोशल की राजकुमारी से, जो दहेज में काशी लाई; वैशाली के लिच्छवियों की चेल्लना से; और मद्र की खेमा से। उन्होंने आज के भागलपुर के आसपास का अंग राज्य भी जीता, जिससे गंगा के व्यापार पर मगध का नियंत्रण हो गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बृहद्रथ ने मगध के पुराने वंश की स्थापना की थी, जिससे जरासंध जुड़ा था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजातशत्रु बिंबिसार के पुत्र और उत्तराधिकारी थे, संस्थापक नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस वंश की स्थापना केवल एक शासक, बिंबिसार ने की। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम बिंबिसार, अजातशत्रु, उदयिन; उदयिन ने राजधानी पाटलिपुत्र ले जाई।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

उस युद्ध का नाम बताइए जिसमें त्रावणकोर के राजा ने 1741 में डचों को पराजित किया था।

  1. A.पोर्टो नोवो का युद्ध
  2. B.कोलाचेल का युद्ध
  3. C.पोलिलूर का युद्ध
  4. D.चंगनाचेरी का युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोलाचेल का युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोलाचेल का युद्ध। अगस्त 1741 में कोलाचेल में त्रावणकोर के राजा मार्तंड वर्मा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी को हराया। यह उन गिने-चुने मौकों में से है जब किसी भारतीय शासक ने खुले युद्ध में किसी यूरोपीय शक्ति को निर्णायक रूप से हराया, और इसके साथ मालाबार तट पर डचों के विस्तार की उम्मीद खत्म हो गई। डच सेनापति यूस्टेकियस डी लैनॉय पकड़े गए, फिर त्रावणकोर की सेवा में आकर उन्होंने सेना को यूरोपीय ढंग से प्रशिक्षित किया और प्रधान सेनापति बने। कोलाचेल आज तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के तट पर है। A गलत है, 1781 में पोर्टो नोवो में आयर कूट के नेतृत्व में अंग्रेजों ने दूसरे आंग्ल-मैसूर युद्ध में हैदर अली को हराया था। C गलत है, पोलिलूर की लड़ाइयां 1780 और 1781 में इसी युद्ध में हैदर अली और अंग्रेजों के बीच हुईं। D गलत है, चंगनाचेरी मध्य केरल का एक कस्बा है, 1741 के डच युद्ध का स्थल नहीं। परीक्षा टिप: कोलाचेल 1741, मार्तंड वर्मा ने डचों को हराया; पोर्टो नोवो 1781, आयर कूट ने हैदर अली को।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 1मध्यम

अशोक के शिलालेखों में मुख्य रूप से कौन-सी भाषा और लिपि का प्रयोग हुआ था?

  1. A.संस्कृत और देवनागरी
  2. B.पालि और खरोष्ठी
  3. C.प्राकृत और ब्राह्मी
  4. D.यूनानी और लैटिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्राकृत और ब्राह्मी

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्राकृत और ब्राह्मी। अशोक के ज्यादातर अभिलेख आम लोगों की बोली प्राकृत में और ब्राह्मी लिपि में लिखे गए, ताकि प्रजा उसके धम्म का संदेश समझ सके। ब्राह्मी लिपि को सबसे पहले 1837 में जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा, और इन अभिलेखों में राजा को 'देवानांपिय पियदसि' यानी देवताओं का प्रिय कहा गया है। उत्तर-पश्चिम में, आज के पाकिस्तान के पास, यही प्राकृत खरोष्ठी लिपि में लिखी गई, और अफगानिस्तान के कंधार में अभिलेख यूनानी और अरामाइक में मिले। A गलत है क्योंकि अशोक ने अभिलेखों में संस्कृत का प्रयोग नहीं किया और देवनागरी लिपि कई सदियों बाद विकसित हुई। B गलत है क्योंकि खरोष्ठी केवल शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा जैसे कुछ उत्तर-पश्चिमी अभिलेखों में है, और पालि बौद्ध ग्रंथों की भाषा है, अभिलेखों की नहीं। D गलत है क्योंकि यूनानी केवल कंधार में मिलती है और लैटिन का प्रयोग कभी नहीं हुआ। परीक्षा टिप: अशोक के अभिलेख, प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि; प्रिंसेप ने 1837 में पढ़े।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 Mar 2023, Shift 2आसान

_______ बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल थे।

  1. A.वारेन हेस्टिंग्स
  2. B.विलियम बेंटिंक
  3. C.चार्ल्स मेटकाफ
  4. D.जॉन शोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वारेन हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है A, वारेन हेस्टिंग्स। 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बना और तब बंगाल के गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स 1774 से 1785 तक इसके पहले धारक बने; उनके साथ चार सदस्यों की परिषद थी और 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट बना। उन्होंने क्लाइव की द्वैध शासन व्यवस्था खत्म की, खजाना मुर्शिदाबाद से कलकत्ता लाए, हर जिले में दीवानी और फौजदारी अदालतें बनाईं और 1781 में कलकत्ता मदरसा की स्थापना की; 1784 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल भी उनके समय में बनी। इंग्लैंड लौटने पर 1788 से 1795 तक उन पर महाभियोग चला और वे बरी हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि विलियम बेंटिंक 1833 के चार्टर एक्ट के तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने 1829 में सती प्रथा पर रोक लगाई। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स मेटकाफ (1835 से 1836) ने प्रेस को आज़ाद किया। विकल्प D गलत है क्योंकि जॉन शोर (1793 से 1798) कॉर्नवालिस के बाद आए और अहस्तक्षेप नीति के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: बंगाल का पहला गवर्नर-जनरल = वारेन हेस्टिंग्स (1773 एक्ट), भारत का पहला गवर्नर-जनरल = विलियम बेंटिंक (1833 एक्ट)।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023आसान

‘मिलिन्द पन्हो’ राजा मिलिन्द तथा एक बौद्ध भिक्षु के मध्य संवाद रूप में है। वह भिक्षु थे

  1. A.नागार्जुन
  2. B.नागसेन
  3. C.कुमारिल भट्ट
  4. D.नागभट्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागसेन

व्याख्या

सही उत्तर है B, नागसेन। पालि ग्रंथ ‘मिलिन्दपन्हो’ (राजा मिलिन्द के प्रश्न) में बौद्ध भिक्षु नागसेन और राजा मिलिन्द के बीच लंबा प्रश्नोत्तर दर्ज है। मिलिन्द दरअसल हिन्द-यवन (इंडो-ग्रीक) राजा मिनांडर प्रथम है, जिसने ईसा पूर्व दूसरी सदी में शाकल (आज का सियालकोट) से शासन किया। नागसेन आत्मा, पुनर्जन्म और कर्म पर राजा की शंकाओं का उत्तर सरल उदाहरणों से देते हैं; सबसे प्रसिद्ध रथ का उदाहरण है, जिसमें रथ केवल अपने हिस्सों का नाम है, वैसे ही ‘मैं’ भी बदलते अंशों का नाम है। बौद्ध परंपरा के अनुसार मिनांडर ने बौद्ध धर्म अपना लिया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि नागार्जुन लगभग दूसरी सदी ईस्वी के महायान दार्शनिक थे, जिन्होंने माध्यमिक (शून्यवाद) मत दिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि कुमारिल भट्ट सातवीं-आठवीं सदी के मीमांसा दार्शनिक थे, जिन्होंने वैदिक कर्मकांड का पक्ष लिया। विकल्प D गलत है, क्योंकि नागभट्ट गुर्जर-प्रतिहार वंश के संस्थापक राजा थे, भिक्षु नहीं। परीक्षा टिप: मिलिन्द = मिनांडर (हिन्द-यवन राजा, राजधानी शाकल); ग्रंथ में उसके गुरु = नागसेन।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023मध्यम

1857 में बरेली, उत्तर प्रदेश में क्रांति का नेता कौन था?

  1. A.नाना साहब
  2. B.खान बहादुर खान
  3. C.हज़रत महल
  4. D.कुंवर सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खान बहादुर खान

व्याख्या

सही उत्तर है B, खान बहादुर खान। 31 मई 1857 को बरेली में सिपाहियों के विद्रोह के बाद रुहेला सरदार हाफ़िज़ रहमत खान के पोते खान बहादुर खान ने बरेली और रुहेलखंड के बड़े हिस्से की बागडोर संभाली। वे कंपनी के अधीन जज रह चुके थे और अंग्रेज़ी पेंशन पर जी रहे थे, फिर भी उन्होंने अपनी सरकार बनाई, कई हज़ार सैनिकों की सेना खड़ी की और मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के नाम पर शासन किया, जिन्होंने उन्हें अपना सूबेदार माना। मई 1858 में अंग्रेज़ों ने बरेली वापस ले ली; खान बहादुर खान नेपाल भाग गए, वहाँ से अंग्रेज़ों को सौंपे गए और 1860 में बरेली में उन्हें फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेगम हज़रत महल ने अपने बेटे बिरजिस क़द्र के नाम पर लखनऊ में संघर्ष चलाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुंवर सिंह ने बिहार में आरा के पास जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। परीक्षा टिप: कानपुर–नाना साहब, लखनऊ–हज़रत महल, बरेली–खान बहादुर खान, झाँसी–लक्ष्मीबाई, आरा–कुंवर सिंह।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023मध्यम

चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावती का विवाह किस राजवंश में कर अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाया?

  1. A.लिच्छवी वंश
  2. B.कदम्ब वंश
  3. C.वाकाटक वंश
  4. D.नाग वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वाकाटक वंश

व्याख्या

सही उत्तर है C, वाकाटक वंश। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावतीगुप्ता का विवाह वाकाटक राजा रुद्रसेन द्वितीय से किया, जिनका राज्य गुप्त साम्राज्य के दक्षिण में दक्कन में था। रुद्रसेन की कम उम्र में मृत्यु के बाद प्रभावती ने अपने नाबालिग पुत्रों की संरक्षिका बनकर शासन चलाया, इसलिए गुप्तों को दक्षिणी सीमा पर एक मित्र शक्ति मिल गई। इस गठबंधन से चन्द्रगुप्त द्वितीय को पश्चिम भारत के शक क्षत्रपों के विरुद्ध अभियान में मदद मिली, जिन्हें हराकर उसने गुजरात और मालवा जीते। प्रभावती के ताम्रपत्र, जैसे पूना ताम्रपत्र, इस काल के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि लिच्छवी संबंध चन्द्रगुप्त प्रथम का है, जिसने लिच्छवी राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया था। विकल्प B गलत है, क्योंकि कर्नाटक के कदम्बों ने गुप्तों से वैवाहिक संबंधों का दावा किया, पर प्रभावती का विवाह वहाँ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि नाग संबंध स्वयं चन्द्रगुप्त द्वितीय के नाग राजकुमारी कुबेरनागा से विवाह का है, जो प्रभावती की माता थीं। परीक्षा टिप: कुमारदेवी (लिच्छवी) चन्द्रगुप्त प्रथम के साथ; प्रभावती वाकाटकों में, चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 13 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)आसान

निम्नलिखित में से किसने जाति व्यवस्था के अन्याय की निंदा की और सत्यशोधक समाज (सत्य खोजने वालों का समाज) की स्थापना की?

  1. A.सावित्रीबाई फुले
  2. B.ई. वी. रामासामी नायकर
  3. C.अय्यंकाली
  4. D.ज्योतिराव गोविंदराव फुले
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ज्योतिराव गोविंदराव फुले

व्याख्या

सही उत्तर है D, ज्योतिराव गोविंदराव फुले। ज्योतिबा फुले ने जातिगत भेदभाव और समाज पर पुरोहितों की पकड़ के विरुद्ध 24 सितंबर 1873 को पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। उसी वर्ष उन्होंने 'गुलामगिरी' पुस्तक छापी, जिसमें ब्राह्मणवादी वर्चस्व पर प्रहार था, और इससे पहले 1848 में उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई के साथ पुणे में लड़कियों के पहले स्कूलों में से एक खोला था। समाज ने शूद्रों, दलितों और स्त्रियों की शिक्षा, बिना पुरोहित के विवाह और समानता को बढ़ावा दिया; 1888 में फुले को 'महात्मा' की उपाधि मिली और डॉ. आंबेडकर उन्हें अपने तीन गुरुओं में गिनते थे। A गलत है क्योंकि सावित्रीबाई फुले स्त्री शिक्षा की अग्रदूत और समाज की सदस्य थीं, पर संस्थापक नहीं। B गलत है क्योंकि ई. वी. रामासामी पेरियार ने 1925 से तमिलनाडु में आत्मसम्मान आंदोलन चलाया। C गलत है क्योंकि अय्यंकाली केरल के दलित सुधारक थे जिन्होंने 1907 में साधु जन परिपालन संघम बनाया। परीक्षा टिप: सत्यशोधक समाज, पुणे, 1873, ज्योतिबा फुले, पुस्तक गुलामगिरी।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 05 Jul 2024, Shift 4कठिन

निम्नलिखित में से किस चोल सम्राट ने वेल्लोर के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय को हराया था?

  1. A.राजराज प्रथम
  2. B.परांतक प्रथम
  3. C.राजेंद्र प्रथम
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परांतक प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है B, परांतक प्रथम। आदित्य प्रथम के पुत्र परांतक प्रथम (907 से 955 ईस्वी) ने लगभग 915 ईस्वी में वेल्लूर (वेल्लोर) के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय और उसके श्रीलंकाई सहयोगियों को हराया और 'मदुरैकोंड' यानी 'मदुरै का विजेता' उपाधि ली। उसके शासन की पहचान 919 और 921 ईस्वी के उत्तरमेरुर अभिलेखों से भी है, जो बताते हैं कि गाँव की सभाएँ लॉटरी से कैसे चुनी जाती थीं, और उसने चिदंबरम के नटराज मंदिर को सोने से मढ़वाया। शासन के अंत में वह तक्कोलम के युद्ध (949 ईस्वी) में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय से हारा, जिसमें उसका पुत्र राजादित्य मारा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राजराज प्रथम (985 से 1014 ईस्वी) बाद में आया और तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजेंद्र प्रथम ने गंगा अभियान किया और 'गंगैकोंड चोल' उपाधि ली। विकल्प D गलत है क्योंकि विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में तंजावुर जीतकर चोल साम्राज्य की नींव रखी थी, इस युद्ध से पहले। परीक्षा टिप: वेल्लूर = परांतक प्रथम (मदुरैकोंड), तक्कोलम = कृष्ण तृतीय से चोल हार।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 22 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली महिला कौन थीं?

  1. A.इंदिरा गांधी
  2. B.सुचेता कृपलानी
  3. C.नेली सेनगुप्ता
  4. D.एनी बेसेंट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एनी बेसेंट

व्याख्या

सही उत्तर है D, एनी बेसेंट। आयरलैंड में जन्मी थियोसोफिस्ट एनी बेसेंट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला थीं; वे 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में अध्यक्ष बनीं। उन्होंने 1916 में होम रूल लीग शुरू की, 'न्यू इंडिया' अखबार निकाला और बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जो आगे चलकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बना। कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू थीं, 1925 के कानपुर अधिवेशन में। A गलत है क्योंकि इंदिरा गांधी बहुत बाद में, 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। B गलत है क्योंकि सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं, 1963 में उत्तर प्रदेश की, और कभी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहीं। C गलत है क्योंकि नेली सेनगुप्ता ने 1933 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की, यानी वे तीसरी महिला अध्यक्ष थीं, पहली नहीं। परीक्षा टिप: पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष एनी बेसेंट, कलकत्ता 1917; पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू, कानपुर 1925।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 11 Dec 2018, Shift 2आसान

_____ के बीच की अवधि को दिल्ली सल्तनत का काल कहा जाता है।

  1. A.1106 ई. और 1326 ई.
  2. B.1606 ई. और 1826 ई.
  3. C.1206 ई. और 1526 ई.
  4. D.1006 ई. और 1326 ई.
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1206 ई. और 1526 ई.

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1206 ई. और 1526 ई.। दिल्ली सल्तनत 1206 में शुरू हुई, जब मुहम्मद गोरी की मृत्यु के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक पहला सुल्तान बना, और 1526 में खत्म हुई, जब बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराया। इन 320 वर्षों में दिल्ली से पाँच वंशों ने इस क्रम में शासन किया: मामलूक या गुलाम वंश, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी। तुगलकों ने सबसे लंबा और खिलजियों ने सबसे छोटा शासन किया। इस काल के प्रसिद्ध शासकों में इल्तुतमिश, दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाली पहली महिला रज़िया सुल्तान, बलबन, अलाउद्दीन खिलजी और मुहम्मद बिन तुगलक हैं। A गलत है क्योंकि 1106 सल्तनत शुरू होने से एक सदी पहले का वर्ष है। B गलत है क्योंकि 1606 से 1826 का समय मुगल और ब्रिटिश काल में आता है। D गलत है क्योंकि 1006 महमूद गज़नवी के आक्रमणों का समय है और 1326 तुगलक शासन के बीच का वर्ष है। परीक्षा टिप: दिल्ली सल्तनत = 1206 से 1526; वंशों का क्रम गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

जलियाँवाला बाग हत्याकांड किस वायसराय के कार्यकाल में हुआ था?

  1. A.लॉर्ड इरविन
  2. B.लॉर्ड डलहौज़ी
  3. C.लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर है C, लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड। चेम्सफ़ोर्ड 1916 से 1921 तक वायसराय रहे और जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को, बैसाखी के दिन, अमृतसर में हुआ। रॉलेट एक्ट और डॉ. सैफुद्दीन किचलू व डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में जुटी शांत भीड़ पर जनरल डायर के आदेश से गोलियाँ चलाई गईं; उस समय पंजाब के लेफ्टिनेंट-गवर्नर माइकल ओ'डायर थे। विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी 'सर' की उपाधि लौटा दी और जाँच के लिए हंटर आयोग बना। उसी वर्ष के मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार और भारत सरकार अधिनियम 1919 भी इन्हीं के कार्यकाल के हैं। A गलत है क्योंकि लॉर्ड इरविन (1926–31) साइमन कमीशन के बहिष्कार, दांडी मार्च और गांधी–इरविन समझौते से जुड़े हैं। B गलत है क्योंकि डलहौज़ी (1848–56) गवर्नर-जनरल थे, जो व्यपगत सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। D गलत है क्योंकि रिपन (1880–84) स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: 1919 = रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग और मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार, सब चेम्सफ़ोर्ड के समय।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 01 Dec 2023, S1मध्यम

दक्षिण भारत में बहमनी राज्य की स्थापना के समय दिल्ली सल्तनत का सुल्तान कौन था?

  1. A.शमसुद्दीन इल्तुतमिश
  2. B.मुहम्मद बिन तुगलक
  3. C.इब्राहिम लोदी
  4. D.अलाउद्दीन खिलजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुहम्मद बिन तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है B, मुहम्मद बिन तुगलक। बहमनी राज्य 1347 में दक्कन में उसके शासन के खिलाफ हुए विद्रोह से बना था। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1325 से 1351 तक शासन किया और दिल्ली से सुदूर दक्षिण को काबू में रखने की कोशिश की, यहाँ तक कि कुछ समय के लिए राजधानी दौलताबाद ले गया। दक्कन के अमीरों ने बगावत कर दी और उनमें से एक, अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू), ने बहमनी राज्य की नींव रखी, जिसकी पहली राजधानी गुलबर्गा थी। इसी शासनकाल में 1336 में हरिहर और बुक्का ने विजयनगर की स्थापना की थी, यानी दक्षिण के दोनों बड़े राज्य इसी एक सुल्तान के समय उभरे। विकल्प A गलत है, क्योंकि इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक शासन किया, जो इससे बहुत पहले की बात है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इब्राहिम लोदी दिल्ली का अंतिम सुल्तान था, जो 1526 में पानीपत में हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 1316 में हो गई थी; उसके सेनापति मलिक काफूर ने दक्षिण पर हमले किए, पर तब बहमनी राज्य नहीं था। परीक्षा टिप: विजयनगर 1336 और बहमनी 1347, दोनों मुहम्मद बिन तुगलक के समय।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019आसान

'काकोरी ट्रेन डकैती केस' में किन क्रांतिकारियों को फाँसी दी गई थी?

  1. A.राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला
  2. B.वीर सावरकर और वासुदेव चापेकर
  3. C.प्रफुल्ल चंद्र चाकी और खुदीराम बोस
  4. D.सूर्य सेन और ऊधम सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला

व्याख्या

सही उत्तर है A, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला। दोनों को काकोरी केस में मौत की सज़ा मिली और दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर सरकारी खज़ाना लूटा, ताकि अपने संघर्ष के लिए पैसा जुटा सकें। इस केस में चार लोगों को फाँसी हुई: राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह, जबकि चंद्रशेखर आज़ाद पकड़े नहीं गए। हिंदू बिस्मिल और मुसलमान अशफ़ाक़उल्ला की दोस्ती आज भी एकता की मिसाल मानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वासुदेव चापेकर को 1897 में पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या के लिए फाँसी हुई थी, और सावरकर को फाँसी नहीं, सेल्युलर जेल की सज़ा मिली थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस को बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बम कांड के लिए 1908 में फाँसी हुई, और प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोकामा में खुद को गोली मार ली। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूर्य सेन को चटगाँव शस्त्रागार कांड के लिए और ऊधम सिंह को लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या के लिए फाँसी हुई। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 यानी बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी और रोशन सिंह।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 06 Dec 2021, Shift 3कठिन

बंगाल धीरे-धीरे __________ के अधीन मुगल नियंत्रण से अलग हो गया।

  1. A.मुकर्रम खान
  2. B.अली कादिर
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.मुर्शिद कुली खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मुर्शिद कुली खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, मुर्शिद कुली खान। औरंगजेब ने उसे बंगाल का दीवान, यानी राजस्व का प्रमुख अधिकारी, बनाकर भेजा था और बाद में वह वहां का सूबेदार बना। 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद उसने धीरे-धीरे दिल्ली के आदेश मानना बंद कर दिया, हालांकि नजराना भेजता रहा। वह बंगाल का पहला नवाब (1717–1727) बना और राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद ले गया, जो शहर उसी के नाम पर है। उसने मुगल जागीरदारों को बंगाल से बाहर भेजा और जमींदारों से भू-राजस्व सख्ती से नकद में वसूला। A गलत है क्योंकि मुकर्रम खान 1620 के दशक में बंगाल का मुगल सूबेदार था, जब यह प्रांत पूरी तरह बादशाह के अधीन था। B गलत है क्योंकि अली कादिर का नाम बंगाल के स्वतंत्र नवाबों के उदय से नहीं जुड़ता। C गलत है क्योंकि अलीवर्दी खान बाद में, 1740 में सत्ता में आया; वह सिराजुद्दौला का नाना था। परीक्षा टिप: बंगाल मुर्शिद कुली खान के समय अलग हुआ, राजधानी मुर्शिदाबाद; क्रम है मुर्शिद कुली खान, फिर अलीवर्दी खान, फिर सिराजुद्दौला।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम

परंपरा के अनुसार अलवारों और नयनारों की संख्या कितनी है?

  1. A.12 और 63
  2. B.12 और 53
  3. C.23 और 63
  4. D.23 और 53
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 12 और 63

व्याख्या

सही उत्तर है A, 12 और 63। परंपरा के अनुसार विष्णु के भक्त वैष्णव संत-कवि अलवार 12 और शिव के भक्त शैव संत नयनार 63 माने जाते हैं; दोनों तमिल प्रदेश के थे। लगभग छठी से नौवीं शताब्दी के बीच इन संतों ने संस्कृत के बजाय तमिल में भजन गाए, एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक यात्रा की और हर जाति के भक्तों को अपनाया, जिससे दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन की नींव पड़ी। अलवारों के भजन ‘नालायिर दिव्य प्रबंधम्’ में और नयनारों के भजन ‘तेवारम्’ में संकलित हैं, जो तिरुमुरै का हिस्सा है। अंडाल अलवारों में अकेली महिला संत थीं, जबकि कराईक्काल अम्मैयार सबसे प्रसिद्ध महिला नयनार हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नयनारों की संख्या घटाकर 53 कर दी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें अलवारों की संख्या बढ़ाकर 23 कर दी गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसकी दोनों संख्याएँ गलत हैं। परीक्षा टिप: विष्णु के 12 अलवार, शिव के 63 नयनार, और अंडाल एकमात्र महिला अलवार।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

मध्यकालीन गुजरात के निम्नलिखित शासकों में से किसने दीव पुर्तगालियों को सौंपा?

  1. A.अहमद शाह
  2. B.महमूद बेगड़ा
  3. C.बहादुर शाह
  4. D.मुहम्मद शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बहादुर शाह

व्याख्या

सही उत्तर है C, बहादुर शाह। गुजरात के इस सुल्तान ने मुगल बादशाह हुमायूँ के खिलाफ मदद के बदले पुर्तगालियों को दीव दिया। बसई की संधि (1534) से बहादुर शाह ने बसई पुर्तगालियों को दी, और 1535 में, जब हुमायूँ ने गुजरात पर हमला किया, उन्हें दीव में किला बनाने की अनुमति दे दी। जल्द ही संबंध बिगड़ गए और 1537 में दीव के पास एक पुर्तगाली जहाज पर बहादुर शाह मारा गया। इसके बाद पुर्तगालियों ने दमन और गोवा के साथ दीव पर दिसंबर 1961 तक कब्जा रखा, जब ऑपरेशन विजय से भारत ने इन्हें वापस लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि अहमद शाह प्रथम ने पंद्रहवीं सदी में अहमदाबाद बसाया, पुर्तगालियों के आने से बहुत पहले। विकल्प B गलत है, क्योंकि महमूद बेगड़ा पुर्तगालियों से लड़ा, चौल (1508) में मिस्र के बेड़े के साथ रहा और दीव का युद्ध (1509) हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुहम्मद शाह का दीव सौंपने से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: बहादुर शाह, हुमायूँ का खतरा, 1535 में दीव का किला पुर्तगालियों को।

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